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रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक का एक और मामला सामने आया है। B.Sc. फर्स्ट ईयर के फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब पांच घंटे पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 19 अगस्त को सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का पेपर तड़के करीब 4 से 5 बजे छात्रों तक पहुंचा। परीक्षा के बाद वायरल प्रश्नपत्र का मूल पेपर से मिलान किया गया तो दोनों में सवाल हूबहू एक जैसे पाए गए। मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की। समिति ने प्रश्नपत्र भेजने और वापस मिलने वाले लिफाफों की जांच की, जिसमें छेड़छाड़ के निशान मिलने की बात सामने आई है। विश्वविद्यालय ने मामले की पुलिस जांच के लिए संबंधित थाना प्रभारी को पत्र भी भेजा है। अब जेनेटिक्स की परीक्षा निरस्त होगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला लिया जाना है। अगर परीक्षा रद्द होती है तो नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
IGKV में करीब 20 दिनों के भीतर पेपर लीक की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। इससे पहले एंटोमोलॉजी और प्लांट पैथोलॉजी के प्रश्नपत्र भी लीक हो चुके हैं और दोनों परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। एंटोमोलॉजी मामले में पुलिस ने एक प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है। अब परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से केवल 30 मिनट पहले पहुंचाने, CCTV निगरानी बढ़ाने और लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
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