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प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मुलाकात.   खरीफ 2026-27 के लिए 5547.99 करोड़ रु. की उपज खरीद की मंजूरी.   भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया.   केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में 1,941 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास .   PMGSY-IV और पीएम-जनमन के प्रभावों के चार साल तक अध्ययन के लिए हुआ एमओयू.   सुप्रीम कोर्ट का UPI पर रोक लगाने से इंकार.   म.प्र. पंचायत राज अधिनियम के प्रस्तावित संशोधनों पर विभागीय समीक्षा बैठक में हुआ गहन मंथन.   बूथ से प्रदेश स्तर तक सतत संवाद और समन्वय संगठन की मजबूती का मूल आधार.   प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी योजनाएं लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार ला रही-सावित्री ठाकुर.   ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना, स्वच्छ ऊर्जा विस्तार में महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव.   रिटायर्ड IAS की हत्या, केयर टेकर पर शक.   राजनीति के लिए बालाघाट आ रहे राहुल, विपक्ष में संवेदनशील नहीं - डिप्टी सीएम शुक्ल.   पाकरगांव हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख.   छत्तीसगढ़ के छह विश्वविद्यालयों में एक साथ शुरू हुआ ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम.   बस्तर की बदली तस्वीर को देश दुनिया तक पहुंचाएं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर - राज्यपाल .   महानदी विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल.   मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में ही कैबिनेट बैठक, लिए कई निर्णय .   युवा शक्ति को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय.  

देश की खबरें

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री  मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के संबंध में भी प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।

Madhya Bharat Madhya Bharat 1 October 2026

देश की खबरें

दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ और दिल्लीवासियों के सफर को सुगम बनाने के लिए आज ₹1,941 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। उन्होंने ₹1,635 करोड़ की लागत से बना बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 आज दिल्लीवासियों को समर्पित किया। X पर एक पोस्ट में  अमित शाह ने कहा “दिल्ली की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ और दिल्लीवासियों के सफर को सुगम बनाने के लिए आज ₹1,941 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। ₹1,635 करोड़ की लागत से बना बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 आज दिल्लीवासियों को समर्पित किया। इससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी होगी, जिससे आवागमन सुगम होगा, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी बचेगा। साथ ही, मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास का भी शिलान्यास किया।“ मुख्य बिंदु -केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्लीवासियों के सफर को सुगम बनाने के लिए ₹1,941 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया -अमित शाह ने ₹1,635 करोड़ की लागत से बना बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 दिल्लीवासियों को समर्पित कियाबारापुला एलिवेटेड रोड - दक्षिणी दिल्ली के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी से आवागमन सुगम होगा - ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय बचेगा -अमित शाह ने मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास का भी शिलान्यास किया

Madhya Bharat Madhya Bharat 29 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल।  म.प्र. पंचायत राज अधिनियम के प्रस्तावित संशोधनों पर विभागीय समीक्षा बैठक में गहन मंथन हुआ। त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को अधिक सक्षम, जवाबदेह और पारदर्शी बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। , जिससे विकास योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीण अंचल के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा है  विकास भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 में समय की आवश्यकता के अनुसार प्रस्तावित संशोधनों के प्रारूप पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मंत्री  पटेल ने समीक्षा बैठक में 73वें संविधान संशोधन की मूल भावना के अनुरूप ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों के अधिकारों व कृत्यों के युक्तियुक्तकरण पर बल दिया। इसके तहत ग्राम सभा को नीतिगत व जनसहभागिता की सशक्त संस्था बनाते हुए स्वच्छता, पेयजल, सड़क और अधोसंरचना निर्माण जैसे सभी कार्यकारी दायित्व सौंपने का निर्णय लिया गया है। साथ ही ग्राम सभा की अप्रासंगिक हो चुकी पुरानी समितियों के प्रावधानों को विलोपित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ग्राम सभा के अतिरिक्त सम्मेलन बुलाने की जिम्मेदारी सरपंच को देने तथा कोरम के अभाव में दो बार बैठक स्थगित होने पर तीसरी बैठक में विकास कार्यों के एजेंडे पर नियमानुसार विचार करने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। पेसा (अनुसूचित) क्षेत्रों में ग्राम सभाओं में महिलाओं की कम से कम एक-तिहाई भागीदारी और भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास जैसे गंभीर विषयों पर 50 प्रतिशत गणपूर्ति अनिवार्य की जाएगी। मंत्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनियंत्रित बसाहट और बिना मूलभूत सुविधाओं के कटने वाली अवैध कॉलोनियों पर सख्त नियंत्रण के लिए सभी ग्राम पंचायतों को कॉलोनी निर्माण नियमों के दायरे में लाने के लिए प्रावधान करें। मंत्री श्री पटेल ने प्रशासनिक जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। मंत्री श्री पटेल को बताया गया कि गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामलों में जांच के दौरान संबंधित पदाधिकारी के वित्तीय अधिकार तुरंत प्रभाव से स्थगित किए जा सकेंगे। अभिलेख न सौंपने, शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग अथवा नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की दरों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सख्त किया गया है। प्रस्तावित संशोधनों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के नए प्रावधानों को भी समाहित किया गया है। पंचायतों की वित्तीय सुदृढ़ता के लिए करों और शुल्कों की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 1 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण -111 (जीईसी-111) योजना को मंजूरी प्रदान करने पर आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में लिया गया यह महत्वपूर्ण निर्णय है। दीर्घकालिक ऊर्जा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे 135 गीगावॉट तक की नवकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और पॉवर इवैक्यूएशन के लिए इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही 50 जीडब्ल्यूएच बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम(बीईएसएस) की स्थापना से ग्रिड का क्षमता संवर्धन होगा। उल्लेखनीय है कि यह ऐतिहासिक पहल भारत के इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करेगी, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच 135 गीगावाट(जी डब्ल्यू) तक की रिन्यूएबल एनर्जी को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना संभव हो सकेगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 1 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में दो श्रमिकों की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीडि़त परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री  साय के निर्देश पर हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को पीडि़त परिवारों को हर आवश्यक सहायता तत्परता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश, जिम्मेदारी तय कर होगी कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री  साय ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए और जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने घटना में प्रथम दृष्टया सामने आई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पत्थलगांव विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता अमृत बेक को निलंबित कर दिया गया है। श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट कहा कि विद्युत संबंधी कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए। श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है। सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल श्रमिकों के समुचित उपचार की बेहतर से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा है कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराई जाएं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 2 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। केंद्रीय मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महानदी विवाद के समाधान पर बड़ी पहल हुई। जिसमें कहा गया कि मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा।बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं। महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री श्री साय मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में अनेक समानताएं हैं। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ की आस्था और शिवरीनारायण से पुरी तक जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी आस्था और संस्कृति हमें जोड़ती है। महानदी भी इसी साझा विरासत और जीवन का हिस्सा है। इसलिए महानदी को विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और विश्वास की धारा बनाना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की प्राथमिकता अपने किसानों और नागरिकों का हित है। दोनों राज्यों के नेतृत्व को जमीनी आवश्यकताओं की समझ है। इसलिए परस्पर विश्वास के साथ ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिसमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों के किसानों को लाभ मिले और दोनों राज्यों के विकास की आवश्यकताएं भी पूरी हों। तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर संवाद रहेगा जारी उल्लेखनीय है कि महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच राजनीतिक एवं तकनीकी स्तर पर संवाद लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे पूर्व भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र सरकार के स्तर पर चर्चा हुई है। तकनीकी विषयों के समाधान के लिए केंद्रीय जल आयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण माना गया है। महानदी जल बंटवारे से संबंधित विवाद के समाधान के लिए वर्ष 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। इसके समानांतर आपसी संवाद और तकनीकी विमर्श के माध्यम से दोनों राज्यों के लिए स्वीकार्य समाधान की संभावनाओं पर भी लगातार काम किया जा रहा है। आज की उच्चस्तरीय बैठक को इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में सभी पक्षों ने संवाद और तकनीकी विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने तथा महानदी से जुड़े विषयों का पारस्परिक सहमति से स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में सकारात्मक चर्चा की।

Madhya Bharat Madhya Bharat 1 October 2026

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