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रायपुर नगर निगम की करीब 27 करोड़ रुपये की चार प्रमुख परियोजनाएं निर्माण पूरा होने के बाद भी लोगों के लिए उपयोगी नहीं बन सकी हैं। शास्त्री मार्केट का 17 करोड़ रुपये की लागत से बना चार मंजिला हाईजीनिक कॉम्प्लेक्स 84 दुकानों के आवंटन और पहुंच मार्ग के अभाव में बंद पड़ा है। वहीं अमृत मिशन के तहत लाभांडी और फुंडहर में बनी पानी की टंकियां तीन साल से तैयार होने के बावजूद पाइपलाइन और वितरण नेटवर्क नहीं बनने के कारण एक बूंद पानी भी लोगों तक नहीं पहुंचा सकी हैं। रायपुरा में महतारी सदन और योग सेंटर का लोकार्पण हो चुका है, लेकिन संचालन शुरू नहीं होने से महिलाओं और बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल रहा।
इधर भाठागांव की 1.2 किलोमीटर लंबी ईको-फ्रेंडली सड़क भी तय समय सीमा बीतने के बाद अधूरी पड़ी है। ठेकेदार ने डामर की बढ़ी कीमतों का हवाला देकर काम रोक दिया, जिससे लोगों को धूल और कीचड़ का सामना करना पड़ रहा है। महापौर मीनल चौबे ने इन परियोजनाओं में देरी के लिए पिछली नगर सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सभी अधूरी योजनाओं को जल्द पूरा कर जनता के लिए शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शास्त्री मार्केट की पहुंच समस्या का समाधान किया जा रहा है, महतारी सदन जल्द संचालित होगा, पानी टंकियों के लिए पाइपलाइन कार्य शुरू हो चुका है और भाठागांव सड़क में देरी पर ठेकेदार पर पेनाल्टी भी लगाई गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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