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वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर देश में सियासी बहस के बीच संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर 2028 तक संवैधानिक संशोधन को संसद की मंजूरी मिल जाती है, तो 2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, इसके लिए राज्यों की सहमति और विधानसभा के कार्यकाल से जुड़े फैसले अहम होंगे।
पीपी चौधरी के मुताबिक, राज्यों को अपनी इच्छा के अनुसार एक साथ चुनाव कराने का फैसला लेने का अधिकार होगा। उनका दावा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने से बार-बार चुनाव कराने में होने वाला खर्च और प्रशासनिक संसाधनों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम समेत विपक्ष के कुछ नेताओं ने प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान और संघीय व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया है।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयक दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किए गए थे और बाद में इन्हें विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया। ये विधेयक पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किए गए थे। अब संवैधानिक संशोधन, राज्यों की सहमति और JPC की प्रक्रिया के बीच 2029 में देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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