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कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिवों की तलाश, राहुल-प्रियंका ले रहे नेताओं के इंटरव्यू.   राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच .   36 हजार फीट पर इंजन का ऑयल तेजी से घटा, अबूधाबी जा रही फ्लाइट कोच्चि लौटी.   पीढ़ियाँ बदलती हैं, शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं.   गुरु से शिक्षक तक : भारत की शाश्वत ज्ञान-परंपरा.   शिक्षक दिवस पर PM मोदी की शिक्षकों से बातचीत ,मोदी ने पूछा बेहतर वक्ता बनने का राज .   मुख्यमंत्री के निर्देश पर इंटर्न डॉक्टरों पर वॉटर कैनन मामले में होगी जांच.   MP में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल जारी, सरकारी अस्पतालों की OPD बंद.   राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच .   भोपाल महापौर मालती राय की गाड़ी में आग लगाने की कोशिश.   नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शराब कांड को सरकार की जहर बांटो योजना बताया.   एनएसयूआई ने की सीधी के निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज की सीबीआई जांच की मांग.   छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, रायपुर सबसे ज्यादा प्रभावित.   छत्तीसगढ़ के स्कूलों में मान्यता के लिए एनओसी की जरूरत खत्म.   राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच .   NEET-JEE से UPSC तक फ्री कोचिंग, युवाओं के लिए साय सरकार की पहल.   खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में माल भेजना होगा सस्ता, 20% तक छूट.   रायपुर की सड़कों पर खतरा, जलभराव और फिसलन से हादसे का डर.  

देश की खबरें

    कांग्रेस में नए राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी संगठन सृजन अभियान के जरिए जमीनी स्तर पर सक्रिय और बेहतर काम करने वाले नेताओं को आगे लाने की कोशिश कर रही है। इसी प्रक्रिया के तहत अलग-अलग राज्यों से चुने गए नेताओं को दिल्ली बुलाकर इंटरव्यू लिए जा रहे हैं। सोमवार को करीब 10 ग्रुप में लगभग 100 नेताओं से बातचीत की गई। इंटरव्यू पैनल में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल शामिल हैं। उम्मीदवारों से संगठन में उनकी भूमिका, राजनीतिक अनुभव और अब तक किए गए काम के बारे में जानकारी ली जा रही है। इंटरव्यू में शामिल नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी ने शुरुआत में उम्मीदवारों से उनका परिचय और संगठन से जुड़े अनुभव के बारे में सवाल किए। इसके बाद सवाल-जवाब का मुख्य दौर प्रियंका गांधी ने संभाला। एक ग्रुप में अलग-अलग राज्यों से आए आठ नेता शामिल थे, जिन्हें करीब 20 मिनट का समय दिया गया। उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि उन्होंने पार्टी संगठन में किस तरह काम किया है और उन्हें भविष्य में किसी दूसरे राज्य की जिम्मेदारी दी जाए तो वे उसे कैसे संभालेंगे। युवाओं को पार्टी से जोड़ने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति को भी बातचीत में अहम जगह दी गई। कांग्रेस की इस चयन प्रक्रिया में नेताओं के अनुभव के साथ उनकी राजनीतिक समझ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने की क्षमता भी परखी जा रही है। पार्टी यह जानने की कोशिश कर रही है कि उम्मीदवार राजनीतिक दबाव, सिफारिशों और संगठन के भीतर आने वाली चुनौतियों से किस तरह निपटते हैं। दूसरे राज्यों में जिम्मेदारी मिलने पर संगठन को मजबूत करने की क्षमता और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की रणनीति को भी चयन का हिस्सा बनाया गया है। संगठन सृजन अभियान के तहत सामने आए नेताओं में से उपयुक्त चेहरों को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी देने की तैयारी है और इंटरव्यू के आधार पर आगे चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 8 September 2026

देश की खबरें

Gen-Z और Gen-Alpha - नई पीढ़ी को दिशा देने की नई चुनौतियां (प्रवीण कक्कड़) शिक्षक साधारण नहीं होते, क्योंकि उनके सामने केवल विद्यार्थी नहीं, देश और समाज का आने वाला समय बैठा होता है। आज जिन बच्चों की सोच और व्यक्तित्व को वे आकार दे रहे हैं, कल वही परिवार, समाज और संस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हीं में भविष्य के डॉक्टर, वैज्ञानिक, उद्यमी, अधिकारी, शिक्षक और जनप्रतिनिधि होंगे। इसलिए शिक्षक का प्रभाव एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, वह उसके माध्यम से अगली पीढ़ी तक पहुँचता है। समय बदलता है, तकनीक बदलती है, पढ़ने-पढ़ाने के तरीके बदलते हैं और पीढ़ियाँ भी बदल जाती हैं, लेकिन शिक्षकों की जिम्मेदारी वही रहती है - नई पीढ़ी को अपनी क्षमताओं का श्रेष्ठ उपयोग करना सिखाना और सही दिशा देना। 2026 का शिक्षक दिवस इस जिम्मेदारी को नए संदर्भ में देखने का अवसर है। Gen-Z अब समाज और कार्यक्षेत्र में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रही है और उसके पीछे Gen-Alpha तेजी से तैयार हो रही है। यह पीढ़ी इंटरनेट, स्मार्टफोन, सोशल मीडिया, एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच बड़ी हुई है। उसके पास जानकारी भी अधिक है और दुनिया तक पहुँच भी। इस पीढ़ी में आत्मविश्वास है, गति है, नए प्रयोगों का साहस है और सवाल पूछने की प्रवृत्ति है। चुनौती उसके उत्साह को रोकने की नहीं, उसे दिशा देने की है; जिज्ञासा दबाने की नहीं, उसे उद्देश्य से जोड़ने की है। यहीं शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। नई पीढ़ी को पुराने साँचे में ढालने के बजाय उसकी खूबियों को पहचानकर उन्हें अनुशासन, संवेदना और जिम्मेदारी से जोड़ना होगा। जब उत्तर स्क्रीन पर हैं, शिक्षक की जरूरत क्यों? कभी जानकारी तक पहुँचने के लिए विद्यार्थी शिक्षक और पुस्तकों पर निर्भर था। आज एक प्रश्न पूछते ही सर्च इंजन और AI हजारों उत्तर सामने रख देते हैं। पहली नजर में लग सकता है कि इससे शिक्षक की भूमिका कम हुई है, जबकि वास्तविकता इसके उलट है। अब शिक्षक का काम केवल सही उत्तर बताना नहीं, सही उत्तर पहचानना सिखाना भी है। AI निबंध लिख सकता है, गणना कर सकता है और कठिन विषय सरल करके समझा सकता है, लेकिन विद्यार्थी के भीतर विवेक, संवेदना, चरित्र और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में शिक्षक की भूमिका बनी रहेगी। तकनीक का मुकाबला तकनीक से करने के बजाय शिक्षक को विद्यार्थी की उस क्षमता पर काम करना होगा जो मशीन के पास नहीं है, स्वतंत्र सोच, मानवीय संवेदना और सही-गलत के बीच निर्णय का विवेक। बच्चे को AI से तेज बनाने की आवश्यकता नहीं, उसे AI का समझदारी से उपयोग करने योग्य बनाना जरूरी है। मेरे जीवन की दो सबसे महत्वपूर्ण सीख जब मैं अपने जीवन को देखता हूँ तो पाता हूँ कि मेरी कई उपलब्धियों के पीछे ऐसी शिक्षाएँ हैं, जो किसी प्रमाणपत्र पर दर्ज नहीं हैं। मेरी पहली शिक्षिका मेरी माँ स्वर्गीय विद्यादेवी जी रहीं। उन्होंने सिखाया कि समाज से जो मिला है, सक्षम होने पर उसे सेवा और जिम्मेदारी के साथ समाज को लौटाना चाहिए। समाज और सेवा के प्रति मेरी सोच की नींव इसी शिक्षा से बनी। मेरे शिक्षक स्वर्गीय श्री चंद्रपाल सिंह सिकरवार जी से मैंने समय-प्रबंधन, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा सीखी। उनसे समझा कि प्रतिभा महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे उपलब्धि में बदलने के लिए अनुशासन और समय का सम्मान आवश्यक है। वे अपने समय से आगे सोचने वाले शिक्षक थे। जिस दौर में करियर काउंसलिंग आम नहीं थी, उस समय विद्यार्थियों को सही करियर चुनने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन देते थे। उनसे मैंने जाना कि अच्छे शिक्षक की सीख का परिणाम परीक्षा में मिले अंकों से नहीं, वर्षों बाद विद्यार्थी के जीवन में दिखाई देता है।       औपचारिक शिक्षा पूरी हो सकती है, लेकिन सीखने की प्रक्रिया कभी पूरी नहीं होनी चाहिए। समय के साथ मैंने यह महसूस किया कि यदि हमारे भीतर सीखने की इच्छा हो तो शिक्षक हमें जीवन में अनेक रूपों में मिलते रहते हैं। उम्र में छोटा व्यक्ति तकनीक सिखा सकता है, सहकर्मी काम करने का बेहतर तरीका, बच्चा सहजता और बुजुर्ग धैर्य। कई बार आलोचना हमारी वह कमी दिखा देती है जो प्रशंसा नहीं दिखा पाती। सफलता बताती है कि क्या सही किया और असफलता यह सिखाती है कि अगली बार क्या बदलना है। मैंने जीवन में जहाँ से जो अच्छी बात मिली, उसे सीखने और अपने व्यक्तित्व में शामिल करने का प्रयास किया। क्योंकि सीखने के लिए सामने वाले का पद या उम्र महत्वपूर्ण नहीं है, हमारे भीतर विद्यार्थी बने रहने की इच्छा महत्वपूर्ण है। शिक्षकों के साथ विद्यार्थियों का भी संकल्प शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, अपने भीतर के विद्यार्थी को देखने का दिन भी होना चाहिए। शिक्षक नई पीढ़ी को ज्ञान के साथ विवेक, अनुशासन और संवेदना देने का प्रयास करें और विद्यार्थी यह तय करें कि उम्र बढ़ने के साथ सीखने की इच्छा कम नहीं होने देंगे। मेरी माँ ने सेवा की भावना दी, मेरे शिक्षक ने अनुशासन और समय का मूल्य समझाया और जीवन में मिले अनेक लोगों तथा अनुभवों ने कुछ न कुछ जोड़ते हुए मुझे लगातार सिखाया। शायद शिक्षा की यही सबसे सुंदर निरंतरता है, एक पीढ़ी अपने अनुभव की रोशनी अगली पीढ़ी को सौंपती है और अगली पीढ़ी उसमें अपने समय की नई रोशनी जोड़ देती है। पीढ़ियाँ बदलती रहेंगी। तकनीक और सीखने के माध्यम भी बदलेंगे। शिक्षकों के सामने चुनौतियाँ भी नई होंगी। लेकिन उनकी मूल जिम्मेदारी हमेशा वही रहेगी, नई पीढ़ी को पिछली पीढ़ी से बेहतर बनाकर आगे भेजना। और  हम सबकी जिम्मेदारी सिर्फ इतनी है - उम्र चाहे जितनी बढ़ जाए, अपने भीतर के विद्यार्थी को कभी बूढ़ा न होने दें

Editor praveen kakkar praveen kakkar 5 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  भोपाल। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वॉटर कैनन मामले में होगी जांच। इंटर्न डॉक्टरों के साथ हुए मामले में पुलिस आयुक्त ने दिए निर्देश। वहींभोपाल में इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को लेकर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का बयान सामने आया है। शुक्ल ने कहा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दुबई से लौटने के बाद सकारात्मक बात होगी। अभी इंटर्न डाक्टरों के प्रतिनिधिमंडल से सकारात्मक बातचीत हुई है। मुख्यमंत्री से लगातार बातचीत हो रही है।लाठीचार्ज वाटर कैनन की घटना हो लेकर गंभीरता से चर्चा करेंगे। शाम तक एक बार फिर बैठक कर सकारात्मक निर्णय लेंगे। ज़रूरत पड़ी तो हम भी छात्रों से मिलने जाएँगे। मुख्यमंत्री जब वापस आएँगे तब उनसे इस विषय पर चर्चा की जाएगी। छात्र जल्दी अपना आंदोलन ख़त्म करे इस पर बात करेंगे। वहीं इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन में पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा सीएम हाउस के रास्ते पर बैरिकेडिंग कर भारत-पाकिस्तान की बॉर्डर बना दी है। उन्होंने कहा बच्चों से मिलने खुद आएं स्वास्थ्य मंत्री।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 8 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  भोपाल। सोमवार को नगर निगम मुख्यालय अटल भवन में उस समय अफरा तफरी मच गई  का जब एक कर्मचारी ने महापौर मालती राय की गाड़ी में आग लगाने की कोशिश की। जिसका वीडियो सामने आया है। वीडियो में कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी करता नजर आ रहा। गनीमत रही कि समय रहते अन्य कर्मचारियों ने तुरंत आग बुझा दी और गाड़ी को वहां से हटा दिया। जानकारी के मुताबिक आग लगाने को कोशिश करने वाला स्वयं भी घायल हो गया।  बताया जा रहा निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने घटना को लेकर कर्मचारी के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराने के  निर्देश दिए हैं।  आग लगने वाले कर्मचारी का नाम सुनील गायकवाड है। वह सम्राट अशोक संगठन का बताया जा रहा। संगठन लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा था। 

Madhya Bharat Madhya Bharat 7 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी रायपुर में संक्रमित मरीजों की संख्या 108 पहुंच गई है, जबकि पूरे प्रदेश में अब तक 251 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। सोमवार को ही 16 नए मरीज सामने आए, जिनमें 8 रायपुर के हैं। फिलहाल 67 संक्रमित मरीज अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, जबकि 22 मरीज घर पर रहकर उपचार ले रहे हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 89 एक्टिव केस हैं। राहत की बात यह है कि जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत की जानकारी सामने नहीं आई है। रायपुर के अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों में भी संक्रमण के मामले मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल एच1एन1 वायरस में किसी नए म्यूटेशन की पुष्टि नहीं हुई है। कई मरीजों में संक्रमण के लक्षण हल्के हैं और वे इलाज के बाद घर पर ही स्वस्थ हो रहे हैं। हालांकि पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है, इसलिए उन्हें विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दी, खांसी, गले में खराश के साथ सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर जांच कराना जरूरी है। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार शुरू किया जा सकता है और संक्रमण के गंभीर होने का खतरा कम किया जा सकता है। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बीमार होने पर आराम करने, दूसरों के संपर्क में आने से बचने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच व उपचार कराने की सलाह दी जा रही है। बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को लक्षण दिखने पर खास सावधानी बरतनी चाहिए।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 8 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

          छत्तीसगढ़ में युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल के बेहतर अवसर देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर है। इसी दिशा में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर भर्ती को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के जरिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था की गई है। करीब 33 करोड़ रुपए के प्रावधान से NEET, JEE, CLAT, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 26 जिलों में 18,330 युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी है। सरकार ने आगे 35 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है और उद्योगों की जरूरत के अनुसार स्किल ट्रेनिंग के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान भी किया गया है। उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए भी बजट में बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2025-26 में उच्च शिक्षा का बजट बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपए किया गया है। जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के पांच कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में तकनीकी शिक्षा के संस्थानों के जरिए युवाओं को आधुनिक रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर है। सरकार की इन पहलों में सरकारी नौकरी के साथ-साथ कौशल, उच्च शिक्षा और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 7 September 2026

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