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अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में दस वर्षों में 37.74 लाख से अधिक मरीजों का उपचार.   भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत आईएनएस “समर्थक” का शुभारंभ.   पाकिस्तान से होने वाले किसी भी आतंकी कृत्य के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी: राजनाथ सिंह.   कुकरमुत्तों की तरह खुल रहे फर्जी कृषि कॉलेजों पर लगेगी लगाम, जल्द बनेगी एग्रीकल्चर काउंसिल- केंद्रीय कृषि मंत्री.   पिछले 10 वर्षों में नारियल फाइबर उत्पादों के निर्यात में 305 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.   समुद्री क्षेत्र को लेकर जागरूकता, अंतरसंचालनीयता और समुद्री सहयोग को मजबूत करना एक स्थिर और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था की कुंजी है: राजनाथ सिंह.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश में की प्रमुख निवेशकों से भेंट.   अवैध गांजे की खेती पर बड़ी कार्रवाई, 4 करोड़ 43 लाख रुपए का गांजा जब्त.   मेमो ट्रेन में 10 लाख रुपये से भरे बैग की चोरी का किया खुलासा.   दीपावली से पहले आयोजित होगा चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन.   राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव.   तीन मेट्रोपोलिटन रीजन को जोड़ेगा एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव.   उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम लोहझरी में ग्रामीणों के बीच बैठकर किया सीधा संवाद.   प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान.   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन से मजबूत हो रहा जनता का विश्वास.   छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही : उप मुख्यमंत्री .   जशपुर के ग्राम घुईटांगर के अनिमेष ने एशियन गेम्स की 4×100 मीटर मिक्स्ड रिले में जीता कांस्य पदक.   सीएम हेल्पलाइन पर अब तक 2.31 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज, 2.05 लाख से अधिक का हुआ निराकरण.  

देश की खबरें

नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान(AIIA), नई दिल्ली ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान की एक दशक की उपलब्धियों और रोगी सेवाओं पर आधारित रिपोर्ट जारी की है  इसके अनुसार, अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 के बीच संस्थान के मुख्य परिसर तथा विभिन्न संबद्ध और आउटरीच केंद्रों में करीब 37,74,524 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। यह उपलब्धि आयुर्वेद आधारित चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और व्यापक स्तर पर मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के संस्थान के प्रयासों को दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली के सरिता विहार स्थित AIIA के मुख्य परिसर में इस अवधि के दौरान 30,37,077 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। संस्थान में प्रतिदिन लगभग 3,000 मरीजों को ओपीडी सेवाएँ उपलब्ध कराने की क्षमता है। इसके अतिरिक्त, 200 बिस्तरों वाला इनडोर रोगी विभाग (IPD) भर्ती होकर उपचार कराने वाले मरीजों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। यह बुनियादी ढाँचा संस्थान की विस्तारित चिकित्सकीय सेवाओं और रोगी देखभाल की क्षमता को दर्शाता है। मुख्य परिसर के अतिरिक्त, AIIA ने अपने स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क का विस्तार गोवा स्थित सैटेलाइट सेंटर और विभिन्न संबद्ध एवं आउटरीच केंद्रों के माध्यम से किया है। इनमें सफदरजंग अस्पताल, यूपीएससी भवन, झज्जर स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, मसूरी स्थित आईएएस प्रशिक्षण केंद्र और केवड़िया, एकता नगर स्थित केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 7.37 लाख मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जिससे संस्थान की पहुँच और व्यापक हुई। AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद आयुर्वेद के प्रति लोगों की रुचि और स्वीकार्यता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि इस अवधि में संस्थान में मरीजों की संख्या में चार गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2020 में लगभग 1.23 लाख मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई थीं, जबकि सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 5.40 लाख से अधिक हो गई। यह वृद्धि संस्थान की चिकित्सकीय सेवाओं के बढ़ते दायरे और आयुर्वेद आधारित परामर्श एवं उपचार के लिए आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को रेखांकित करती है।स्थापना दिवस के अवसर पर दशकभर की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट जारी करना और KAUMARACON-2026 का आयोजन संस्थान की दो प्रमुख प्राथमिकताओं को दर्शाता है। इनमें व्यापक जनसमुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना तथा वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्थागत सहयोग के माध्यम से आयुर्वेद की चिकित्सकीय उपयोगिता को सुदृढ़ करना शामिल हैअखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान हैसंस्थान का उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना तथा भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को सुदृढ़ करना है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 October 2026

देश की खबरें

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज पूसा, दिल्ली में एग्रीविज़न के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की आजीविका को और बेहतर बनाने के साथ ही भारत अब केवल अपना पेट भरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में पूरी दुनिया का ‘फूड बास्केट’ बनकर उभरेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में बिना मानक के कुकुरमुत्तों की तरह खुल रहे निजी कृषि कॉलेजों और फर्जी डिग्रियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी और इसके नियमन हेतु जल्द एग्रीकल्चर काउंसिल का गठन होगा। *​अभाव के दौर से आत्मनिर्भरता और रिकॉर्ड उत्पादन तक का सफर* केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में देश की कृषि यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि एक दौर वह था जब देश को पीएल-480 के तहत आयातित अनाज पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज भारतीय किसानों के परिश्रम और आधुनिक नीतियों के दम पर देश खाद्यान्न में पूरी तरह आत्मनिर्भर है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच देश का कुल कृषि उत्पादन 49 प्रतिशत बढ़ा है। भारत आज चावल उत्पादन और निर्यात में दुनिया में पहले स्थान पर है, जबकि गेहूं में दूसरे स्थान पर है। अब समस्या उत्पादन की नहीं, बल्कि उसके वैज्ञानिक भंडारण, प्रबंधन और वैश्विक निर्यात की है। *​'आप अमृत निकालिए, हम उसे नीति बनाकर लागू करेंगे'* चौहान ने नीति-निर्माण में छात्र और किसान संगठनों की विशेषज्ञता को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय किसान संघ जैसे संगठन दिन-रात जमीनी हकीकत के बीच काम करते हैं। उन्होंने अधिवेशन में उपस्थित विशेषज्ञों और छात्रों से आह्वान किया, \"आप इस राष्ट्रीय अधिवेशन में गहन मंथन कीजिए और निष्कर्ष रूपी अमृत निकालिए, उसे देशहित में बांटने और लागू करने का काम सरकार करेगी।\" उन्होंने घोषणा की कि अधिवेशन के निष्कर्षों पर विस्तृत कार्ययोजना बनाने के लिए वे अगले 15 दिनों से एक महीने के भीतर प्रतिनिधियों के साथ दोबारा बैठक करेंगे, जिसमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाओं पर सीधा काम होगा। *​कृषि छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना पहली प्राथमिकता* कृषि शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि किसी को भी सिर्फ फीस लेकर डिग्री बांटने की दुकान चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि युवाओं द्वारा ली जाने वाली बीएससी (एजी) और एमएससी (एजी) जैसी तकनीकी डिग्रियों का पूरा मान रहे और वे व्यर्थ न जाएं। *​छोटे किसानों के लिए 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' मॉडल* भारत में औसत जोत मात्र 0.96 हेक्टेयर होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए विविधीकरण (डाइवर्सिफिकेशन) जरूरी है। अनाज के साथ-साथ फल, सब्जी, औषधीय खेती, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और प्राकृतिक खेती को जोड़कर ही किसानों की आजीविका को सुरक्षित व समृद्ध बनाया जाएगा। साथ ही, आधुनिक तकनीक जैसे एआई, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स को खेती से जोड़ने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। ​कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने एग्रीविज़न के 10 वर्षों के सफर पर आधारित विशेष पुस्तिका का विमोचन किया।

Madhya Bharat Madhya Bharat 15 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंध्र प्रदेश में निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापना का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास की प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण निवेशकों द्वारा किए गए निवेश पर उन्हें हर स्थिति में लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आंध्र प्रदेश में निवेशकों से चर्चा कर रहे थे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश के नए अवसरों और औद्योगिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में हो रहे कार्यों की जानकारी निवेशकों को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा में बताया कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं और अनुकूल औद्योगिक वातावरण का लाभ सभी को मिल रहा है। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन की 25 सरलीकृत नीतियां विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आने में सहायक बन रही हैं। मध्यप्रदेश में धार जिले में पीएम मित्र पार्क और ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकाई में महत्वपूर्ण निवेश अब क्रियान्वयन की ओर है। हाल ही में जबलपुर-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर की योजना तैयार की गई है। यह कॉरिडोर प्रदेश के बड़े व्यापक भू-भाग की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विजयवाड़ा में सुप्रसिद्ध अभिनेता  विजय देवरकोंडा एवं अभिनेत्री  रश्मिका मंदाना से भी भेंट हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश फिल्म शूटिंग के क्षेत्र में देश में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश की फिल्म-फ्रेंडली नीतियां, फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने में सफल हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विजयवाड़ा में सुप्रसिद्ध अभिनेता विजय देवरकोंडा एवं अभिनेत्री श्रीमती रश्मिका मंदाना से भी भेंट हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश फिल्म शूटिंग के क्षेत्र में देश में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश की फिल्म-फ्रेंडली नीतियां, फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने में सफल हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस : 2027 का आमंत्रण देते हुए आयोजन की रूपरेखा की जानकारी दी जिसमें भोपाल में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक एकत्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी जिसमें 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए थे। इन प्रस्तावों में से एक तिहाई प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। निवेशकों से की वन-टू-वन चर्चा टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहन स्पिनटेक्स इंडिया लिमिटेड के संस्थापक एवं प्रबंध संचालक वी. सुधाकर चौधरी तथा श्री अनंत लक्ष्मी स्पिनिंग मिल्स के अध्यक्ष श्री सामिनेनी कोटेश्वर राव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दोनों उद्योगपतियों को धार स्थित पीएम मित्रा पार्क और प्रदेश के कपास उत्पादक क्षेत्रों में इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। चर्चा में स्पिनिंग, होम टेक्सटाइल, बुनाई और प्रसंस्करण इकाइयों के लिए प्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। चौधरी के साथ कृभको के अध्यक्ष के रूप में जैव-उर्वरक, कृषि आदान और कृषि लॉजिस्टिक्स में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेनाली डबल हॉर्स के प्रबंध संचालक मोहन श्याम प्रसाद के साथ प्रदेश के दलहन उत्पादक क्षेत्रों के समीप दाल मिल स्थापित करने की संभावनाओं पर संवाद हुआ। कॉन्टिनेंटल कॉफी के महाप्रबंधक मीनावल्ली बलराम से उत्तर और मध्य भारत के बाजारों में आपूर्ति के लिए मध्यप्रदेश में कॉफी ब्लेंडिंग, पैकिंग एवं वितरण केंद्र विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। इंजीनियरिंग क्षेत्र में क्रिस्टना इंजीनियरिंग वर्क्स के संचालक बी. राजा शेखर के साथ प्रदेश के सीमेंट, खनन और विद्युत उत्पादन क्षेत्रों की औद्योगिक आवश्यकताओं पर चर्चा हुई। इन उद्योगों के समीप कास्टिंग, मशीनिंग, कलपुर्जों और सर्विस सेंटर से संबंधित इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर विचार किया गया। रामकोर ग्रुप के अध्यक्ष श्री के.वी.एस. प्रकाश राव से प्रदेश में वाणिज्यिक वाहनों और ट्रैक्टरों के डीलर नेटवर्क के विस्तार तथा ऑटो-सर्विस क्षेत्र में कौशल विकास पर चर्चा हुई। सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश को लेकर फॉर्च्यून मुरली ग्रुप के प्रबंध संचालक मुत्तवरपु मुरली (कृष्णा) से संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने उज्जैन, इंदौर और ओंकारेश्वर में होटल व्यवसाय एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश को लेकर फॉर्च्यून मुरली ग्रुप के प्रबंध संचालक श्री मुत्तवरपु मुरली (कृष्णा) से संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने उज्जैन, इंदौर और ओंकारेश्वर में होटल व्यवसाय एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधोसंरचना और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। ऋत्विक प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर एवं लोकसभा सांसद डॉ. सी.एम. रमेश तथा कंपनी के कार्यकारी संचालक सी.एम. राजेश के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी अधोसंरचना विकास, इंजीनियरिंग एवं निर्माण, सिंचाई, बांध निर्माण और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में कार्यरत है। बोंडाडा ग्रुप के अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक डॉ. बोंडाडा राघवेंद्र राव के साथ भी प्रदेश में निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। समूह नवकरणीय ऊर्जा, सोलर परियोजनाओं, टेलीकॉम और रेलवे अधोसंरचना के क्षेत्रों में कार्य करता है। नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के प्रमोटर एवं संचालक सी. गोविंद विश्वेश से अधोसंरचना और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सीवीआर समूह से जुड़ी नवयुग इंजीनियरिंग एवं चिंता ग्रीन एनर्जी कंपनियां पुल, टनल, बंदरगाह, सिंचाई, सौर ऊर्जा, बैटरी भंडारण और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। खाड़ी देशों के निवेशकों से संपर्क बढ़ाने के लिए आईडीएफआईसी, दुबई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  एस.एस. राजू से चर्चा की गई। इसमें खाड़ी देशों और प्रवासी भारतीयों के निवेश को प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार हुआ। इंटरनेशनल स्टार्टअप फाउंडेशन, मिडिल ईस्ट के अध्यक्ष रावुरी एस. राव के साथ मध्यप्रदेश के स्टार्टअप्स को खाड़ी देशों के निवेशकों और बाजारों से जोड़ने पर संवाद हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री फेडरेशन के अध्यक्ष श्री पोतलूरी भास्कर राव से भी भेंट की। उन्होंने  राव को भोपाल में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  पवन कल्याण से भी भेंट हुई। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजयवाडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट गन्नवरम (आंध्र प्रदेश) पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छों से स्वागत किया।

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य शासन प्रदेश में औद्योगिक विकास को की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया गति देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार के लिए शासन जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इससे क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को विस्तार देने और नए उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल तथा सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. सुदाम खाड़े सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्यम संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से संवाद कर क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार सृजन, निर्यात तथा उद्योगों के विस्तार से जुड़े विषयों पर चर्चा की। संवाद में लगभग 20 उद्यमियों ने सहभागिता की और शासन से प्राप्त सहयोग, उपलब्ध सुविधाओं तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी उद्यमियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैसर्स एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई की सराहना करते हुए कहा कि ग्लास उद्योग को प्रोत्साहित कर प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की दिशा में प्रभावी पहल की जा सकती है। मध्यप्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने तथा उद्योगों में इनके उपयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा। कंपनी को लगभग 27 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है, जहां ग्लास विनिर्माण इकाई स्थापित की जा रही है। वर्तमान में इकाई का निर्माण कार्य जारी है। इस परियोजना में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा करीब 2,000 व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है। कंपनी का मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है। मुख्यमंत्री ने मैसर्स बायोरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की पहल की भी सराहना की। यह कंपनी बायोमास पैलेट्स का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की औद्योगिक इकाइयां फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग और पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कृषि अपशिष्ट से बायोमास पैलेट्स एवं बायोचार का निर्माण कर अपशिष्ट का उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा औद्योगिक विकास को एक साथ प्रोत्साहन मिलेगा। उद्यम संवाद में सिनोरिया फार्मा के उद्यमी  कपिल सत्यवानी ने बताया कि उनकी इकाई का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वर्ष 2024 में वर्चुअली किया गया था। इकाई में चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा संबंधी उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दीपावली तक उत्पादन प्रारंभ करने की तैयारी है। इस इकाई में लगभग 6 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इकाई की स्थापना एवं उत्पादन प्रारंभ करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए उद्यमी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।लाइव कार्यक्रम  

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के ग्राम लोहझरी पहुंचे, जहां उन्होंने अपने चिर-परिचित सहज अंदाज में ग्रामीणों के बीच जमीन में बैठकर उनकी मांग, समस्याएं सुनीं और गांव की जरूरतों पर चर्चा की। महामाया मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में ही ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव से जुड़ी मांगें रखीं, जिन पर उपमुख्यमंत्री ने त्वरित पहल करते हुए विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 20 लाख 20 हजार रुपए की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम लोहझरी में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए चार सीसी रोड निर्माण हेतु 10 लाख 40 हजार रुपए की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्गा मंदिर में रंगमंच निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रुपए, हनुमान मंदिर के पास रंगमंच निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रुपए तथा महामाया मंदिर में दो मंचों के निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रुपए देने की घोषणा की। इस तरह गांव में विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 20 लाख 20 हजार रुपए की सौगात दी गई। इन कार्यों से आवागमन की सुविधा बेहतर होने के साथ धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए भी सुविधाएं विकसित होंगी। ’विकास कार्यों की गुणवत्ता की हर महीने होगी समीक्षा’      उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा जरूरी है। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच, ठेकेदार और अन्य जनप्रतिनिधियों को हर महीने एक साथ बैठकर कार्यों की प्रगति पर चर्चा करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों की भागीदारी और निगरानी से निर्माण कार्यों को टिकाऊ बनाया जा सकता है। ’कवर्धा क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के कार्य प्रगतिरत’       उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि कवर्धा क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें भोरमदेव कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और रायपुर-बिलासपुर मार्ग का चौड़ीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इनकी प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी के लिए गठित टीमें हर महीने के पहले सप्ताह में मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करती हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद भी जताई। 

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी बातें सुनना, उनकी परेशानियों को समझना और गांव की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों की घोषणा करना, उप मुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक  विजय शर्मा का यही सहज अंदाज ग्राम बंदौरा और ठकुराइनटोला में आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रमों के दौरान देखने को मिला। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी मांगे और समस्याएं सुनीं और गांव के विकास से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से चर्चा की। इस दौरान गांव वाले की मांग पर विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 74.80 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। वहीं, बंदौरा में सड़क की खराब स्थिति की शिकायत सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारी को फोन कर सड़क उखाड़कर दोबारा बनाने के निर्देश दिए। ग्रामवासियों की मांगों पर विकास कार्यों की मिली सौगात      ग्राम बंदौरा में उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने वार्ड क्रमांक 10 में कबीर कुटी निर्माण के लिए 10 लाख रुपए, सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए और नवधा मंच निर्माण के लिए 3 लाख रुपए की घोषणा की। इसके अलावा मुक्तिधाम में शेड निर्माण तथा गांव में शेड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए देने की घोषणा की। ग्राम ठकुराइनटोला में 7.80 लाख रुपए की लागत से सीसी सड़क, 10 लाख रुपए की लागत से सामाजिक भवन और मुक्तिधाम के लिए 6 लाख रुपये की घोषणा की गई। वहीं, ग्राम नयापारा पंचायत में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। इन कार्यों से ग्रामीणों को सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सड़क की परेशानी बताई तो तत्काल अधिकारी को फोन कर सुधारने के दिए निर्देश      ग्राम बंदौरा में ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति की समस्या उप मुख्यमंत्री के सामने रखी। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद श्री शर्मा ने संबंधित अधिकारी से फोन पर बात की और खराब सड़क को उखाड़कर दोबारा बनाने के निर्देश दिए।  गांवों के विकास के लिए लगातार हो रहे कार्य      ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के समग्र विकास और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, धार्मिक पर्यटन और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कवर्धा में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ हो चुका है और इसके भवन का निर्माण किया जा रहा है। शहर में यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बिलासपुर रोड और रायपुर रोड से शहर में प्रवेश करने वाले मार्गों पर 54 करोड़ रुपए की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। 

Madhya Bharat Madhya Bharat 16 October 2026

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