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छात्र आंदोलन और लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर संसद में बीते 17 दिनों से बना गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने गतिरोध तोड़ने की पहल करते हुए विपक्ष को दोपहर 3 बजे से बहस शुरू करने की चुनौती दी और कहा कि वे खुद सदन में बैठकर हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। शाह ने जोर देकर कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है, बशर्ते विपक्ष सदन की कार्यवाही चलने दे। वहीं, दूसरी तरफ सरकार ने भारी हंगामे के बीच FCRA संशोधन बिल, 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव पास कराया, जिसमें दोनों सदनों के कुल 31 सदस्य शामिल होंगे।
हालांकि, विपक्ष सरकार के इस रुख से संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। गृह मंत्री के बयान के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को औपचारिक भाषण सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है, बल्कि सरकार को सीधा हिसाब देना चाहिए। राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई और गोलियां चलाने का आदेश देने वाले का नाम स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री ने यह आदेश नहीं दिया था, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। दोनों पक्षों के इस कड़े रुख से फिलहाल संसद में कामकाज सुचारू रूप से चलने के आसार धुंधले नजर आ रहे हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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