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भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर व्यापारियों को फिलहाल राहत मिलती दिखाई दे रही है। नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई पर शुक्रवार को ब्रेक लगा रहा और किसी भी दुकान को सील नहीं किया गया। शहर की करीब 62 हजार दुकानों पर कार्रवाई की आशंका के बीच व्यापारी लगातार विरोध जता रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को होनी है। इसी बीच नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी समाधान निकालने की कोशिश में जुटे हैं।
सरकार की ओर से मामले को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने दिल्ली पहुंचकर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने सीलिंग कार्रवाई से जुड़ी स्थिति और सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, व्यापारियों को तत्काल राहत देने और सीलिंग कार्रवाई के लिए कुछ समय की मोहलत हासिल करने को लेकर कानूनी विकल्पों पर भी चर्चा हुई है।
वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी व्यापारियों को राहत देने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है, जिससे व्यापारियों के कारोबार पर प्रतिकूल असर न पड़े। मंत्री ने भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर भी जल्द फैसला होने की बात कही है। दरअसल, रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर रहवासियों की आपत्ति और सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने सीलिंग शुरू की थी। कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद अब सरकार समाधान तलाशने में जुटी है।
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