Since: 23-09-2009

  Latest News :
36 हजार फीट पर इंजन का ऑयल तेजी से घटा, अबूधाबी जा रही फ्लाइट कोच्चि लौटी.   पीढ़ियाँ बदलती हैं, शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं.   गुरु से शिक्षक तक : भारत की शाश्वत ज्ञान-परंपरा.   शिक्षक दिवस पर PM मोदी की शिक्षकों से बातचीत ,मोदी ने पूछा बेहतर वक्ता बनने का राज .   EOS-05 ने रचा नया रिकॉर्ड, GSLV से लॉन्च हुआ भारत का सबसे भारी सैटेलाइट.   GDP पर सवाल को लेकर घमासान गोयल के बयान पर AAP का पलटवार.   भोपाल में सीलिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई आज हाई कोर्ट में होगी.   नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शराब कांड को सरकार की जहर बांटो योजना बताया.   एनएसयूआई ने की सीधी के निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज की सीबीआई जांच की मांग.   अवैध शराब प्रकरण में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बीएमसी में की समीक्षा, कहा- लापरवाहों पर होगी कार्रवाई.   ‘छात्रों की गूंज’ पर कांग्रेस का दावा, 50 हजार से ज्यादा छात्र जुड़े.   गुरु से शिक्षक तक.   NEET-JEE से UPSC तक फ्री कोचिंग, युवाओं के लिए साय सरकार की पहल.   खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में माल भेजना होगा सस्ता, 20% तक छूट.   रायपुर की सड़कों पर खतरा, जलभराव और फिसलन से हादसे का डर.   जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ नंबर-1.   छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में नारियल की खेती ने बनाई खास पहचान .   CGPSC मेंस 2025 का रिजल्ट जारी 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित .  
30 साल बाद लद्दाख लौटेगा जवान दोरजे मोरुप का पार्थिव शरीर, डीएनए टेस्ट से हुई पहचान
soldier Dorje Morup , Ladakh, identity , DNA test.

माउंट एवरेस्ट के 26,247 फीट ऊंचे 'डेथ जोन' में पिछले 30 वर्षों से बर्फ में जमे भारतीय जवान लांस नायक दोरजे मोरुप के पार्थिव शरीर की पहचान डीएनए परीक्षण से हुई है। वर्षों तक इसे आईटीबीपी के हेड कांस्टेबल शेवांग पाल्जोर का शव माना जाता रहा, लेकिन अब पुष्टि के बाद अक्टूबर तक दोरजे का पार्थिव शरीर उनके परिवार को सौंपे जाने की तैयारी है। दोरजे 1996 में तिब्बत के उत्तरी मार्ग से एवरेस्ट फतह करने निकली पहली भारतीय टीम का हिस्सा थे और 10 मई 1996 को भीषण बर्फीले तूफान में अपने साथियों के साथ लापता हो गए थे।

 

75 वर्षीय पत्नी कोनचोक यांगस्किट आज भी पति की अंतिम झलक का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा जताते हुए कहा है कि वह पति को एक बार देखकर ही अंतिम सांस लेना चाहती हैं। पैरों में हरे जूते होने के कारण दोरजे का शव दुनिया भर में 'ग्रीन बूट्स' के नाम से प्रसिद्ध हो गया था और एवरेस्ट के उत्तरी मार्ग पर स्थित गुफा पर्वतारोहियों के लिए एक पहचान बन गई थी। अब तीन दशक बाद उनके परिवार का लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है।

Priyanshi Chaturvedi 19 July 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.