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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का राज्यों को संदेश- पराली जलाने की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर उतरें, अब समय बहुत कम.   आयुष मंत्रालय ने चार पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में त्वचा सम्बंधी विकारों के उपचार के लिए दिशानिर्देश जारी किए.   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित किया.   शिवराज ने विपक्ष पर साधा निशाना कहा कांग्रेस परजीवी पार्टी.   CE के इस्तीफे को लेकर सियायत जारी, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन.   मेसर्स जीआरएसई, कोलकाता में अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (यार्ड 3040, श्रेयस) का लॉन्च.   प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में साइबर ठगी के मामलों का खुलासा.   प्रदेश में 537 अमानक बीज नमूने, किसानों की मेहनत और पूंजी पर संकट; राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा हो.   मध्‍यप्रदेश में पर्यटन सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों का तेजी से हो रहा है विस्तार.   लाडली बहना को राशि 14 अक्टूबर को उमरिया के गुरुवाही से सिंगल क्लिक से होगी जारी.   भारत की अर्थव्यवस्था वर्ष 2026 और 2027 में 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान.   मंत्रिमंडल की बैठक में वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प पारित .   किसानों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को गन्ना भेंटकर किया अभिनंदन.   मुख्यमंत्री साय ने की मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा.   दीपावली से पहले शहर को कचरामुक्त करें, सेवाओं में देरी बर्दाश्त नहीं : सोनमणि बोरा.   वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा: अंबिकापुर के संजय पार्क में खुलेगा अत्याधुनिक ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर.   गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय: अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी.   खेल प्रतिभाओं को अवसर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता, खेल विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान.  

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नई दिल्ली। धान कटाई के मौजूदा सीजन में पराली (फसल अवशेष) प्रबंधन को मिशन मोड में अमलीजामा पहनाने के लिए आज कृषि भवन, नई दिल्ली में महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव ने की। इस बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री  भागीरथ चौधरी, दिल्ली-एनसीआर सहित प्रमुख राज्यों- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कृषि मंत्रीगण, केंद्रीय कृषि सचिव  अतीश चंद्रा, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन सचिव  नरेंद्र भूषण सहित केंद्र एवं राज्यों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने दो-टूक कहा कि फसल कटाई और रबी बुवाई के बीच समय बहुत कम बचा है, इसलिए प्रशासनिक अमले को फाइलों से निकलकर सीधे जमीन पर युद्ध स्तर पर काम करना होगा। जिला स्तर पर जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स)  की त्वरित बैठकें आयोजित कर सख्त निगरानी और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए। पराली समस्या नहीं, किसान की आय और मिट्टी की सेहत सुधारने का माध्यम बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धान की कटाई चल रही है और किसान को अगली फसल की बुवाई की जल्दी है। ऐसे में केवल यह कह देना कि पराली मत जलाओ, काफी नहीं होगा। हमें किसान को आसान, सुलभ और सस्ता विकल्प देना होगा। पराली जलाने से न सिर्फ वायु प्रदूषण होता है, बल्कि मिट्टी के मित्र कीट और पोषक तत्व जलकर राख हो जाते हैं। हमें अपनी धरती माता और मिट्टी की सेहत को बचाना है। पराली खेत में मिले तो जैविक खाद बनती है और खेत से बाहर जाए तो बायो-सीएनजी, बायो-इथेनॉल, बिजली और चारे के रूप में किसान की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनती है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पराली की आग रोकना नहीं, बल्कि एक ऐसा सशक्त तंत्र विकसित करना है जिससे किसान को पराली जलाने की आवश्यकता ही न पड़े और पर्यावरण अनुकूल खेती के जरिए कार्बन क्रेडिट जैसी संभावनाओं का लाभ भी अन्नदाताओं को मिले। मध्य प्रदेश और राजस्थान में घटनाओं पर चिंता, युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के विश्लेषण पर बोलते हुए  चौहान ने कहा कि संतोष की बात है कि 15 सितंबर से 12 अक्टूबर की अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 53.3% और उत्तर प्रदेश में लगभग 32% की उल्लेखनीय कमी आई है, साथ ही पंजाब में भी कुछ गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन, मध्य प्रदेश और राजस्थान में पराली जलाने के मामले में हुई वृद्धि को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने इन दोनों राज्यों से कहा कि प्रभावित जिलों और गांवों की पहचान कर तत्काल विशेष कार्ययोजना लागू की जाए। उन्होंने कहा कि चूंकि अभी कटाई का एक बड़ा हिस्सा बाकी है, इसलिए जिन राज्यों में घटनाएं कम हुई हैं, वे भी कतई ढिलाई न बरतें और पूरी सतर्कता रखें।मशीनों का शत-प्रतिशत उपयोग हो, पुरानी मशीनें बंद न पड़ें केंद्रीय मंत्री  चौहान ने मशीनों की कार्यशीलता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अब तक राज्यों को 3.54 लाख से अधिक फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं और चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 26,109 और नई मशीनें दी गई हैं। चौहान ने निर्देश दिए कि नई मशीनें बांटने के साथ-साथ पुरानी बंद पड़ी मशीनों की तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें चालू किया जाए, अन्यथा मशीनों की कमी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर्स (CHCs) को सक्रिय करने पर जोर देते हुए कहा कि छोटे और सीमांत किसानों को सस्ती दरों पर मशीनें मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। केंद्र से भरपूर आर्थिक मदद; पंजाब जल्द भेजे यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट फंड्स की उपलब्धता का उल्लेख करते हुए बैठक में बताया गया कि फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) योजना के तहत वर्ष 2018-19 से 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को 4,266.47 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की गई है (जिसमें पंजाब को ₹2,056.50 करोड़, हरियाणा को ₹1,171.71 करोड़, उत्तर प्रदेश को ₹868.67 करोड़ और मध्य प्रदेश को ₹59 करोड़ शामिल हैं)। चालू वर्ष 2026-27 के लिए भी 592.57 करोड़ रुपये का आवंटन तय कर 430.87 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, आवंटित राशि के धीमे उपयोग पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसान को समय पर साधन मिलने चाहिए। विशेष रूप से पंजाब सरकार से आग्रह किया गया कि वह पूर्व में जारी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) तत्काल केंद्र को भेजे ताकि योजना की अगली किस्त बिना किसी रुकावट के तुरंत जारी की जा सके। सूखे क्षेत्रों में पराली चारे का बने सहारा, उद्योगों से सीधे जुड़ें किसान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सूखे की स्थिति है, वहां पराली को चारे के रूप में सुरक्षित संग्रहित कर मवेशियों तक पहुंचाया जाए। इसके साथ ही, थर्मल पावर प्लांट्स में पराली पेलेट्स की को-फायरिंग, कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) और 2G बायो-इथेनॉल संयंत्रों से किसानों की सीधी सप्लाई चेन जोड़ी जाए। उन्होंने राज्यों से कहा कि स्वीकृत आपूर्ति परियोजनाओं को बिना देरी के धरातल पर शुरू कराया जाए। पूसा-44 जैसी अधिक समय लेने वाली किस्मों के स्थान पर कम अवधि वाली उन्नत किस्मों (जैसे पूसा 2090, PR126 आदि) को बढ़ावा दिया जाए ताकि कटाई के बाद खेत खाली करने का पर्याप्त समय मिल सके।राज्यों को हरसंभव सहायता का भरोसा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का मुख्य दायित्व राज्यों का है, लेकिन केंद्र सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में तकनीकी, प्रशासनिक और आर्थिक मोर्चे पर हर कदम पर राज्यों और अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने सभी भागीदार मंत्रालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और जिला प्रशासनों से आह्वान किया कि वे इसे एक साझा राष्ट्रीय संकल्प मानकर कार्य करें ताकि हमारे खेत प्रदूषणमुक्त और किसान खुशहाल बन सकें।

Madhya Bharat Madhya Bharat 13 October 2026

देश की खबरें

नई दिल्ली। द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली बीजेपी ऑफिस में पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला। शिवराज ने कहा कांग्रेस एक जूनियर पार्टनर और परजीवी पार्टी बनकर रह गई है। CJI से मिलने की प्रक्रिया होती है। कांग्रेस केवल नाटक और ड्रामेबाजी है।राम का विरोध करने वाले शिवजी की बारात की बात कर रहे हैं। ये शिवजी की बारात नहीं, अराजकता फैलाने वाले हुड़दंगियों की जमात है। देश संविधान से चलता है- नियम प्रक्रियाओं से चलता है, किसी सिरफिरे की सनक से नहीं चलता। कांग्रेस और इंडी गठबंधन अब विदेशी ताकतों के हाथों का खिलौना बन चुका है। ये सत्ता के लिए कभी वामपंथियों, कभी कॉकरोचों और कभी जॉर्ज सोरोस टाइप के देश विरोधी ताकतों का सहारा लेते हैं। कांग्रेस के पास ना कोई दिशा है, ना कोई नीति है और ना ही नेतृत्व। कांग्रेस का देश, जीवन मूल्य, परंपराएं, आस्था से कोई लेना-देना नहीं है। इनको तो भगवान शिव का नाम लेने का भी अधिकार नहीं है। कांग्रेस को तो बयान देने का भी अधिकार नहीं है। जब लाखों झूठे मरे होंगे, तब कहीं  राहुल गांधी पैदा हुए होंगे।

Madhya Bharat Madhya Bharat 12 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी बैंक खातों के दुरुपयोग, UPI फ्रॉड एवं ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जाने वाली ठगी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो सप्ताह में प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में साइबर अपराध से जुड़े प्रकरणों में आरोपियों की गिरफ्तारी, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा, ठगी की राशि को होल्ड कराने तथा पीड़ितों को राशि वापस दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल फुटप्रिंट, बैंकिंग ट्रांजेक्शन एवं मनी ट्रेल का विश्लेषण करते हुए पुलिस टीमों ने अलग-अलग राज्यों तक पहुंच बनाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कई मामलों में बैंकिंग संस्थानों से तत्काल समन्वय कर ठगी की राशि को होल्ड/फ्रीज कराया गया, जिससे पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाने की कार्रवाई संभव हो सकी। *बैतूल- 1 करोड़ 93 लाख रूपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोपी नागपुर से गिरफ्तार* बैतूल बाजार पुलिस ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लीकेशन के माध्यम से हुई 1 करोड़ 93 लाख रूपए की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को नागपुर से गिरफ्तार किया। *अनूपपुर- 91 लाख रूपए की साइबर ठगी में कानपुर से आरोपी गिरफ्तार, 14 लाख रूपए से अधिक की राशि पीड़ित को वापस* थाना जैतहरी पुलिस ने 91 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी को कानपुर (उत्तरप्रदेश) से गिरफ्तार किया। आरोपी द्वारा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर फरियादी से राशि ट्रांसफर कराई गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 34 लाख की राशि होल्ड कराई है। जबकि 14 लाख रूपए से अधिक की राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराई जा चुकी है। शेष राशि वापस कराने की कार्यवाही जारी है। प्रकरण में पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। *मंदसौर-14 लाख रूपए की ठगी, हरियाणा से अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार* मंदसौर पुलिस ने व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन निवेश एवं अधिक मुनाफे का झांसा देकर लगभग 14 लाख रूपए की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान ठगी की लगभग 10 लाख रूपए की राशि को बैंक खाते में होल्ड/फ्रीज कराया गया। आरोपी से मनी ट्रेल एवं नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। *शाजापुर - 2 लाख 60 हजार रूपए की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार* पुलिस ने 2 लाख 60 हजार रूपए की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में ठगी की राशि ट्रांसफर कराने वाले नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों एवं संभावित आरोपियों की जांच जारी है। *कटनी- 1 लाख 88 हजार रूपए की UPI ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार* कटनी पुलिस ने 1 लाख 88 हजार रूपए की UPI साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। *ग्वालियर- अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश* ग्वालियर साइबर क्राइम विंग ने ऑनलाइन फ्रॉड के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में 01 लैपटॉप, 02 टैबलेट, 19 मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड, 04 पासबुक, 09 चेकबुक एवं 38 सिम कार्ड जब्‍त किए हैं। जांच में साइबर फ्रॉड नेटवर्क के दुबई, कंबोडिया एवं श्रीलंका से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं साइबर अपराधों में उनकी भूमिका की जांच जारी है। एक अन्य कार्रवाई में डेटिंग ऐप के माध्यम से ब्लैकमेलिंग एवं अवैध वसूली करने वाले 02 आरोपियों को क्राइम ब्रांच ग्वालियर ने मुरैना से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने होटल में बंधक बनाकर मारपीट कर तथा आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1 लाख 38 हजार की वसूली की थी। *अशोकनगर- फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाकर अवैध लेन-देन करने वाला आरोपी गिरफ्तार* अशोकनगर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खुलवाकर उसे अवैध लेन-देन में उपयोग करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में उक्त खाते से लाखों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस द्वारा बैंक खाते के उपयोग, लेन-देन एवं उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। *गुना-12 पीड़ितों की 1 लाख 77 हजार रूपए से अधिक की राशि वापस* पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए NCRP पोर्टल की MRM प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित बैंक खातों पर तत्काल होल्ड लगवाया। बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय कर निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पुलिस ने 12 पीड़ितों से ठगी गई 1 लाख 77 हजार 402 रूपए की राशि को वापस कराया। *देवास- 14 साइबर फ्रॉड मामलों में 80 हजार रूपए की राशि वापस* देवास पुलिस द्वारा साइबर फ्रॉड से संबंधित 14 मामलों में 80 हजार रूपए की राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण, डिजिटल ट्रांजेक्शन की निगरानी, मनी ट्रेल की जांच, फर्जी बैंक खातों की पहचान, बैंकिंग संस्थानों से त्वरित समन्वय तथा NCRP/MRM प्रक्रिया का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 13 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल।  लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 41 वीं किश्त की सौगात देंगे। नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश की मुख्यमंत्री 14 अक्टूबर को उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की किश्त की राशि अंतरित करेंगे। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये के मान से आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जायेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव उमरिया जिले के गुरुवाही में आयोजित लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में कुल 14,415.93 लाख रुपये की लागत के 136 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। इनमें 8,731.55 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का लोकार्पण और 5,684.41 लाख रुपये की लागत के 68 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। इन विकास कार्यों में बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के कार्य भी शामिल हैं। बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 5,906.99 लाख रुपये की लागत के 18 कार्यों का लोकार्पण तथा 3,225.22 लाख रुपये की लागत के 46 कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा। मानपुर विधानसभा क्षेत्र में 2,824.56 लाख रुपये की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण तथा 2,459.16 लाख रुपये की लागत के 22 कार्यों का भूमि-पूजन होगा। नवरात्रि के दौरान महिलाओं को मिलने वाली यह राशि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के एलपीजी उपभोक्ता एवं गैर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना श्रेणी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पंजीकृत लाड़ली बहनों को 450 रूपये के मान से गैस रिफिल प्रदाय किये जाने के लिये अनुदान राशि का सिंगल क्लिक से राशि अंतरित करेंगे। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत कर रही योजना मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में निरंतर सुधार करना तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को सशक्त करना है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी अधिक प्रभावी भागीदारी निभा सकें। योजना के अंतर्गत पात्र सामान्य लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने वाली पंजीकृत पात्र महिलाओं को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रतिमाह 900 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। सहायता राशि आधार से जुड़े डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाती है, जिससे भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रहती है। जून 2023 से अब तक 40 किस्तों का नियमित अंतरण योजना के अंतर्गत जून 2023 में लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाओं को पहली मासिक आर्थिक सहायता राशि अंतरित की गई थी। सितंबर 2026 तक नियमित रूप से 40 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब 14 अक्टूबर बुधवार को 41वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को चार बार 250-250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनके आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 13 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

कवर्धा। गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने पर कबीरधाम जिले के गन्ना उत्पादक किसानों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर आज बोड़ला सर्किट हाउस में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों एवं क्षेत्र के किसानों ने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। किसानों ने उन्हें गन्ना भेंटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और गन्ना उत्पादकों के हित में लिए गए निर्णय के लिए बधाई देते हुए आभार जताया।       किसानों ने कहा कि गन्ने का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल होने से जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे खेती की लागत निकालने में मदद मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ेगा तथा गन्ने की खेती को भी प्रोत्साहन मिलेगा।  इस अवसर पर किसानों ने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की मेहनत और उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह निर्णय गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहत और उत्साह का विषय है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 13 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और वनांचल के ग्रामीणों की सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में शनिवार को नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की पहली बैठक हुई। इसमें अंबिकापुर के संजय पार्क में आधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी गई। साथ ही संरक्षित वन क्षेत्रों की 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन संबंधी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की अनुशंसा की गई। वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ वनांचल के ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, घायल वन्यप्राणियों के त्वरित उपचार और वन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।  अंबिकापुर में प्रस्तावित उपचार केंद्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष और दुर्घटनाओं में घायल वन्यप्राणियों के त्वरित बचाव, प्राथमिक उपचार और अल्पकालिक देखरेख की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भोरमदेव अभयारण्य की 3, इंद्रावती टाइगर रिजर्व की 14 और जशपुर के बादलखोल अभयारण्य की एक सड़क के उन्नयन की अनुशंसा की गई। इन सड़कों के उन्नयन से बैगा सहित अन्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों की बस्तियों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकेगी। बैठक में जनभागीदारी के आधार पर चयनित ‘ऑरेंज ओकलीफ’ को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने के प्रस्ताव का परीक्षण पूर्ण कर आगे की कार्यवाही करने की मंजूरी दी गई। बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों के सफल संरक्षण के बाद गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरणों के स्थानांतरण को भी स्वीकृति दी गई।  समिति ने हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों से फसल क्षति के मुआवजे की दरों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जिलावार एवं फसलवार बीमित राशि के आधार पर अद्यतन करने के प्रस्ताव पर आगे विचार करने का निर्णय लिया। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों को पक्का करने के लिए विशेष मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रस्ताव को उच्चस्तरीय बैठक में विचारार्थ रखने के निर्देश दिए गए।

Madhya Bharat Madhya Bharat 10 October 2026

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