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सितंबर की शुरुआत में बढ़े कमर्शियल गैस के दाम सिलेंडर ₹9.50 महंगा.   भारत की ग्रोथ रफ्तार रहेगी बरकरार 7 फीसदी से ज्यादा विकास दर का अनुमान .   नेपाल की बाढ़ का पानी बिहार पहुंचा, गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा.   TMC के 20 बागी सांसदों को स्पीकर का नोटिस, 7 दिन में जवाब मांगा.   वन नेशन, वन इलेक्शन पर JPC चीफ का दावा .   देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश, 15 राज्यों में अलर्ट.   मेधावी विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे 304 करोड़, CM ने किया प्रोत्साहित.   बीना-खिमलासा-मालथौन फोरलेन की तैयारी.   MP के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चित्रकूट में बाढ़ का खतरा बढ़ा.   GIS-2027 की तैयारियां तेज निवेशकों को न्योता देने दुबई जाएंगे CM मोहन यादव .   भोपाल की 10 लेन रोड पर बनेंगे 18 व्हीकल अंडरपास.   डॉ नरोत्तम मिश्रा से मिले मंत्री एंदल सिंह कंसाना, मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज.   CGPSC मेंस 2025 का रिजल्ट जारी 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित .   छत्तीसगढ़ BJP में युवा चेहरों को बढ़ावा Gen-Z तक पहुंच बनाने की तैयारी .   IGKV में फिर पेपर लीक 20 दिन में तीसरी घटना से परीक्षा व्यवस्था पर सवाल.   बिलासपुर में सैकड़ों शिक्षकों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरा.   छत्तीसगढ़ में राशन वितरण की नई व्यवस्था.   सरकारी स्कूलों की बदहाली पर Gen-Alpha की आवाज बुलंद, तालाबंदी से मार्च तक विरोध.  

देश की खबरें

  सितंबर की शुरुआत में कमर्शियल LPG इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को महंगाई का झटका लगा है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹9.50 की बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 सितंबर से लागू हो गई हैं। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को इस बार राहत मिली है और 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकान, कैंटीन और कैटरिंग जैसे व्यवसायों का ईंधन खर्च बढ़ सकता है।कीमतों की बात करें तो दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹2,747.50 हो गई है, जबकि पहले यह ₹2,738 में मिल रहा था। वहीं चेन्नई में इसकी कीमत ₹2,916.50 पहुंच गई है, जो पहले ₹2,906 थी। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG के दामों की समीक्षा करती हैं। सितंबर में हुई यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब जुलाई और अगस्त के दौरान कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी। ऐसे में कारोबारियों के लिए प्रति सिलेंडर ₹9.50 की अतिरिक्त लागत जुड़ गई है।घरेलू LPG के दाम स्थिर रहने से घरों में खाना पकाने वाले उपभोक्ताओं पर फिलहाल इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर, कमर्शियल गैस पर निर्भर कारोबारियों को अब हर सिलेंडर के लिए ज्यादा भुगतान करना होगा। जिन दुकानों और प्रतिष्ठानों में महीनेभर में कई सिलेंडरों की खपत होती है, वहां यह अतिरिक्त खर्च कुल बजट को प्रभावित कर सकता है। अगर आने वाले समय में कमर्शियल LPG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होती है, तो कारोबार की लागत बढ़ने के साथ खाने-पीने की वस्तुओं के दाम पर भी इसका असर पड़ने की संभावना बन सकती है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 1 September 2026

देश की खबरें

TMC के 20 बागी सांसदों को स्पीकर का नोटिस, 7 दिन में जवाब मांगा TMC के 20 बागी सांसदों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इन सभी सांसदों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। यह मामला तृणमूल कांग्रेस की ओर से दलबदल कानून के तहत इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग से जुड़ा है। TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद इन सांसदों ने पार्टी से अलग रुख अपनाया है। विवाद उस समय और गहरा गया, जब इन 20 सांसदों ने TMC से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया यानी NCPI के साथ जाने का दावा किया। साथ ही उन्होंने लोकसभा में अलग समूह के तौर पर मान्यता देने की मांग भी की। TMC ने इसका विरोध करते हुए संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का तर्क है कि अगर सांसद पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी के साथ जाते हैं, तो उनके खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसी आधार पर अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर के सामने अलग-अलग याचिकाएं भी दाखिल की थीं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। 25 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि लोकसभा स्पीकर की ओर से इन सांसदों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। अब इन सांसदों के जवाब पर सभी की नजरें टिकी हैं। जवाब मिलने के बाद लोकसभा स्पीकर मामले की आगे की प्रक्रिया तय करेंगे। अगर दलबदल के आरोप सही पाए जाते हैं, तो सांसदों की सदस्यता पर बड़ा फैसला हो सकता है और इसका असर TMC के लोकसभा में संख्याबल पर भी पड़ सकता है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 August 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  मध्य प्रदेश में मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले 1 लाख 21 हजार 804 विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की। इस दौरान कुल 304 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की गई, जबकि मंच से 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों से संवाद कर उनके भविष्य के लक्ष्य और सपनों के बारे में जाना। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता और असफलता दोनों से सीख लेने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे अंक हासिल करना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहिए। जीवन में आने वाली चुनौतियां व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ कौशल विकसित करने, बड़े लक्ष्य तय करने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में NEET, JEE मेन्स और CUET जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और देश को केवल डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी ही नहीं, बल्कि अच्छे किसान, उद्यमी और योग्य जनप्रतिनिधियों की भी जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनने की बात कही। साथ ही बताया कि लैपटॉप के लिए दी जा रही सहायता विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन अध्ययन और ई-लर्निंग से जोड़ने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना की शुरुआत कुछ विद्यार्थियों से हुई थी और अब इसका लाभ पाने वालों की संख्या बढ़कर 1.21 लाख से ज्यादा हो गई है, जो प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 1 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

    मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट-2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद विदेश जाकर निवेशकों से मुलाकात करेंगे। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री 6 सितंबर को दुबई जाएंगे, जहां वे उद्योगपतियों और संभावित निवेशकों से चर्चा कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित GIS-2027 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने और समिट का शुभारंभ करने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य इस आयोजन को प्रदेश में निवेश और रोजगार के लिहाज से बड़ा मंच बनाने का है।   GIS-2027 के लिए मुख्यमंत्री दुबई के बाद करीब 7 अन्य देशों में भी निवेशकों से संपर्क करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इससे पहले भी GIS की तैयारियों के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन, जर्मनी और जापान समेत कई देशों का दौरा कर निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता दिया था। सरकार के अनुसार पिछली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में करीब 34 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से लगभग 9 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है। अब सरकार इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के साथ नए निवेश को प्रदेश में लाने पर भी जोर दे रही है। इस बार GIS-2027 में 70 से ज्यादा देशों के निवेशकों और उद्योगपतियों को आमंत्रित करने की तैयारी है। सरकार का फोकस कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा, खनन, आईटी-आईटीईएस, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा, रक्षा, वैमानिकी, अक्षय ऊर्जा, शहरी विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। इसके साथ ही डेयरी और दूध उत्पादन को भी प्रमुख निवेश क्षेत्र के तौर पर शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध संसाधन, जमीन और औद्योगिक संभावनाएं निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं। GIS-2027 के जरिए इन्हीं संभावनाओं को वैश्विक मंच पर सामने रखने की तैयारी है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 27 August 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मुख्य लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। मेंस परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर कुल 608 अभ्यर्थियों का चयन इंटरव्यू के लिए किया गया है। आयोग ने सफल उम्मीदवारों की विस्तृत सूची आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अपने रोल नंबर और अन्य विवरण के जरिए चयन सूची में अपना नाम चेक कर सकते हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद अब चयनित उम्मीदवारों की नजर इंटरव्यू के अगले चरण पर है। मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है। इसके लिए अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इंटरव्यू के दौरान दस्तावेज सत्यापन भी किया जाएगा, इसलिए उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी प्रमाण-पत्र पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है। आयोग की ओर से इंटरव्यू का विस्तृत कार्यक्रम और जरूरी निर्देश आधिकारिक माध्यम से जारी किए जाएंगे।   सफल अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज और आवेदन के दौरान दी गई जानकारी से जुड़े कागजात व्यवस्थित रखने होंगे। इंटरव्यू की तैयारी के साथ दस्तावेजों की जांच भी समय रहते पूरी कर लेना बेहतर रहेगा, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, कौन-कौन से दस्तावेज अनिवार्य होंगे और इंटरव्यू से जुड़ी अंतिम प्रक्रिया क्या रहेगी, इसकी पुष्टि आयोग की आधिकारिक सूचना से ही होगी। रिजल्ट के बाद अब 608 अभ्यर्थियों के सामने चयन प्रक्रिया के अंतिम महत्वपूर्ण चरण में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 1 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  TET नियम में राहत और वरिष्ठता से पदोन्नति की मांग   बिलासपुर में मंगलवार को शिक्षक साझा मंच के बैनर तले जिलेभर के सैकड़ों शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। शिक्षकों ने नेहरू चौक से रैली शुरू की और कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। यहां शिक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया में TET की अनिवार्यता को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया।   शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति के लिए TET को अनिवार्य करने से लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। उन्होंने मांग की कि पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को वर्ष 2028 तक शिथिल किया जाए। शिक्षकों का तर्क है कि केंद्र सरकार ने TET उत्तीर्ण करने के लिए 2028 तक का समय दिया है, इसलिए तब तक पदोन्नति प्रक्रिया में भी राहत दी जानी चाहिए। इसके साथ ही शिक्षकों ने पदोन्नति का आधार वरिष्ठता यानी ज्येष्ठता रखने और SC-ST वर्ग के शिक्षकों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ देने की मांग की है।   शिक्षक संगठनों ने कार्यरत शिक्षकों के लिए जल्द विभागीय TET परीक्षा आयोजित कराने की मांग भी रखी। इसके अलावा वेतन विसंगति दूर करने और मोदी की गारंटी से जुड़े प्रावधानों को लागू करने सहित कुल पांच सूत्रीय मांगें ज्ञापन में शामिल हैं। शिक्षक नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। फिलहाल प्रदर्शन के जरिए सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और तेज किया जा सकता है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 August 2026

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