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मणिपुर में 3.5 तीव्रता का भूकंप.   दार्जिलिंग में लिकुवीर के पास एनएच-10 बंद.   जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद के सफाये के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी सरकार: केन्द्रीय गृह मंत्री शाह .   बाबा के जयकारों से गूंज उठा कैंची धाम.   नार्काे-आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़.   गाजियाबाद के लोनी स्थित पॉलिथीन बनाने की फैक्टरी में भीषण आग.   पिता परिवार की नींव, हमारी बुनियाद हैं .   जल गंगा संवर्धन अभियान को मिला अपार जनसहयोग : मुख्यमंत्री डॉ यादव.   दाऊदी बोहरा समाज ने मनाया ईद का पर्व, मस्जिदों में हुई विशेष नमाज.   एक साथ कॉम्बिंग पर निकले 15 हजार से अधिक पुलिसकर्मी.   कांग्रेस आउट सोर्स प्रकोष्ट का सरकार के खिलाफ हल्लाबोल आंदोलन.   ऐतिहासिक भोजशाला में 85वें दिन भी जारी रहा एएसआई का सर्वे.   भीम रेजीमेंट के रायपुर संभाग का अध्यक्ष जीवराखन बांधे गिरफ्तार.   कांग्रेस व भाजपा ने सतनामियों को सिर्फ प्रताड़ित किया : अमित जोगी.   संघर्ष के दिनों की यादें साथ लेकर मुख्यमंत्री से मिलने आए जशपुर के अनेर सिंह.   नक्सल मुठभेड़ में घायल जवान ने कहा ठीक होते ही और मारूंगा.   मुख्यमंत्री साय ने तीसरे दिन भी ली विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक.   बलौदाबाजार हिंसा पर जस्टिस गौतम भादुड़ी ने लिया स्वतः संज्ञान.  

देश की खबरें

इंफाल। मणिपुर के कांगपोकपी इलाके में रविवार की दोपहर बाद 3.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किये गये। भूकंप का झटका महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और लोगों में दहशत फैल गई। मणिपुर के कांगपोकपी में रविवार को 13 बजकर 21 मिनट 30 सेकेंड पर भूकंप का झटका महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप के चलते कहीं से किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। भारतीय सिस्मोलॉजी केंद्र के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन में 25 किलोमीटर नीचे और भूकंप का एपीक सेंटर 24.99 उत्तरी अक्षांश तथा 93.96 पूर्वी देशांत्तर पर स्थित था।

Madhya Bharat Madhya Bharat 16 June 2024

देश की खबरें

नैनीताल। कैंची धाम का 60 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह से ही नीब करौरी बाबा के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा । कैंची धाम भक्तों के जयकारों से गूंज उठा है।शनिवार भक्त प्रातः काल से ही बाबा नीब करोरी के दर्शन को लेकर पहुंच रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किये हैं। मंदिर परिसर व आसपास के क्षेत्र में हर गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है। मंदिर परिसर में रील बनाने व फोटोग्राफी प्रतिबंधित की गई है।धाम में सुबह की आरती के बाद बाबा को भोग लगाकर मालपुए के प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। धाम के आसपास वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से बन्द है। पावन कैंची धाम की स्थापना 1964 में की गई थी। कहा जाता है कि बाबा नीब करौरी महाराज 1961 में पहली बार कैंची धाम आए थे। धाम नैनीताल से लगभग 65 किलोमीटर की दूर है। मान्यता है कि कैंचीधाम से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता है। यहां पर मांगी गई हर मुराद बाबा नीब करौरी महाराज पूरी करते हैं। बाबा नीब करौरी महाराज का पावन कैंची धाम चमत्कारों से भरा है। बाबा नीम करौली कैंचीधाम महोत्सव के अवसर पर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत नैनीताल नगर क्षेत्र के भीमताल, भवाली, ज्योलिकोट मार्ग व भुमियाधार मार्ग के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 15 June 2024

मध्यप्रदेश की खबरें

(प्रवीण कक्कड़)   कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता।   कभी धरती तो कभी आसमान है पिता।।   भारत जैसे देश में पिता के लिए कोई एक दिन नहीं होता   सातों दिन भगवान के क्या मंगल क्या पीर...ठीक ऐसा ही पिता के साथ है।  पिता पृथ्वी पर तो साक्षात् भगवान  हैं। इसीलिए हम परमपिता को भी परमेश्वर कहते हैं। लेकिन जो पिता जन्म देता है, बचपन से लेकर जवानी तक हमें काबिल बनाता है। अपनी इच्छाओं को मारकर हमारी जरूरतों को पूरा करता है। दिन-रात अपने परिवार और संतानों के लिए परिश्रम करता है। उस लौकिक पिता का महत्व अलौकिक परमपिता से ज्यादा है। क्योंकि इससे संसार से परिचय हमें पिता ही कराता है। वह केवल हमें संसार में लेकर नहीं आता बल्कि संसार के महासागर में तैरना भी सिखाता है।   पिता घरों की नींव है, पिता हमारी शान।   कड़वा रुखवा नीम का, इसमें सबकी जान।।   फादर्स डे या पिता दिवस पश्चिम की एक परंपरा हो सकती है लेकिन भारत में पिता का अर्थ बहुत गंभीर और महत्वपूर्ण है। भारत में पिता श्रद्धा और समर्पण का पर्याय है। यदि संतान पिता के प्रति श्रद्धा रखी है तो पिता भी संतानों के प्रति समर्पण का भाव रखता है। अपने पुरुषार्थ का अधिकांश हिस्सा अपनी संतानों को समर्पित करता है। एक परिवार को विकसित और पल्लवित करता है और फिर राष्ट्र के निर्माण में बहुमूल्य योगदान देता है। यदि जननी राष्ट्र के निर्माण की पहली सीढ़ी है तो पिता राष्ट्र के निर्माण की नींव है। यदि जननी सहनशीलता की पराकाष्ठा है तो पिता धैर्य का महासागर है। पश्चिम का दर्शन कहता है कि माता प्रथम शिक्षक हैं लेकिन हमारे वांग्मयम में पिता को अंतिम गुरु कहा गया है।   पिता आश की जोत है, संतति का विश्वास।   घर का सूरज है पिता, नाता सबसे खास।।   एक पिता तभी गौरवान्वित होता है जब उसकी संतान उससे चार कदम आगे चले। जब उसकी संतान की उपलब्धियां उससे कहीं ज्यादा हों। जब उसकी संतान की सामाजिक और आर्थिक हैसियत उससे आगे बढ़कर हो। संसार में पिता ही एकमात्र प्राणी है जो उसकी संतान के उत्कर्ष का आनंद लेता है। भाई - भाई की प्रतिष्ठा से जल सकता है। बहनों में ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा का भाव हो सकता है। मित्र, पड़ोसी और शुभचिंतक भी अपने किसी खास का उत्कर्ष कई बार बर्दाश्त नहीं कर पाते लेकिन पिता वह है जो अपने पुत्र के आगे बढ़ते हर कदम पर गौरवान्वित और प्रसन्न होता है। वह अपनी संतान की उपलब्धियों से खुद को ऊंचाइयों पर महसूस करता है।   सब धरती कागज करूँ लिखनी (लेखनी ) सब बनराय।   सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय॥   जैसे गुरु का गुण लिखने के लिए महासागर की स्याही भी कम पड़ती है वैसे ही पिता की महत्ता लिखने के लिए पूरी धरती को कागज बनाकर लिखना भी कम पड़ सकता है। एक संतान की सबसे बड़ी सफलता वही है कि उसके पिता उससे संतुष्ट रहें, सुखी रहें, उसे देखकर सदैव खुश रहें। यदि पिता अपनी संतान को देखकर खुश है, गौरवान्वित है, अभिभूत है तो फिर मानकर चलिए कि संतान ने अपने जीवन की समस्त उपलब्धियों को पा लिया है। दुनिया के अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग परंपरा होती है। हम भारत के लोग सभी अच्छी परंपराओं का अनुसरण करते हैं। पिता के लिए तो सभी 365 दिन है किंतु फिर भी पश्चिम में मनाए जाने वाले पिता दिवस या फादर्स डे के दिन हम अपने आप से यह सवाल तो कर ही सकते हैं कि क्या हमारे पिता हमें देखकर गौरवान्वित महसूस करते हैं। यदि इसका जवाब हां है तो आप एक सफल संतान हैं।   सजग पिता लिखता सदा, बच्चों की तकदीर।   पूत सफल हो तो लगे,पा ली जग की जागीर।।      बॉक्स    19 जून 1910 को पहली बार मनाया गया फादर्स डे   फादर्स डे सर्वप्रथम 19 जून 1910 को वाशिंगटन में मनाया गया। साल 2019 में फादर्स-डे के 109 साल पूरे हो गए। इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है- सोनेरा डोड की। सोनेरा डोड जब नन्ही सी थी, तभी उनकी मां का देहांत हो गया। पिता विलियम स्मार्ट ने सोनेरो के जीवन में मां की कमी नहीं महसूस होने दी और उसे मां का भी प्यार दिया। एक दिन यूं ही सोनेरा के दिल में ख्याल आया कि आखिर एक दिन पिता के नाम क्यों नहीं हो सकता? इस तरह 19 जून 1910 को पहली बार फादर्स डे मनाया गया। 1924 में अमेरिकी राष्ट्रपति कैल्विन कोली ने फादर्स डे पर अपनी सहमति दी। फिर 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जानसन ने जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने की आधिकारिक घोषणा की। 1972 में अमेरिका में फादर्स डे पर स्थायी अवकाश घोषित हुआ। फ़िलहाल पूरे विश्व में जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। भारत में भी धीरे-धीरे इसका प्रचार-प्रसार बढ़ता जा रहा है। इसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों की बढती भूमंडलीकरण की अवधारणा के परिप्रेक्ष्य में भी देखा जा सकता है और पिता के प्रति प्रेम के इज़हार के परिप्रेक्ष्य में भी।

Madhya Bharat Madhya Bharat 16 June 2024

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मप्र पुलिस लगातार अपराधियों की धरपकड़ कर रही है। इसी अनुक्रम में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात प्रदेश भर की पुलिस एक साथ, एक ही समय पर नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन पर निकली। डीजीपी सुधीर सक्सेना के मार्गदर्शन में हुए इस नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन में सभी जिलों में आईजी, डीआईजी, एसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारी तथा भोपाल और इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के सभी अधिकारी/कर्मचारी शामिल रहे।   इस ऑपरेशन में प्रदेश के 15 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिसमें 370 डीएसपी व उच्च स्तर के अधिकारी भी सम्मिलित रहे। डीजीपी स्वयं रात भर सड़कों पर रहे तथा उन्होंने रात एक बजे बीएनपी देवास, ढाई बजे कोतवाली सीहोर और चार बजे कोहेफिजा थाना पहुंचकर नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन का जायजा लिया। साथ ही रात्रि में ही जोनल आईजी से बात कर उनके जिलों में नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन की जानकारी ली।   जनता की सुरक्षा, प्रदेश में शांति एवं कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता बरकरार रखने और अपराधियों में भय उत्पन्न करने के उद्देश्य से यह कॉम्बिंग गश्त की गई। कॉम्बिंग गश्त में फरार अपराधियों की धरपकड़, सभी स्थायी और गिरफ्तारी वारंटों की तामीली और जिला बदर अपराधियों की चैकिंग सुनिश्चित की गई।   रात भर चली गश्त में पकड़ाए अपराधी व वारंटी कॉम्बिंग गश्त के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर अधिक से अधिक पुलिस बल को एकत्रित कर विस्तार से ब्रीफिंग की गई तथा कार्यवाही की जानकारी देकर अलग-अलग टीम बनाकर कॉम्बिंग गश्त के लिए रवाना किया गया। पूरी रात चली इस गश्त के दौरान लगभग आठ हजार अपराधी व वारंटी पकड़े गए। इस प्रदेशव्यापी कॉम्बिंग गश्त के दौरान गिरफ्तारी वारंट के लगभग पांच हजार से अधिक अपराधियों, लगभग 2500 स्थायी वारंटियों, लगभग 75 फरार अपराधियों तथा 1800 से ज्यादा जिलाबदर अपराधियों की चैकिंग की गयी, कुछ जिला बदर के अपराधी जिला बदर की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पाये गये, जिनके विरूद्ध पृथक से कार्यवाही की जा रही है। 125 से अधिक इनामी बदमाशों को किया गिरफ्तार विभिन्न अपराधों में वांछित 125 से अधिक ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर इनाम घोषित था। साथ ही 650 से अधिक अन्य वांछित अपराधियों को कॉम्बिंग अभियान में पकड़ने में सफलता प्राप्त हुई है।   नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन में रखी गई पूर्ण सतर्कता प्रदेशव्यापी नाइट कॉम्बिंग ऑपरेशन में पुलिस को कानूनी प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन करने हेतु निर्देशित किया गया था तथा इस बात का विशेष ध्यान रखने हेतु भी निर्देशित किया गया था कि किसी के भी साथ अभद्रता न हो। महिलाओं एवं बच्चों के साथ व्यवहार में पूरी शालीनता रखने हेतु भी निर्देशित किया गया था। मुख्यमंत्री ने पुलिस को निरंतर निरीक्षण करने के दिए थे निर्देश गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मई 2024 को पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को रात्रि गश्त सहित निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे।

Madhya Bharat Madhya Bharat 16 June 2024

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर।बलौदाबाजार में 10 जून को हुई हिंसा तथा कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगजनी मामले में आगजनी व तोड़फोड़ की घटना के मामले में पुलिस ने शनिवार को भीम रेजीमेंट के रायपुर संभाग के अध्यक्ष जीवराखन बांधे और प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है । गिरफ्तार आरोपितों में अलग-अलग संगठन के 20 प्रमुख भी शामिल हैं।इस हिंसा में मुख्य रूप से भीम आर्मी, भीम रेजिमेंट, भीम क्रांतिवीर, क्रांति सेना, इंडियन सतनामी समाज और सतनाम समाज से संबंधित कई संगठनों के नाम सामने आये हैं। सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की कार्रवाई जारी है।बलौदाबाजार पुलिस के अनुसार उक्त घटना को लेकर पुलिस ने अब तक आठ लोगों के खिलाफ एफआई आर दर्ज की है, वहीं 132 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बलौदाबाजार में व्यापक स्तर पर हुए उपद्रव और तोड़फोड़ को लेकर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निलंबित करदिया है और पूरे घटना की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन भी किया है।साथ ही एस आई टी बनाकर आरोपितों की धरपकड़ रही है।   पुलिस ने बताया है कि प्रारम्भिक जाँच में भीम रेजीमेंट संगठन के पदाधिकारियों की घटना में संलग्न होने की जानकारी मिली है।रेजीमेंट के रायपुर संभाग के अध्यक्ष जीवराखन बांधे को गिरफ्तार कर लिया है।जीवराखन बांधे साथियों के साथ जगदलपुर के रास्ते विशाखापट्नम भागने की तैयारी में था। बलौदाबाजार पुलिस के अनुसार एसआइटी ने जीवराखन के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई, जिसके बाद उसे पकड़ने में मदद मिली। पुलिस ने घटना के वक्त मौजूद वीडियो फुटेज, फोटोग्राफ्स, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित तथ्यों के आधार पर अब तक 132 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में घटना से जुड़े अन्य संगठनों के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की जा सकती है। जीवराखन मंदिर हसौद का रहने वाला बताया जा रहा है। दो दिन पहले वह जगदलपुर गया था। बलौदाबाजार हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक आठ लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है, वहीं 132 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। भीम रेजीमेंट के अलावा, भीम क्रांतिवीर जैसे अन्य संगठनों पर भी एसआइटी की नजर बनी हुई है। घटना के बाद बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने इंटरनेट मीडिया निगरानी समिति का गठन किया है। कलेक्टर दीपक सोनी ने इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि घटना के संबंध में इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ वीडियो, रील्स व बयानबाजी को तत्काल हटाया जाए।पुलिस ने बलौदाबाजार में खुले में पेट्रोल बेचने पर लागू प्रतिबंध को कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 16 June 2024

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। नक्सलियों से मुठभेड़ में घायल एसटीएफ के जवान कैलाश नेताम ने रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कहा कि ठीक होते ही और मारूंगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा नारायणपुर जिले में नक्सली मुठभेड़ में घायल जवानों से मिलने राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने घायल जवानों से उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री साय उनसे जब घटना की जानकारी ले रहे थे तब एसटीएफ के घायल जवान कैलाश नेताम ने बताया कि ठीक होते ही और मारूंगा। यह सुनते ही मुख्यमंत्री गर्व से भर गए। उन्होंने कहा कि मां भारती के इन वीर जवानों से हमें हौसला मिलता है। घायल होकर भी यह जज्बा भारत के बलिदानी वीरों की परंपरा है, जिन्होंने कभी देश को झुकने नहीं दिया। एसटीएफ के एक अन्य घायल जवान लेखराम नेताम के ऑपरेशन थियेटर में होने के कारण मुख्यमंत्री उनसे मुलाकात नहीं कर पाए, लेकिन डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही मुख्यमंत्री ने बीते दिनों बीजापुर में नक्सली हमले में घायल एक अन्य डीआरजी के जवान लच्छु कढ़ती से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।   मुख्यमंत्री ने जवानों की हौसला बढ़ाते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज के लिए निर्देश भी दिए। इस मौके पर विधायक मोतीलाल साहू और पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा मौजूद रहे।

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