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भारत की ग्रोथ रफ्तार रहेगी बरकरार 7 फीसदी से ज्यादा विकास दर का अनुमान .   नेपाल की बाढ़ का पानी बिहार पहुंचा, गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा.   TMC के 20 बागी सांसदों को स्पीकर का नोटिस, 7 दिन में जवाब मांगा.   वन नेशन, वन इलेक्शन पर JPC चीफ का दावा .   देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश, 15 राज्यों में अलर्ट.   परंपरा की जड़ों से आधुनिकता के शिखर तक : युगानुकूल मातृत्व का भारतीय दृष्टिकोण.   MP के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चित्रकूट में बाढ़ का खतरा बढ़ा.   GIS-2027 की तैयारियां तेज निवेशकों को न्योता देने दुबई जाएंगे CM मोहन यादव .   भोपाल की 10 लेन रोड पर बनेंगे 18 व्हीकल अंडरपास.   डॉ नरोत्तम मिश्रा से मिले मंत्री एंदल सिंह कंसाना, मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज.   भोपाल की सड़कों पर बढ़ी ई-बसों की रफ्तार .   महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन.   छत्तीसगढ़ BJP में युवा चेहरों को बढ़ावा Gen-Z तक पहुंच बनाने की तैयारी .   IGKV में फिर पेपर लीक 20 दिन में तीसरी घटना से परीक्षा व्यवस्था पर सवाल.   बिलासपुर में सैकड़ों शिक्षकों का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरा.   छत्तीसगढ़ में राशन वितरण की नई व्यवस्था.   सरकारी स्कूलों की बदहाली पर Gen-Alpha की आवाज बुलंद, तालाबंदी से मार्च तक विरोध.   नवंबर से बंद DSA मशीन, आंबेडकर अस्पताल में हर महीने 75-80 मरीजों का इलाज प्रभावित.  

देश की खबरें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की GDP ग्रोथ 7 प्रतिशत या उससे ऊपर रह सकती है। अमेरिका के शिकागो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने जिस तरह अपनी रफ्तार बनाए रखी है, उसके आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार बदलते वैश्विक हालात पर नजर रख रही है और देश की जरूरतों के अनुसार नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं। वित्त मंत्री ने मध्य पूर्व में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पैदा हुई चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इस संकट का असर कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई पर पड़ा। हालांकि, भारत ने वैकल्पिक रास्तों के जरिए आपूर्ति को बनाए रखने की कोशिश की, जिससे घरेलू जरूरतों पर बड़ा असर नहीं पड़ा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने सब्सिडी के माध्यम से किसानों पर इसका अतिरिक्त भार नहीं आने दिया। आने वाले कृषि सीजन के लिए भी सरकार ने पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होने की बात कही है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ देश को ज्यादा पूंजी और निवेश की जरूरत होगी। घरेलू स्तर पर निजी निवेश में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और सरकार के पूंजीगत खर्च से भी निवेश को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही विदेशी निवेश आकर्षित करने पर भी सरकार का विशेष जोर है। वित्त मंत्री ने बताया कि अमेरिका और कनाडा की यात्रा के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फंड्स और निवेशकों से बातचीत की जा रही है। सरकार निवेशकों की जरूरतों और चिंताओं को समझकर नीतियों में जरूरी सुधार करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि भारत में निवेश का माहौल और मजबूत हो और आर्थिक विकास की गति लगातार बनी रहे।

Madhya Bharat Madhya Bharat 31 August 2026

देश की खबरें

वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर देश में सियासी बहस के बीच संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर 2028 तक संवैधानिक संशोधन को संसद की मंजूरी मिल जाती है, तो 2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, इसके लिए राज्यों की सहमति और विधानसभा के कार्यकाल से जुड़े फैसले अहम होंगे।   पीपी चौधरी के मुताबिक, राज्यों को अपनी इच्छा के अनुसार एक साथ चुनाव कराने का फैसला लेने का अधिकार होगा। उनका दावा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने से बार-बार चुनाव कराने में होने वाला खर्च और प्रशासनिक संसाधनों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम समेत विपक्ष के कुछ नेताओं ने प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान और संघीय व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया है।   ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयक दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किए गए थे और बाद में इन्हें विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया। ये विधेयक पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किए गए थे। अब संवैधानिक संशोधन, राज्यों की सहमति और JPC की प्रक्रिया के बीच 2029 में देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 25 August 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल संभाग समेत आसपास के कई जिलों में भी मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। सतना जिले के चित्रकूट में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया है, जबकि गोरगी बांध टूटने के बाद निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के चलते रामघाट का बड़ा पुल भी प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने इलाके के स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित किया है। उधर, शहडोल के बाणसागर बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ने के बाद छह गेट खोल दिए गए हैं और निचले इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर लोगों को नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। राजधानी भोपाल में भी बारिश के बीच बड़ा तालाब लगभग भर चुका है। जलस्तर फुल टैंक लेवल से महज कुछ इंच नीचे है, ऐसे में जलस्तर और बढ़ने पर भदभदा बांध के गेट खोले जा सकते हैं। मौसम विभाग ने सितंबर के शुरुआती दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जैसे जिलों में तेज बारिश का अनुमान है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 9 फीसदी कम वर्षा दर्ज हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में तेज बारिश से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की चुनौती बढ़ सकती है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 31 August 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बीजेपी के दो वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने पूर्व गृहमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के भोपाल स्थित आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर अकेले में बातचीत हुई। मुलाकात के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दरअसल, दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद से ही प्रदेश बीजेपी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। पार्टी स्तर पर चुनाव परिणाम की समीक्षा और हार के कारणों को लेकर मंथन का दौर भी चला। इसी बीच नरोत्तम मिश्रा लगातार राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में बने हुए हैं। ऐसे माहौल में कैबिनेट मंत्री एंदल सिंह कंसाना का उनके आवास पर पहुंचना सियासी नजरिए से अहम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं की ओर से इसे सामान्य और सौजन्य मुलाकात ही बताया गया है। मुलाकात के बाद नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ बीजेपी नेता और मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एंदल सिंह कंसाना उनके भोपाल स्थित आवास पर सौजन्य भेंट के लिए पहुंचे। इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। नरोत्तम मिश्रा ने कंसाना को अपना परम मित्र बताया। फिलहाल मुलाकात को लेकर कोई राजनीतिक घोषणा सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों नेताओं की इस मुलाकात ने भोपाल के सियासी गलियारों में चर्चाओं को जरूर बढ़ा दिया है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 August 2026

छतीसगढ़ की खबरें

छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन अब नई पीढ़ी के नेताओं को आगे लाने पर जोर देता नजर आ रहा है। संगठन और चुनाव से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियों में युवा नेताओं की भागीदारी बढ़ाई गई है। पार्टी के इस कदम को भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा का फोकस अब पारंपरिक संगठनात्मक गतिविधियों के साथ युवा मतदाताओं, खासकर Gen-Z से जुड़ने पर भी है। इसके लिए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अहम माध्यम बनाया जा रहा है। आगामी निकाय चुनाव युवा नेताओं के लिए अपनी संगठनात्मक क्षमता दिखाने का बड़ा मौका माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल, चुनावी रणनीति को बूथ तक पहुंचाने और संगठन को मजबूत करने जैसी जिम्मेदारियों में इन नेताओं की भूमिका बढ़ सकती है। पार्टी के लिए यह मौका यह परखने का भी होगा कि युवा चेहरे किस तरह कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चुनावी मैदान में काम करते हैं। साथ ही रोजगार, शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप और डिजिटल अवसर जैसे मुद्दों पर Gen-Z के साथ संवाद स्थापित करने की कोशिश भी तेज हो सकती है। भाजपा की यह रणनीति केवल आगामी चुनाव तक सीमित नहीं मानी जा रही है। युवा नेताओं को लगातार जिम्मेदारियां देकर पार्टी अपनी दूसरी पंक्ति का नेतृत्व तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। जिला, मंडल और बूथ स्तर पर संगठनात्मक अभियानों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने के साथ डिजिटल कम्युनिकेशन पर भी जोर दिया जा सकता है। ऐसे में आने वाले समय में युवा नेता भाजपा के चुनावी प्रबंधन के साथ-साथ नई पीढ़ी को पार्टी से जोड़ने में कितने प्रभावी साबित होते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 31 August 2026

छतीसगढ़ की खबरें

छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए राहत की खबर है। सितंबर महीने में पात्र हितग्राहियों को सितंबर और अक्टूबर का चावल एक साथ दिया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। APL कार्डधारकों को छोड़कर अन्य सभी श्रेणियों के हितग्राही इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए प्रदेश की उचित मूल्य की दुकानों में पहले से ही दोनों महीनों के चावल का पर्याप्त स्टॉक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वितरण के समय किसी तरह की परेशानी न हो।   विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को सितंबर माह शुरू होने से पहले राशन दुकानों तक चावल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। इसके तहत पात्र हितग्राहियों को सितंबर में ही दो महीने का निर्धारित राशन मिल जाएगा और अक्टूबर में उन्हें अलग से चावल लेने के लिए राशन दुकान जाने की जरूरत नहीं होगी। विभाग का उद्देश्य समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना और PDS वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।   इधर, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी NFSA के तहत राशन दुकानदारों के कमीशन में भी बढ़ोतरी की गई है। अब चावल वितरण पर दुकानदारों को 100 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलेगा, जबकि पहले यह राशि 90 रुपये थी। यानी प्रति क्विंटल 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। ई-पॉश मशीन से खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाली अतिरिक्त मार्जिन राशि में भी वृद्धि की गई है। हालांकि राशन विक्रेता संघ इस बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं है। संघ का कहना है कि मौजूदा खर्च और काम को देखते हुए कमीशन में कम से कम 60 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बढ़ोतरी होनी चाहिए। सरकार से कमीशन बढ़ाने की मांग जारी है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 25 August 2026

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