Since: 23-09-2009

 Latest News :
नेपाल की बाढ़ का पानी बिहार पहुंचा, गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा.   TMC के 20 बागी सांसदों को स्पीकर का नोटिस, 7 दिन में जवाब मांगा.   वन नेशन, वन इलेक्शन पर JPC चीफ का दावा .   देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश, 15 राज्यों में अलर्ट.   परंपरा की जड़ों से आधुनिकता के शिखर तक : युगानुकूल मातृत्व का भारतीय दृष्टिकोण.   लखीसराय में अशोकधाम मंदिर के बाहर भगदड़, 7 महिलाओं की मौत.   GIS-2027 की तैयारियां तेज निवेशकों को न्योता देने दुबई जाएंगे CM मोहन यादव .   भोपाल की 10 लेन रोड पर बनेंगे 18 व्हीकल अंडरपास.   डॉ नरोत्तम मिश्रा से मिले मंत्री एंदल सिंह कंसाना, मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज.   भोपाल की सड़कों पर बढ़ी ई-बसों की रफ्तार .   महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन.   बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम का जल्द ऐलान संभव, MP से 7 नेताओं के नाम चर्चा में.   IGKV में फिर पेपर लीक 20 दिन में तीसरी घटना से परीक्षा व्यवस्था पर सवाल.   बिलासपुर में सैकड़ों शिक्षकों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरा.   छत्तीसगढ़ में राशन वितरण की नई व्यवस्था.   सरकारी स्कूलों की बदहाली पर Gen-Alpha की आवाज बुलंद, तालाबंदी से मार्च तक विरोध.   नवंबर से बंद DSA मशीन, आंबेडकर अस्पताल में हर महीने 75-80 मरीजों का इलाज प्रभावित.   रामगोपाल अग्रवाल से ED की पूछताछ, टुटेजा-ढेबर-त्रिपाठी कनेक्शन पर सवाल.  

देश की खबरें

  नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में तेज बहाव के बाद बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आया, जिससे गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसके चलते बिहार के कई तटीय जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए बगहा स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं और पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई संवेदनशील जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। गंडक बैराज से पानी के डिस्चार्ज में लगातार बदलाव हो रहा है। रात 12 बजे करीब 1 लाख 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि सुबह के समय डिस्चार्ज में कमी के बाद फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। बिहार सरकार ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को तटीय इलाकों पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। उधर, नेपाल में आई बाढ़ के कारण कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के साथ-साथ भारतीय पर्यटकों से भी संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने से नदी का रास्ता बाधित हुआ होगा। इसके बाद प्राकृतिक रुकावट टूटने से पानी अचानक तेज रफ्तार से नीचे की ओर आया। घटना के दौरान हल्की भूकंपीय गतिविधि भी दर्ज की गई थी। हालांकि बाढ़ की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी। फिलहाल बिहार में प्रशासन की प्राथमिकता तटीय इलाकों में सुरक्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 27 August 2026

देश की खबरें

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी है। दिल्ली-NCR में लगातार दूसरे दिन झमाझम बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। एम्स फ्लाईओवर, कनॉट प्लेस, ITO और आरके पुरम समेत कई जगहों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली-गुरुग्राम NH-48 पर भी लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। गुरुग्राम में कई इलाकों में जलभराव के चलते सरकारी दफ्तरों और स्कूलों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू किया गया है। वहीं दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों को मौसम और ट्रैफिक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी है।   उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में भी बारिश का असर साफ नजर आ रहा है। यूपी के वाराणसी, अयोध्या, जौनपुर और गाजीपुर समेत कई शहरों में बारिश का दौर जारी है, जिससे सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। वाराणसी में लंबे समय से रुक-रुककर बारिश होने के कारण कई जगहों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। राजस्थान के जयपुर, कोटा और भरतपुर समेत कई जिलों में भी तेज बारिश दर्ज की गई है। वहीं बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिसके चलते नदी किनारे और निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है।   मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। एमपी के टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़ के कोरबा में नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। पंजाब और चंडीगढ़ में भी कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने एमपी, यूपी, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, उत्तराखंड और केरल समेत करीब 15 राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का असर बना रह सकता है, ऐसे में स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 25 August 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

    मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद विदेश जाकर निवेशकों से मुलाकात करेंगे। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री 6 सितंबर को दुबई जाएंगे, जहां वे उद्योगपतियों और संभावित निवेशकों से चर्चा कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित GIS-2027 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने और समिट का शुभारंभ करने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य इस आयोजन को प्रदेश में निवेश और रोजगार के लिहाज से बड़ा मंच बनाने का है।   GIS-2027 के लिए मुख्यमंत्री दुबई के बाद करीब 7 अन्य देशों में भी निवेशकों से संपर्क करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इससे पहले भी GIS की तैयारियों के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन, जर्मनी और जापान समेत कई देशों का दौरा कर निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता दिया था। सरकार के अनुसार पिछली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में करीब 34 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है। अब सरकार इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के साथ नए निवेश को प्रदेश में लाने पर भी जोर दे रही है। इस बार GIS-2027 में 70 से ज्यादा देशों के निवेशकों और उद्योगपतियों को आमंत्रित करने की तैयारी है। सरकार का फोकस कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, खनन, आईटी-आईटीईएस, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा, रक्षा, वैमानिकी, अक्षय ऊर्जा, शहरी विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। इसके साथ ही डेयरी और दूध उत्पादन को भी प्रमुख निवेश क्षेत्र के तौर पर शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध संसाधन, जमीन और औद्योगिक संभावनाएं निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं। GIS-2027 के जरिए इन्हीं संभावनाओं को वैश्विक मंच पर सामने रखने की तैयारी है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 27 August 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  भोपाल में ई-बस सेवा का विस्तार किया गया है। राजधानी के ई-बस बेड़े में 10 नई बसें शामिल होने के बाद अब कुल 30 बसें संचालित हो रही हैं। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को प्रमुख रूटों पर अब करीब 10 से 15 मिनट के अंतराल में बसें मिलने की सुविधा होगी। वहीं, सेवा का समय भी बढ़ाकर सुबह 6:30 बजे से रात 9 बजे तक कर दिया गया है। शुरुआत में शहर में 20 ई-बसों के साथ संचालन शुरू हुआ था।   नई बसों को मुख्य रूप से कोलार, बैरागढ़ और अशोका गार्डन को जोड़ने वाले बी-35, बी-36 और बी-37 रूट पर चलाया जा रहा है। तीनों रूट एमपी नगर बोर्ड ऑफिस से होकर गुजरते हैं, जिससे यह इलाका प्रमुख जंक्शन के रूप में जुड़ रहा है। ई-बसों से न्यू मार्केट, बावड़ियाकला, सलैया, रोहित नगर, सुभाषनगर, पीरगेट, हमीदिया अस्पताल, नादरा बस स्टैंड, बिट्टन मार्केट और आईएसबीटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों तक भी कनेक्टिविटी मिल रही है। यात्रियों के लिए न्यूनतम किराया 6 से 7 रुपये और अधिकतम किराया 40 रुपये निर्धारित किया गया है।   बीसीएलएल के अनुसार, वर्तमान में रोजाना करीब 10 से 15 हजार यात्री ई-बसों का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर में आगे कुल 100 ई-बसों के संचालन की योजना है। बसों में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए हाइड्रोलिक लिफ्ट और व्हीलचेयर के लिए निर्धारित स्थान की व्यवस्था की गई है। साथ ही सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। नई बसों के शामिल होने से खासतौर पर व्यस्त समय में यात्रियों को कम इंतजार करना पड़ेगा और सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। ई-बसों के बढ़ते नेटवर्क से भोपाल में सस्ती, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ आने वाले समय में शहर के अलग-अलग इलाकों की कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 25 August 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक का एक और मामला सामने आया है। B.Sc. फर्स्ट ईयर के फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब पांच घंटे पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 19 अगस्त को सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का पेपर तड़के करीब 4 से 5 बजे छात्रों तक पहुंचा। परीक्षा के बाद वायरल प्रश्नपत्र का मूल पेपर से मिलान किया गया तो दोनों में सवाल हूबहू एक जैसे पाए गए। मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।   शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की। समिति ने प्रश्नपत्र भेजने और वापस मिलने वाले लिफाफों की जांच की, जिसमें छेड़छाड़ के निशान मिलने की बात सामने आई है। विश्वविद्यालय ने मामले की पुलिस जांच के लिए संबंधित थाना प्रभारी को पत्र भी भेजा है। अब जेनेटिक्स की परीक्षा निरस्त होगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला लिया जाना है। अगर परीक्षा रद्द होती है तो नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।   IGKV में करीब 20 दिनों के भीतर पेपर लीक की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। इससे पहले एंटोमोलॉजी और प्लांट पैथोलॉजी के प्रश्नपत्र भी लीक हो चुके हैं और दोनों परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं। एंटोमोलॉजी मामले में पुलिस ने एक प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है। अब परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से केवल 30 मिनट पहले पहुंचाने, CCTV निगरानी बढ़ाने और लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 27 August 2026

छतीसगढ़ की खबरें

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली के खिलाफ अब छात्र भी खुलकर आवाज उठा रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने में रायगढ़, महासमुंद, बालोद, धमतरी और कोंडागांव समेत कई जिलों में विद्यार्थियों ने तालाबंदी, घेराव और मार्च कर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। कहीं जर्जर स्कूल भवन के कारण पंचायत भवन में पढ़ाई हो रही है, तो कहीं शिक्षकों की कमी से विषयवार कक्षाएं प्रभावित हैं। प्रदेश में 1800 से ज्यादा सरकारी स्कूल ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है। शिक्षकों की कमी के साथ स्कूलों में शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं की स्थिति भी चिंता का विषय है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 5500 से अधिक स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है, जबकि करीब 7260 स्कूलों में छात्रों के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के कारण नई पीढ़ी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हुई है। छात्रों का विरोध केवल अनुशासन का मुद्दा मानने के बजाय उनकी समस्याओं को सुनकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 17 August 2026

Video
Advertisement
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.