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डाक विभाग और ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड के बीच देशभर में इंडिया पोस्ट पार्सल सेवाओं के लिए समझौता.   दिल्ली की ओर मप्र से जाने वाली कई ट्रेनें रद्द, यात्री परेशान.   केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारत के समुद्री भविष्य के केंद्र में वैश्विक साझेदारी, युवाओं और महिलाओं को रखा है.   केंद्रीय मंत्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची स्थित ICAR-IIAB की सुविधाओं का किया उद्घाटन.   कोयला मंत्रालय ने \'विशेष अभियान 6\' के तहत ई-कचरा प्रबंधन पर केंद्रित एक विशेष अभियान चलाया.   ECI ने राजनीतिक प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के प्रोटोकॉल पर कहा कल शाम 4 बजे से पहले किसी भी राजनीतिक दल ने मिलने के लिए समय नहीं मांगा था.   27% ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस जाएगी सुप्रीम कोर्ट.   समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये अब तक 6.80 लाख किसानों ने कराया पंजीयन.   मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में ग्रामीणों को मिल रहा संपत्ति का वैधानिक अधिकार.   51 शक्तिपीठों के शक्ति धाम प्रकल्प से देश में आध्यात्मिक चेतना का होगा विस्तार- विधानसभा अध्यक्ष तोमर.   स्वास्थ्य सेवाओं का लिया फीडबैकहर वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टी.टी. नगर स्टेडियम में किया कार्यक्रम को संबोधित.   युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर.   मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल से 10 वर्षीय ऋतिक के इलाज के लिए 18 लाख रुपये स्वीकृत.   उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की समीक्षा की.   नक्सल प्रकरणों की वापसी के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक करें - उप मुख्यमंत्री शर्मा.   मुख्यमंत्री साय की पहल से जशपुर में स्वास्थ्य शिक्षा को नई सौगात, कंडोरा में शुरू होगा फिजियोथेरेपी कॉलेज.   पिछले ढाई वर्षों में 925 रोजगार मेलों के माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार.  

देश की खबरें

नई दिल्ली। भारत में पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, संचार मंत्रालय के डाक विभाग और ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड ने इंडिया पोस्ट पार्सल सेवाओं के लिए समझौता किया है। इस समझौते पर नौ अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य डाक विभाग के व्यापक नेटवर्क और विश्वसनीय वितरण व्यवस्था के साथ ब्लू डार्ट की लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में मजबूत मौजूदगी का लाभ उठाना है। इससे देशभर में पार्सल पहुंचाने की बेहतर, भरोसेमंद और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। समझौते की मुख्य बातें देशभर में पार्सल वितरण: ब्लू डार्ट शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज और कम सुविधाओं वाले इलाकों में पार्सल पहुंचाने के लिए इंडिया पोस्ट के व्यापक नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा। पार्सल डिलीवरी की व्यापक सुविधाएं: इनमें पहले से भुगतान किए गए पार्सल और डिलीवरी के समय भुगतान वाले पार्सल की सुविधा शामिल है। साथ ही, ओटीपी के जरिए डिलीवरी की पुष्टि और पार्सल की वास्तविक समय में जानकारी भी उपलब्ध होगी। ग्राहकों को बेहतर सेवाएं: समझौते का उद्देश्य पार्सल की तेज डिलीवरी, कामकाज में बेहतर तालमेल और तकनीक के सहज इस्तेमाल के जरिए पार्सल पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाना है। ई-कॉमर्स क्षेत्र को बढ़ावा: इस साझेदारी से भारत में तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स क्षेत्र के लिए लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड को लाभ ब्लू डार्ट को देशभर में फैले डाक विभाग के एक लाख 64 हजार डाकघरों के व्यापक नेटवर्क का लाभ मिलेगा। इससे कंपनी अपनी लॉजिस्टिक्स सेवाओं का विस्तार कर सकेगी, पार्सल पहुंचाने की गति बढ़ा सकेगी और खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में ई-कॉमर्स से जुड़ी बढ़ती जरूरतों को पूरा कर सकेगी। डाक विभाग को लाभ इस साझेदारी से डाक विभाग को अपने डाक और पार्सल नेटवर्क के जरिए कारोबार बढ़ाने और संगठित लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के साथ अपनी भागीदारी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, विभाग को एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स सेवाएं देने वाली एक प्रमुख कंपनी के परिचालन अनुभव और कार्यप्रणाली से भी लाभ होगा। डाक विभाग के बारे में डाक विभाग संचार मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है। यह देशभर में एक लाख 64 हजार से अधिक डाकघरों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क संचालित करता है। विभाग संचार, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड के बारे में ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड पार्सल वितरण और लॉजिस्टिक्स सेवाएं देने वाली कंपनी है। इसका देशभर में व्यापक नेटवर्क है और यह ई-कॉमर्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के कारोबारों को डिलीवरी और समयबद्ध एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराने का अनुभव रखती है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 9 October 2026

देश की खबरें

नई दिल्ली। आईसीएआर–भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (ICAR-IIAB), गढ़खटंगा, रांची द्वारा अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) एवं जनजातीय उप-योजना (TSP) के अंतर्गत 08 अक्टूबर 2026 को प्री-रबी किसान गोष्ठी-सह-कृषि इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रांची, खूंटी, गुमला एवं रामगढ़ जिलों से लगभग 1,500 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, वैज्ञानिकों एवं नीति-निर्माताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना तथा वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना था। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ICAR-IIAB की विभिन्न नई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें एडमिन-कम-स्कूल भवन, बिरसा मुंडा बहुउद्देशीय सभागार, जयपाल सिंह मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा NEXTGEN Breeding Facility शामिल हैं। इसके साथ ही ICAR-IIAB में नए गेस्ट हाउस की आधारशिला भी रखी गई, जिसकी लागत 119  करोड़ रुपये है। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक एवं पारंपरिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की जनजातीय परंपराओं में जल, पौधों एवं प्रकृति के अन्य तत्वों के संरक्षण और महत्व की गहरी समझ विद्यमान है। उन्होंने ICAR-IIAB को अनुसंधान, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता के संगम के रूप में रेखांकित किया। चौहान ने कहा कि वर्तमान कृषि चुनौतियों से निपटने के लिए पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित कृषि को अपनाना आवश्यक है।उन्होंने झारखंड की स्थानीय परिस्थितियों एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप उपयुक्त फसलों एवं किस्मों के चयन, किसानों को उन्नत बीजों की उपलब्धता तथा कृषि अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को खेतों तक पहुंचाने पर जोर दिया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सब्जियों, अनाज एवं पशुधन को शामिल करते हुए एकीकृत कृषि प्रणाली, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा उर्वरकों के उचित उपयोग के बारे में किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नकली बीज, मिलावटी उर्वरक एवं घटिया कीटनाशकों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक गांव तक पहुंचाने तथा आगामी रबी मौसम के लिए किसानों को वैज्ञानिक जानकारी एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का आह्वान किया। उन्होंने वैज्ञानिकों द्वारा “लैब टू लैंड” की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए आगामी दिनों में देशव्यापी “खेत बचाओ अभियान” शुरू करने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर भागीरथ चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने अपने संबोधन में देश की खाद्य सुरक्षा एवं विकास में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों को अपनाने, मूल्य संवर्धन, किसान उत्पादक संगठनों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने, मृदा परीक्षण तथा संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को अपनी कृषि भूमि के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा नकली बीज, मिलावटी उर्वरक एवं घटिया कीटनाशकों से किसानों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसान कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कृषि प्रौद्योगिकियों को “लैब टू लैंड” के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने के प्रयासों को और मजबूत करने का आह्वान किया।

Madhya Bharat Madhya Bharat 8 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि यह प्रदेश की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। भाजपा सरकार की कमजोर पैरवी और ओबीसी वर्ग के सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन से जुड़े पर्याप्त तथ्य न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण आरक्षण की लड़ाई को बड़ा झटका लगा है। पटवारी ने कहा कि वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ओबीसी वर्ग को सामाजिक न्याय दिलाने के उद्देश्य से आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का कानून बनाया था। कांग्रेस सरकार की मंशा पिछड़े वर्ग को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने बीते वर्षों में इस महत्वपूर्ण मुद्दे को कानूनी उलझनों में फंसा रहने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीयत और उसकी पैरवी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार ने न्यायालय में कौन-से ठोस सामाजिक और शैक्षणिक आंकड़े प्रस्तुत किए, 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के तहत अपना पक्ष कितनी मजबूती से रखा और आरक्षण की रक्षा के लिए क्या प्रभावी प्रयास किए—इन सभी सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए।पटवारी ने आरोप लगाया कि ओबीसी आरक्षण को रोकने के लिए वकीलों पर करोड़ों खर्च किए जाने का दावा सामने आया है। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग की दुहाई देने वाले भाजपा नेताओं, विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रदेश की जनता के सामने अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। यह आरोप है कि आरक्षण की रक्षा के लिए प्रभावी पैरवी करने के बजाय सरकार की कार्रवाई ने ओबीसी वर्ग के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया। कहा कि 87-13 प्रतिशत के फॉर्मूले के चलते पहले से ही हजारों युवाओं की भर्तियां और नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। अब 27 प्रतिशत आरक्षण से संबंधित फैसले ने उन अभ्यर्थियों की चिंता और बढ़ा दी है, जिनका चयन या नियुक्ति आरक्षण विवाद के कारण लंबित है। भाजपा सरकार की नीतियों और कानूनी लड़ाई के बीच प्रदेश के युवाओं का भविष्य अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जा सकता।पटवारी ने ओबीसी वर्ग के युवाओं और नागरिकों से अपील करते हुए कहा, “निराश होने की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस पार्टी आपके साथ खड़ी है। हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और देश के बड़े से बड़े अधिवक्ताओं के माध्यम से आपके अधिकारों की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेंगे। ओबीसी वर्ग को उसका अधिकार दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अविलंब सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की जाए और अनुभवी वकीलों की मजबूत टीम के साथ प्रभावी कानूनी पैरवी की जाए। साथ ही, सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर ओबीसी आरक्षण की रक्षा के लिए अपनी ठोस कार्ययोजना प्रदेश की जनता के सामने रखे। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में तत्काल जातिगत जनगणना कराई जानी चाहिए, ताकि विभिन्न सामाजिक वर्गों की वास्तविक आबादी, सामाजिक स्थिति और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जुड़े प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध हों तथा आरक्षण संबंधी नीतियों को कानूनी और संवैधानिक आधार पर मजबूती दी जा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ओबीसी वर्ग के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ेगी। वर्ष 2028 में कांग्रेस की सरकार बनने पर ओबीसी वर्ग को उसका अधिकार दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। भाजपा सरकार को ओबीसी समाज के साथ किए गए कथित छल और आरक्षण के मुद्दे पर अपनी जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा। जीतू पटवारी ने अंत में कहा कि ओबीसी आरक्षण केवल किसी एक वर्ग का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और युवाओं के भविष्य का सवाल है। कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी और ओबीसी वर्ग को उसका हक दिलाने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।

Madhya Bharat Madhya Bharat 9 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को श्री बालमुकुंद आश्रम, झालरिया मठ में 51 शक्तिपीठों पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन अवसर पर विचार व्यक्त किए। देवी के प्रमुख 51 शक्तिपीठों पर आधारित शक्ति धाम प्रकल्प भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने की व्यापक परिकल्पना है। यह प्रकल्प देशभर के लोगों को प्रेरणा देने के साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महान उद्देश्य की पूर्ति के लिए ज्ञान को साधना में ढालना और आध्यात्मिक ऊर्जा को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है।   शक्ति धाम न्यास, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन तथा कालिदास संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि नवरात्रि के प्रारंभ होने से पहले मां भगवती का स्मरण करते हुए देवी के 51 शक्तिपीठों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में विचार-विमर्श करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शक्ति की आराधना, श्रद्धापूव्रक स्मरण और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का अध्ययन हमारे जीवन को सार्थक, प्रेरणास्पद और सुगम बनाता है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नही है, बल्कि उस ज्ञान को साधना और व्यवहार में उतारकर अपने जीवन, देश की प्रगति तथा समाज के कल्याण के लिए उपयोग करना आवश्यक है। 51 शक्तिपीठों की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए सभी प्रयासरत हैं। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के माध्यम से इस विषय से जुड़े गूढ़ रहस्यों और आध्यात्मिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला है। यह पहल स्वागत योग्य है। जब यह प्रकल्प साकार होगा, तब देशभर के श्रद्धालुओं को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से इस महत्वपूर्ण प्रकल्प को पूर्णता प्रदान की जाएगी। समापन कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक बटुकों द्वारा स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। अतिथियों का परिचय कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक श्री गोविंद गंधे ने दिया। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का प्रतिवेदन शक्ति धाम न्यास के सचिव श्री राकेश शर्मा ने प्रस्तुत किया। आध्यात्मिकता और धार्मिक संस्कारों से सशक्त होगा राष्ट्र- उपमुख्यमंत्री  शुक्ल कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी आध्यात्मिक परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत में निहित है। देश में आध्यात्मिकता का विकास आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढिय़ों में धार्मिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और सेवा के संस्कारों का विकास हो सके। इन संस्कारों से प्रेरित होकर युवा पीढ़ी पीडि़त मानवता की सेवा में अपना योगदान दे सकेगी

Madhya Bharat Madhya Bharat 9 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कौशल से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एवं कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रतिष्ठित औद्योगिक एवं प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू), तकनीकी शिक्षा में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। चार संस्थाओं के साथ एमओयू से युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला 2026 के समापन अवसर पर कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की पहल की गई। इन समझौतों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सुविधा होगी। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कंपनी की कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योगों में उपयोग होने वाले व्यावहारिक कौशल की जानकारी प्राप्त होगी। इसी प्रकार अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता विकसित करने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और रोजगार क्षमता में वृद्धि के लिए नांदी फाउंडेशन के सहयोग से सॉफ्ट स्किल, अंग्रेजी संवाद कौशल, साक्षात्कार की तैयारी एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष इस संस्था के माध्यम से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। इस वर्ष भी आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों से संबंधित कौशल प्रशिक्षण के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है। इससे युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने विशेष पहल प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इस मूल्यांकन में संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और अन्य आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया गया है। मूल्यांकन की रिपोर्ट का रोजगार मेला के समापन समारोह में मुख्यमंत्री  साय, मंत्री तकनीकी शिक्षा साहेब, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा  सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने विमोचन किया। इसमें संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इन सुझावों के आधार पर पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के विकास और आधुनिकीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे आधुनिक तकनीक आधारित रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में पुराने एवं अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक से संबंधित पाठ्यक्रमों को शामिल किया जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक दक्षता प्राप्त होगी। इससे वे बदलते औद्योगिक परिवेश में रोजगार की नई संभावनाओं का लाभ उठा सकेंगे। डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की तैयारी कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा डिजिटल रोजगार पोर्टल को भविष्य में स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इस पोर्टल पर उद्योगों की आवश्यकताओं, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रिक्त पदों और रोजगार के इच्छुक युवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम इस व्यवस्था के माध्यम से युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं उद्योग एवं नियोजक संस्थाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगी। 

Madhya Bharat Madhya Bharat 9 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने वर्ष 2001 से अब तक नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति एवं अन्य निर्धारित लाभ प्रदान किए जाने की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अब तक की कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए लंबित प्रकरणों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण किया जाए, ताकि पात्र परिजनों को निर्धारित सहायता एवं सुविधाएं प्राप्त हो सकें।       उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने नक्सल घटनाओं में जान गंवाने वाले आम नागरिकों की जानकारी भी ली। उन्होंने मृत नागरिकों के आश्रित परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता एवं अन्य लाभों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों को अनिवार्य रूप से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने नक्सल घटनाओं में घायल जवानों एवं घायल नागरिकों को प्रदान की जा रही सहायता, उपचार और अन्य सुविधाओं की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। *शहीदों की स्मृति में बनेंगे जनोपयोगी स्मारक, बड़े घटनास्थलों पर दर्ज होगी वीर सपूतों की गाथा*      उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने नक्सल घटनाओं में शहीद जवानों एवं जान गंवाने वाले आम नागरिकों की स्मृति में स्मारक निर्माण की योजना की समीक्षा की। उन्होंने स्मारकों के लिए तैयार किए गए मानक डिजाइन पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि इन स्मारकों को केवल स्मृति स्थल तक सीमित न रखकर जनोपयोगी स्वरूप भी दिया जाए। उन्होंने स्मारकों को यात्री प्रतीक्षालय एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के केंद्रों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को भी इनका लाभ मिल सके।       उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर नक्सल घटनाओं में बड़ी संख्या में जवान या आम नागरिकों की मृत्यु हुई है, वहां बड़े स्मारक बनाए जाएं। ऐसे स्मारक स्थलों पर लोगों के रुकने और ठहरने की समुचित व्यवस्था भी की जाए। इसके साथ ही संबंधित नक्सल घटना, शहीद जवानों और मृत नागरिकों के संबंध में संपूर्ण जानकारी स्मारक स्थल पर प्रदर्शित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां बस्तर के वीर सपूतों के बलिदान और इतिहास से परिचित हो सकें। *शहीदों के नाम पर होंगे पंचायत भवन, स्कूल मैदान, मार्ग और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण* उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने नक्सल घटनाओं में शहीद हुए जवानों की स्मृति को स्थायी सम्मान देने के लिए सार्वजनिक स्थलों के नामकरण संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, मार्ग, चौक-चौराहों, बाजार और स्कूल मैदान सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई अगले महीने तक पूर्ण की जाए। उन्होंने गांवों में शहीद स्मारकों के निर्माण की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित मानक प्रारूप के अनुरूप इनका निर्माण जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। *बस्तर के रासायनिक उर्वरक मुक्त गांवों की होगी पहचान, किसानों को मिलेगा उत्पादों का उचित मूल्य*       उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बस्तर के ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां अब तक खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। उन्होंने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए कि ऐसे गांवों को चिन्हित कर धान उपार्जन प्रारंभ होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाओं से जोड़ा जाए, ताकि वहां उत्पादित कृषि उपज का किसानों को उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने इस पहल में संबंधित गांवों की महिला स्वसहायता समूहों को भी जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय कृषि उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाकर उनके लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित किए जाएं। *मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के निर्देश*      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नवरात्रि के अवसर पर मां दंतेश्वरी की आराधना एवं दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा उनकी सुरक्षा के लिए समुचित इंतजाम किए जाएं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 8 October 2026

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