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मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद विदेश जाकर निवेशकों से मुलाकात करेंगे। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री 6 सितंबर को दुबई जाएंगे, जहां वे उद्योगपतियों और संभावित निवेशकों से चर्चा कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित GIS-2027 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने और समिट का शुभारंभ करने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य इस आयोजन को प्रदेश में निवेश और रोजगार के लिहाज से बड़ा मंच बनाने का है।
GIS-2027 के लिए मुख्यमंत्री दुबई के बाद करीब 7 अन्य देशों में भी निवेशकों से संपर्क करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इससे पहले भी GIS की तैयारियों के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन, जर्मनी और जापान समेत कई देशों का दौरा कर निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता दिया था। सरकार के अनुसार पिछली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में करीब 34 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है। अब सरकार इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के साथ नए निवेश को प्रदेश में लाने पर भी जोर दे रही है।
इस बार GIS-2027 में 70 से ज्यादा देशों के निवेशकों और उद्योगपतियों को आमंत्रित करने की तैयारी है। सरकार का फोकस कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, खनन, आईटी-आईटीईएस, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा, रक्षा, वैमानिकी, अक्षय ऊर्जा, शहरी विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। इसके साथ ही डेयरी और दूध उत्पादन को भी प्रमुख निवेश क्षेत्र के तौर पर शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध संसाधन, जमीन और औद्योगिक संभावनाएं निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं। GIS-2027 के जरिए इन्हीं संभावनाओं को वैश्विक मंच पर सामने रखने की तैयारी है।
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