सावन में शिवभक्तों की आस्था का केंद्र बना मधेश्वर महादेव, कैलाश पर्वत जैसी पहाड़ी पर विराजते हैं भोलेनाथ
सावन के पावन महीने में भगवान शिव के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ के प्राचीन शिवधाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। प्रदेश के जशपुर जिले की मयाली पहाड़ी पर स्थित मधेश्वर महादेव धाम अपनी प्राकृतिक शिवलिंग, मनमोहक प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। कैलाश पर्वत जैसी ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस धाम को वर्षों से साधु-संतों की तपोभूमि माना जाता है। सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में मधेश्वर महादेव धाम में सड़क, सीढ़ियां, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का व्यापक विकास किया गया है, जिससे यह छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है। प्रदेश के अन्य प्राचीन शिव मंदिरों की तरह यह धाम भी अपने इतिहास, धार्मिक मान्यताओं और प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। सावन में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ प्रकृति की अद्भुत छटा का भी आनंद लेते हैं।