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शिक्षक दिवस पर PM मोदी की शिक्षकों से बातचीत ,मोदी ने पूछा बेहतर वक्ता बनने का राज .   EOS-05 ने रचा नया रिकॉर्ड, GSLV से लॉन्च हुआ भारत का सबसे भारी सैटेलाइट.   GDP पर सवाल को लेकर घमासान गोयल के बयान पर AAP का पलटवार.   एक साल बाद भी सरकारी आवास का इंतजार, निजी फार्महाउस में रह रहे धनखड़.   सितंबर की शुरुआत में बढ़े कमर्शियल गैस के दाम सिलेंडर ₹9.50 महंगा.   भारत की ग्रोथ रफ्तार रहेगी बरकरार 7 फीसदी से ज्यादा विकास दर का अनुमान .   क्रॉम्पटन ग्रीव्स नई पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का प्रोडक्शन शुरू.   अजनार नदी की सफाई का जुनून रंग लाया CM मोहन यादव ने बिट्टू को बुलाया.   भोपाल में दुकानों की सीलिंग रुकी, कैलाश विजयवर्गीय बोले- निकलेगा रास्ता .   चित्रकूट में मंदाकिनी का रौद्र रूप, 400 दुकानें प्रभावित; 36 गांवों में अलर्ट.   MP में बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी 25 शहरों के लिए सीधी उड़ानों की तैयारी .   मेधावी विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे 304 करोड़, CM ने किया प्रोत्साहित.   खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में माल भेजना होगा सस्ता, 20% तक छूट.   रायपुर की सड़कों पर खतरा, जलभराव और फिसलन से हादसे का डर.   जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ नंबर-1.   छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में नारियल की खेती ने बनाई खास पहचान .   CGPSC मेंस 2025 का रिजल्ट जारी 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित .   छत्तीसगढ़ BJP में युवा चेहरों को बढ़ावा Gen-Z तक पहुंच बनाने की तैयारी .  

देश की खबरें

  शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा में नए प्रयोग, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यवहार, रुचियों और वास्तविक जीवन की जरूरतों को समझने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल उपकरणों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के लिए एक तरह की आदत बन सकता है। बच्चों को इससे संतुलित तरीके से दूर रखने में शिक्षक और माता-पिता दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों के बचपन और उनकी रचनात्मकता को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के जीवन से जुड़कर उन्हें सीखने के नए अवसर दें। संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक शिक्षिका से मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि अगर वे उनके विद्यार्थी होतीं और उन्हें अच्छा वक्ता बनना होता, तो शिक्षिका उन्हें क्या सलाह देतीं। इस पर शिक्षिका ने कहा कि बेहतर वक्ता बनने के लिए सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है और आत्मविश्वास लगातार अभ्यास से आता है। शिक्षिका ने यह भी स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री के सामने बात करते हुए वह खुद थोड़ी घबराई हुई थीं। इस सहज बातचीत ने कार्यक्रम को और खास बना दिया और शिक्षकों तथा प्रधानमंत्री के बीच संवाद का एक दिलचस्प पल सामने आया।

Madhya Bharat Madhya Bharat 5 September 2026

देश की खबरें

  पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पद से इस्तीफा देने के एक साल से ज्यादा समय बाद भी सरकारी आवास नहीं मिल पाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, धनखड़ फिलहाल दिल्ली के छतरपुर इलाके में इंडियन नेशनल लोकदल नेता अभय सिंह चौटाला के निजी फार्महाउस में रह रहे हैं। उन्होंने 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के करीब छह सप्ताह बाद, 1 सितंबर 2025 से उन्होंने चौटाला के फार्महाउस में रहना शुरू किया था, जिसे उस समय अस्थायी व्यवस्था बताया गया था। नियमों के अनुसार, पूर्व उपराष्ट्रपति को जीवनभर बिना किराए के सुसज्जित सरकारी आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान है। उनकी पात्रता के आधार पर आमतौर पर टाइप-VIII श्रेणी का बंगला दिया जाता है। अगर किसी स्थान पर ऐसा आवास उपलब्ध न हो तो सरकार दूसरी उच्च श्रेणी की सरकारी संपत्ति उपलब्ध करा सकती है या जरूरत पड़ने पर करीब 2,000 वर्ग फुट क्षेत्र वाला मकान लीज पर लिया जा सकता है। इसके लिए पूर्व उपराष्ट्रपति को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के सामने अनुरोध करना होता है। हालांकि, मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार धनखड़ की ओर से सरकारी आवास को लेकर किसी अनुरोध की जानकारी सामने नहीं आई है। उनके कार्यालय ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि पद छोड़ने के बाद आवास के लिए कोई प्रस्ताव भेजा गया था या नहीं। धनखड़ इससे पहले चर्च रोड स्थित नवनिर्मित VP एन्क्लेव में रहते थे और उनके पद छोड़ने के बाद उनके लिए लुटियंस दिल्ली में टाइप-VIII बंगला तैयार होने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद एक साल से अधिक समय बाद भी वे निजी फार्महाउस में रह रहे हैं, जिससे सरकारी आवास आवंटन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 2 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

सीएम डॉ. मोहन ने नई पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का प्रोडक्शन शुरू, मिलेगा 2 हजार लोगों को रोजगार भोपाल/सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीहोर जिले में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है, क्योंकि निवेश से ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित होते हैं। सरकार छोटे-बड़े सभी निवेशकों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही केबल निर्माण के लिए 106 करोड़ की लागत से एक फैक्ट्री का भूमि-पूजन किया गया है। आज जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 888  करोड़ की लागत से तैयार हुई सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पावर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री का लोकार्पण हुआ है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा  ग्वालियर-चंबल अंचल में गोदरेज इंडस्ट्रीज ने साबुन तैयार करने के लिए एशिया की सबसे बड़ी अपनी चौथी यूनिट का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के बलबूते देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के बीच मध्यप्रदेश आकर उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है।  मात्र 13 महीने में शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीहोर श्योर है, निवेश में सिक्योर है और रिटर्न एश्योर है। यह जिला पर्यटन के क्षेत्र में तेज गति से विकास कर रहा है। सीहोर अब भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा है, जिससे भविष्य में यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा। देश के इलेक्ट्रिकल इकोसिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बड़ी भूमिका निभाएगी। सीहोर में टायर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक सबकुछ तैयार हो रहा है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश की ग्रोथ में 5 अहम कड़ियां हैं, पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने अपनी 9 दशक की यात्रा में आज मध्यप्रदेश की धरती पर नया मुकाम हासिल किया है। पिछले साल अगस्त में भूमि-पूजन के बाद रिकॉर्ड 13 महीने में सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री प्रारंभ हुई है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए यह बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि इस यूनिट में हर वर्ष 365 ट्रांसफॉर्मर तैयार होंगे और 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।  दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब अब सीहोर में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के सीईओ अमर कौल ने कहा कि यह हमारी कंपनी का महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग का हिस्सा 13 प्रतिशत है, इसे 2035 तक 25 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सीहोर में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में लगभग 2000 लोगों को रोजगार मिला है। यहां पर हर महीने 35 ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे, जिनका आकार किसी तीन मंजिला बंगले के बराबर होगा। हमारी कंपनी आधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रोडक्शन कर रही है। इस यूनिट में दुनिया की सबसे बड़ी टेस्ट लैब भी तैयार की गई है। यूनिट की जरूरत के लिए 36 प्रतिशत बिजली सोलर एनर्जी से मिलेगी। राज्य सरकार के सहयोग से सीहोर में यह यूनिट मात्र 13 महीने में प्रोडक्शन के तैयार हुई है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 5 September 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पिछले पांच दिनों से नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है और कई बार पानी खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच चुका है। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित है। रामघाट पूरी तरह जलमग्न है, कामदगिरी का मुख्य पहुंच मार्ग प्रभावित हुआ है और नयागांव के कई हिस्सों में भी बाढ़ का असर है। बाढ़ के चलते 400 से ज्यादा दुकानें प्रभावित हुई हैं, जबकि कई घरों और दुकानों में पानी के साथ जमा कीचड़ से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने जिले के 36 गांवों में भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने सतना में अगले दो दिनों के दौरान तेज बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने के कारण जिले में एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश की वजह से मंदाकिनी नदी का जलस्तर सामान्य होने में समय लग रहा है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी परेशानी आ रही है। चित्रकूट के परिक्रमा मार्ग में जमा पानी को पंप की मदद से बाहर निकाला जा रहा है। नगर परिषद की टीमें जल निकासी, नालियों की सफाई और प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई का काम लगातार कर रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य जांच, पेयजल शुद्धिकरण और जल निकासी पर भी जोर दिया जा रहा है। नदी के जलस्तर में कुछ घंटों के भीतर तेजी से बदलाव होने के कारण राहत कार्यों को लगातार निगरानी में किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह और जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह समेत कई अधिकारी चित्रकूट में रहकर हालात का जायजा ले रहे हैं। बुधवार सुबह 7 बजे मंदाकिनी का जलस्तर 126 मीटर दर्ज हुआ था, जो दोपहर 3.30 बजे बढ़कर 129.15 मीटर पहुंच गया और शाम 5 बजे करीब 129 मीटर पर स्थिर रहा। प्रशासन की प्राथमिकता अब प्रभावित इलाकों में पानी निकालने, सफाई कराने और लोगों को सुरक्षित रखने की है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 3 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई को ज्यादा किफायती बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत उन रूट्स पर खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में सामान भेजने पर पात्र ग्राहकों को सामान्य माल भाड़े में 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। रेलवे का उद्देश्य वापसी में खाली चलने वाली मालगाड़ियों की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे व्यापारियों और उद्योगों को कम खर्च में अपने उत्पाद एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का विकल्प मिलेगा और परिवहन लागत घटने से बाजार तक सामान पहुंचाना भी आसान हो सकता है। इस योजना के संशोधित प्रावधान 1 अगस्त 2026 से लागू हो चुके हैं और 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेंगे। छूट केवल रेलवे द्वारा चिन्हित और अधिसूचित खाली प्रवाह वाले मार्गों पर पात्र माल की ढुलाई पर मिलेगी। इसके लिए ग्राहकों को हर खेप के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि निर्धारित नियम और पात्रता पूरी होने पर रेलवे की व्यवस्था के अनुसार छूट लागू की जाएगी। माल की श्रेणी, रूट और छूट की दर से जुड़ी शर्तें रेलवे के तय प्रावधानों के मुताबिक होंगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में माल ढुलाई का संचालन बड़े स्तर पर होता है। रायपुर मंडल से रोजाना 120 से अधिक मालगाड़ियों का परिचालन होता है, जबकि रायपुर, बिलासपुर और नागपुर मंडल को मिलाकर प्रतिदिन करीब 500 मालगाड़ियां चलती हैं। रेलवे लगातार माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने और खाली लौटने वाली ट्रेनों का उपयोग करने पर जोर दे रहा है। नई छूट व्यवस्था से ऐसे रूट्स पर माल लदान बढ़ने की उम्मीद है, जिससे रेलवे की परिवहन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल होने के साथ व्यापारियों को भी कम लागत में माल भेजने का फायदा मिल सकता है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 5 September 2026

छतीसगढ़ की खबरें

  आमतौर पर नारियल की खेती समुद्र के आसपास के इलाकों के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन कोंडागांव का प्रदर्शन सह बीज उत्पादन प्रक्षेत्र इस धारणा से अलग तस्वीर पेश कर रहा है। कृषि मंत्रालय के अधीन नारियल विकास बोर्ड के इस प्रक्षेत्र ने देश के 11 प्रक्षेत्रों में सालाना नारियल उत्पादन के मामले में पहला स्थान हासिल किया है। करीब 100 एकड़ में फैले इस फार्म में लगभग 6 हजार नारियल के पेड़ हैं, जिनसे हर साल 3 लाख से ज्यादा नारियल का उत्पादन होता है। कोंडागांव स्थित इस प्रक्षेत्र में नारियल की 18 अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां कुल उत्पादन का करीब 70 फीसदी हिस्सा बौनी, टॉल और संकर किस्मों से प्राप्त होता है। नारियल के उत्पादन के साथ-साथ यहां बड़े स्तर पर पौध तैयार करने का काम भी किया जाता है। हर साल 50 हजार से अधिक नारियल के पौधे तैयार कर किसानों को बेचे जाते हैं और छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों से भी इनकी मांग बनी रहती है। पौधों और नारियल की बिक्री से बोर्ड को सालाना करीब एक करोड़ रुपये की आमदनी होती है। नारियल के पौधे को फल देने में आमतौर पर चार से पांच साल का समय लगता है। इसके बाद अच्छी देखभाल और अनुकूल परिस्थितियों में पेड़ करीब 60 से 70 वर्षों तक उत्पादन देता रह सकता है। हालांकि नारियल की खेती में शुरुआती वर्षों में किसानों को धैर्य रखना पड़ता है, लेकिन लंबे समय तक उत्पादन मिलने के कारण इसे दीर्घकालिक बागवानी के लिए उपयोगी माना जाता है। बेहतर पैदावार के लिए सही प्रजाति का चयन, मिट्टी, सिंचाई, जल निकासी, खाद प्रबंधन और स्थानीय मौसम जैसी बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 2 September 2026

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