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प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से वड़नगर जा रहे सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से करेंगे वर्चुअली संवाद.   एशियन गेम्स में मीराबाई का जलवा, भारत को मिला वेटलिफ्टिंग का सिल्वर .   सुप्रीम कोर्ट में भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर हुई सुनवाई.   एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला गोल्ड, महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास.   राहुल गांधी के मंच पर PM मोदी की मिमिक्री, बयानों से बढ़ा सियासी विवाद.   एक अक्टूबर से आधार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण पर ही LPG पर सब्सिडी.   देपालपुर तहसील के आदिवासी परिवारों की जमीन को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र.   भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने ‘सेवा संकल्प अभियान‘ की बैठक को किया संबोधित.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित.   प्रदेश में स्थापित किए जा रहे हैं 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय.   सिंहस्थ 2028 के लिए 15 हजार से अधिक स्वयं सेवक संभालेंगे सेवा का मोर्चा.   MP में आज ‘नो-UPI डे’, ₹2000 से ज्यादा का पेमेंट नहीं लेंगे व्यापारी .   सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग और GIS तकनीक से होगा धान के रकबे का वैज्ञानिक आकलन.   नगर निगम बीरगांव में हुआ 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन.   बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर, छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन बढ़ेगी बारिश .   खराब परिणामों के बाद प्राचार्यों पर लगातार प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव, अंग्रेजी पर रार.   30 सितंबर के बाद LPG सब्सिडी पर असर, आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी .   शिक्षा में पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र सुनिश्चित किया जा रहा.  

देश की खबरें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुंजापुरा में बाइक राइडर्स के साथ रहेंगे मौजूद आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिलसामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को करेंगे 212 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत देवास जिले के पुंजापुरा में बाइक राइडर्स के साथ मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी से वडनगर के लिए निकाली गई ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ में शामिल बाइक राइडर्स से वर्चुअली संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 35.42 लाख हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 212.57 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ अंतर्गत वाराणसी से वडनगर तक विशेष बाइक यात्रा निकाली जा रही है, जो 17 सितंबर को वाराणसी से रवाना हुई है। यात्रा में 250 बाइकों पर 500 सेवा यात्री शामिल हैं। यात्रा विभिन्न राज्यों के अनेक जिलों एवं गांवों से होकर वडनगर (गुजरात) पहुंचेगी। यात्रा के दौरान सेवा, जनसंवाद और राष्ट्रीय एकता से जुड़े संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। यात्रा में विभिन्न स्थानों पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं उपलब्धियों से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने वाले वाहन भी शामिल हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 September 2026

देश की खबरें

  एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अपने पहले गोल्ड मेडल का खाता खोल दिया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 147 रन से हराकर इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 216 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 79 रन और ऋचा घोष ने 49 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 48 रन बनाए। 217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और महज 69 रन पर ऑलआउट हो गई। मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और शेफाली वर्मा व स्मृति मंधाना ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 99 रन जोड़े, जो एशियन गेम्स में किसी भी विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी बताई गई है। शेफाली ने 29 गेंदों में 48 रन बनाए, जबकि स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों पर 79 रन की पारी खेली। इस दौरान स्मृति ने अपने इंटरनेशनल करियर में 11 हजार रन पूरे किए और टी20 क्रिकेट में अपना 37वां अर्धशतक भी लगाया। पारी के आखिरी हिस्से में ऋचा घोष ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 22 गेंदों में 49 रन ठोककर भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम की आधी बल्लेबाज महज 49 रन के स्कोर तक पवेलियन लौट गईं और इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली। श्रीलंका की पूरी टीम 69 रन पर सिमट गई और भारत ने 147 रन से बड़ी जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। यह एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट में भारत का लगातार दूसरा गोल्ड है। इससे पहले 2022 में भी भारतीय टीम ने श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अब क्रिकेट फैंस की नजर पुरुष टीम पर होगी, जो 24 सितंबर से शुरू होने वाले टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 22 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर जिले के देपालपुर तहसील अंतर्गत ग्राम काली बिल्लौद के आदिवासी कृषक परिवारों की भूमि और उनके पुनर्वास एवं मुआवजे से जुड़े मामले को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है।सिंघार ने पत्र में उल्लेख किया है कि ग्राम काली बिल्लौद के आदिवासी कृषक परिवार विगत लगभग 70-80 वर्षों से संबंधित भूमि पर काबिज होकर खेती करते आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह भूमि वन अधिकार के तहत पट्टे पर दी गई थी। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को बताया कि उक्त भूमि को मध्यप्रदेश औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के अंतर्गत उद्योग विभाग को आवंटित किए जाने से प्रभावित आदिवासी कृषक परिवारों के सामने आजीविका और भविष्य को लेकर गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। सिंघार ने मांग की है कि प्रभावित आदिवासी कृषक परिवारों की स्थिति को संवेदनशीलता से देखते हुए उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा, आवश्यक सुविधाएं तथा वैकल्पिक भूमि/भूमि की व्यवस्था उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए।उल्लेखनीय है कि नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार पिछले दिनों देपालपुर के बेटमा पहुंचकर प्रभावित आदिवासी कृषक परिवारों से मिले थे और उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से जाना था। ग्रामीणों से चर्चा के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने और प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने का अनुरोध किया है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  ने कहा  भारतीय संस्कृति और जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है। हमारी रसोई की वस्तुएं और भोजन में मसाले भी आयुर्वेद पर आधारित हैं। भारतीय संस्कृति और वेदों के ज्ञान में सर्वे भवन्तु सुखिन: और वसुधैब कुटुम्बकम की भावना छिपी है। हम दुनिया के सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं और पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखते हैं। आयुर्वेद एकमात्र पैथी है, जो इस सिद्धांत में विश्वास करती है कि स्वास्थ्य केवल रोग का उपचार नहीं, रोग से बचाव भी है। आयुर्वेद, आहार-विचार और व्यवहार में संतुलन रखना सिखाता है। इसमें बीमारी से पहले ही व्यक्ति को स्वस्थ रखना महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में मानव जीवन की रक्षा में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद ने अपनी सामर्थ्य सिद्ध की है। भारत का गौरवशाली अतीत पश्चिमी देशों में पुन: प्रतिष्ठित हो रहा है। इस साल स्कॉटलैंड के एडिनबरा में दुनिया के सबसे पुराने सर्जिकल संस्थान रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स में शल्य क्रिया के जनक महर्षि सुश्रुत की प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 तक आयुष का बाजार लगभग 3 बिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 43 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। राज्य सरकार आयुर्वेद को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर कहा कि इस विषय पर आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार से चर्चा उपरांत समुचित निर्देश दिए जा चुके हैं। शीघ्र ही इंटर्न चिकित्सकों को शुभ समाचार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाविद्यालय के रजत जयंती ऑडिटोरियम में भगवान धन्वंतरि जी की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इससे पहले परिसर में रक्त चंदन का पौधा रोपा तथा पारम्परिक चिकित्सा पद्धति से जनसामान्य को जोड़ने के लिए लगाई गई आयुर्वेद प्रदर्शनी का शुभारंभ कर विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया। स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का हुआ लोकार्पणमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद दिवस पर प्रदेशवासियों को कई सौगातें प्रदान की। इसके अंतर्गत 184 करोड़ रुपए की लागत से बने 25 आयुष भवनों, अस्पतालों और महाविद्यालयों की सौगात प्रदेशवासियों को सौंपी। उन्होंने 4 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बने 12 आयुष भवनो का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 179 करोड रुपए की लागत से 13 आयुष भवन चिकित्सालयों और आयुर्वेद महाविद्यालयों की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में 6 एकड़ क्षेत्र में बने स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में आयुर्वेद को प्रोत्साहन देने के लिए स्थापित 102 करोड़ रुपए लागत के महाविद्यालय का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष वेलनेस पर्यटन केंद्र के नामों का अनावरण किया, अब ये केंद्र आयुष आरोग्यम धाम के रूप में जाने जाएंगे। साथ ही उन्होंने प. खुशीलाल महाविद्यालय में स्थापित हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस के जन प्रवेश का शुभारंभ भी किया। खगोलीय गणना पर निर्धारित हुआ है आयुर्वेद दिवसमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत ने दुनिया को अष्ट सिद्धियों के माध्यम से अपना महत्व बताया है। इन सिद्धियों में शून्य, दशमलव, योग, आयुर्वेद, खगोल विद्या, ज्योतिष विद्या, वास्तुकला और आध्यात्म भी शामिल है। खगोल शास्त्र की गणना अनुसार 23 सितंबर को दिन और रात का समय बराबर है। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने की पहल की गई है। इसी प्रकार 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। दुनिया के 200 से अधिक देशों में योग दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 21 जून को सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायण में प्रवेश करता है। भारतीय संस्कृति सूर्य आधारित रही है। शरीर मंदिर जैसा पवित्र है, इसे आयुर्वेद से रखें निरोगीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद के विशेषज्ञ मानते हैं कि जब किसी इलाके में कोई बीमारी फैलती है तो उसकी औषधि आसपास 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में मौजूद होती है। हम बीमार होने पर ही इलाज क्यों ढूंढें। इसीलिए वेलनेस की संकल्पना रखी गई है। हमें अपनी दिनचर्या और खानपान के बल पर स्वयं को स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। योग और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली अपनाकर हम बिना किसी कठिनाई के निरोग रह सकते हैं। ईश्वर ने हमें शरीर रूपी मंदिर दिया है, जिसे हमें स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। कोविड के दौर में आयुर्वेद की महिमा सबने देखी है। आयुर्वेद ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जो जीवनभर हमें निरोग रखती है। पर्यटन से भी आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहला आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन 1916 में ग्वालियर में बना। उसके बाद 1972 में तीन भवन जबलपुर, इंदौर और उज्जैन में बने। इसके बाद बुरहानपुर और फिर भोपाल में पंडित खुशीलाल महाविद्यालय की स्थापना की गई। हमारी सरकार ने प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय स्थापित करने की शुरुआत की है। आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2002-03 के मुकाबले आयुष विभाग के बजट में 16 गुना वृद्धि की है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। राज्य सरकार पर्यटन के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आुयष विंग संचालितउच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के भविष्य में आयुर्वेद का अपना अलग स्थान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार मेडिकल और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में 2023 तक 7 आयुर्वेदिक और 2 होम्योपैथी व यूनानी पद्धति के महाविद्यालय थे। प्रदेश में 9 आयुष महाविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है और अभी 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आयुष विंग काम कर रहे हैं। प्रदेश के 31 सिकल सेल प्रभावित जिलों में भी आयुष विभाग सक्रिय है। आम नागरिकों को योग सिखाने के लिए कक्षाएं प्रारंभ की गई है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान की खेती के क्षेत्रफल के सटीक, वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित आकलन की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CGCOST) के मध्य आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अंतर्गत प्रदेश में सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर धान की खेती के क्षेत्रफल की मैपिंग और सत्यापन किया जाएगा।इस अवसर पर प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग  रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग डॉ. फरिहा आलम तथा संचालक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CGCOST) श्री कवीश्वर उपस्थित थे। इस समझौते का उद्देश्य प्रदेश में धान की खेती के वास्तविक क्षेत्रफल के आकलन को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाना है। तकनीक आधारित इस व्यवस्था से भू-अभिलेखों, डिजिटल क्रॉप सर्वे और सैटेलाइट आधारित फसल सत्यापन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे धान उपार्जन से संबंधित प्रक्रियाओं में डेटा की शुद्धता बढ़ाने के साथ ही पारदर्शिता को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी। *FRA एवं डुबान क्षेत्रों की तैयार होगी GIS आधारित डिजिटल मैपिंग* समझौते के अंतर्गत विशेष रूप से वन अधिकार अधिनियम (FRA) तथा डुबान क्षेत्रों में स्थित ऐसे कृषि भू-भागों की पहचान एवं मैपिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनका विवरण वर्तमान में जियो-रेफरेंस्ड स्वरूप में उपलब्ध नहीं है। ऐसे कृषि क्षेत्रों की GIS आधारित पॉलीगॉन लेयर तैयार की जाएगी, जिससे संबंधित भू-भाग की डिजिटल भौगोलिक पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। इन क्षेत्रों में सैटेलाइट इमेजरी एवं रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से धान की खेती वाले क्षेत्रफल का आकलन किया जाएगा। इससे ऐसे क्षेत्रों में भी फसल की वास्तविक स्थिति और कृषि रकबे के संबंध में अधिक सटीक भू-स्थानिक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी, जहां पारंपरिक भू-अभिलेखों के आधार पर डिजिटल सत्यापन में व्यावहारिक कठिनाइयां आती रही हैं। *Latitude-Longitude का सैटेलाइट इमेजरी से होगा मिलान* प्रदेश के अन्य जियो-रेफरेंस्ड कृषि क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि खंडों के Latitude-Longitude का सैटेलाइट इमेजरी के साथ मिलान किया जाएगा। इसके आधार पर संबंधित भू-खंड पर धान की फसल की उपस्थिति का तकनीकी सत्यापन किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से डिजिटल रिकॉर्ड और खेत की वास्तविक स्थिति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायता मिलेगी। सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों और GIS आधारित मैपिंग के उपयोग से धान के रकबे के आकलन में मानवीय निर्भरता कम होगी तथा बड़े भौगोलिक क्षेत्र में फसल की स्थिति का अधिक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक विश्लेषण संभव हो सकेगा। *डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए मजबूत होगा भू-स्थानिक आधार* खाद्य संचालनालय और CGCOST के इस तकनीकी सहयोग से प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए आवश्यक भू-स्थानिक आधार को भी मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से FRA एवं डुबान क्षेत्रों की डिजिटल पहचान और मैपिंग होने से इन क्षेत्रों से संबंधित कृषि डेटा को अधिक व्यवस्थित तरीके से डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जा सकेगा। इसके माध्यम से भूमि संबंधी डिजिटल जानकारी, फसल सर्वेक्षण तथा सैटेलाइट आधारित सत्यापन को एक-दूसरे के पूरक के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। इससे भविष्य में फसल क्षेत्रफल के आकलन और कृषि संबंधी डेटा के विश्लेषण के लिए अधिक विश्वसनीय आधार उपलब्ध होगा। *तकनीक और डेटा आधारित होगी धान उपार्जन व्यवस्था* छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन एक व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था है। ऐसे में धान की खेती के वास्तविक क्षेत्रफल की सटीक जानकारी उपार्जन व्यवस्था को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नई तकनीकी व्यवस्था से धान के रकबे के सत्यापन में सैटेलाइट एवं भू-स्थानिक डेटा का उपयोग बढ़ेगा और उपार्जन से संबंधित निर्णयों के लिए अधिक प्रमाणिक डेटा उपलब्ध हो सकेगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने सरकारी स्कूलों में प्राचार्यों और शिक्षकों पर विषय चयन को लेकर  मनमानी का आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि राज्य में माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के खराब परिणामों के बाद प्राचार्यों पर लगातार प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव बना हुआ है, जिसके कारण जमीनी स्तर पर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।केंद्र और राज्य सरकारें देश व प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट की दर को कम करने के लिए तमाम  प्रयास कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूलों स्तर पर लगाई जाने वाली ऐसी पाबंदियां बच्चों को उच्च शिक्षा से दूर करेगी। एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों को उनकी रुचि और आवश्यकता के अनुसार विषयों का चयन करने की पूरी स्वतंत्रता मिले, ताकि उनके उज्ज्वल भविष्य पर किसी प्रकार का संकट न आए। खराब परीक्षा परिणामों के डर से कई शासकीय स्कूलों में नौवीं और ग्यारहवीं के विद्यार्थियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध अंग्रेजी विषय लेने से रोका जा रहा। अंग्रेजी के परिणाम सुधारने या अपनी जवाबदेही से बचने के लिए छात्रों को अंग्रेजी के स्थान पर बैंकिंग और फाइनेंस जैसे वैकल्पिक विषय चुनने के लिए  बाध्य किया जा रहा ।

Madhya Bharat Madhya Bharat 22 September 2026

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