पेपर लीक पर सख्त हुए पीएम मोदी, दोषियों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और हित से बढ़कर कुछ नहीं है तथा परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष पेपर लीक मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी 26 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनका गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है।
अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, जिससे फैसलों में वर्षों लग जाते थे। सरकार का मानना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से ऐसे मामलों का जल्द निपटारा होगा और दोषियों को शीघ्र सजा मिल सकेगी। भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत वर्ष 2000 में हुई थी और रेप व पॉक्सो जैसे मामलों में इन अदालतों ने तेज सुनवाई का बेहतर रिकॉर्ड भी बनाया है। सरकार को उम्मीद है कि इसी मॉडल से पेपर लीक मामलों में भी न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और समयबद्ध होगी।