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सुप्रीम कोर्ट में भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर हुई सुनवाई.   एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला गोल्ड, महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास.   राहुल गांधी के मंच पर PM मोदी की मिमिक्री, बयानों से बढ़ा सियासी विवाद.   एक अक्टूबर से आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पर ही LPG पर सब्सिडी.   दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव का रिजल्ट जारी, ABVP के खाते में 3 पद.   खाद्य विभाग ने होटलों में की कार्रवाई, मानकों की हुई अनदेखी.   मध्यप्रदेश आधुनिक तकनीक और निवेश के लिए देश का सबसे अनुकूल .   हर वर्ग परेशान, सरकार जवाबदेही से भागने के बजाय जनता के सवालों का जवाब दे : कुणाल.   महिला नव आरक्षकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु दो दिवसीय शिविर आयोजित.   मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना अन्तर्गत 140 विधानसभा क्षेत्रों में होगा खेल परिसरों का निर्माण.   जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा‘ मंगलवार को मध्यप्रदेश पहुंची.   MPPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत, अब देख सकेंगे अपनी उत्तरपुस्तिका .   खराब परिणामों के बाद प्राचार्यों पर लगातार प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव, अंग्रेजी पर रार.   30 सितंबर के बाद LPG सब्सिडी पर असर, आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी .   शिक्षा में पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र सुनिश्चित किया जा रहा.   बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम का असर, छत्तीसगढ़ में फिर बरसेंगे बादल.   साइंस कालेज परिसर में लघु उद्योग भारती ने आयोजित किया इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर.   निष्कासित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हो रही वापसी.  

देश की खबरें

  भोपाल।  सीलिंग की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने सीलिंग की कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर व्यक्त की।  कोर्ट ने 5 बिंदुओं के निर्देश जारी किए हैं। SC ने कहा जो रहवासी इलाके है वहां किसी भी प्रकार की कमर्शियल गतिविधियों नहीं हो। नगर निगम की सीलिंग या डिमोलिशन की कारवाही जारी रहना चाहिए।  रहवासी इलाकों में कारवाही नहीं रुके।  MP सरकार की कमिटी के कारण कंटेंप्ट वाले मामले में कोर्ट के \"एमिकस क्युरी\" AK Sinha ने जांच की थी।  सिन्हा ने SC को बताया कि कमिटी गठित कर सरकार ने *कंटेंप्ट किया है। जिसके बाद MP सरकार के वकील KN Natrajan ने बताया कि सरकार से बात हो गई हैं। सरकार ने आश्वासन दिया कि अब कोई कमिटी नहीं बनेगी, न ही सेलिंग की कारवाही बाधित की जाएगी। SC ने सरकार के आश्वासन को स्वीकार किया है। इसके बाद एमिकस क्युरी AK Sinha ने SC को बताया कि आज सुबह सुनवाई से पहले भोपाल के लगभग 10 रहवासियों की शिकायतें आई है। सुबह सीलिंग की कार्रवाई और शाम को प्रतिष्ठानों के खुलने पर  नाराजगी गई। SC ने भोपाल से मिली शिकायतों पर कोर्ट ने नोट किया कि कई जगह  (Full compliance) \"पूर्णतः पालन\" नहीं हो रहा है । विशेष रूप से भोपाल में इसका पालन नहीं हुआ। SC ने कहा सीलिंग की कार्रवाई का सख्ती से पालन करने के निर्देश हैं तो पूर्णतः पालन हो। वकील नटराजन ने कोर्ट को बताया कि भोपाल में 1995 से अभी तक कोई मास्टर प्लान नहीं आया (2005 में एक्सपायर हुआ था) नटराजन ने SC से निवेदन किया कि नया मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सरकार के पास है । अब उसे लागू करना है। सुप्रीम कोर्ट से मास्टर प्लान को लेकर  हरी झंडी मिली है।   

Madhya Bharat Madhya Bharat 22 September 2026

देश की खबरें

दिल्ली। अगर आप घरेलू गैस सिलेंडर में सब्सिडी पाते हैं तो आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करे।  घरेलू एलपीजी सिलिंडर में एक अक्टूबर से आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना जरूरी होगा।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों यानी करीब 89.9 प्रतिशत उपभोक्ताओं का आधार बायोमीट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका था। सरकार ने पहले इसके लिए 30 जून की समयसीमा तय की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 14 सितंबर किया गया। सितंबर 2026 में 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलिंडर पर करीब 210 रुपये की अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही है।जिन ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ मिलता है।  सरकार चाहती है कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र उपभोक्ताओं को मिले। कोई फर्जी तरीके से इसका लाभ न ले पाए। डुप्लीकेट कनेक्शन के जरिए इसका दुरुपयोग न हो।जिन उपभोक्ताओं ने अब तक सत्यापन नहीं कराया है, वे इसे पूरा करने के बाद सब्सिडी वाले सिलिंडर की बुकिंग कर सकेंगे। जिन ग्राहकों ने पहले ही आधार बायोमीट्रिक सत्यापन या ई-केवाईसी करा लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी।   उपभोक्ता एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर या सिलिंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिए आधार बायोमीट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद नहीं होगी।  लेकिन उन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे ग्राहकों को सिलिंडर बाजार मूल्य पर लेना होगा।स्थानीय उपलब्धता के आधार पर उन्हें पांच या 10 किलो के सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 20 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। टेलीकॉम क्षेत्र में केंद्र और राज्य की साझेदारी का नया युग शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सहयोग से केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश शासन ने मिलकर टेलीकॉम सेक्टर में एक नया और ऐतिहासिक मॉडल स्थापित किया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आधुनिक तकनीक और निवेश के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य है। देश के हृदय स्थल में स्थित मध्यप्रदेश को अपने केंद्रीय भौगोलिक स्थान, मजबूत बुनियादी ढांचे और सरप्लस बिजली का अभूतपूर्व लाभ प्राप्त है। राज्य में उद्योग अनुकूल वातावरण का ही परिणाम है कि विगत पौने तीन वर्षों में लगभग सभी सेक्टरों में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश राज्य की धरती पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात बेंगलुरु में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) में निवेश आकर्षित करने के लिए आयोजित राउंड टेबल बैठक में निवेशकों से संवाद के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय को सही अवसर पर पहचान कर निर्णय लेना ही एक सफल उद्यमी की पहचान है। दिल्ली और मुंबई के रोड-शो में निवेशकों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद से स्पष्ट है कि उद्योग जगत का भरोसा मध्यप्रदेश पर निरंतर मजबूत हुआ है। निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश में निवेश करने का यही सही समय है।  ग्वालियर में बन रहा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन इसी साझी सोच का प्रतिफल है।उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में भूमि सीमित है, इसलिए ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर आने वाले निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा, जबकि आगामी चरणों में नियम व शर्तें भिन्न होंगी। इस औद्योगिक पार्क में एक ही स्थान पर डिजाइन से लेकर डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन से लेकर एक्सपोर्ट तक की पूरी वैल्यू चेन का निर्माण होगा। यहां सिम से लेकर सैटेलाइट कम्युनिकेशन के उपकरण, 5-जी और 6-जी के उपकरण, ऑप्टिकल फायबर और आईओटी से जुड़े उत्पाद बनाए जाएंगे। घोषणा के साथ ही बुक हो जाते हैं मध्यप्रदेश के औद्योगिक पार्कमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के औद्योगिक पार्कों की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि धार में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मोत्सव 2025 पर 2,000 एकड़ के ‘पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क’ का भूमिपूजन हुआ था और उसी दौरान पार्क का एक-एक प्लॉट बुक हो गया। इसी प्रकार मोहासा-बाबई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण पार्क पहले, दूसरे और तीसरे चरण पूरी तरह बुक होने के बाद अब चौथे चरण पर कार्य शुरू हो चुका है। पीथमपुर, अवंतिका और विक्रम उद्योगपुरी जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों का भारी विश्वास देखने को मिला है। मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 9 महीनों में ही रक्षा से लेकर खाद्य सुरक्षा तक, ट्रांसफॉर्मर से टेलीकॉम तक, हेल्थकेयर से लेकर लाइफकेयर तक, टेक्सटाइल से लेकर टेक्नोलॉजी तक, ऑप्टिकल फायबर केबल्स से लेकर ऑटोमोबाइल पार्ट्स तक, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण से लेकर रेलवे और भारी वाहनों के निर्माण तक मध्यप्रदेश में लगभग 15 विनिर्माण इकाइयां लगी हैं।उन्होंने बेंगलुरु के तकनीकी उद्यमियों और निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार उनके हर निवेश को सुरक्षित, सफल और गतिमान बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके साथ खड़ी है। विगत ढाई वर्षों में 25 से अधिक सेक्टर-विशेष ‘इन्वेस्टमेंट-फ्रेंडली’ नीतियां लागू की गई हैं, जिनसे उद्योगों को लगाने और संचालन में सुविधा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा उद्योग जगत की सहभागिता से तैयार अद्वितीय प्रोत्साहन पैकेज केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति सरकार और निजी क्षेत्र के साझा विचार-विमर्श से तैयार की गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि 12,000 करोड़ रूपये के कैपेक्स पर लगभग 8,000 करोड़ रूपये का वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज दिया जाना विश्व स्तर पर अभूतपूर्व है। यह पैकेज केवल कैपेक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, पंजीकरण शुल्क और कौशल प्रशिक्षण पर सब्सिडी देकर कंपनियों के परिचालन व्यय को भी न्यूनतम करता है। केंद्र और राज्य के 51:49 के संयुक्त एसपीवी के माध्यम से निवेशकों की प्रत्येक समस्या का समाधान 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के रोडशो से अब तक लगभग 24-25 कंपनियों से 5,500 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश और 17,000 से अधिक रोजगार सृजन के प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी भूमि-पूजन के बाद प्रथम चरण बंद हो जाएगा और दूसरे चरण में आने वाले निवेशकों को ये रियायतें इस स्तर पर उपलब्ध नहीं होंगी, इसलिए उद्यमियों को इस चरण में तत्काल जुड़ना चाहिए।दिल्ली का काउंटर मैग्नेट सिटी और कनेक्टिविटी का नया केंद्र ग्वालियर केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने ग्वालियर की रणनीतिक खूबियों को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्वालियर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ‘काउंटर मैग्नेट सिटी’ के रूप में विकसित किया गया है, जो 100 एकड़ काउंटर मैग्नेट क्षेत्र और 70 एकड़ एसटीपीआई क्षेत्र में विस्तृत है। ग्वालियर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से सीधी हवाई सेवा से जुड़ा है। यहां 5,500 करोड़ रूपये की लागत से 6-लेन हाई-स्पीड आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे तैयार किया जा रहा है, जिससे आगरा की दूरी मात्र 40 मिनट में तय होगी। इसके साथ ही 600 करोड़ रूपये का नया एयरपोर्ट, 600 करोड़ रूपये का आधुनिक रेलवे स्टेशन, 40 से 50 इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्रतिवर्ष इंजीनियर निकलते हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों और खेलों के विकास, किसानों, युवाओं, न्यायिक व्यवस्था और आम नागरिकों से जुड़े कई दूरगामी व जनहितैषी निर्णय लिए गए। प्रदेश की खेल और युवा  प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण व संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रूपये की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इन खेल परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होगा। 16वें वित्त आयोग के तहत उच्च न्यायालय (भारित), परिवार न्यायालयों, ग्राम न्यायालयों और विधिक सहायता बोर्ड के सुचारू संचालन के लिए 4,000 करोड़ रूपये से अधिक की वित्तीय निरंतरता मंजूर की गई। इसके अतिरिक्त वाणिज्यिक कर विभाग की 6 प्रमुख योजनाओं, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में  निरंतरता के साथ ही 13 नवीन पदों तथा नवगठित जिलों मैहर, पांढुर्णा एवं सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालयों व पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई। खेतों में सिंचाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी पांच वर्षों 2026-2031 के लिए नीमच की महत्वाकांक्षी जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रूपये तथा राजगढ़ की सुठालिया एवं पार्वती रिन्सी परियोजनाओं के लिए क्रमशः 262 करोड़ 63 लाख रूपये और 507 करोड़ 23 लाख रूपये की निरंतरता की स्वीकृत दी गई, इससे 88 हजार हैक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उ‌द्देश्य राजगढ़ जिले के 40,000 हैक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति द्वारा सिंचाई क्षमता में वृद्धि करना है। नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की आगामी 5 वर्षो 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरन्तरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। जावद नीमच परियोजना एक दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई योजना है, जिससे सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुँचाया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत सिंचाई तकनीक (दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई) के माध्यम से पानी की बचत और सिंचाई क्षमता में वृद्धि करते हुये क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाना हैl राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 507 करोड़  23 लाख रुपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की आगामी 05 वर्षो यानि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर राजगढ़ जिले की 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता को बढ़ाना है। 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मंत्रि-परिषद् ने ऊर्जा विभाग की एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावॉट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मंत्रि-परिषद् द्वारा 24 जनवरी 2025 को लिए निर्णय अंतर्गत 900 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय से संबंधित अनुमोदन उक्त निविदा के निरस्त हो जाने के फलस्वरूप वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय में समाहित माना जाएगा। एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावॉट ताप विद्युत अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा/निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही किए जाने की स्वीकृति दी है। प्रकरण में नियामक आयोग के अनुमोदन एवं आदेश के अनुसार समस्त आगामी कार्यवाही के लिए प्रबंध संचालक एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को अधिकृत किया गया है। 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण और संचालन के लिए मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के अंतर्गत 962 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तहत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण व संचालन के लिए  के लिए 962 करोड़ 50 लाख रूपये की सैध्दांतिक सहमति प्रदान की है। इन खेल परिसरों का नामकरण मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्पलेक्स किए जाने के साथ ही मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हैलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया गया। हैलीपैड बनने से पीएमश्री योजना के हैलीकाप्टर्स का आवागमन सुगम और सुचारू हो सकेगा। ग्राम न्यायालय योजना के संचालन के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने ग्राम न्यायालय योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में राज्य के समस्त ग्राम न्यायालयों में पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्ते एवं कार्यालयीन व्ययों का भुगतान किया जाता है। ग्राम न्यायालयों में विधि अनुसार प्रस्तुत प्रकरणों का निराकरण भी किया जाता है म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विधि विभाग के अंतर्गत म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 524 करोड़ रूपये की अनुमति प्रदान की है। परिवार न्यायालयों की स्थापना के संचालन के लिए 1 हजार करोड़ की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना \"परिवार न्यायालयों की स्थापना\" को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 1 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। उच्च न्यायालय (भारित) की निरंतरता के लिए 2,015.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना \"उच्च न्यायालय (भारित)\" को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं की निरंतरता के लिए 969 करोड़ 87 लाख रुपए की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित 6 योजनाओं को आगामी पांच वर्षों वित्तीय वर्ष 2026-2027 से वर्ष 2030- 2031 तक की अवधि के लिए निरंतर रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसमें संपदा ई-रजिस्ट्री योजना के लिए 62 करोड़ रूपये, स्टॉम्पों की बिक्री पर व्यय योजना के लिए 664 करोड़ रूपये, स्टॉम्पों की लागत योजना के लिए 175 करोड़ रूपये, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण योजना के लिए 12 करोड़ 50 लाख रूपये, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम योजना के लिए 46 करोड़ 37 लाख रूपये और जिला/उप पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण/विस्तार योजना के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के लिए 13 पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में प्राध्यापक का 1, सह- प्राध्यापक के 10 तथा सहायक प्राध्यापक के 02 पद, इस प्रकार कुल 13 नवीन चिकित्सा शिक्षकों के पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की है। अब बीडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 एवं एमडीएस पाठ्यक्रम की सीटे 35 से बढ़ाकर 44 करने का लक्ष्य है। इस दृष्टि से 13 नवीन शिक्षकीय पदों के सृजन एवं इस पर प्रतिवर्ष लगभग रुपए 03 करोड़ 78 लाख का व्यय आना संभावित है। मैहर, पांढुर्णा और सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यालय स्थापित करने के लिए 18 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद की बैठक में नवगठित जिले मैहर व पांढुर्णा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला कार्यालय एवं सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित करने तथा उक्त कार्यालयों में पद स्वीकृत करने एवं कार्यालय संचालन के लिए व्यय भार के लिए वित्तीय प्रावधान किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद् ने नवगठित मैहर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित कर जिला कार्यालय मैहर के लिए 05 नवीन स्थायी पद स्वीकृत किये जाने तथा कार्यालय सहायक के लिए 02 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। नवगठित पांढुर्णा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित किए जाने के लिए 05 नवीन स्थायी पद स्वीकृत किये जाने तथा कार्यालय सहायक के लिए 02 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी तरह सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित किए जाने के लिए 03 नवीन स्थायी पद स्वीकृत करने तथा कार्यालय सहायक के लिए 01 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

Madhya Bharat Madhya Bharat 22 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने सरकारी स्कूलों में प्राचार्यों और शिक्षकों पर विषय चयन को लेकर  मनमानी का आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि राज्य में माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के खराब परिणामों के बाद प्राचार्यों पर लगातार प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव बना हुआ है, जिसके कारण जमीनी स्तर पर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।केंद्र और राज्य सरकारें देश व प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट की दर को कम करने के लिए तमाम  प्रयास कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूलों स्तर पर लगाई जाने वाली ऐसी पाबंदियां बच्चों को उच्च शिक्षा से दूर करेगी। एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि और आवश्यकता के अनुसार विषयों का चयन करने की पूरी स्वतंत्रता मिले, ताकि उनके उज्ज्वल भविष्य पर किसी प्रकार का संकट न आए। खराब परीक्षा परिणामों के डर से कई शासकीय स्कूलों में नौवीं और ग्यारहवीं के विद्यार्थियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध अंग्रेजी विषय लेने से रोका जा रहा। अंग्रेजी के परिणाम सुधारने या अपनी जवाबदेही से बचने के लिए छात्रों को अंग्रेजी के स्थान पर बैंकिंग और फाइनेंस जैसे वैकल्पिक विषय चुनने के लिए  बाध्य किया जा रहा ।

Madhya Bharat Madhya Bharat 22 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 21 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। एक-दो जगह वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जबकि छिंदगढ़ में सबसे ज्यादा 7 सेमी पानी दर्ज किया गया। तोंगपाल और छोटेडोंगर में 6-6 सेमी, जबकि नांगर और सुकमा में 5-5 सेमी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य हिस्से और उससे लगे उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है। इसके 21 सितंबर को अवदाब और 22 सितंबर को गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट के पास पहुंचने का अनुमान है। इसी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। रायपुर में भी 2 सेमी बारिश दर्ज की गई है और सोमवार को बादल छाए रहने के साथ बारिश या गरज-चमक वाली बौछारें पड़ सकती हैं। अगले दो दिन प्रदेश में मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकते हैं। अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने और कुछ जगह भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। बारिश और बादलों के कारण कई क्षेत्रों में दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है और मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रह सकता है। मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है। रायपुर में 21 सितंबर को तापमान करीब 33 डिग्री अधिकतम और 25 डिग्री न्यूनतम रहने का अनुमान है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 21 September 2026

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