भोपाल, 1 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में देश के अन्य प्रदेशों से आगे निकल रहा है और आने वाले समय में इन उपलब्धियों का और अधिक विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री यादव शनिवार शाम लाल परेड ग्राउंड में मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर, स्वस्ति वाचन के साथ राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ किया और समस्त प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक चेतना विराट है और हम सभी इसे नमन करते हैं। मध्यप्रदेश का गठन किसी एक व्यक्ति के विचार या एक कालखंड की देन नहीं है, बल्कि यह यहां की परिश्रमी संस्कृति और संस्कारवान जनमानस के समर्पण का प्रतिफल है। प्रदेशवासियों की समर्पण भावना ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
*उद्योग वर्ष और किसान कल्याण वर्ष से मिली नई गति*
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाते हुए बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया गया, जबकि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाकर कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई है। आज ही लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि वितरित की गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है और निवेश का यह सिलसिला लगातार जारी है। कृषि की ग्रोथ रेट 24 प्रतिशत से अधिक है। किसानों से विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि लेने पर चार गुना मुआवजा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान से पहले स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है। पर्यटन विकास और विरासत संरक्षण में भी मध्यप्रदेश अपनी अलग और विशिष्ट पहचान बना रहा है।
*भोपाल में होगा सेना दिवस का भव्य आयोजन*
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि युवा वर्ष के पहले ही महीने में 15 जनवरी को भोपाल सेना दिवस की आकर्षक और गरिमामय गतिविधियों का साक्षी बनेगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सेना के जवान दिन-रात राष्ट्र की रक्षा में सजग रहते हैं, तभी हमारा लोकतंत्र सुरक्षित है। भारत आज ऐसा देश है जो दुश्मन को उसके घर में जाकर जवाब देने का सामर्थ्य रखता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेना के हौसले को नई मजबूती दी है। स्थापना दिवस कार्यक्रमों की शुरुआत भोपाल के शौर्य स्मारक से की गई थी, और सेना दिवस का आयोजन राष्ट्रभक्ति को और सशक्त करेगा।
*पौने तीन वर्ष में विकास के अनेक आयाम*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पौने तीन वर्षों में प्रदेश के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को अनेक सौगातें दी हैं, जिनमें धार जिले में पीएम मित्र पार्क, बीना रिफाइनरी विस्तार परियोजना, केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं और मोहासा-बाबई में रिन्यूएबल एनर्जी एंड पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्वीकृति प्रमुख हैं।
*प्रतिभाओं और किसानों का सम्मान*
समारोह में मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के विजेताओं और भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के विजेताओं को सम्मानित किया। पूरे प्रदेश से क्विज में 165 और छात्रवृत्ति में 102 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया गया। विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल, ई-स्कूटर और 1-1 लाख रुपये की सम्मान राशि व प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। भोपाल जिले से संदीप वर्मा, सुहानी राजपूत और समीर गौड़ ने क्विज में तथा अक्षरा गोस्वामी और प्रीतम मांडलेकर ने मेधावी छात्रवृत्ति में स्थान प्राप्त किया।
*मोनाली ठाकुर के गीतों से सजी शाम*
राज्योत्सव का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की संगीतमय प्रस्तुति रही। उन्होंने ‘सवार लूं’, ‘मोह-मोह के धागे’, ‘जरा-जरा टच मी’, ‘ख्वाब देखे’, ‘छम-छम’ और ‘बद्री की दुल्हनिया’ जैसे लोकप्रिय गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘देशराग’ के तहत 71 बच्चों द्वारा वंदे मातरम के सामूहिक गायन, पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान और भव्य आतिशबाजी के साथ हुई।
समारोह में प्रदेश की उपलब्धियों पर आधारित कृषि प्रदर्शनी, विरासत से विकास प्रदर्शनी, जन-कल्याण एवं विकास प्रदर्शनी, राजा भोज का भोपाल विषय पर 160 वॉटर कलर चित्रों की प्रदर्शनी, महिला उद्यमिता मंडप, किसान बाजार और स्वाद-देशज व्यंजन मेला भी लगाया गया है। दूसरे दिन 2 नवंबर को लोक एवं जनजातीय नृत्य और ब्रीदिंग फिएस्टा वाद्ययंत्र प्रस्तुति होगी।
Madhya Bharat
1 November 2026