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पीएम मोदी ने RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा संस्थान का किया उद्घाटन.   12 ई-कॉमर्स कंपनियों पर 58 लाख का जुर्माना.   25 अक्टूबर को वाराणसी और भुवनेश्वर जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, परिधान फैक्ट्री, एयर शो और RBI डेटा सेंटर का करेंगे उद्घाटन.   DFPD का विशेष अभियान 6.0 जोरों पर: 82 हजार फाइलों की समीक्षा, 31 हजार वर्ग फीट जगह खाली, 36 लाख का स्क्रैप राजस्व.   C-DOT और IIT-BHU में ऐतिहासिक साझेदारी: वाराणसी में खुलेगा 6G, AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी का छठा उत्कृष्टता केंद्र.   इंजीनियरिंग निर्यात रिकॉर्ड की ओर: इस वित्त वर्ष में 150 अरब डॉलर का लक्ष्य.   सोशल मीडिया से विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएगी भाजपा.   प्रधानमंत्री के मन की बात के संदेश को पार्टी कार्यकर्ता जनभागीदारी के साथ धरातल पर साकार करें.   बालासाहेब थोरात ने कहा ज्ञानेश कर भाजपा के लिए कर रहे कार्य.   भोपाल मास्टर प्लान का नया प्रारूप कानूनी खामियों से भरा है, केवल वाहनों पर केंद्रित .   कटनी में बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी , भ्रष्टाचार व्यवस्था की जड़ों तक पहुंच गया.   रीवा में प्र न्यूक्लियर पावर प्लांट नहीं लगने देंगे, विधानसभा में भी उठाएंगे मुद्दा - सिंघार.   पीएम ने त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने और वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाने का आह्वान किया.   वाहनों चेकिंग से 4.81 लाख का समन शुल्क की ही वसूली.   मुंगेली जिले के अनेक घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे.   कोरबा की प्रमुख सड़कों के डामरीकरण कार्य का शुभारंभ, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया निरीक्षण.   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी देश का सबसे बड़ा कर सुधार - वित्त मंत्री चौधरी.   दवाएं सस्ती हों, ग्रामीणों तक पहुंचे इलाज, नकली दवाओं पर लगे रोक - राज्यपाल डेका.  

देश की खबरें

भुवनेश्वर। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज ओडिशा के भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक RBI के नवनिर्मित डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। पीएम ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद से आज भुवनेश्वर नए भारत को एक नया संस्थान दे रहा है। यह ओडिशा के लोगों और पूरे देश के लिए बेहद फायदेमंद होगा। पीएम ने कहा कि यह एक अधिक सुरक्षित वित्तीय प्रणाली की ओर बड़ा कदम है। भुवनेश्वर में आरबीआई की नई सुविधाएं डिजिटल बुनियादी ढांचे और साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करेंगी। गवर्नेंस का तरीका बदला है। 24 घंटे बैंकिंग से जुड़ा हर भारतीय पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक आधी से अधिक आबादी बैंकिंग व्यवस्था से बाहर थी। आज डिजिटल बैंकिंग ने हर भारतीय को 24 घंटे की बैंकिंग सेवाओं से जोड़ दिया है। लगभग 60 करोड़ जनधन खातों की वजह से सरकारी सहायता का एक-एक रुपया बिना कटौती के सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है।उन्होंने कहा कि आज जिनके पास बैंक को गारंटी के रूप में देने के लिए कुछ भी नहीं है, वे भी किफायती और सुलभ ऋण लेकर अपना काम शुरू कर रहे हैं। छोटे उद्यमियों से लेकर पारंपरिक कारीगरों तक, रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक, पहली बार उन्हें औपचारिक बैंकिंग का लाभ मिला है।पीएम ने बताया कि मुद्रा योजना के तहत 13 करोड़ लोग पहली बार उद्यमी बने, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा से लाखों लोगों को औपचारिक ऋण मिला और एक करोड़ ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को हजारों करोड़ की सहायता मिली। कभी संपन्न लोगों तक सीमित डेबिट-क्रेडिट कार्ड आज करोड़ों RuPay कार्ड के रूप में हर नागरिक तक पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि भारत में गवर्नेंस का तरीका किस तरह बदला है। हम जन-हितैषी, सक्रिय और सुशासन के मॉडल से प्रेरित हैं। हमारे लिए विकास का अर्थ भारत की न्यायसंगत प्रगति है, जहां अवसर हमारे गांवों और छोटे शहरों तक एक समान पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज एक्सप्रेसवे छोटे शहरों को जोड़ रहे हैं, एम्स जैसे संस्थान अनेक राज्यों में खुले हैं, गांवों में 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने हैं और दूरदराज में डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंच रही है। सामाजिक सुरक्षा का विस्तार प्रधानमंत्री ने बताया कि अटल पेंशन योजना के तहत 9 करोड़ नागरिक कवर हैं, जिनमें ओडिशा के 38 लाख लोग शामिल हैं। सुरक्षा बीमा योजना में मात्र 20 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा और जीवन ज्योति बीमा में 450 रुपये से कम पर जीवन बीमा मिल रहा है। कठिन समय में परिवारों को 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की दावा राशि बिना शोर-शराबे के दी जा चुकी है। यही सुशासन है। साइबर लुटेरों से बचाना होगा पीएम ने कहा कि बीता दशक बैंकिंग से वंचित लोगों तक बैंकिंग पहुंचाने का था, आने वाला दशक बैंकिंग को अधिक कुशल और विश्वसनीय बनाने का हैउन्होंने चेतावनी दी कि आजकल केवल हथियारों से ही युद्ध नहीं लड़े जाते, किसी राष्ट्र को उसकी अर्थव्यवस्था पर हमला करके भी कमजोर किया जा सकता है। जैसे-जैसे भारत आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, हमें अपने बैंकिंग तंत्र को साइबर लुटेरों और साइबर आतंकियों से बचाना होगा। ऐसे में इस नए साइबर सुरक्षा संस्थान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। ओडिशा लिखेगा नया भविष्य पीएम ने कहा कि विकसित भारत में पूर्वी भारत विकास का सशक्त इंजन है। ओडिशा खनिज-आधारित उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और उन्नत कंप्यूटिंग का नया इकोसिस्टम विकसित कर रहा है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 25 October 2026

देश की खबरें

नई दिल्ली।  खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) ने स्वच्छता और लंबित कार्यों में कमी लाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 6.0 में तेजी ला दी है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है और DFPD के साथ-साथ उसके PSU, संबद्ध और अधीनस्थ कार्यालय भी इसमें शामिल हैं। तीन हफ्तों में क्या-क्या हुआ? विभाग ने अभियान के तीसरे सप्ताह तक लंबित संदर्भों और शिकायतों के निपटारे में बड़ी प्रगति की है: - 48 सांसद संदर्भों का निपटारा किया गया - 1,030 सार्वजनिक शिकायतों और  161 अपीलों पर कार्रवाई की गई - *82,696 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से *12,937 फाइलें हटा दी गईं - *14,663 ई-फाइलें जांची गईं और *7,331 ई-फाइलें बंद की गईं - 1,388 स्वच्छता अभियान चलाए गए - 31,423 वर्ग फीट जगह  खाली कराई गई - कबाड़ निपटान से ₹36,15,558 का राजस्व प्राप्त हुआ अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए संयुक्त सचिव (प्रशासन), DFPD ने सभी PSU और अधीनस्थ कार्यालयों के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत करने और रिकॉर्ड रूम को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए गए। निदेशक (जनरल और कल्याण) ने विभागीय रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण भी किया। विभाग का कहना है कि यह अभियान स्वच्छता को संस्थागत बनाने, कार्यालय स्थान के बेहतर उपयोग और एक अधिक कुशल, जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल।  डिजिटल मोर्चे पर अपनी तैयारियों को भाजपा मजबूत कर रही।   26 अक्टूबर को भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला को सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खण्डेलवाल, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश प्रभारी बिप्लब देब, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, सोशल मीडिया के राष्ट्रीय संयोजक दीपक म्हस्के और सह संयोजक शिवानंद द्विवेदी संबोधित करेंगे। कार्यशाला में प्रदेश भर से आए सोशल मीडिया विभाग के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठन के आगामी डिजिटल अभियानों की रूपरेखा, सोशल मीडिया पर पार्टी की प्रभावी उपस्थिति और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भाजपा की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के तरीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा। भाजपा के सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक सुयश त्यागी ने बताया कि इस कार्यशाला में सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश पदाधिकारी, सभी संभागों के प्रभारी और सह प्रभारी, जिला संयोजक, सह संयोजक और बड़ी संख्या में सक्रिय कार्यकर्ता शामिल होंगे। सोशल मीडिया आज जन संवाद का सबसे सशक्त माध्यम बन गया है और पार्टी इस माध्यम से युवाओं तक सीधे पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में शाम 7 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में भजन जैमिंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। भोपाल विकास योजना 2047 के प्रारूप पर कांग्रेस नेता अभय दुबे ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। दुबे ने कहा कि भोपाल की पिछली विकास योजना 2005 में ही समाप्त हो चुकी है। जनवरी 2006 से पिछले 21 वर्षों से शहर अवधि पार योजना के भरोसे चल रहा है। कांग्रेस सरकार ने अपने 15 महीनों के कार्यकाल में विकास योजना 2031 का प्रारूप प्रकाशित किया था। धारा 18 और 19(1), (2), (3) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, 3 हजार से अधिक आपत्तियों पर सुनवाई भी हो चुकी थी और केवल अंतिम अधिसूचना शेष थी, फिर भी भाजपा सरकार ने उसे निरस्त कर दिया जो विधिसम्मत नहीं था। इतने वर्षों तक योजना लागू न होना भोपाल के विकास को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाना है। धारा 15 का उल्लंघन -* राजपत्र में 2024 के मौजूदा भूमि उपयोग मानचित्र का उल्लेख है, पर उसका न प्रकाशन हुआ, न आपत्तियां मांगी गईं, न अंगीकरण हुआ।धारा 17(ट) की अनदेखी -* कांग्रेस सरकार के 2020 के संशोधन के अनुसार नगर विकास स्कीमों की अनंतिम सीमाएं दिखाना अनिवार्य है। प्रारूप में ये सीमाएं नहीं दिखाई गईं, जिससे मनमाने फैसलों की गुंजाइश बनती है।धारा 34 का विलोपन -* 2017 में इस धारा के विलोपन से आरक्षित भूमि के मालिकों के पास कोई उपाय नहीं बचा। निजी भूमि पर आरक्षण न्यूनतम हो और टीडीआर या लैंड पूलिंग जैसा क्षतिपूर्ति तंत्र दिया जाए। 18 जल निकायों की अनदेखी -* केवल बड़े तालाब का जलग्रहण क्षेत्र लिया गया है। सभी 18 जल निकायों के जलग्रहण क्षेत्र अधिसूचित हों और उनकी संरक्षण योजना बने।हरित क्षेत्र में बदलाव -2005 की योजना के हरित क्षेत्र और ग्रीन बेल्ट में किए गए बदलावों का तुलनात्मक विवरण प्रकाशित किया जाए। दुबे ने कहा कि 45 लाख आबादी के लिए बनी यह योजना लोगों की नहीं, वाहनों की आवाजाही पर आधारित है। परिवहन -भोपाल में 54 प्रतिशत यात्राएं पैदल, साइकिल या ऑटो से होती हैं, फिर भी योजना में सार्वजनिक परिवहन का कोई लक्ष्य नहीं है। बस नेटवर्क की कोई योजना नहीं है और नक्शे पर साइकिल ट्रैक या पैदल जोन भी नहीं हैं। टीओडी सिर्फ नाम का -* मेट्रो के दोनों ओर 500 मीटर का लगभग 9500 हेक्टेयर क्षेत्र टीओडी घोषित है, पर घनत्व, एफएआर, सस्ते आवास का हिस्सा और पार्किंग सीमा जैसी मूल बातें बाद की योजनाओं पर टाल दी गई हैं। ग्रोथ कॉरिडोर  51 किमी लंबे, 75 मीटर चौड़े बायपास के दोनों ओर 300-300 मीटर में सघन मिश्रित विकास प्रस्तावित है, यह लगभग 2449 हेक्टेयर है और इसे टीओडी जोन भी कहा गया है, जबकि इस पर न मेट्रो है, न मास ट्रांजिट, न बस लेन। बायपास का काम बाहरी ट्रैफिक को शहर से दूर ले जाना है, उसके किनारे सघन विकास से वह शहर की एक और भीड़भरी सड़क बन जाएगा। यह टीओडी नहीं, कार पर निर्भर रिबन विकास है जो रोजगार को भी शहर की परिधि पर धकेलता है। यूआरडीपीएफआई मानकों से विचलन - आवासीय भूमि मानक से 5 से 7 प्रतिशत अधिक है, जबकि घनत्व मानक से 28 से 48 प्रतिशत कम है। इसी कारण योजना क्षेत्र 601 से बढ़ाकर 1017 वर्ग किमी कर दिया गया। व्यावसायिक, औद्योगिक और परिवहन की भूमि मानक से कम है। 4.8 लाख झुग्गीवासियों वाले शहर में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवास के लिए कोई भूमि आरक्षित नहीं है। हरित क्षेत्र मानक से कम - यूआरडीपीएफआई के अनुसार प्रति व्यक्ति 10 से 12 वर्ग मीटर खुला स्थान चाहिए, यानी 45 लाख आबादी के लिए 4500 से 5400 हेक्टेयर। योजना में बगीचे, खेल मैदान, बॉटनिकल गार्डन और लेक फ्रंट कुल 3153 हेक्टेयर हैं, यानी लगभग 7 वर्ग मीटर प्रति व्यक्ति। यह मानक से 1350 से 2250 हेक्टेयर कम है। मोहल्ले के पार्क मात्र 671 हेक्टेयर हैं, यानी लगभग 1.5 वर्ग मीटर प्रति व्यक्ति। कुल हरित क्षेत्र 24 प्रतिशत इसलिए दिखता है क्योंकि उसमें परिधि का 9208 हेक्टेयर सिटी फॉरेस्ट जोड़ा गया है, जो रोजमर्रा के उपयोग का खुला स्थान नहीं है। मांग का अनुमान केवल 2031 तक दिया गया है। 45 लाख आबादी के लिए 209 एमएलडी पानी की कमी है और इसकी पूर्ति का कोई स्रोत नहीं बताया गया। एसटीपी, डब्ल्यूटीपी और बिजली सब स्टेशन के लिए भूमि चिन्हित नहीं है। सार्वजनिक उपयोगिताओं को विकसित क्षेत्र का मात्र 0.42 प्रतिशत मिला है। शहर को बाहर फैलाने पर लगभग 59 हजार करोड़ रुपये का अनुमान है, पर इसकी कोई वित्तीय योजना नहीं दी गई। दुबे ने मांग की कि धारा 15 के तहत अद्यतन भूमि उपयोग मानचित्र विधिवत अंगीकृत कर संशोधित प्रारूप पुनः प्रकाशित किया जाए। साथ ही योजना में सार्वजनिक परिवहन के लक्ष्य, ठोस टीओडी प्रावधान, ग्रोथ कॉरिडोर पर मास ट्रांजिट या बस प्राथमिकता लेन, यूआरडीपीएफआई के अनुरूप भूमि उपयोग, मानक के अनुसार बगीचे और खेल मैदान, सस्ते आवास, 2047 तक की जल योजना और वित्तीय योजना शामिल की जाए।

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री देशवासियों के असाधारण कार्यों और नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान दे रहे हैं। ऐसे प्रेरक उदाहरण देशवासियों में समाज और राष्ट्र के लिए कुछ नया करने का भाव जागृत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री ने मन की बात की विभिन्न कड़ियों में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, खेल प्रतिभाओं, जल संरक्षण, पोषण और नवाचार से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से स्थान दिया है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का उल्लेख कर बस्तर की खेल प्रतिभाओं और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दी है। आज शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा बस्तर अपनी युवा प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से नई पहचान बना रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि मन की बात कार्यक्रम देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के जरिए समाज, पर्यावरण, संस्कृति, नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे सामान्य नागरिकों के असाधारण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। मुख्यमंत्री साय ने आज रायपुर जिले के अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू के साथ प्रधानमंत्री के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 139वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभिनव पांच प्रतिशत मॉडल की भी सराहना की है, जिसके तहत किसान अपनी भूमि के पांच प्रतिशत हिस्से में तालाब बनाकर वर्षा जल का संचय करते हैं। इससे सिंचाई के साथ भूल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसी प्रकार ऐतिहासिक मल्हार के ताम्रपत्रों और पोषण से जुड़े हर घर मुनगा जैसे प्रयासों का उल्लेख छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करता है। प्रधानमंत्री ने 12 साल की यात्रा का किया उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 139वीं कड़ी में कार्यक्रम की 12 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए देश के सामान्य नागरिकों के परिश्रम, सेवा और समर्पण की सराहना की। उन्होंने पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी से महिला सशक्तिकरण, उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनर्जीवन, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और खादी की बढ़ती लोकप्रियता जैसे प्रेरक प्रयासों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने और वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने ई-संजीवनी, आधुनिक अनुसंधान, युवाओं के डीप-टेक स्टार्टअप, श्रीअन्न की खेती और अंगदान के महत्व को भी रेखांकित किया। साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर रन फॉर यूनिटी में सहभागिता, स्वच्छता और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार हमें अपने आसपास हो रहे सकारात्मक कार्यों से प्रेरणा लेने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देते हैं। मन की बात ने स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, नवाचार, सेवा और जनभागीदारी को जन-जन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 25 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर।कोरबा शहर की प्रमुख सड़कों को बेहतर और सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार से डामरीकरण कार्य का विधिवत शुभारंभ हो गया। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और महापौर संजू देवी राजपूत ने कार्यस्थल पर पहुंचकर चल रहे डामरीकरण कार्यों का अवलोकन किया और नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि उद्योग मंत्री देवांगन के विशेष प्रयासों से कोरबा नगर निगम क्षेत्र के 20 प्रमुख मार्गों के डामरीकरण के लिए 24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन सभी विकास कार्यों का भूमिपूजन 19 अक्टूबर को कोसाबाड़ी चौक पर संपन्न हुआ था, जिसके बाद शनिवार को सोनालिया पुल से ओवरब्रिज मार्ग पर पहले चरण के डामरीकरण कार्य की शुरुआत की गई। आने वाले दिनों में शहर के अन्य सभी 20 प्रमुख मार्गों पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा, जिससे शहरवासियों को जर्जर सड़कों से निजात मिलेगी। निरीक्षण के दौरान उद्योग मंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर के सभी स्वीकृत डामरीकरण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि गुणवत्तापूर्ण सड़कें ही लंबे समय तक नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा दे सकती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्यों को इस प्रकार व्यवस्थित ढंग से पूर्ण किया जाए कि आम नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। कोरबा जैसे औद्योगिक शहर में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कें जल्दी खराब हो जाती हैं, इसलिए इन सड़कों का मजबूत डामरीकरण बेहद जरूरी था। इन कार्यों के पूरा होने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।इस अवसर पर नगर निगम के अधीक्षण अभियंता, प्रभारी कार्यपालन अभियंता, एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन, चंद्रलोक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 October 2026

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