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खरीफ 2026-27 के लिए 5547.99 करोड़ रु. की उपज खरीद की मंजूरी.   भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया.   केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में 1,941 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास .   PMGSY-IV और पीएम-जनमन के प्रभावों के चार साल तक अध्ययन के लिए हुआ एमओयू.   सुप्रीम कोर्ट का UPI पर रोक लगाने से इंकार.   नागालैंड में जहरीली शराब से 19 की मौत, तस्कर गिरफ्तार.   रिटायर्ड IAS की हत्या, केयर टेकर पर शक.   राजनीति के लिए बालाघाट आ रहे राहुल, विपक्ष में संवेदनशील नहीं - डिप्टी सीएम शुक्ल.   150 से अधिक म्यूल बैंक खातों व सिम का उपयोग कर 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा.   संगठन की मजबूती और जनसेवा के कार्यों को और प्रभावी बनाने कोर ग्रुप में हुआ मंथन.   प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब एवं सह प्रभारी रेखा वर्मा ने भोपाल में विभिन्न कार्यक्रमों में की सहभागिता*.   ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना, स्वच्छ ऊर्जा विस्तार में महत्वपूर्ण कदम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव.   मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में ही कैबिनेट बैठक, लिए कई निर्णय .   युवा शक्ति को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय.   प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशक्त और विकसित भारत का हो रहा निर्माण : मुख्यमंत्री साय.   पारस पोर्टल से प्रभावी मॉनिटरिंग, अंतर्विभागीय समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी गति.   मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों का जाना हाल.   एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मिलेंगे 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि.  

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​नई दिल्ली, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने देश के अन्नदाताओं के आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए एक बड़ा और किसान-हितैषी फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने मूल्य समर्थन योजना (Price Support Scheme - PSS) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक राज्यों में प्रमुख दलहन और तिलहन फसलों की खरीद के लिए कुल 5,547.99 करोड़ रुपए की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) राशि की खरीददारी का अनुमोदन प्रदान किया है। इस निर्णय का सीधा उद्देश्य बाजार में फसलों की कीमतों में गिरावट से किसानों का बचाव करना और उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराना है।   शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि अन्नदाता को उसकी उपज का उचित दाम मिले और इसके लिए खरीद तंत्र को पहले से अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है। ​इस अनुमोदन के तहत तीन प्रमुख राज्यों के किसानों से विभिन्न फसलों की बड़े पैमाने पर खरीद की जाएगी। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सबसे बड़ा हिस्सा तय करते हुए कुल 3,992.57 करोड़ रु. की खरीद को शिवराज सिंह चौहान द्वारा हरी झंडी दी गई है। इसके तहत राज्य में 3,937.70 करोड़ रु. मूल्य की 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर और 54.87 करोड़ रु. मूल्य की 6,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद समर्थन मूल्य पर की जाएगी।  ​कर्नाटक के दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों के लिए 1,107 करोड़ रु. की उपज खरीद का अनुमोदन किया गया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह द्वारा दी गई मंजूरी से कर्नाटक में 659.27 करोड़ रु. मूल्य की 1,15,500 मीट्रिक टन सोयाबीन, 335.83 करोड़ रु. मूल्य की 38,250 मीट्रिक टन मूंग तथा 111.90 करोड़ रु. मूल्य की 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी (सनफ्लावर) की खरीद PSS के तहत की जाएगी।   ​इसके साथ ही, तेलंगाना के किसानों के हित में कुल 448.42 करोड़ रु. की खरीद को केंद्रीय मंत्री श्री चौहान द्वारा स्वीकृति दी गई है। इसमें 353.90 करोड़ रु. मूल्य की 62,000 मीट्रिक टन सोयाबीन और 94.52 करोड़ रु. मूल्य की 10,766 मीट्रिक टन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीद शामिल है।   शिवराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि देश में दलहन और तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देकर भारत को खाद्य तेलों और दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी उपार्जन केंद्रों पर खरीद की व्यवस्थाएं पारदर्शी रहेंगी और किसानों को उनकी उपज की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 30 September 2026

देश की खबरें

दिल्ली।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (एनआरआईडीए) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता (आईआईएम कलकत्ता) ने पीएमजीएसवाई -IV और पीएम--जनमन के तहत बनी सड़कों के चार वर्ष  के व्यापक 'लॉन्गिट्यूडिनल' (लंबे समय तक चलने वाले) प्रभाव आकलन अध्ययन के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू पर एनआरआरआईडीए, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से अदिति सिंह (आईएएस) महानिदेशक, एनआरआईडीए और प्रो.आलोक कुमार राय, निदेशक (आईआईएम कलकत्ता) ने रोहित कंसल, सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय  तथा मंत्रालय और आईआईएम कलकत्ता के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। यह ग्रामीण संपर्कता (कनेक्टिविटी) से जुड़े कार्यों के साक्ष्य-आधारित प्रभाव आकलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।   मुख्य बातें ग्रामीण सड़क संपर्कता के दीर्घकालिक परिणामों का आकलन करने के लिए चार वर्ष का लॉन्गिट्यूडिनल प्रभाव आकलन। 10 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, 50 जिलों, 150 ब्लॉकों और 250 सड़कों को शामिल करना. शामिल किए जाने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश: आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम और उत्तराखंड। आवागमन, पहुंच और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में बदलाव का आकलन करने के लिए लगभग 5,000 परिवारों का सर्वेक्षण। इस अध्ययन मेंa समय के साथ होने वाले बदलावों का आकलन करने के लिए एक लॉन्गिट्यूडिनल दृष्टिकोण अपनाया जाएगा जिसमें बेसलाइन सर्वे (निर्माण-पूर्व सर्वे) और एंडलाइन सर्वे (निर्माण-पश्चात सर्वे) के ज़रिए डेटा एकत्रित किया जाएगा। आवागमन, पहुंच, सामाजिक-आर्थिक स्थितियों और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच पर ग्रामीण सड़कों के प्रभाव का आकलन। बेसलाइन सर्वेक्षण (निर्माण-पूर्व सर्वेक्षण): 14 माह । परिवर्तन अवधि: लगभग 12 माह । एंडलाइन सर्वेक्षण (निर्माण-पश्चात सर्वेक्षण): 22 माह । अपेक्षित परिणाम इस लंबे समय तक चलने वाले अध्ययन से पीएमजीएसवाई -IV और पी एम--जनमन  के तहत ग्रामीण सड़क संपर्कता  के सतत  सामाजिक-आर्थिक और विकासात्मक प्रभावों पर ठोस सबूत मिलने की उम्मीद है। यह अध्ययन आकलन करेगा  कि बेहतर संपर्कता का असर लोगों की पहुंच, आवाजाही, आजीविका, रोज़गार, आय के अलग-अलग स्रोतों, खेती, खेती से अलग कार्यकलापों और बाज़ारों तक पहुँच के साथ-साथ परिवारों की भलाई और ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की कमी पर किस प्रकार पड़ता है।यह अध्ययन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और अनिवार्य सार्वजनिक व वित्तीय सेवाओं तक पहुँच पर बेहतर ग्रामीण सड़क संपर्कता के दीर्घकालिक प्रभाव का भी आकलन करेगा। इसमें यात्रा के समय और परिवहन लागत में कमी, बेहतर आवाजाही, रोज़गार और आजीविका के अवसरों तक बेहतर पहुँच और पलायन पर निर्भरता कम होने पर विशेष बल  दिया जाएगा। यह समय के साथ इन परिणामों में आए बदलावों की भी जाँच करेगा और अलग-अलग क्षेत्रों व कमज़ोर वर्गों के बीच अंतर का आकलन करेगा, जिससे ग्रामीण सड़क संपर्कता के दीर्घावधि प्रभाव से मिलने वाले फायदों की पूरी जानकारी मिल सकेगी।कुल मिलाकर, एनआरआईडीए, एमओआरडी तथा आईआईएम कलकत्ता के बीच सहयोग से कार्यक्रम की समीक्षा, परिणामों की निगरानी, ​​सबूतों पर आधारित नीति बनाने और ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की भावी योजना बनाने के लिए बहुमूल्य जानकारी प्राप्‍त होगी।

Madhya Bharat Madhya Bharat 29 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल के सूरजनगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या कर दी गई। पुलिस ने घर से गायब हुए केयर टेकर वरुण कुमार पर शंका जाहिर की है। फिलहाल वरुण लापता है और पुलिस तलाश कर रही। पुलिस के अनुसार रिटार्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल ने 3 दिन पहले ही वर्मा एजेंसी से केयर टेकर को हायर किया था। वह घर पर ही रहकर राकेश अग्रवाल की देखभाल करता था। लेकिन अचानक कल रात से घटना के बाद से वह फरार है। एजेंसी के पास भी उसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। जिससे एजेंसी पर सवाल खड़े हो रहे। पुलिस के मुताबिक घटना रात 12 बजे के बाद की है। वरुण पंजाब के पटियाला का रहने वाला है। सूत्र बताते हैं अब पुलिस को कुछ फुटेज मिले हैं। जिसके आधार पर उसको तलाशा जा रहा। राकेश अग्रवाल की पत्नी निशि अग्रवाल ऊपर कमरे में रहती हैं। सुबह जब वो वॉक के लिए निकली तो राकेश का कमरा बंद मिला। नौकरों को बुलाया गया और जब दरवाजा खोला तो राकेश का शव मिला। बताया गया कि घर में गैस की पाइप खुली हुई थी। प्रेस भी चालू था। अलमारी खुली हुई थी। निशि का कहना है अलमारी में ज्वेलरी नहीं थी। अब पुलिस तलाश कर रही आखिर किस मकसद से राकेश की हत्या की गई है। एसीपी अंकिता खेतकर मामले में जांच कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने भी मामले में संज्ञान लिया है। वहीं विपक्ष ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 30 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक  हेमंत खण्डेलवाल ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश प्रभारी, प्रदेश सह प्रभारी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री ने आज संगठनात्मक गतिविधि और गति देने का कार्य प्रारंभ किया है। कोर ग्रुप की बैठक में संगठन और सरकार से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मैंने प्रदेश संगठन के आगामी कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे जनकल्याण एवं विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, पार्टी के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कोर ग्रुप के सदस्यों ने अपने विचार एवं महत्वपूर्ण सुझाव दिए। आने वाले समय में किन विषयों को लेकर पार्टी को जनता के बीच जाना है और संगठन की गतिविधियों को किस प्रकार और अधिक प्रभावी बनाना है, इस पर भी विचार-विमर्श किया गया। संगठन के जरिए जनसेवा के कार्यों को और व्यापक बनाना है हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा का मूल उद्देश्य संगठन की शक्ति के माध्यम से जनसेवा को और व्यापक बनाना है। सरकार और संगठन मिलकर जनता की सेवा के कार्यों को और आगे बढ़ाएं तथा संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है, इस पर बैठक में गंभीरता से मंथन हुआ। उन्होंने कहा कि आज जिन विषयों और सुझावों पर चर्चा की गई है, उन विषयों की प्रगति की समीक्षा आगामी महीनों में होने वाली कोर ग्रुप की बैठक में की जाएगी।

Madhya Bharat Madhya Bharat 30 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए - 1.    मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत जारी संशोधित नीति-2026 का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूर्व नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में किए गए अध्यापन अनुभव का यह लाभ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था। मंत्रिपरिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाए तथा मानदेय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाए। अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि एवं आकस्मिक अवकाश संबंधी प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है।  2.    मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा 10 सितम्बर, 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के परिपालन में, फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया। 3.    मंत्रिपरिषद द्वारा पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, जिसका मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। 

Madhya Bharat Madhya Bharat 30 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी के साथ विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका त्वरित समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में पारस पोर्टल के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। सुविधा, वेंडर चयन से लेकर सोलर संयंत्र की स्थापना तक पूरी प्रक्रिया को हितग्राही के लिए सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश दिए। सड़क और पुल-पुलियों के लंबित कार्यों की बाधाएं तत्काल दूर करें मुख्यमंत्री साय ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर सड़क संपर्क सीधे आम नागरिकों की सुविधा, आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने लंबित कार्यों और उनके कारणों की परियोजनावार जानकारी ली तथा संबंधित कलेक्टरों को भूमि संबंधी प्रकरणों और जिला स्तर पर लंबित अन्य प्रक्रियाओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण स्वीकृत विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों एवं प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली स्वीकृत सड़कों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग अथवा अन्य विभागों की अनुमति से संबंधित बाधाओं को अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से प्राथमिकता से दूर किया जाए। ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री साय ने विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायतों में आवश्यक आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गांवों में बुनियादी अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन में समयबद्ध हो शिकायतों का निराकरण मुख्यमंत्री साय ने सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों और आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुशासन की महत्वपूर्ण कसौटी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को छोटी-छोटी सेवाओं और समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा हो तथा उसका समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इससे आम नागरिक के लिए शासन तक पहुंच आसान हो और उसकी समस्या के समाधान में लगने वाला समय कम हो। योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, धरातल पर दिखे परिणाम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पारस पोर्टल प्रदेश में अधोसंरचना निर्माण, विकास कार्यों तथा प्रमुख योजनाओं की प्रभावी निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। जिलों में विभिन्न विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें तथा ऐसी समस्याएं, जिनका समाधान राज्य स्तर से अपेक्षित है, उन्हें समय रहते सामने लाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल प्रगति की जानकारी लेना नहीं, बल्कि बाधाओं का समाधान कर योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाना और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और स्वीकृत विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे हों। पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य शासन, विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इसी परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति को मजबूत किया जा रहा है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 29 September 2026

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