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भारत और जापान ने संयुक्त ऋण तंत्र के लिए परिचालन नियमावली जारी की.   NHAI ने दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के पुल पर पोस्ट-मानसून निरीक्षण के बाद सुधारात्मक कार्य शुरू किया.   केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज ने ली पहली समग्र मासिक समीक्षा बैठक.   प्रधानमंत्री ने भारतीय महिला हॉकी टीम को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी.   प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मुलाकात.   खरीफ 2026-27 के लिए 5547.99 करोड़ रु. की उपज खरीद की मंजूरी.   निवेश के नाम पर राशि दोगुनी करने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार.   गायक जुबिन नौटियाल 6 अक्टूबर को भोपाल में देंगे प्रस्तुति, युवा संवाद कार्यक्रम का होगा आयोजन.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वन विकास निगम की ओर से सौंपा गया 16 करोड़ 74 लाख 2 हजार रुपए के लाभांश का चेक.   सागर के वन्यजीव पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, चीतों की चहलकदमी से बढ़ेगा पर्यटन- गोविंद राजपूत.   रानी दुर्गावती के दिखाए मार्ग से जनजातियों के विकास का नया अध्याय लिख रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव.   भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कांग्रेस के शासनकाल में किसानों को गोलियों से भूना गया था,.   संकट की घड़ी में बाढ़ प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी छत्तीसगढ़ सरकार.   जगदलपुर के जिला स्तरीय सेवा संकल्प शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, हितग्राहियों को मिले योजनाओं के लाभ.   सिंगापुर की एनर्जी कैपिटल ग्लोबल छत्तीसगढ़ में एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस में करेगी ₹41,750 करोड़ का निवेश.   बरसात के बाद सड़कों और पुलों के निर्माण को मिलेगी रफ्तार, 672 करोड़ रुपए से अधिक के 24 कार्यों की निविदा मंजूर.   पाकरगांव हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख.   छत्तीसगढ़ के छह विश्वविद्यालयों में एक साथ शुरू हुआ ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम.  

देश की खबरें

नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच संयुक्त ऋण व्यवस्था का उद्देश्य उन्नत निम्न-कार्बन प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ावा देना, जलवायु वित्त जुटाना, प्रौद्योगिकी सहयोग को सुगम बनाना और भारत में उच्च-स्तरीय उत्सर्जन कटौती एवं निष्कासन का समर्थन करना है। यह तंत्र अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाजारों में विश्वास और पारदर्शिता को मजबूत करते हुए भारत में सतत विकास में योगदान देगा। इस नियमावली का शुभारंभ पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के तहत भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय सहयोग को व्यावहारिक रूप देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे पहले 7 अगस्त 2025 को सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए गए थे और 8 जून 2026 को कार्यान्वयन के नियम (आरओआई) अपनाए गए थे। यह विकास संस्थागत तैयारी से कार्यान्वयन की ओर बढ़ने का संकेत देता है और भारत-जापान संयुक्त समन्वय परियोजना (जेसीएम) के तहत गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी और व्यापक प्रक्रियात्मक ढांचा स्थापित करता है। यह नियमावली संपूर्ण परियोजना चक्र के लिए विस्तृत प्रक्रियाएं प्रदान करती है—जिसमें प्रोजेक्ट आइडिया नोट जमा करने से लेकर जेसीएम क्रेडिट के जारी होने और अधिकृत होने तक तक सब शामिल है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 5 October 2026

देश की खबरें

दिल्ली। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला हॉकी टीम को एशियाई खेलों में 4 दशकों से ज्यादा समय बाद स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने टीम की दृढ़ इच्छा शक्ति को प्रेरक बताते हुए उसकी सराहना की और कहा कि यह सफलता असाधारण कौशल और टीमवर्क का परिणाम है। मोदी ने टीम को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि यह सफलता समूचे राष्ट्र में हॉकी की लोकप्रियता बढ़ाने में मददगार होगी।प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहाः ‘‘भारतीय हॉकी के लिए एक बहुत ही विशेष क्षण! भारत के लोग महिला हॉकी टीम की सफलता का जश्न मना रहे हैं जिसने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है और वह भी 4 दशकों से ज्यादा समय बाद। यह असाधारण कौशल और टीमवर्क का परिणाम है। उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति बहुत ही प्रेरणादायक है। टीम को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए मेरी शुभकामनाएं। यह सफलता समूचे राष्ट्र में हॉकी की लोकप्रियता बढ़ाने में मददगार होगी।

Madhya Bharat Madhya Bharat 2 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आमजन को निवेश के नाम पर कम समय में अधिक लाभ का प्रलोभन देकर आर्थिक धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंडला जिले में निवेश की राशि कम समय में दोगुनी कर लौटाने का लालच देकर लोगों से राशि प्राप्त करने संबंधी प्रकरण में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 32 लाख रुपए नकद, तीन स्कूटी, एक मारुति ब्रेजा कार, एक हुंडई अल्काजार कार तथा एक मोबाइल फोन सहित लगभग 66 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  प्रकरण की जांच में अब तक करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए की धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मंडला पुलिस द्वारा विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश एवं पतासाजी की गई। टीमों द्वारा नागपुर, गोंदिया, मुंबई, बालाघाट सहित विभिन्न स्थानों पर जानकारी एकत्र कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस की समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप गोंदिया, बालाघाट एवं मंडला से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हुंडई अल्काजार कार पूर्व में गिरवी रखी हुई थी, जिसे आरोपियों द्वारा कथित रूप से धोखाधड़ी से प्राप्त राशि में से 11 लाख रुपए नकद देकर छुड़ाया गया था। पुलिस द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का वाहनों एवं अन्य वस्तुओं की खरीद में उपयोग किए जाने के संबंध में भी जांच की जा रही है। अन्य प्रकरणों एवं वित्तीय लेन-देन की भी जांच जांच में एक आरोपी के विरुद्ध महाराष्ट्र के नागपुर जिले के नंदनवन थाने में भी धोखाधड़ी का प्रकरण पंजीबद्ध होना सामने आया है। उक्त प्रकरण में आरोपी के जमानत पर होने की जानकारी प्राप्त हुई है। वर्तमान प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर निवेशकों की पहचान, उनसे प्राप्त राशि, आपसी वित्तीय लेन-देन, अर्जित संपत्तियों तथा धोखाधड़ी से प्राप्त राशि के उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। प्रकरण की जांच जारी है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि कम समय में धनराशि दोगुनी करने अथवा असामान्य रूप से अधिक लाभ देने के प्रलोभन में अपनी जमा पूंजी निवेश न करें। किसी भी निवेश योजना में राशि लगाने से पूर्व उसकी सत्यता एवं वैधानिकता की जांच अवश्य करें।

Madhya Bharat Madhya Bharat 5 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को छोड़ेगे। चीतों के आगमन के साथ ही बुंदेलखंड की धरती पर वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होगी। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का आना सागर सहित पूरे बुंदेलखंड के लिए गौरव की बात है। मंत्री राजपूत ने कहा कि चीते देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक सागर और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, परिवहन, गाइड, वाहन चालक, छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार एवं आय के नए अवसर मिल सकते हैं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।उन्होंने कहा कि जिस तरह शेर को जंगल का राजा कहा जाता है, उसी तरह चीता खुले मैदान और घास के मैदानी क्षेत्र का प्रमुख वन्यजीव है। चीतों की मौजूदगी से इस क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों का आगमन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह केवल वन्यजीवों को बसाने की योजना नहीं है, बल्कि सागर और बुंदेलखंड में पर्यटन, रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि चीतों की सुरक्षा के लिए रिजर्व क्षेत्र में लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्था और सुरक्षित स्थान विकसित किया गया है, जहां चीतों को अनुकूल वातावरण में रखा जाएगा। वन विभाग द्वारा उनकी निगरानी, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चीतों के आने से बढ़ेगा वन्यजीव पर्यटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश में लौट रहा चीता मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को भारत में छोड़ा था। इसके बाद देश में चीता पुनर्स्थापना अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। अब मध्यप्रदेश के अन्य उपयुक्त वन क्षेत्रों में भी चीतों को बसाने की दिशा में कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में विलुप्त हो चुके चीते को फिर से बसाने का जो संकल्प लिया गया था, वह आज जमीन पर दिखाई दे रहा है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों का आगमन उसी व्यापक वन्यजीव संरक्षण अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। समापन समारोह में होंगे अन्य कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पहुंचेंगे और दो चीतों को छोड़ेगे। इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण एवं संबंधित गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान देने वालों के लिए पुरस्कार वितरण सहित अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों चीतों को छोड़ा जाना सागर के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। यह आयोजन वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और आने वाले समय में सागर को देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण और पर्यटन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 5 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें त्वरित राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं। प्रदेशभर में जलभराव और बाढ़ में फंसे 49 हजार 793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए 152 राहत शिविर स्थापित कर 11 हजार 945 से अधिक लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। राज्य में 1 जून से 30 सितम्बर 2026 की अवधि के दौरान, विशेषकर 23 से 29 सितम्बर के बीच हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ से प्रदेश के 33 में से 22 से अधिक जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने से 1,083 गांवों के 74 हजार 130 से अधिक नागरिक प्रभावित हुए। बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर जिलों में देखा गया। सुकमा जिले के 25 गांवों के 40 हजार 714 तथा बस्तर जिले के 145 गांवों के 20 हजार 212 लोग प्रभावित हुए। इसके अतिरिक्त रायपुर, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम, दुर्ग, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा सहित अन्य जिलों के अनेक गांव भी बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुए। *49 हजार से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू* आपदा की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किए। आपदा प्रबंधन की टीमों ने दिन-रात अभियान चलाते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रदेशभर में अब तक 49 हजार 793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें अकेले सुकमा जिले में 40 हजार से अधिक तथा रायपुर जिले में 5,600 से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में 152 राहत शिविर स्थापित किए गए। इन शिविरों में 11 हजार 945 से अधिक प्रभावित लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। *प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने पर जोर* बारिश और बाढ़ से हुई जनहानि, पशुहानि, मकानों तथा फसलों की क्षति के मामलों में राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है। बारिश और बाढ़ से संबंधित हादसों में प्रदेशभर में अब तक 15 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। इसके साथ ही 1,220 से अधिक पशुधन की हानि हुई है। प्राकृतिक आपदा से 2,103 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 7,947 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। किसानों की 6,154 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार ने क्षति के आकलन के साथ ही पात्र प्रभावित परिवारों तक सहायता राशि पहुंचाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। *जनहानि से लेकर मकान और फसल क्षति तक सहायता का त्वरित वितरण* जनहानि के प्रकरणों में अब तक ₹16 लाख की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है, जबकि ₹24 लाख से अधिक का भुगतान प्रक्रियाधीन है। पशुहानि के मामलों में प्रभावित पशुपालकों को ₹26.17 लाख से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है तथा ₹2.18 लाख की राशि का भुगतान शेष है। पूर्ण एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए ₹1.61 करोड़ से अधिक की सहायता राशि स्वीकृत कर वितरित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त ₹20.26 लाख की सहायता राशि शीघ्र ही संबंधित हितग्राहियों के खातों में भेजी जाएगी। इसी प्रकार फसल क्षति के लिए ₹12.82 लाख की क्षतिपूर्ति राशि जारी की जा चुकी है, जबकि ₹4.96 लाख से अधिक की राशि का वितरण शेष है। इस प्रकार जनहानि, पशुहानि, मकान एवं फसल क्षति से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सहायता और क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। *शेष नुकसान का शीघ्र आकलन कर राहत राशि देने के निर्देश* राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराने में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो। रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, दुर्ग और गरियाबंद सहित प्रभावित जिलों में राजस्व एवं पटवारी टीमों को शेष नुकसान का अंतिम आकलन जल्द से जल्द पूरा करने और पात्र हितग्राहियों को राहत राशि का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 5 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। लोक निर्माण विभाग ने सड़क उन्नयन के तीन कार्यों के लिए कुल 78 करोड़ 96 लाख 74 हजार रुपए की निविदाओं को मंजूरी दी है। इनमें बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 37 करोड़ 37 लाख 96 हजार रुपए लागत का पुल-पुलिया सहित 18 किलोमीटर परसवार-चलगली मार्ग, रायपुर में 17 करोड़ 32 लाख 31 हजार रुपए लागत से अभनपुर के पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के 2.60 किलोमीटर हिस्से का फोरलेन उन्नयन तथा रायगढ़ में 24 करोड़ 26 लाख 47 हजार रुपए लागत का 12.30 किलोमीटर कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क का उन्नयन शामिल है। धमतरी में कई महत्वपूर्ण मार्गों का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण धमतरी जिले में मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 3.75 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपए, पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग में पांच किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपए, नौ किलोमीटर छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के लिए 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपए तथा 10 किलोमीटर अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है। राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग में 23 किलोमीटर लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामरीकरण के लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपए की निविदा को भी मंजूरी दी गई है। रायगढ़ में फोरलेन सड़कों के साथ होगा विद्युतीकरण रायगढ़ जिले के रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग में पांच किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार रुपए तथा रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के पांच किलोमीटर हिस्से में फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। कांकेर से सरगुजा तक मजबूत होगा सड़क नेटवर्क विभाग ने कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर राज्यीय राजमार्ग में पुल-पुलियों सहित 36.80 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 85 करोड़ 83 लाख 4 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। बेमेतरा जिले में देवकर-साजा-खम्हरिया मुख्य जिला मार्ग के 30.80 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 30 करोड़ 22 लाख 88 हजार रुपए, दुर्ग जिले में भिलाई-सिरसा-औरी-मोतीपुर मुख्य जिला मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 16 लाख 16 हजार रुपए, सरगुजा जिले में 28 किलोमीटर लंबे सोनतराई-मैनपाट मार्ग के मजबूतीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 26 करोड़ 7 लाख 34 हजार रुपए तथा महासमुंद जिले में बिहाझर-गांजर-रेवा मार्ग की 25.90 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 59 करोड़ 89 लाख 21 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है। गुणवत्ता पर विशेष नजर, निर्धारित समय-सीमा में पूरे होंगे कार्य राज्य शासन ने संबंधित सभी कार्यपालन अभियंताओं को अनुबंधित कार्यों का संपादन एवं पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन कार्यों को किसी अन्य को सबलेट नहीं किया जा सकेगा तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर ऑफ अटॉर्नी मान्य नहीं होगी।

Madhya Bharat Madhya Bharat 2 October 2026

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