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2027 के चुनावी रण से पहले BJP एक्टिव, कमजोर बूथों पर वापसी का मिशन.   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे.   हिंदी दिवस पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- अपनी भाषा को कभी न छोड़ें.   ब्रिक्स में मप्र की हस्तशिल्प की धूम , केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने देखी कलाकृति .   मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई दिल्ली में की केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात.   नई दिल्ली के ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट.   सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन में 40 सड़कें होंगी चौड़ी.   भारतीय किसान संघ मध्यभारत प्रान्त की हुई बैठक , भावन्तर के पक्ष में नही भारतीय किसान संघ.   बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं की शत प्रतिशत पहुंच और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश.   तीन दिन के अंदर दूषित शराब से पीड़ित परिवार के खाते में पहुंचेगी मुआवजा राशि.   बड़े होटलों में खाना खाने से पहले चेक कर लें किचन, सुरक्षित नहीं है खाना.   दशहरा-दिवाली पर रेलवे का बड़ा प्लान, भोपाल होकर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें.   रायपुर का 137 साल पुराना गणेशोत्सव, गोलबाजार से जुड़ी है खास कहानी.   अमृतधारा में 12 जंगली हाथियों की दस्तक, पूरी बस्ती कराई गई खाली.   सेवा सेतु बन रहा लोगों की पसंद , 50 लाख से अधिक नागरिकों ने किया आवेदन.   CGPSC की 700 पदों वाली भर्ती पर ब्रेक, विज्ञापन में संशोधन का इंतजार.   छत्तीसगढ़ में मानसून फिर एक्टिव, अगले 48 घंटे कई इलाकों में भारी बारिश.   शिवराज सिंह चौहान का छत्तीसगढ़ दौरा ग्रामीण विकास को मिलेगी बड़ी सौगात.  

देश की खबरें

  उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अभी से जमीनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने करीब 18,900 ऐसे बूथों की पहचान की है, जहां 2022 के विधानसभा चुनाव में उसे जीत मिली थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में वोटों के लिहाज से प्रदर्शन कमजोर रहा। अब इन बूथों पर दोबारा पकड़ मजबूत करने के लिए संगठन स्तर पर समीक्षा और संपर्क अभियान की तैयारी की जा रही है। पार्टी यह समझने की कोशिश कर रही है कि किन इलाकों में समर्थन कम हुआ और इसके पीछे स्थानीय मुद्दे या संगठन से जुड़ी क्या वजहें रहीं। इन कमजोर बूथों में करीब 80 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जिनमें अवध और पूर्वांचल के इलाके प्रमुख हैं। भाजपा यहां गांव, मजरा और बूथ स्तर तक संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी रणनीति के तहत विकास परियोजनाओं को भी उन क्षेत्रों तक पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिला था। मई 2026 से अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 44 से ज्यादा जिलों की 115 विधानसभा सीटों में 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर चुके हैं। इनमें 67 सीटें ऐसी बताई जा रही हैं, जहां 2024 में सपा-कांग्रेस गठबंधन को भाजपा से अधिक वोट मिले थे। भाजपा सामाजिक समीकरण को लेकर भी अपनी रणनीति तैयार कर रही है। सपा के PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण के मुकाबले पार्टी गैर-यादव ओबीसी, दलित, महिलाओं और युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में APD यानी अगड़ा, पिछड़ा और दलित समीकरण को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। कुल मिलाकर 18,900 कमजोर बूथ, 44 से अधिक जिले, 115 विधानसभा सीटें और 38 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं भाजपा की 2027 चुनावी तैयारी के बड़े हिस्से को दिखाती हैं।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 15 September 2026

देश की खबरें

दिल्ली। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  अन्नपूर्णा देवी ने ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर आयोजित 'ब्रिक्स बाज़ार' में शिरकत की। यहाँ उन्होंने मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तशिल्प धरोहर 'बाग प्रिंट' के स्टॉल पर पहुँचकर शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री और मोहम्मद काज़िम खत्री की उत्कृष्ट कलाकृति को निहारा। पारंपरिक तकनीक से प्रभावित होकर केंद्रीय मंत्री ने स्वयं अपने हाथों से लकड़ी का ठप्पा (ब्लॉक) लगाकर कपड़े पर छपाई की। इस अवसर पर शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री ने उन्हें पारंपरिक बाग प्रिंट का अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय सम्मान व्यक्त किया। यह क्षण भारतीय हस्तशिल्प और कारीगरों की वैश्विक पहचान का प्रतीक बना।

Madhya Bharat Madhya Bharat 13 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी तेज हो गई है। शहर के करीब 40 प्रमुख मार्गों को चरणबद्ध तरीके से चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। इनमें से पांच सड़कों पर फिलहाल कार्रवाई आगे बढ़ चुकी है। कुछ स्थानों पर नगर निगम ने भवनों पर निशान लगाने शुरू कर दिए हैं, जबकि कुछ मार्गों से प्रभावित होने वाले रहवासियों को नोटिस दिए जा रहे हैं। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन मार्गों पर चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाले यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाना है। गुदरी से हरसिद्धि की पाल तक करीब 570 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 14.43 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और करीब 136 भवन इसके दायरे में आ सकते हैं। दो तालाब से शांतिनगर तक लगभग 650 मीटर सड़क को भी 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। इस पर करीब 13.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे और करीब 120 प्रभावित लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं नीलकंठ द्वार से महाकाल चौराहे तक करीब 400 मीटर मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने की तैयारी है। इस काम की अनुमानित लागत 27.76 करोड़ रुपये है और यहां 120 से अधिक भवन प्रभावित होने की संभावना है। इस मार्ग पर नपती और सेंट्रल लाइनिंग का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा चौबीस खंबा से छोटा रुद्रसागर मार्ग को भी चौड़ा किया जाएगा। करीब 650 मीटर लंबे इस रास्ते की चौड़ाई बढ़ाकर 18 मीटर करने की योजना है, जिस पर लगभग 9.55 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस मार्ग के लिए नोटिस प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। खजूरवाली मस्जिद से गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है और इसके लिए करीब 9.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आसपास के अन्य मार्गों पर चौड़ीकरण कार्य चलने के कारण यहां यातायात को डायवर्ट किया गया है। इन सभी परियोजनाओं के जरिए सिंहस्थ से पहले शहर की प्रमुख सड़कों की क्षमता बढ़ाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाने पर जोर दिया जा रहा है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 15 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। सागर जिले के बण्डा क्षेत्र में दूषित शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों का हाल जानने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा चिकित्सकों से उपचार की स्थिति के संबंध में चर्चा की। मंत्री ने कहा कि इस दुखद घटना से सरकार बेहद गंभीर है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री राजपूत ने कहा कि दूषित शराब के सेवन से जिन लोगों की मृत्यु हुई है अथवा जो प्रभावित हुए हैं, उनके परिवारों को तीन दिन के अंदर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन पीड़ितों के पास संबल कार्ड नहीं है, उन्हें भी नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। तीन मरीजों की आंखों में गंभीर परेशानी, भोपाल एम्स भेजने की व्यवस्था बीएमसी के निरीक्षण के दौरान मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को सुनील विश्वकर्मा, सुल्तान सिंह, गोविंद अहिरवार नाम के तीन मरीजों की आंखों में अधिक परेशानी होने की जानकारी मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल बेहतर उपचार के लिए तीनों मरीजों को भोपाल भेजने की व्यवस्था कराई। मंत्री ने दूरभाष पर भोपाल एम्स के चिकित्सकों से चर्चा कर मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की और उन्हें तत्काल भोपाल भेजा गया। मंत्री ने कहा कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और सरकार उपचार का पूरा ध्यान रखेगी। शराब माफिया पर कार्रवाई कर पुलिस-प्रशासन ने कमर तोड़ दी दूषित शराब मामले में पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर मंत्री राजपूत ने संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और पुलिस तथा प्रशासन पूरी ताकत के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी

Madhya Bharat Madhya Bharat 14 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  रायपुर के गोलबाजार स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में गणेशोत्सव की परंपरा करीब 137 साल पुरानी बताई जाती है। शुरुआत में महज 7-8 लोगों ने मिलकर गणेश उत्सव मनाना शुरू किया था, जो आज एक बड़े आयोजन का रूप ले चुका है। इस उत्सव की खास पहचान भव्य झांकियां भी हैं। वर्ष 1999 में इसी स्थान पर पहली बार अमरनाथ गुफा की झांकी तैयार की गई थी। इसके साथ पाताल भैरवी, हनुमान लीला और चारों धाम के दर्शन भी झांकी के जरिए कराए गए थे। श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति की ओर से हर साल आयोजन को भव्य बनाया जाता है। समिति से जुड़े केदारनाथ गुप्ता के अनुसार, शुरुआती दौर में जहां कुछ लोग ही आयोजन संभालते थे, वहीं अब करीब 70 सदस्य उत्सव की व्यवस्थाओं में जुड़े हैं। गणेशजी के लिए करीब सात साल पहले 750 ग्राम सोने का मुकुट भी तैयार कराया गया था। गणेश चतुर्थी के दिन इसी मुकुट से बप्पा का अभिषेक किया जाता है। यह मुकुट विसर्जन कुंड तक भी ले जाया जाता है और पूजा के बाद सुरक्षित वापस लाया जाता है। इस बार गणपति बप्पा के साथ तिरुपति बालाजी, माता पद्मावती और महालक्ष्मी के दर्शन आकर्षण का केंद्र रहेंगे। गणेशोत्सव को सार्वजनिक रूप देने का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ा है। 1893 में बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव को सार्वजनिक आयोजन का स्वरूप दिया था। उस दौर में यह लोगों को एकजुट करने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना। इसी ऐतिहासिक परंपरा की झलक आज भी देश के अलग-अलग हिस्सों के गणेशोत्सव में देखने को मिलती है। वहीं, गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर बप्पा की स्थापना को लेकर महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला का कहना है कि भगवान गणेश की स्थापना के लिए किसी विशेष मुहूर्त की अनिवार्यता नहीं है और तिथि के दौरान सुबह से रात तक स्थापना की जा सकती है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 15 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर समेत 700 पदों पर भर्ती का इंतजार लंबे समय से जारी है। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर के 625, ग्रंथपाल के 50 और क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद शामिल हैं। वित्त विभाग से भर्ती को करीब एक साल पहले मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। इसके चलते पीएचडी, NET और SET जैसी पात्रता परीक्षाएं पास कर चुके अभ्यर्थियों को नौकरी के अवसर का इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, उच्च शिक्षा विभाग की ओर से भर्ती का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को भेजा गया था, लेकिन विज्ञापन के प्रारूप में कुछ कमियां सामने आईं। फरवरी में आयोग ने विभाग से जरूरी संशोधन और जानकारी मांगी थी। कई महीनों तक जवाब नहीं मिलने के कारण भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। प्रस्तावित पदों में वाणिज्य के 75 पद, हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिकी, गणित, रसायन, वनस्पति और प्राणीशास्त्र के 50-50 पद शामिल हैं। इसके अलावा अर्थशास्त्र, इतिहास और भूगोल के 25-25 पद भी प्रस्तावित हैं। वहीं, सरकारी कॉलेजों में 595 प्रोफेसर पदों की सीधी भर्ती भी कई वर्षों से लंबित है। इस भर्ती के लिए विज्ञापन 2021 में जारी हुआ था और करीब 1,533 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन इंटरव्यू की तारीख अब तक तय नहीं हुई। अधिकारियों के अनुसार, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के विज्ञापन में जरूरी संशोधन कर आयोग को मांगी गई जानकारी भेज दी गई है। साथ ही प्रोफेसर भर्ती के इंटरव्यू का प्रस्ताव भी आयोग को भेजा गया है और दोनों प्रक्रियाओं को जल्द आगे बढ़ाने की तैयारी है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 12 September 2026

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