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भारत-नेपाल के बीच कानूनी सहायता समझौता, आपराधिक जांच और आतंकवाद से निपटने में बढ़ेगा सहयोग.   तमिलनाडु चुनाव से पहले एनडीए की तैयारी तेज, मार्च में दो बार दौरा कर सकते हैं पीएम मोदी.   अमित शाह ने राहुल गांधी को खुले मंच पर दी बहस की चुनौती .   नोएडा में सियासी शक्ति प्रदर्शन की होड़ मिशन 2027 की तैयारी.   पीएम मोदी की आज साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक.   रहमान के पीएम बनने से शेख हसीना की वापसी पर दबाव बढ़ा.   इंदौर मेट्रो निर्माण पर विवाद, ऐतिहासिक बावड़ी तोड़ने पर रीगल तिराहा पर हंगामा.   पूर्व सीएम कमलनाथ ने बजट को बताया विश्वासघात.   रोलिंग बजट से विकास को रफ्तार, सीएम मोहन यादव बोले.   70+ बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड आधार डेटा मिसमैच की बनी बड़ी बाधा.   महाशिवरात्रि पर उज्जैन में दोपहर की दुर्लभ भस्म आरती.   एमपी विधानसभा बजट सत्र, राज्यपाल के अभिभाषण के बीच में मचा हंगामा .   CBSE परीक्षा में अव्यवस्था, गणित के पेपर कम पड़े तो तीन चरणों में हुई परीक्षा.   ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर 17.15 लाख की ठगी.   डीलिस्टिंग कानून की मांग तेज, जनजातीय समाज की दिल्ली में महारैली का ऐलान.   5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा पर विवाद, प्राइवेट स्कूलों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखए .   पराली जलाने पर सख्ती 30 हजार तक जुर्माना और जेल.   24 फरवरी को पेश होगा छत्तीसगढ़ का बजट.  

देश की खबरें

  भारत और नेपाल ने आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे दोनों देशों के सक्षम अधिकारियों को जांच और कानूनी कार्यवाही में सहयोग मिलेगा। कई वर्षों की बातचीत के बाद हुए इस समझौते पर काठमांडू में हस्ताक्षर किए गए, जबकि पिछले साल जुलाई में नई दिल्ली में गृह सचिव स्तर की बैठक में इस पर सहमति बनी थी। यह समझौता वित्तीय और गैर-वित्तीय अपराधों के साथ-साथ आतंकवाद से निपटने के सहयोग को औपचारिक रूप देता है। दोनों देशों के अधिकारियों की मौजूदगी में दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते हुए कहा गया कि इससे आपराधिक मामलों की जांच, अभियोजन और न्यायिक कार्यवाही के दौरान साक्ष्य एकत्र करने और उनके आदान-प्रदान के लिए औपचारिक कानूनी ढांचा मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता कानून के शासन को मजबूत करने और न्याय प्रशासन में संस्थागत समन्वय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। समझौते के लागू होने से नेपाल में वित्तीय अपराधों को कम करने और जांच व न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। साथ ही यह मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण की रोकथाम से जुड़े पारस्परिक मूल्यांकन में भी मदद करेगा। काठमांडू के अधिकारियों का मानना है कि भारत के साथ यह समझौता नेपाल को वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने में भी सहायक हो सकता है।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

देश की खबरें

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक में तेज हलचल हो गई है और गौतमबुद्ध नगर जिला तीनों प्रमुख दलों के लिए रणनीतिक केंद्र बन गया है। दिल्ली से सटे इस क्षेत्र को राज्य की आर्थिक राजधानी और शो-विंडो माना जाता है। रिकॉर्ड निवेश, जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के चलते यहां विकास की राजनीति भी चरम पर है। यही वजह है कि भाजपा, समाजवादी पार्टी और बसपा अपने चुनावी अभियान की शुरुआत इसी जमीन से करने की तैयारी में हैं।   भाजपा 21 फरवरी को यमुना सिटी सेक्टर-28 में बड़ी जनसभा करेगी, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखेंगे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे। इसके बाद जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन पर भी विशाल सभा प्रस्तावित है। पार्टी नेताओं का दावा है कि यहीं से मिशन-2027 का शंखनाद होगा।   वहीं समाजवादी पार्टी 29 मार्च को दादरी के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज में ‘समानता भाईचारा रैली’ आयोजित करेगी, जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव संबोधित करेंगे। बसपा 15 मार्च को नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर कांशीराम जयंती के अवसर पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेगी, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई मंडलों से कार्यकर्ताओं के जुटने की तैयारी है। साफ है कि 2027 से पहले नोएडा सियासी ताकत आजमाने का बड़ा मंच बनने जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 14 February 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

  इंदौर के रीगल तिराहा स्थित रानी सराय में मेट्रो परियोजना के निर्माण के दौरान बुधवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब प्रशासन ने एक प्राचीन बावड़ी को तोड़ने का काम शुरू किया। जैसे ही ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुँचाने की खबर फैली, बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी और नागरिक मौके पर पहुंच गए और काम तुरंत रोकने की मांग की। बढ़ते विरोध के बीच फिलहाल बावड़ी तोड़ने की कार्रवाई रोक दी गई है। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि विकास के नाम पर यदि शहर की जल संचयन और ऐतिहासिक विरासतों को नष्ट किया गया तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम होंगे। प्रदर्शनकारियों ने मेट्रो अधिकारियों से बावड़ी तोड़ने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज दिखाने की मांग की, जबकि अधिकारियों का कहना था कि निर्माण कार्य के दायरे में आने वाली संरचनाओं के लिए अलग अनुमति की जरूरत नहीं होती। विरोध प्रदर्शन में पर्यावरणविद डॉ. डीके वाघेला, चंद्रशेखर गवली, डॉ. सुभाष बारोट और जनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय जैन सहित कई लोग शामिल हुए। क्रेन से तोड़फोड़ शुरू होते ही प्रदर्शनकारी बावड़ी के भीतर उतर गए और नारेबाजी करते हुए काम रुकवा दिया, जिससे मौके पर लंबे समय तक विवाद की स्थिति बनी रही।    

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को शामिल करने की घोषणा से लाखों परिवारों में उम्मीद जगी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर तकनीकी दिक्कतों के कारण बड़ी संख्या में पात्र वरिष्ठ नागरिक अब भी लाभ से वंचित हैं। आधार कार्ड के डेटा मिसमैच और दस्तावेजी त्रुटियों के चलते आयुष्मान कार्ड बनने में देरी हो रही है, जिससे मुफ्त इलाज की सुविधा अटक गई है।   योजना के अंतर्गत करीब 1.39 लाख से अधिक बुजुर्गों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल लगभग 45 हजार कार्ड ही बन पाए हैं। यानी करीब 67 प्रतिशत पात्र बुजुर्ग अभी भी योजना की सुरक्षा से बाहर हैं। अपर कलेक्टर कुमार सत्यम ने 70 प्लस आयु वर्ग के लिए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार आधार डेटा में नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरणों के अंतर के कारण प्रक्रिया अटक रही है, जिसे दुरुस्त करने के प्रयास जारी हैं।   कार्ड न बनने का सीधा असर बुजुर्गों के उपचार पर पड़ रहा है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई वरिष्ठ नागरिक निजी अस्पतालों में भटकने को मजबूर हैं, क्योंकि उनके पास सक्रिय आयुष्मान कार्ड नहीं है। परिजनों का कहना है कि तकनीकी खामियों का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जबकि योजना का मकसद उन्हें आर्थिक सुरक्षा और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 16 February 2026

छतीसगढ़ की खबरें

10वीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए, जब डीएवी पब्लिक स्कूल तिलसिवां परीक्षा केंद्र में गणित (बेसिक) के प्रश्नपत्र कम पहुंचने से अफरातफरी मच गई। निर्धारित समय सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे के बीच होने वाली परीक्षा को तीन चरणों में कराना पड़ा। इस केंद्र पर डीएवी पब्लिक स्कूल विश्रामपुर और साधुराम विद्या मंदिर सूरजपुर के कुल 183 विद्यार्थियों की परीक्षा निर्धारित थी। जानकारी के मुताबिक बैंक से मिले सीलबंद बंडल खोलने पर गणित (बेसिक) के पैकेट में अधिकतर प्रश्नपत्र स्टैंडर्ड कोर्स के निकले। स्थिति सामने आने पर केंद्र प्रभारी ने तुरंत बोर्ड अधिकारियों और सिटी कोऑर्डिनेटर से संपर्क किया, जिसके बाद अन्य केंद्रों से प्रश्नपत्र मंगाने की व्यवस्था की गई। इस दौरान परीक्षार्थियों को काफी देर तक कक्ष में इंतजार करना पड़ा।   प्रश्नपत्र उपलब्ध होने के बाद परीक्षा तीन अलग-अलग चरणों में कराई गई, जिनकी शुरुआत क्रमशः 10:30 बजे, 11:15 बजे और 12:35 बजे हुई। प्रबंधन का कहना है कि परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन पहले ही दिन हुई इस चूक ने बोर्ड की तैयारी और समन्वय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 18 February 2026

छतीसगढ़ की खबरें

छत्तीसगढ़ में 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तारीख नजदीक आते ही विवाद गहरा गया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त स्कूलों और सरकारी विद्यालयों में मार्च में परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन निजी स्कूलों ने इसमें शामिल न होने का फैसला लिया है। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने विभाग के फैसले का विरोध करते हुए मामला हाईकोर्ट में दायर किया है, जिस पर दो दिन के भीतर सुनवाई होने की संभावना है।   निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि पिछले सत्र में हाईकोर्ट ने परीक्षा में शामिल होना ऐच्छिक कर दिया था। उनका तर्क है कि समय पर पाठ्यपुस्तक उपलब्ध नहीं कराई गईं, 5वीं और 8वीं में बोर्ड परीक्षा का स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं है और प्रश्नपत्रों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठे थे। इन्हीं कारणों से इस वर्ष भी परीक्षा को अनिवार्य बनाए जाने का वे विरोध कर रहे हैं।   जानकारों के मुताबिक, पिछले वर्ष परीक्षा के बाद फेल और सप्लीमेंट्री छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और पुनर्परीक्षा की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सकी। परीक्षा के दौरान शिक्षकों द्वारा ब्लैकबोर्ड पर उत्तर लिखने या आंसरशीट में सवाल लिखने जैसी शिकायतें भी सामने आई थीं। निजी स्कूलों का कहना है कि जब तक व्यवस्था में सुधार और स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलते, तब तक वे बोर्ड परीक्षा प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 16 February 2026

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