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मध्य प्रदेश में सड़क नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ सकता है। बीना-खिमलासा-मालथौन के बीच करीब 67 किलोमीटर लंबे मौजूदा दो लेन मार्ग को फोरलेन में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 2800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मंगलवार को भोपाल मंत्रालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। फोरलेन प्रोजेक्ट को क्षेत्र की बढ़ती औद्योगिक और व्यावसायिक जरूरतों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फोरलेन बनने के बाद इस मार्ग पर सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सड़क की खराब स्थिति और वाहनों के दबाव के कारण बीना से मालथौन तक की दूरी तय करने में करीब दो से ढाई घंटे लग जाते हैं। सड़क के चौड़ीकरण के बाद यही सफर लगभग एक घंटे में पूरा होने की संभावना है। खासतौर पर बीना रिफाइनरी से जुड़े भारी वाहनों और माल परिवहन को इसका सीधा फायदा मिलेगा। बेहतर सड़क से यातायात सुगम होगा, जाम की समस्या कम होगी और आसपास के क्षेत्रों में नए औद्योगिक एवं कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से बड़े फोरलेन प्रोजेक्टों को मंजूरी देकर सड़क कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दे रही है। इससे पहले भोपाल-विदिशा के बीच 44 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के लिए 1757 करोड़ रुपये और सिवनी-बालाघाट के 91 किलोमीटर मार्ग के लिए करीब 3964 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग के फोरलेन होने से बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों तक आवागमन आसान होने के साथ व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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