PM मोदी ने किया भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन का उद्घाटन, बोले- ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में*
*नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026।* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 का उद्घाटन किया। 140 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, उद्योगपति, निवेशक और स्टार्टअप इस चार दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। यह सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की 9वीं असेंबली और चौथे हरित हाइड्रोजन सम्मेलन के साथ आयोजित हो रहा है। *PM के संबोधन की बड़ी बातें -* *1. संकट में भी भारत की ग्रोथ मजबूत:* PM ने कहा कि कोरोना से लेकर पश्चिम एशिया संकट तक, 140 करोड़ भारतीयों को गर्व है कि भारत ने हर वैश्विक संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया और विकास दर मजबूत बनी रही। अगर पिछले 10 साल में स्वच्छ ऊर्जा में निवेश नहीं किया होता, तो हमारा संकट दुनिया से कहीं ज्यादा गंभीर होता। *2. ऊर्जा सुरक्षा = स्वच्छ ऊर्जा:* PM ने कहा कि जीवाश्म ईंधन के भंडार सीमित हैं और कुछ ही क्षेत्रों में केंद्रित हैं, इसलिए दुनिया की अर्थव्यवस्था बार-बार प्रभावित होती है। ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में ही निहित है। *3. 500 गीगावाट का लक्ष्य हासिल करेंगे:* भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा का लक्ष्य रखा था। पेरिस समझौते के तहत 50% क्षमता का लक्ष्य 2025 में ही 5 साल पहले पूरा कर लिया। अब देश 300 गीगावाट के करीब पहुंच चुका है और टॉप-3 देशों में है। अगले 10-11 साल में 500 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का नया लक्ष्य है। PM बोले- \"यह कठिन जरूर है, लेकिन मुझे भरोसा है, हम इसे हासिल करके रहेंगे।\" *4. पीएम सूर्य घर योजना से 76% बिल कम:* फरवरी 2024 में शुरू हुई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 25 महीनों में 65 लाख से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर लगे हैं। हर 6 दिन में 1 लाख घर जुड़ रहे हैं। इससे बिलों में 76% कमी आई है, लाखों परिवारों का बिल जीरो हो गया और वे अतिरिक्त बिजली बेचकर कमा भी रहे हैं। *5. किसानों और सरकारी इमारतों में सोलर:* 44 हजार से ज्यादा सरकारी इमारतों को सोलर से जोड़ने से सालाना 700 करोड़ की बचत हो रही है। कुसुम योजना से 30 लाख से ज्यादा किसानों को सोलर सिंचाई मिली, हर किसान को सालाना करीब 1 लाख की बचत। जलाशयों पर सोलर लगाने वाली पीएम सूर्य सरोवर योजना से जमीन की लागत भी बच रही है। *6. ग्रीन हाइड्रोजन और कॉरिडोर:* देश इस दशक के अंत तक 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के मिशन पर है। कुछ महीने पहले ही पहली ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की गई है। बिजली के वितरण के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और 'एक राष्ट्र, एक पावर ग्रिड' बनाया जा रहा है। इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। *7. मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर भारत:* 10 साल पहले सोलर मॉड्यूल क्षमता 2 गीगावाट थी, जो अब 200 गीगावाट से ज्यादा हो गई है। 40 गीगावाट की सोलर सेल क्षमता भी विकसित हुई है। यह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की सफलता है। *8. स्टार्टअप्स को चुनौती:* PM ने स्टार्टअप्स, IIT और उद्यमियों से अपील की कि ऐसे मॉडल बनाएं जिससे परिवार की अधिकतम ऊर्जा जरूरत सोलर से पूरी हो। रूफटॉप सोलर कुकिंग, घर पर ही ई-वाहनों की सोलर चार्जिंग, डेयरी के लिए सोलर उपकरण विकसित करें। इससे मिडिल क्लास हर साल हजारों रुपये बचा सकेगा। *9. निवेश का बड़ा मौका:* पिछले 10 साल में रिन्यूएबल सेक्टर में 15 लाख करोड़ (164 अरब डॉलर) से ज्यादा निवेश हुआ, जिसमें से 6 लाख करोड़ तो पिछले 2 साल में आया। इस दशक के अंत तक 20 लाख करोड़ (220 अरब डॉलर) से ज्यादा के निवेश के अवसर हैं। PM ने अंत में कहा कि भारत 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' के मंत्र के साथ काम कर रहा है और अफ्रीका के लिए 200 मिलियन डॉलर की अफ्रीका सोलर फैसिलिटी का प्रस्ताव रखा गया है।

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