Since: 23-09-2009
भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई को ज्यादा किफायती बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत उन रूट्स पर खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में सामान भेजने पर पात्र ग्राहकों को सामान्य माल भाड़े में 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। रेलवे का उद्देश्य वापसी में खाली चलने वाली मालगाड़ियों की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे व्यापारियों और उद्योगों को कम खर्च में अपने उत्पाद एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का विकल्प मिलेगा और परिवहन लागत घटने से बाजार तक सामान पहुंचाना भी आसान हो सकता है।
इस योजना के संशोधित प्रावधान 1 अगस्त 2026 से लागू हो चुके हैं और 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेंगे। छूट केवल रेलवे द्वारा चिन्हित और अधिसूचित खाली प्रवाह वाले मार्गों पर पात्र माल की ढुलाई पर मिलेगी। इसके लिए ग्राहकों को हर खेप के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि निर्धारित नियम और पात्रता पूरी होने पर रेलवे की व्यवस्था के अनुसार छूट लागू की जाएगी। माल की श्रेणी, रूट और छूट की दर से जुड़ी शर्तें रेलवे के तय प्रावधानों के मुताबिक होंगी।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में माल ढुलाई का संचालन बड़े स्तर पर होता है। रायपुर मंडल से रोजाना 120 से अधिक मालगाड़ियों का परिचालन होता है, जबकि रायपुर, बिलासपुर और नागपुर मंडल को मिलाकर प्रतिदिन करीब 500 मालगाड़ियां चलती हैं। रेलवे लगातार माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने और खाली लौटने वाली ट्रेनों का उपयोग करने पर जोर दे रहा है। नई छूट व्यवस्था से ऐसे रूट्स पर माल लदान बढ़ने की उम्मीद है, जिससे रेलवे की परिवहन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल होने के साथ व्यापारियों को भी कम लागत में माल भेजने का फायदा मिल सकता है।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |