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यूकेलिप्टस रोपण पर उठे सवाल, 4 करोड़ के टेंडर से लगाए जाएंगे 51 लाख पौधे
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छत्तीसगढ़ में वन विभाग ने 10 वन मंडलों में 51.07 लाख क्लोनल यूकेलिप्टस (नीलगिरी) के पौधे लगाने के लिए करीब 4.09 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए हैं। सबसे अधिक पौधे अनुसंधान एवं विस्तार मंडल जगदलपुर और बस्तर वन मंडल में लगाए जाएंगे। हालांकि, यूकेलिप्टस के अधिक पानी की खपत और मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर इस फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर नीलगिरी की बजाय फलदार और छायादार वृक्ष लगाए जाते तो पर्यावरण और भूजल संरक्षण के लिहाज से अधिक लाभकारी होता।

 

वन विभाग का तर्क है कि यूकेलिप्टस तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है, जिसकी पेपर और प्लाईवुड उद्योग में अच्छी मांग रहती है। कम उपजाऊ और अनुपयोगी जमीन पर इसकी खेती किसानों के लिए आय का बेहतर स्रोत बन सकती है। बस्तर क्षेत्र में कई किसान पहले से ही इसकी खेती कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पौधारोपण की योजनाओं में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय परिस्थितियों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

Priyanshi Chaturvedi 26 July 2026

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