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चक्रवात अर्नब तट से टकराया, आंध्र-ओडिशा में तेज बारिश और हवाओं का दौर .   प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से वड़नगर जा रहे सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से करेंगे वर्चुअली संवाद.   एशियन गेम्स में मीराबाई का जलवा, भारत को मिला वेटलिफ्टिंग का सिल्वर .   सुप्रीम कोर्ट में भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर हुई सुनवाई.   एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला गोल्ड, महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास.   राहुल गांधी के मंच पर PM मोदी की मिमिक्री, बयानों से बढ़ा सियासी विवाद.   12,000 करोड़ की योजना में भ्रष्टाचार, लोकल सेंसर उपकरण लगे.   मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा कार्यक्रम में मंत्रियों के नाम भूले, नाराज हुए मंत्री.   हवाई फायर कर आतंक मचाने वाले बदमाशों का पुलिस ने निकाला जुलूस.   कल शुरू होगी परिवहन बस सेवा, ऐतिहासिक दिन - मुख्यमंत्री .   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनि निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की राजस्व प्राप्ति की समीक्षा.   मुख्यमंत्री क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में हुए शामिल.   छत्तीसगढ़ BJP को मिला नया प्रभारी, स्मृति ईरानी संभालेंगी संगठन की कमान .   सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग और GIS तकनीक से होगा धान के रकबे का वैज्ञानिक आकलन.   नगर निगम बीरगांव में हुआ 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन.   बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर, छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन बढ़ेगी बारिश .   खराब परिणामों के बाद प्राचार्यों पर लगातार प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव, अंग्रेजी पर रार.  

देश की खबरें

  बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब देर रात करीब 11 बजे से 1 बजे के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट से टकराया। इसके बाद दोनों राज्यों के कई इलाकों में तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी है। ओडिशा में एहतियात के तौर पर करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दक्षिणी जिलों में भारी बारिश के कारण चार से ज्यादा पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त होकर बह गईं। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के कलिंगपट्टनम में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जहां हवा की रफ्तार करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची। विजयवाड़ा में भी लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई स्कूलों में लगातार दूसरे दिन छुट्टी रखी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात पिछले छह घंटे में करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसका असर पश्चिम बंगाल तक भी देखने को मिल सकता है, जहां कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। चक्रवात गर्म समुद्री पानी के ऊपर बनने वाला शक्तिशाली तूफानी सिस्टम है। समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने पर गर्म और नमी वाली हवा ऊपर उठती है, जिससे सतह के पास कम दबाव का क्षेत्र बनता है। आसपास की हवा इस क्षेत्र की ओर बढ़ती है और गर्म होकर ऊपर उठने लगती है। इस प्रक्रिया से बादल और तेज हवाओं वाला सिस्टम विकसित होता है। धरती के घूमने के कारण यह सिस्टम गोलाकार दिशा में घूमने लगता है और इसके केंद्र में अपेक्षाकृत शांत क्षेत्र बन सकता है, जिसे ‘आई’ कहा जाता है। गर्म समुद्री पानी की जरूरत के कारण ऐसे ट्रॉपिकल साइक्लोन मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय समुद्री क्षेत्रों में विकसित होते हैं।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 September 2026

देश की खबरें

  भोपाल।  सीलिंग की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने सीलिंग की कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर व्यक्त की।  कोर्ट ने 5 बिंदुओं के निर्देश जारी किए हैं। SC ने कहा जो रहवासी इलाके है वहां किसी भी प्रकार की कमर्शियल गतिविधियों नहीं हो। नगर निगम की सीलिंग या डिमोलिशन की कारवाही जारी रहना चाहिए।  रहवासी इलाकों में कारवाही नहीं रुके।  MP सरकार की कमिटी के कारण कंटेंप्ट वाले मामले में कोर्ट के \"एमिकस क्युरी\" AK Sinha ने जांच की थी।  सिन्हा ने SC को बताया कि कमिटी गठित कर सरकार ने *कंटेंप्ट किया है। जिसके बाद MP सरकार के वकील KN Natrajan ने बताया कि सरकार से बात हो गई हैं। सरकार ने आश्वासन दिया कि अब कोई कमिटी नहीं बनेगी, न ही सेलिंग की कारवाही बाधित की जाएगी। SC ने सरकार के आश्वासन को स्वीकार किया है। इसके बाद एमिकस क्युरी AK Sinha ने SC को बताया कि आज सुबह सुनवाई से पहले भोपाल के लगभग 10 रहवासियों की शिकायतें आई है। सुबह सीलिंग की कार्रवाई और शाम को प्रतिष्ठानों के खुलने पर  नाराजगी गई। SC ने भोपाल से मिली शिकायतों पर कोर्ट ने नोट किया कि कई जगह  (Full compliance) \"पूर्णतः पालन\" नहीं हो रहा है । विशेष रूप से भोपाल में इसका पालन नहीं हुआ। SC ने कहा सीलिंग की कार्रवाई का सख्ती से पालन करने के निर्देश हैं तो पूर्णतः पालन हो। वकील नटराजन ने कोर्ट को बताया कि भोपाल में 1995 से अभी तक कोई मास्टर प्लान नहीं आया (2005 में एक्सपायर हुआ था) नटराजन ने SC से निवेदन किया कि नया मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सरकार के पास है । अब उसे लागू करना है। सुप्रीम कोर्ट से मास्टर प्लान को लेकर  हरी झंडी मिली है।   

Madhya Bharat Madhya Bharat 22 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर अमृत योजना को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि घर-घर साफ पानी का दावा, लेकिन पाइपलाइन में ही 12,000 करोड़ का भ्रष्टाचार!अमृत 2.0 के तहत MP में 622 जलप्रदाय प्रोजेक्ट मंजूर हैं। लेकिन SCADA सिस्टम में अप्रूव्ड ब्रांड की जगह सस्ते लोकल सेंसर-उपकरण पर दूसरे ब्रांड के स्टीकर चिपका कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।यानी जनता के लिए पानी भी समझौते वाला और सरकारी खजाने के साथ खेल भी!भाजपा सरकार जवाब दे, आखिर अप्रूव्ड ब्रांड के नाम पर घटिया उपकरण किसके संरक्षण में लगे? कंसल्टेंट और इंजीनियरों ने इन्हें पास कैसे किया? और सरकारी पैसे की इस कथित बंदरबांट की जिम्मेदारी कौन लेगा?मोहन यादव जी, इस पूरे भ्रष्टाचार के मामले की उच्चस्तरीय जाँच करवाइए, क्योंकि पानी जनता का अधिकार है, भ्रष्टाचार का ठेका नहीं!

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मध्यप्रदेश के लिए कल का दिन ऐतिहासिक रहने वाला है। मप्र सरकार 21 साल बाद पुनः लोक परिवहन बस सेवा शुरू करने जा रही है।यह एक आधुनिक और यूनिक मॉडल होगा, जिसमें ई-बसों सहित विभिन्न प्रकार की बस सेवाओं को चरणबद्ध रूप से हर नगर और हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टॉप, बस स्टैंड और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के साथ बेहतर कंट्रोलिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा सिटी बसों से लेकर राज्य के भीतर और दूसरे राज्यों के लिए लग्जरी बस सेवाएं भी शुरू होंगी। इससे प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और महानगरों तक आवागमन सुगम होगा। मध्यप्रदेश में मेट्रो सेवा की शुरुआत के बाद सड़क परिवहन के क्षेत्र में लोक परिवहन बस सेवा का पुनः शुभारंभ एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार ने बिजली, पानी, सड़क और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है, अब सुगम यातायात की सुविधा को भी विस्तार दिया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी हमारे साथ उपस्थित रहेंगे। यह निर्णय प्रदेश की जनता के लिए सुविधा, कनेक्टिविटी और बेहतर आवागमन देगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार का सपना होता है। समाज के हर वर्ग की आकांक्षा होती है कि उसके पास सुरक्षित और सुविधाजनक आवास हो। पिछले पौने तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर ने तेजी से प्रगति की है। आने वाले वर्षों में प्रदेश में बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और नए शहरी केंद्रों के विकास के साथ इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दें। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ तैयार किया है। राज्य ने अपनी अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की अपार क्षमता है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां प्रचुर खनिज संपदा, पर्याप्त बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। देश के प्रमुख क्षेत्रों से प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है और यहां के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सरलता, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को निकट से देखा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत आधुनिक अधोसंरचना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है। *हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार* देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार किया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है और पक्के आवास तेजी से ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहे हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

, रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने आज रायपुर जिले के नगर निगम बीरगांव में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित किया।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ ही क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए लगभग 110 करोड़ रुपये के नवीन विकास कार्यों की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी के अनुरूप यहां सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सीवरेज, खेल सुविधाओं और अन्य नागरिक अधोसंरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी जा चुकी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित और भूमिपूजन किए गए विकास कार्यों में नगर निगम से संबंधित 94 करोड़ रुपये से अधिक तथा लोक निर्माण विभाग के 38 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही नगरोत्थान योजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। इन कार्यों के पूरा होने से बीरगांव और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, खेल अधोसंरचना सहित अनेक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। *स्टेट कैपिटल रीजन से बीरगांव के विकास को मिलेगी नई दिशा* मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसमें बीरगांव भी शामिल है। स्टेट कैपिटल रीजन के माध्यम से पूरे क्षेत्र के सुनियोजित, समन्वित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसका लाभ आने वाले वर्षों में बीरगांव को भी मिलेगा और यहां आधुनिक शहरी अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क और भवन बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाना भी है। इसी सोच के साथ सरकार सुशासन और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में लगातार सुधार कर रही है। तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण भी किया जाएगा। प्रदेश में 10 मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से भूमि संबंधी सेवाओं को सरल बनाया गया है। मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण से बीरगांव और आसपास के नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित सेवाएं अधिक सुविधाजनक ढंग से उपलब्ध होंगी। *बीरगांव में एसटीपी के लिए 82 करोड़ रुपये की बड़ी घोषणा* मुख्यमंत्री साय ने बीरगांव के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इससे क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये, अधोसंरचना मद से सड़क एवं नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा सरोरा में खेल मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से युक्त नालंदा परिसर के निर्माण के लिए भी 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने व्यास तालाब तिराहा से बीरगांव नाला तक स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए एक करोड़ रुपये तथा बुधवारी बाजार बीरगांव से नगर निगम कार्यालय तक स्ट्रीट लाइट के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रावांभाठा में विद्युतीकरण एवं मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये, सर्व मांगलिक भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए 89 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 September 2026

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