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अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में दस वर्षों में 37.74 लाख से अधिक मरीजों का उपचार.   भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत आईएनएस “समर्थक” का शुभारंभ.   पाकिस्तान से होने वाले किसी भी आतंकी कृत्य के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी: राजनाथ सिंह.   कुकरमुत्तों की तरह खुल रहे फर्जी कृषि कॉलेजों पर लगेगी लगाम, जल्द बनेगी एग्रीकल्चर काउंसिल- केंद्रीय कृषि मंत्री.   पिछले 10 वर्षों में नारियल फाइबर उत्पादों के निर्यात में 305 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.   समुद्री क्षेत्र को लेकर जागरूकता, अंतरसंचालनीयता और समुद्री सहयोग को मजबूत करना एक स्थिर और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था की कुंजी है: राजनाथ सिंह.   राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव का आयोजन इंदौर में 28 अक्टूबर को होगा.   भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने शनिवार को भोपाल एवं रायसेन जिले की कोर ग्रुप एवं जिला बैठक को सम्बोधित किया.   23 अक्टूबर को भोपाल में होगा फिशरीज इन्वेस्टर्स एंड एक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरी विकास परियोजनाओं पर की आंध्र प्रदेश के अधिकारियों से चर्चा.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश में की प्रमुख निवेशकों से भेंट.   अवैध गांजे की खेती पर बड़ी कार्रवाई, 4 करोड़ 43 लाख रुपए का गांजा जब्त.   पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देकर महिला उद्यमिता को नई दिशा देने की पहल.   ग्रामीणों के बीच बैठे डिप्टी सीएम, तीन गांवों में 1.55 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात.   उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम लोहझरी में ग्रामीणों के बीच बैठकर किया सीधा संवाद.   प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान.   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन से मजबूत हो रहा जनता का विश्वास.   छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही : उप मुख्यमंत्री .  

देश की खबरें

नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान(AIIA), नई दिल्ली ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान की एक दशक की उपलब्धियों और रोगी सेवाओं पर आधारित रिपोर्ट जारी की है  इसके अनुसार, अक्टूबर 2016 से सितंबर 2026 के बीच संस्थान के मुख्य परिसर तथा विभिन्न संबद्ध और आउटरीच केंद्रों में करीब 37,74,524 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। यह उपलब्धि आयुर्वेद आधारित चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और व्यापक स्तर पर मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के संस्थान के प्रयासों को दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली के सरिता विहार स्थित AIIA के मुख्य परिसर में इस अवधि के दौरान 30,37,077 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। संस्थान में प्रतिदिन लगभग 3,000 मरीजों को ओपीडी सेवाएँ उपलब्ध कराने की क्षमता है। इसके अतिरिक्त, 200 बिस्तरों वाला इनडोर रोगी विभाग (IPD) भर्ती होकर उपचार कराने वाले मरीजों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। यह बुनियादी ढाँचा संस्थान की विस्तारित चिकित्सकीय सेवाओं और रोगी देखभाल की क्षमता को दर्शाता है। मुख्य परिसर के अतिरिक्त, AIIA ने अपने स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क का विस्तार गोवा स्थित सैटेलाइट सेंटर और विभिन्न संबद्ध एवं आउटरीच केंद्रों के माध्यम से किया है। इनमें सफदरजंग अस्पताल, यूपीएससी भवन, झज्जर स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, मसूरी स्थित आईएएस प्रशिक्षण केंद्र और केवड़िया, एकता नगर स्थित केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 7.37 लाख मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जिससे संस्थान की पहुँच और व्यापक हुई। AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद आयुर्वेद के प्रति लोगों की रुचि और स्वीकार्यता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि इस अवधि में संस्थान में मरीजों की संख्या में चार गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2020 में लगभग 1.23 लाख मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई थीं, जबकि सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 5.40 लाख से अधिक हो गई। यह वृद्धि संस्थान की चिकित्सकीय सेवाओं के बढ़ते दायरे और आयुर्वेद आधारित परामर्श एवं उपचार के लिए आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को रेखांकित करती है।स्थापना दिवस के अवसर पर दशकभर की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट जारी करना और KAUMARACON-2026 का आयोजन संस्थान की दो प्रमुख प्राथमिकताओं को दर्शाता है। इनमें व्यापक जनसमुदाय तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना तथा वैज्ञानिक अनुसंधान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्थागत सहयोग के माध्यम से आयुर्वेद की चिकित्सकीय उपयोगिता को सुदृढ़ करना शामिल हैअखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान हैसंस्थान का उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना तथा भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को सुदृढ़ करना है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 October 2026

देश की खबरें

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज पूसा, दिल्ली में एग्रीविज़न के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की आजीविका को और बेहतर बनाने के साथ ही भारत अब केवल अपना पेट भरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में पूरी दुनिया का ‘फूड बास्केट’ बनकर उभरेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में बिना मानक के कुकुरमुत्तों की तरह खुल रहे निजी कृषि कॉलेजों और फर्जी डिग्रियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी और इसके नियमन हेतु जल्द एग्रीकल्चर काउंसिल का गठन होगा। *​अभाव के दौर से आत्मनिर्भरता और रिकॉर्ड उत्पादन तक का सफर* केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में देश की कृषि यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि एक दौर वह था जब देश को पीएल-480 के तहत आयातित अनाज पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज भारतीय किसानों के परिश्रम और आधुनिक नीतियों के दम पर देश खाद्यान्न में पूरी तरह आत्मनिर्भर है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच देश का कुल कृषि उत्पादन 49 प्रतिशत बढ़ा है। भारत आज चावल उत्पादन और निर्यात में दुनिया में पहले स्थान पर है, जबकि गेहूं में दूसरे स्थान पर है। अब समस्या उत्पादन की नहीं, बल्कि उसके वैज्ञानिक भंडारण, प्रबंधन और वैश्विक निर्यात की है। *​'आप अमृत निकालिए, हम उसे नीति बनाकर लागू करेंगे'* चौहान ने नीति-निर्माण में छात्र और किसान संगठनों की विशेषज्ञता को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय किसान संघ जैसे संगठन दिन-रात जमीनी हकीकत के बीच काम करते हैं। उन्होंने अधिवेशन में उपस्थित विशेषज्ञों और छात्रों से आह्वान किया, \"आप इस राष्ट्रीय अधिवेशन में गहन मंथन कीजिए और निष्कर्ष रूपी अमृत निकालिए, उसे देशहित में बांटने और लागू करने का काम सरकार करेगी।\" उन्होंने घोषणा की कि अधिवेशन के निष्कर्षों पर विस्तृत कार्ययोजना बनाने के लिए वे अगले 15 दिनों से एक महीने के भीतर प्रतिनिधियों के साथ दोबारा बैठक करेंगे, जिसमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाओं पर सीधा काम होगा। *​कृषि छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना पहली प्राथमिकता* कृषि शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि किसी को भी सिर्फ फीस लेकर डिग्री बांटने की दुकान चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि युवाओं द्वारा ली जाने वाली बीएससी (एजी) और एमएससी (एजी) जैसी तकनीकी डिग्रियों का पूरा मान रहे और वे व्यर्थ न जाएं। *​छोटे किसानों के लिए 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' मॉडल* भारत में औसत जोत मात्र 0.96 हेक्टेयर होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए विविधीकरण (डाइवर्सिफिकेशन) जरूरी है। अनाज के साथ-साथ फल, सब्जी, औषधीय खेती, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और प्राकृतिक खेती को जोड़कर ही किसानों की आजीविका को सुरक्षित व समृद्ध बनाया जाएगा। साथ ही, आधुनिक तकनीक जैसे एआई, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स को खेती से जोड़ने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। ​कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने एग्रीविज़न के 10 वर्षों के सफर पर आधारित विशेष पुस्तिका का विमोचन किया।

Madhya Bharat Madhya Bharat 15 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

इंदौर।  28 अक्टूबर, 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय 'अर्बन कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जा रहा है। कॉन्क्लेव में शहरी आवास विकास, निजी निवेश की संभावनाओं, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) और भविष्य की भावी आवश्यकताओं के अनुरूप शहरों के सुव्यवस्थित नियोजन से जुड़े विभिन्न नीतिगत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर गहन विचार-मंथन किया जाएगा। कॉन्क्लेव से प्रदेश में समावेशी शहरी विकास के नए अवसरों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) एवं निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के परिवारों के लिए सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवासों की सुलभता सुनिश्चित करने के सतत् प्रयासों को एक नई दिशा प्राप्त होगी। प्रदेश के नगरों में बढ़ती आवासीय माँग को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रगतिशील एवं नवोन्मेषी विकास मॉडलों को अंगीकार करने पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे समाज के प्रत्येक जरूरतमंद वर्ग को उसकी आर्थिक क्षमता के अनुरूप समुचित आवास उपलब्ध कराए जा सकें। इस दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0' के दूरगामी उद्देश्यों के सर्वथा अनुरूप आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार, शासकीय भूमि का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग तथा आधुनिक तकनीक आधारित विकास मॉडलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह अनूठी पहल प्रदेश की दीर्घकालीन आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ ही एक सशक्त, समृद्ध एवं सतत शहरी अधोसंरचना के निर्माण में अत्यधिक सहायक सिद्ध होगी। शहरी आवास विकास के लिए पर्याप्त भूमि की सुलभता सुनिश्चित करने तथा किफायती आवास परियोजनाओं को वित्तीय व व्यावहारिक दृष्टि से अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विकास संबंधी नियमों एवं प्रावधानों में समयानुकूल सुधार किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत फ्लोर एरिया रेशियो में न्यायसंगत वृद्धि, विभिन्न शुल्कों एवं प्रभारों में विशेष रियायत तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर आधारित विकास मॉडलों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित किया जा रहा है। इन दूरदर्शी उपायों से स्थापत्य एवं आवास निर्माण क्षेत्र में निजी पूंजी निवेश की व्यापक संभावनाएं उत्पन्न होंगी। अर्बन कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित निवेशकों, विषय विशेषज्ञों, नगरीय विकास निकायों तथा वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से इस क्षेत्र में नए अवसरों का सूत्रपात होगा। राज्य सरकार द्वारा आवासीय आवश्यकताओं को केवल पारंपरिक निर्माण तक सीमित न रखकर एक समग्र एवं व्यापक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। इसके तहत किफायती किराये के आवासों, औद्योगिक एवं निर्माण श्रमिकों के लिए सुरक्षित आवासीय परिसरों तथा समाज के विभिन्न आय वर्गों की विविध आवश्यकताओं के अनुसार सर्वसुविधायुक्त विकल्पों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसके साथ ही बस्तियों के पुनर्विकास तथा बुनियादी जन-सुविधाओं का विस्तार कर शहरी निवासियों के जीवन स्तर के उन्नयन के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इससे आजीविका की तलाश में शहरों में आगमन करने वाले श्रमिकों सहित प्रत्येक जरूरतमंद वर्ग को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवासीय विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे। राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव शहरी विकास के क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, प्रमुख निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, नवोन्मेषी स्टार्ट-अप्स तथा ऊर्जावान युवाओं को मध्यप्रदेश में सृजित हो रही अपार विकास संभावनाओं से सीधे जुड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 18 October 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंध्र प्रदेश के अमरावती में \"आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी\" के अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से सुनियोजित शहरीकरण, आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्ण डिजिटल, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल एकीकृत टाउनशिप परियोजना का अवलोकन कर इसकी प्रमुख विशेषताओं एवं विकास संबंधी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में इंदौर - उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन परियोजनाओं के लिए की गई पहल और भविष्य में जबलपुर एवं ग्वालियर के लिए तैयार की जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया।

Madhya Bharat Madhya Bharat 18 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत धमतरी जिले में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनकी आजीविका के साधनों का विस्तार करने तथा पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट आंगन लक्ष्मी की शुरुआत की जा रही है। प्रस्तावित यह पहल महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को पशु उद्यमी के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने और परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा के निर्देशन में यह पहल की शुरुआत होगी । कृषि के साथ आय के अतिरिक्त साधन विकसित करने पर जोर धमतरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार कृषि एवं मौसमी मजदूरी पर निर्भर हैं। धान की एक प्रमुख फसल, सीमित रोजगार अवसर और मौसम तथा बाजार की अनिश्चितताओं के कारण कई परिवारों को वर्षभर नियमित आय बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बकरीपालन, देशी मुर्गीपालन और डेयरी जैसे पशुपालन आधारित व्यवसाय ग्रामीण परिवारों के लिए आय के वैकल्पिक एवं टिकाऊ साधन बन सकते हैं। प्रोजेक्ट आंगन लक्ष्मी के माध्यम से महिलाओं की स्थानीय संसाधनों पर आधारित आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। दो चरणों में स्थापित होंगी 600 महिला पशु उद्यमी इकाइयां यह पहल छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करेगी। परियोजना में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अभिसरण की भी परिकल्पना की गई है। प्रथम चरण में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान जिले के चयनित संकुलों में 100 महिला पशु उद्यमियों की इकाइयां पायलट परियोजना के रूप में स्थापित की जाएंगी। इस चरण से प्राप्त अनुभवों एवं सफल क्रियान्वयन के आधार पर वित्तीय वर्ष 2027-28 में 500 अतिरिक्त इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रकार आगामी चरण में कुल 600 महिला पशु उद्यमी इकाइयों के विकास की दिशा में कार्य किया जाएगा। वैज्ञानिक पशुपालन, बेहतर देखभाल और बाजार से जुड़ाव परियोजना के अंतर्गत महिला उद्यमियों को उन्नत एवं वैज्ञानिक पद्धतियों से बकरीपालन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही देशी मुर्गीपालन को आजीविका के एकीकृत मॉडल के रूप में विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पशुओं के उचित पोषण, नियमित टीकाकरण, बीमा तथा स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पशुधन की सुरक्षा के साथ उद्यमों की आर्थिक व्यवहार्यता भी सुनिश्चित हो सके। पशुपालन से प्राप्त गोबर एवं अन्य जैविक संसाधनों से खाद तैयार करने, उसके संग्रहण और विक्रय को प्रोत्साहित करने की भी योजना है। इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और महिलाओं के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित हो सकेंगे। उत्पादों के विपणन के लिए बायबैक व्यवस्था के माध्यम से बाजार से जुड़ाव सुनिश्चित करने की परिकल्पना की गई है, जिससे महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के विक्रय में सुविधा मिल सके। आत्मनिर्भर महिला, सशक्त परिवार और समृद्ध गांव की दिशा में पहल सीईओ जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा के निर्देशन में परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय, महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी और आजीविका गतिविधियों की निरंतरता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पशुपालन संबंधी जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव के माध्यम से महिलाओं को व्यवस्थित उद्यम संचालन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रोजेक्ट आंगन लक्ष्मी का उद्देश्य महिलाओं को केवल आय अर्जित करने के अवसर उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक निर्णयों में अधिक भागीदारी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। यह पहल सफल होने पर ग्रामीण परिवारों की आय में विविधता लाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप यह परियोजना ग्रामीण आजीविका को मजबूती प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर महिलाओं और सशक्त गांवों के निर्माण की दिशा में सार्थक पहल साबित हो सकती है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 18 October 2026

छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बेहतर समन्वय के साथ अभियान चलाया है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 के लक्ष्य को लेकर सुरक्षा बलों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि चार दशकों से बस्तर में गहरी जड़ें जमा चुके नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष आसान नहीं था। घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच हमारे जवानों ने अभूतपूर्व साहस का परिचय दिया। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास, सुरक्षा बलों की रणनीति और जवानों के अदम्य पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक सफलता मिली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में बस्तर में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस परिवर्तन के वास्तविक नायक हमारे सुरक्षा बलों के जवान हैं, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य और राष्ट्रसेवा के संकल्प से कभी समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि बस्तर की धरती पर शांति की स्थापना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे वीर जवानों का शौर्य, त्याग और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। हमारे जवानों ने केवल नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष नहीं किया, बल्कि अपने रक्त और बलिदान से बस्तर में शांति, सुरक्षा और खुशहाली के नए युग की नींव रखी है। आज बस्तर में शांति और विश्वास की जो नई सुबह दिखाई दे रही है, उसके पीछे हमारे सुरक्षा बलों का अदम्य साहस और अमर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर द्वारा आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री साय ने शहीद परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी अपने को खोने की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। जब एक जवान देश और समाज की रक्षा करते हुए शहीद होता है तो एक मां अपना बेटा, पत्नी अपना जीवनसाथी और बच्चे अपने पिता का साया खो देते हैं। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरा छत्तीसगढ़ अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने शहीद परिवारों से कहा कि आपके अपने केवल आपके परिवार के सदस्य नहीं थे, वे पूरे छत्तीसगढ़ और राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने अपने जीवन से साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व और सम्मान के साथ याद करेंगी। शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ शहीद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे लिए केवल सहायता के पात्र परिवार नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ शहीद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे लिए केवल सहायता के पात्र परिवार नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। चार दशकों तक बस्तर ने झेला हिंसा का दंश मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और सरल-सहज जनजीवन के लिए पूरी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। दुर्भाग्य से चार दशकों तक इस सुंदर अंचल को नक्सली हिंसा का दंश झेलना पड़ा। हजारों परिवार हिंसा से प्रभावित हुए। अनेक बच्चों का बचपन भय और असुरक्षा के बीच गुजरा और दूरस्थ अंचलों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में हमारे सुरक्षा बलों के जवान बस्तरवासियों की सुरक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़े रहे। अपने परिवारों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर उन्होंने जंगलों और दुर्गम इलाकों में हर चुनौती का सामना किया। अनेक वीर जवान कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए, लेकिन उनका बलिदान उनके साथियों के संकल्प को और मजबूत करता गया। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस और पराक्रम पर पूरे छत्तीसगढ़ को गर्व है।अब शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा बस्तर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान से स्थापित हो रही शांति के साथ अब बस्तर में विकास और खुशहाली के नए द्वार खुल रहे हैं। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का वातावरण था, वहां आज सड़कें बन रही हैं, बिजली पहुंच रही है, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं तथा शासन की योजनाएं अंतिम छोर के गांवों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ और लंबे समय तक विकास से वंचित रहे गांवों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि बस्तर का कोई भी गांव और कोई भी परिवार विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और युवाओं को खेल, कौशल विकास तथा रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से गांव-गांव की खेल प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, वहीं बस्तर पंडुम इस अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को नई पहचान दे रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान अब भय और हिंसा से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, प्रतिभाशाली युवाओं, पर्यटन और विकास की अपार संभावनाओं से और अधिक मजबूत होगी। हमारा संकल्प है कि बस्तर के प्रत्येक युवा के हाथ में अवसर हो और प्रत्येक परिवार के जीवन में विकास और खुशहाली आए। शहीदों के सपनों का बस्तर बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बस्तर में दिखाई दे रहे सकारात्मक परिवर्तन की नींव हमारे शहीद जवानों के त्याग और बलिदान पर टिकी है। उन्होंने केवल वर्तमान की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित बस्तर का निर्माण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस शांति के लिए हमारे जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, वह शांति स्थायी बने और विकास तथा खुशहाली का लाभ बस्तर के प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को हमारे वीर जवानों के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराना भी आवश्यक है। राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन वीर सपूतों का जीवन युवाओं में देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की भावना जागृत करता रहेगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 October 2026

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