Since: 23-09-2009
सागर के बंडा में अवैध व जहरीली शराब सेवन से मौत और प्रभावित मरीजों के मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रभावितों को लेकर समीक्षा की। शुक्ल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच की जाए। लापरवाही बरतने वाले एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इलाजरत मरीजों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 84 मरीज वर्तमान में उपचाररत हैं, जिनमें 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में, 17 मरीज जिला चिकित्सालय में, 7 मरीज बंडा सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं, जबकि 1 गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई है, जिसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्रकरण मे थाना बण्डा मे पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 20 आरोपियों के विरूद्ध नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। थाना विनायका मे भी 10 आरोपियों के विरूद्ध नामजद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर कार्यवाही की जा रही। विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही। 20 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों को अभिरक्षा मे लिया गया है जिनसे पूछताछ जारी है।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |