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उज्जैन में इस बार सावन के दौरान 17 अगस्त को सात साल बाद दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। सावन की तीसरी शाही सवारी और नागपंचमी एक ही दिन पड़ रही है। इसी अवसर पर साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट भी 24 घंटे के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। मंदिर प्रशासन को इस दिन 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की उम्मीद है। इससे पहले ऐसा संयोग वर्ष 2019 में बना था।
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासन विशेष तैयारी में जुट गया है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, पुलिस, प्रशासन और मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन की विस्तृत योजना बनाई जाएगी। महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर की 11वीं शताब्दी की दुर्लभ प्रतिमा वर्ष में केवल नागपंचमी के दिन ही दर्शन के लिए खोली जाती है, जिससे इस आयोजन का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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