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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने 18 जुलाई 2023 को सहारा समूह की सहकारी समितियों के निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया था। हालांकि, निवेशकों की शिकायत है कि पोर्टल पर कई व्यावहारिक और तकनीकी समस्याएं हैं। सबसे बड़ी दिक्कत उन परिवारों को हो रही है, जिनमें मूल निवेशक की मृत्यु हो चुकी है। निवेशकों के मुताबिक पोर्टल पर नॉमिनी या वैध वारिस के लिए स्पष्ट प्रक्रिया नहीं है। कई लोगों को अलग-अलग सदस्यता आईडी जारी की गई थीं, लेकिन भुगतान सिर्फ एक आईडी पर होने और बाकी दावों के लंबे समय से ‘अंडर प्रोसेस’ रहने की शिकायत है।
छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के निवेशकों, एजेंटों और सहारा के पूर्व कर्मचारियों से बातचीत में ऐसी कई समस्याएं सामने आईं। कुछ निवेशकों का दावा है कि मार्च 2023 के बाद मैच्योर हुई पॉलिसियों और कुछ योजनाओं के दावे भी स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। सहारा से जुड़े लोगों ने अलग-अलग सहकारी समितियों के जरिए देशभर में निवेशकों से पैसा जमा कराया था। भुगतान में आ रही दिक्कतों के चलते कई परिवार अब अदालत और सरकारी स्तर पर समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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