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सुप्रीम कोर्ट का UPI पर रोक लगाने से इंकार.   नागालैंड में जहरीली शराब से 19 की मौत, तस्कर गिरफ्तार.   बिना बायोमेट्रिक नहीं मिलेगी गैस की सब्सिडी, बंद हो सकती है सब्सिडी.   विपक्ष का ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का करेगा तीसरा प्रयास.   बिरसिंहपुर सोलर-बैटरी स्टोरेज परियोजना पर निवेशक संवाद.   वेयरहाउस से सब्सिडी जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने वाले तीन अधिकारी सस्पेंड.   भोपाल में कांग्रेस ने किया निर्वाचन आयोग का घेराव, पुलिस ने वाटर कैनन चलाया.   महाकौशल क्षेत्र के उद्योग, व्यापार को देंगे बढ़ावा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव.   बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअली शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव.   यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हुए चार और नए ऐतिहासिक स्थल.   इलाज, दवाओं की उपलब्धता और स्वच्छता में न हो लापरवाही - उप मुख्यमंत्री शुक्ल.   नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन 3 अक्टूबर होगा.   मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों का जाना हाल.   एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मिलेंगे 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि.   PWD ने सड़क एवं सेतु निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश.   नारायणपुर में माड़ीन नदी के बीच पेड़ पर फंसे ग्रामीण का सफल रेस्क्यू.   आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र में पहले दिन 97 हजार से अधिक लोग हुए शामिल.   आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान.  

देश की खबरें

  दिल्ली। UPI चार्ज पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने UPI पर रोक लगाने से  इनकार कर दिया है।  SC ने कहा मामला कानूनी से ज्यादा तकनीकी है। आपको बता दें केंद्र सरकार ने अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि UPI गेटवे का उपयोग करने वाले लगभग 96% मर्चेंट (व्यापारी) इस नए शुल्क के दायरे से बाहर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने  केंद्र सरकार के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से  इनकार कर दिया है, जिसके तहत 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ विशिष्ट 'पर्सन-टू-मर्चेंट' यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया जाना है।  शीर्ष अदालत ने इस व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका को विचारार्थ स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब  दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में  सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह विषय विशुद्ध कानूनी होने के बजाय मुख्य रूप से तकनीकी और नीतिगत स्वरूप का है।  केंद्र सरकार ने अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि यूपीआई गेटवे का उपयोग करने वाले लगभग 96% मर्चेंट (व्यापारी) इस नए शुल्क के दायरे से बाहर और पूरी तरह से मुक्त हैं। केंद्र सरकार द्वारा घोषित नए वित्तीय ढांचे के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक मूल्य के 'पर्सन-टू-मर्चेंट' यूपीआई भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लागू किया जाएगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 29 September 2026

देश की खबरें

दिल्ली। विपक्षी दल मिलकर  मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में नया नोटिस देने की तैयारी में हैं। हाल ही में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाये हैं। अगर विपक्षी यह प्रयास करते हैं तो ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का यह विपक्ष का तीसरा प्रयास होगा।पहले प्रयास में  प्रस्तुत नोटिस खारिज कर दिया गया था।बताया जा रहा है कि विपक्ष नोटिस का मसौदा तैयार कर रहा।  कुमार को हटाने की मांग को लेकर 24 अप्रैल को  दिया गया नोटिस राज्यसभा में लंबित है। राष्ट्रीय रोलआउट पूर्ण आयोग की देखरेख में था। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी आपत्तियों में वैधानिक मतदाता पंजीकरण फॉर्म 6 में संशोधन के तरीके, मतदाता सूचियों में जोड़ने, हटाने की प्रक्रिया और मतदाता सूची डेटाबेस पर केंद्रीकृत नियंत्रण शामिल था। एसआईआर प्रक्रिया पर अपने दो आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर आलोचना झेल रहा। 

Madhya Bharat Madhya Bharat 25 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। निर्वाचन आयोग का घेराव करने निकले कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेटिंग कर रोक लिया। इसके साथ ही वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। सोमवार को भोपाल में  मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर  कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा* लोकतंत्र की नींव जनता के वोट और उसके भरोसे पर टिकी है। चुनाव में जीत-हार होती रहती है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास बना रहना सबसे जरूरी है। कांग्रेस ने 2014 और 2019 के जनादेश को स्वीकार किया, लेकिन 2024 के चुनाव को लेकर राहुल गांधी ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए हैं। इन सवालों का जवाब तथ्यों और पारदर्शिता के साथ मिलना चाहिए। मैंने अपने बूथ का उदाहरण भी दिया है, जहां भाजपा का कोई कार्यकर्ता नजर नहीं आ रहा था, फिर भी भाजपा को करीब 300 वोट मिले। यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है, लेकिन ऐसे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। आज देश में महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानी और युवाओं में नशे जैसे गंभीर मुद्दे हैं। सरकार को इन सवालों पर जवाब देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार  ने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की सत्ता की नहीं, बल्कि आम आदमी के वोट, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है। अगर किसी के वोट पर सवाल उठता है तो कांग्रेस जनता के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार मांग रहा है, किसान समर्थन मूल्य मांग रहा है, महिलाएं सुरक्षा चाहती हैं और दलित-आदिवासी जल-जंगल-जमीन के अधिकार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटका रही है। परीक्षाओं और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सिंघार ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, ईवीएम और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें गांव के उस आम व्यक्ति के लिए लड़ना है जो लोकतंत्र से उम्मीद लगाए बैठा है। संविधान, लोकतंत्र और डॉ. आंबेडकर के सपनों की रक्षा के लिए जनता की आवाज को बूथ तक पहुंचाना होगा। इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी  हरीश चौधरी, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी , नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री  दिग्विजय सिंह , राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। इस दौरान प्रदेश प्रभारी  हरीश चौधरी ने कहा* यह कांग्रेस की लड़ाई नहीं है, यह लड़ाई देश, मध्य प्रदेश और संविधान को बचाने की लड़ाई है। चुनाव आयोग की नियुक्ति और उसकी जवाबदेही से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्थाओं में बदलाव को लेकर गंभीर सवाल हैं। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और आंकड़ों को लेकर देश के सामने सवाल रखे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टिंग ने भी चुनाव आयोग के भीतर चल रही बातों को सामने लाया है। ऐसे मामलों में देश की जनता को पूरी सच्चाई और पारदर्शिता के साथ जानकारी मिलनी चाहिए। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल हैं। ERO की कानूनी भूमिका और SIR की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब संविधान और कानून के आधार पर दिया जाना चाहिए। आज जरूरत है कि देश व्यक्ति या सत्ता के आधार पर नहीं, बल्कि संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं के आधार पर चले।

Madhya Bharat Madhya Bharat 28 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मध्यप्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश की गौरवशाली विरासत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भारत की कुल 78 अस्थायी धरोहरों में से 19 मध्यप्रदेश में होना प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत में समृद्धि को दर्शाता है। यूनेस्को की सूची में धरोहरों का शामिल होना मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता:  डॉ. इलैयाराजा टी.सचिव पर्यटन और पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में हमारे चार और ऐतिहासिक स्थलों का शामिल होना मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का एक बड़ा प्रमाण है। इस गौरवशाली मान्यता से अंतर्राष्ट्रीय पटल पर मध्यप्रदेश के पर्यटन को एक नई ऊँचाई मिलेगी, जिससे दुनिया भर के सैलानी हमारी अनूठी संस्कृति और इतिहास से गहराई से परिचित हो सकेंगे।\" धार जिले में स्थित, बाग गुफाओं के भित्ति चित्र के यह स्थल विंध्याचल की पहाड़ियों के पास बाघ नदी के किनारे है। बाग गुफाएँ मध्य प्रदेश में नौ बौद्ध पाषाण-कृत (रॉक-कट) गुफाओं का एक उल्लेखनीय समूह हैं, जो मुख्य रूप से चौथी से छठी शताब्दी ईस्वी की हैं। इनका सबसे बड़ा महत्व इनमें बचे हुए भित्ति चित्रों (मुरल्स) में है, विशेषकर गुफा संख्या 4 (रंग महल) में, जो शाही दरबारों, जुलूसों, संगीतकारों, नर्तकों और समकालीन सामाजिक जीवन के दृश्यों को दर्शाती हैं। यह चित्र अजंता के साथ तकनीकी जुड़ाव रखते हुए बौद्ध भित्ति चित्र परंपरा की एक विशिष्ट क्षेत्रीय अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करते हैं, साथ ही अपनी अनूठी कलात्मक शैली को बनाए रखते हुए गुप्त काल के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन की मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में (भोपाल के पास रातापानी वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी के वनों के भीतर पहाड़ी पर) स्थित है। रातापानी के परिदृश्य के भीतर स्थित गिनौरगढ़ का किला, एक स्वदेशी गोंड किलेबंद राजधानी का महत्वपूर्ण उदाहरण है। गोंड साम्राज्य के एक प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित यह किला, मजबूत प्राकृतिक सुरक्षा को किलेबंदी की व्यापक प्रणाली, शाही संरचनाओं, जलाशयों, 65 सीढ़ीदार कुओं (बावड़ियों) और चार झीलों के साथ जोड़ता है। इसकी त्रि-स्तरीय स्थानिक व्यवस्था और आसपास के वनीकृती पहाड़ी परिदृश्य के साथ एकीकरण इसे गोंड राजनीतिक संगठन, सैन्य योजना, वास्तुकला और स्वदेशी जल-प्रबंधन प्रणालियों को समझने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। बटेश्वर-पदावली-ककरामठ मंदिर समूह : मुरैनामध्यप्रदेश के चंबल क्षेत्र के मुरैना जिले में बटेश्वर-पदावली-ककरामठ मंदिर समूह पड़वली और बटेश्वर क्षेत्रो में स्थित है। बटेश्वर, पदावली और ककरामठ मंदिर समूह मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र में प्रारंभिक मध्यकालीन नागर मंदिर वास्तुकला के क्षेत्रीय विकास का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्य रूप से आठवीं से ग्यारहवीं शताब्दी के इन मंदिरों का यह समूह एक प्रगतिशील वास्तुशिल्प विकास को दर्शाता है। बटेश्वर में 200 से अधिक मंदिरों के बड़े क्लस्टर से लेकर, पदावली के समृद्ध नक्काशीदार वास्तुशिल्प तत्वों और ककरामठ के स्मारकीय स्वरूप तक। ये सभी स्थल मिलकर केंद्रीय भारत में क्षेत्रीय शिल्प कौशल, राजवंशों के संरक्षण, सूखी चिनाई (ड्राय-स्टोन मैसनरी) की तकनीकों और मंदिर रूपों व मूर्तिकला के विकास को दर्शाते हैं।मध्यप्रदेश के विदिशा शहर के पास बेतवा और धसन नदियों के बीच उदयगिरि गुफाएँ स्थित हैं। उदयगिरि गुफाएँ गुप्त काल की धार्मिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति से जुड़ी सबसे शुरुआती प्रमुख जीवित पवित्र भू-आकृतियों (सेक्रेड लैंडस्केप) में से एक हैं। यहाँ की 20 खुदी हुई गुफाएँ पाषाण-कृत मंदिरों, स्मारकीय मूर्तियों, शिलालेखों, आवागमन के मार्गों और प्राकृतिक स्थलाकृति को आपस में जोड़ती हैं, जिसमें प्रसिद्ध वराह राहत (प्रतिमा) वैष्णव धर्मशास्त्र, राजत्व और ब्रह्मांडीय व्यवस्था की एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है। यहाँ हिंदू, जैन और अन्य धार्मिक तत्वों की उपस्थिति, साथ ही गुप्त साम्राज्य का संरक्षण, उदयगिरि को हिंदू पवित्र वास्तुकला के शुरुआती चरण और अधिक विकसित मंदिर परंपराओं की ओर संक्रमण को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण बनाती है  यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में पहले ही शामिल हैं 15 स्थलयूनेस्को की टेंटेटिव सूची में पहले से शामिल 15 प्रमुख स्थलों में साल 2025 के नवीनतम क्रमिक नामांकनों के तहत मौर्य मार्गों के साथ अशोक अभिलेख स्थल, चौसठ योगिनी मंदिर, उत्तर भारत के गुप्तकालीन मंदिर और बुंदेलों के महल-किलों का समूह शामिल हैं। इससे पहले साल 2024 में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के शैल कला स्थल, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, रामनगर (मंडला) के गोंड स्मारक और धामनार के ऐतिहासिक समूह को जोड़ा गया था। वहीं पूर्व के वर्षों में साल 2021 में नर्मदा घाटी का भेड़ाघाट-लामेताघाट व सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, साल 2019 में ओरछा का ऐतिहासिक समूह, साल 2014 में भारत के प्रतिष्ठित साड़ी बुनाई समूह तथा साल 1998 में मांडू के स्मारकों के समूह को इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान प्राप्त हुआ था। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड का सफल प्रयासमध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर कार्यक्रम के तहत विचार के लिए कई महत्वपूर्ण विरासत संपत्तियों का प्रस्ताव रखा। जिसके तहत भारत के विश्व धरोहर मामलों के लिए नोडल एजेंसी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश की चार धरोहरों में बाग गुफाओं के भित्ति चित्र, गिनौरगढ़ का किला, चंबल घाटी के मंदिरों का समूह (बटेश्वर, पदावली और ककरामठ), और उदयगिरि की गुफाओं को भारत की यूनेस्को टेंटेटिव (अस्थायी) सूची में शामिल किया गया है।यूनेस्को की टेंटेटिव सूची उन संपत्तियों की राष्ट्रीय सूची है जिन्हें भविष्य में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने की संभावना के रूप में देखा जाता है और यह नामांकन प्रक्रिया का एक आवश्यक प्रारंभिक चरण है। मध्यप्रदेश की 6 अमूर्त धरोहर है समृद्ध संस्कृति की पहचान मूर्त ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ मध्यप्रदेश की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर भी अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। प्रदेश की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक 'नर्मदा परिक्रमा' जहाँ जन-आस्था और सांस्कृतिक निरंतरता को दर्शाती है, वहीं जनजातीय अंचल का प्रसिद्ध 'भगोरिया नृत्य' लोकजीवन के उल्लास और सामाजिक समरसता की सजीव अभिव्यक्ति है। प्रकृति और लोकगाथाओं को कैनवास पर जीवंत करने वाली 'गोंड चित्रकला' ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट पहचान बनाई है, तो उस्ताद अलाउद्दीन खां की सुदीर्घ परंपरा से उपजा 'मैहर बैंड' भारतीय शास्त्रीय वाद्य-संगीत के दुर्लभ समन्वय का प्रतिनिधित्व करता है। इसके साथ ही अगरिया समुदाय की पारंपरिक 'लौह गलाने की तकनीक' भारत के समृद्ध देशज ज्ञान और प्राचीन धातुकर्म कौशल को रेखांकित करती है, जबकि दाल-पानिये जैसे 'निमाड़ के विशिष्ट व्यंजन' यहाँ की समृद्ध खानपान संस्कृति व लोक-स्वाद को प्रदर्शित करते हैं। ये समस्त अमूर्त परंपराएं मध्यप्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक चेतना का गौरवशाली आधार हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 28 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  सुकमा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका हाल जाना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाढ़ से प्रभावित शबरीनगर, श्रीनगर, लाइनपारा सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताएं जानीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। बाढ़ से जिन परिवारों के मकान, घरेलू सामान अथवा अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के साथ राहत और पुनर्वास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने शबरीनगर में स्थापित राहत एवं स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें स्वयं भोजन परोसकर आत्मीयता के साथ उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित परिवार के घर भी पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों और हुए नुकसान की जानकारी ली तथा उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की कठिनाइयों को समझते हुए सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि 23 एवं 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि से सुकमा जिले के अनेक क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन एवं गर्म वस्त्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और आवश्यक स्वच्छता संबंधी उपाय भी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कोंटा क्षेत्र में भी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण सबरी नदी में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों के साथ कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में पानी भर गया था। कोंटा क्षेत्र में प्रभावितों के 19 राहत केंद्रों में ठहरने, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों को देखा और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से मकानों, घरेलू सामान तथा अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का प्राथमिकता से आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पात्र प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र प्रदान की जाए। करीब 300 परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता मुख्यमंत्री  साय ने बाढ़ के कारण घरों में रखे सामान को नुकसान पहुंचने से प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे करीब 300 प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में हर संभव सहयोग दिया जाए। क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पूरी हो। कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के बाद अब पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। जिन परिवारों ने इस आपदा में नुकसान सहा है, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए शासन की सहायता समय पर उन तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 28 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

नारायणपुर। नारायणपुर जिले में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। इस बीच, माड़ीन नदी के अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण ग्राम तारागांव में बाढ़ के पानी के बीच फंसे 55 वर्षीय ग्रामीण को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बाहर निकाल लिया।       वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश तथा कलेक्टर के मार्गदर्शन में चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाव दल ने अदम्य साहस का परिचय दिया। *बैल खोलने गए थे खेत, पेड़ ने बचाई जान*       प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तारागांव निवासी गोपी राम पटेल (55 वर्ष) नदी किनारे स्थित अपने खेत में बंधे बैल को खोलने गए थे। उसी दौरान नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से तेजी से बढ़ गया, जिससे वे चारों तरफ से पानी से घिर गए। जान बचाने के लिए वे पास ही स्थित एक आम के पेड़ पर चढ़ गए और घंटों उसी के सहारे फंसे रहे।सूचना मिलते ही एसडीओपी छोटेडोंगर, जिला सेनानी (नगर सेना) के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी धौड़ाई के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद टीम ने सूझबूझ से गोपी राम को सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद उन्हें तुरंत धौड़ाई स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य की जांच की और भोजन उपलब्ध कराया। *कलमानार में 09 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर कराया गया शिफ्ट*        जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कलमानार में भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। सम्भावित आपदा को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नदी किनारे बसे 09 परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और उनके रिश्तेदारों के यहाँ शिफ्ट करा दिया है। प्रशासन की टीमों द्वारा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और बुनियादी जरूरतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। *आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी*       भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को उफनते नदी-नालों, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 September 2026

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