रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शहर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, रोजगार और नवाचार के केंद्र हैं। इसलिए शहरों का विकास आज की जरूरतों तक सीमित न रहकर आने वाले 20-30 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर सुनियोजित, टिकाऊ और आर्थिक रूप से सक्षम होना चाहिए।
मुख्यमंत्री आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में हुडको और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो पर आयोजित प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे।
*प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास को नई दिशा -*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई सोच और नई गति मिली है। अर्बन चैलेंज फंड जैसे प्रयास शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न और आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा अवसर है। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए और ऐसी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं बनानी चाहिए जो नागरिकों का जीवन बेहतर बनाने के साथ शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करें।
*नगरीय विकास को मजबूती देने दो महत्वपूर्ण एमओयू -*
कार्यशाला के दौरान नगरीय विकास को नई दिशा देने वाले दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। पहला एमओयू हुडको और नगरीय प्रशासन विभाग के बीच और दूसरा नगरीय प्रशासन विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समझौतों से नगरीय निकायों को परियोजनाओं की योजना बनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकास में मदद मिलेगी। इससे शहरों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं बनेंगी और उनका प्रभावी क्रियान्वयन होगा। शहरी विकास में विशेषज्ञ संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों और शासन के बीच साझेदारी समय की जरूरत है।
*विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में शहरों की बड़ी भूमिका -*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है और छत्तीसगढ़ ने भी विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर मिशन मोड में काम शुरू किया है। हमें ऐसे शहर बनाने हैं जो निवेश को आकर्षित करें, उद्योग व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बनाएं, रोजगार के अवसर दें और नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं दें। सुनियोजित शहरीकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।
*शहरों की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी -*
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाएं केवल आज की समस्या देखकर नहीं, बल्कि अगले कई दशकों की जरूरत देखकर बननी चाहिए। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पेयजल, जल निकासी, सड़क, बिजली, स्वच्छता, परिवहन की दीर्घकालिक योजना जरूरी है।
उन्होंने जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि बरसात में नागरिकों को परेशानी होती है, इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। प्रभावी जल निकासी व्यवस्था बनानी होगी।
बिजली के अव्यवस्थित तारों पर उन्होंने कहा कि कई जगहों पर जुलूस या बड़े वाहनों के समय तारों को ऊपर उठाना पड़ता है, यह सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है। जहां संभव हो वहां तारों को भूमिगत करने की योजना बननी चाहिए। शहरों के विकास में पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी जैसे सभी विभागों में बेहतर समन्वय जरूरी है।
*जनप्रतिनिधि अपने शहरों के भविष्य की योजना बनाएं -*
मुख्यमंत्री ने महापौरों, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों से कहा कि जनता ने उन्हें शहरों के विकास की बड़ी जिम्मेदारी दी है। अपने शहर की वास्तविक जरूरतों को समझकर स्थायी समाधान निकालना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। अर्बन चैलेंज फंड बड़ा अवसर है, सभी निकाय इसके प्रावधानों का अध्ययन कर विशेषज्ञों से संवाद कर ऐसी परियोजनाएं बनाएं जो तकनीकी रूप से मजबूत, नागरिकों के लिए उपयोगी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य हों।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से मिला मार्गदर्शन प्रदेश के नगरीय विकास को नई दिशा देगा और शासन, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञ संस्थाओं के समन्वय से शहरों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
*अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ -*
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचा रही है। पीएम जनमन योजना से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों तक सड़क, बिजली, आवास, पेयजल पहुंचाया जा रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति मिली है।
रेल अधोसंरचना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के रावघाट तक रेल संपर्क और रायपुर से कुरूद तक रेल सेवा प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संपदा से समृद्ध है और नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलताओं से विकास और निवेश की नई संभावनाएं बनी हैं।
*एक लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड बड़ा अवसर - उप मुख्यमंत्री अरुण साव -*
उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए बड़ा अवसर है। चुनौती यह है कि निकाय कितनी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं बनाकर इसका लाभ ले पाते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, नागरिकों की अपेक्षाएं बदल रही हैं, इसलिए नगरीय निकायों को नवाचार और आधुनिक तकनीक अपनानी होगी।
उन्होंने कहा कि जिस शहर ने हमें पहचान दी है, उसी ने हमें नेतृत्व की जिम्मेदारी दी है। यह शहर को कुछ लौटाने का अवसर है। हर जनप्रतिनिधि को ऐसे कार्य करने चाहिए जिनका लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिले। परियोजना की सफलता केवल निर्माण से नहीं, उसकी उपयोगिता, रखरखाव और वित्तीय व्यवहार्यता से तय होती है।
*शहरों को मिलेगा विकास का नया आधार - केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू -*
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शहरी विकास को नई दिशा मिली है। पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन और अमृत मिशन से नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। बढ़ते शहरीकरण के कारण आवास, पेयजल, सड़क, परिवहन की मांग बढ़ रही है, इसलिए निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। अर्बन चैलेंज फंड इस दिशा में बड़ा अवसर है।
उन्होंने जबलपुर में कचरे से ऊर्जा और हैदराबाद में जल प्रबंधन जैसे नवाचारों का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के निकायों को देश के सफल प्रयोगों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपनाना चाहिए।
कार्यशाला में अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो के विभिन्न पहलुओं, वित्तीय संसाधन जुटाने और आधुनिक नियोजन पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर सभी 14 नगर निगमों के महापौर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, हुडको के सीएमडी संजय कुलश्रेष्ठ, तेलंगाना की सचिव टी. के. देवी, सेप्ट विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट बरजोर मेहता, संचालक नीलेश क्षीरसागर, सुडा सीईओ सुमित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
Madhya Bharat
21 October 2026