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संविधान सदन में 26-27 अक्टूबर को होगा 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच, PM मोदी रहेंगे मौजूद, जन-केंद्रित विकास पर होगा वैश्विक मंथन - लोकसभा अध्यक्ष.   भारत की ताकत विविधता में एकता, टीम इंडिया की भावना से ही विकसित भारत बनेगा - उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन.   मुंबई में INDIA CHEM 2026 का भव्य शुभारंभ, देश का केमिकल बाजार दोगुना, MP में 50 हजार करोड़ का पेट्रोकेमिकल हब बन रहा.   *CCO की \'सुविकल्प\' पहल को मिला स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड 2026, बंद खदानों को बना रही उत्पादक संपत्ति.   ऊपर सोलर पैनल, नीचे लहलहाएगी फसल, 7वें एग्रीवोल्टाइक वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस का केंद्रीय मंत्री शिवराज ने किया शुभारंभ.   विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 ने बनाया नया रिकॉर्ड, 17 दिन में 491 करोड़ से ज्यादा की कमाई.   मुख्यमंत्री ने आदित्य बिरला समूह के प्रमुख कुमार मंगलम बिरला से की भेंट, सिंगरौली की हिंडाल्को इंडस्ट्री में 22 हजार करोड़ निवेश का प्रस्ताव.   केंद्र और राज्य सरकार मिलकर दे रही हैं मध्यप्रदेश के विकास को गति : CM डॉ. मोहन यादव.   ग्वालियर हादसे में 16 मौतें प्रशासनिक विफलता, मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख मुआवजा दे सरकार - जीतू पटवारी*.   सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का आज तीसरा दिन, सिंदूरिया से तराना तक पैदल चलेंगे दिग्विजय सिंह*.   जन विश्वास अभियान: फील्ड में ही दिखें सभी अधिकारी, CM डॉ. मोहन यादव किसी भी जिले में कर सकते हैं औचक निरीक्षण.   रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल मर्डर केस में SIT जांच, CM ने दिए आदेश.   PWD सचिव मुकेश बंसल ने राजनांदगांव में निर्माण कार्यों की समीक्षा की, लंबित सड़कों और भवनों को दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश.   डिप्टी CM विजय शर्मा की पहल पर कबीरधाम में 48 नई सहकारी समितियों का गठन.   अन्न का सम्मान और किसानों का योगदान हमारा सामूहिक दायित्व, विकसित भारत में युवा-महिला भागीदारी जरूरी - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु.   अर्बन चैलेंज फंड से छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास को मिलेगी नई गति, नगरीय निकाय भविष्य की जरूरतों के अनुसार बनाएं योजना - सीएम साय.   विजयादशमी सत्य और धर्म की विजय का पर्व, बिलाईगढ़ के राजशाही दशहरा में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, 5 बड़ी घोषणाएं.   जशपुर में सड़क नेटवर्क को मिल रही नई मजबूती.  

देश की खबरें

  नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। भारत की संसद आगामी 26 और 27 अक्टूबर 2026 को संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम की मेजबानी करने जा रही है। सम्मेलन का उद्घाटन 26 अक्टूबर को होगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को संसद भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत के संसदीय राजनय के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए वैश्विक संसदीय नेता नई दिल्ली में जुटेंगे। *PM मोदी करेंगे शिष्टमंडलों से भेंट* ओम बिरला ने बताया कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों और भागीदार देशों के पीठासीन अधिकारी, संसद सदस्य, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राज्य विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और आगंतुक शिष्टमंडलों के नेताओं से भेंट करेंगे। सम्मेलन से एक दिन पहले 25 अक्टूबर को शिष्टमंडलों के सचिवों की बैठक होगी, जिसमें 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के संयुक्त वक्तव्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। आगंतुक नेताओं और पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संवाद भी होगा। *मुख्य थीम - जन-केंद्रित विकास हेतु संसदों का सुदृढ़ीकरण* बिरला ने बताया कि सम्मेलन की मुख्य थीम \"जन-केंद्रित विकास हेतु संसदों का सुदृढ़ीकरण\" रखी गई है। ब्रिक्स संसदीय मंच की विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस बार चार उच्च-स्तरीय सत्रों में आम सहमति पर आधारित संवाद होगा - *1. रेजिलिएंस -* बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने हेतु संस्थाओं को सुदृढ़ करने में संसदों की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा। *2. नवोन्मेष -* संसदों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में मानव-केंद्रित नवाचार और एथिकल AI को बढ़ावा देना। *3. सहयोग -* संसदीय सहयोग के माध्यम से अधिक प्रतिनिधिक और न्यायसंगत वैश्विक शासन व्यवस्था सुनिश्चित करना। *4. सस्टेनेबिलिटी -* सतत और समावेशी भविष्य के लिए संसदों की भूमिका। उन्होंने बताया कि संस्थागत रेजिलिएंस, एथिकल AI और डिजिटल परिवर्तन, वैश्विक शासन सुधार और सतत विकास के संबंध में संसद की कार्यवाही पर गहन विचार-विमर्श होगा। *अंतरराष्ट्रीय मामलों की समितियों की विशेष बैठक* सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समितियों के चेयरपर्सन की एक विशेष बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसमें संसदीय राजनय, क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा होगी। ओम बिरला ने कहा कि इस सम्मेलन में उच्च स्तरीय पूर्ण सत्रों, समानांतर बैठकों और द्विपक्षीय आदान-प्रदान के साथ ही एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। भारत के उपराष्ट्रपति गणमान्य अतिथियों के सम्मान में भोज का आयोजन करेंगे। शिष्टमंडलों के सदस्य भारत की संसद का दौरा करेंगे और दिल्ली में सांस्कृतिक भ्रमण का आनंद भी लेंगे। सम्मेलन का समापन 27 अक्टूबर को होगा।

Madhya Bharat Madhya Bharat 22 October 2026

देश की खबरें

  नई दिल्ली। मंत्रालय के अधीन कोयला नियंत्रक संगठन (CCO) की बंद खदानों के सतत पुनरुपयोग की पहल को राष्ट्रीय सम्मान मिला है। CCO की 'सुविकल्प' पहल को 'डिजिटल परिचालन दक्षता - डेटा-संचालित निर्णय' कैटेगरी में प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह अवॉर्ड 26 सितंबर 2026 को दिया गया।   CCO ने वैज्ञानिक तरीके से खदानों को बंद करने और खनन के बाद की जमीन के बेहतर उपयोग के लिए 'सुविकल्प' नामक एक आंतरिक खदान पुनरुपयोग टूल बनाया है। यह टूल तकनीकी, पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक मानकों के आधार पर डेटा-आधारित तरीके से यह तय करने में मदद करता है कि बंद खदान की जमीन पर कौन सी परियोजना सबसे उपयुक्त रहेगी।   एक बार प्रोजेक्ट तय होने के बाद यूजर 'प्रिज्म' फ्रेमवर्क के जरिए उसे लागू कर सकते हैं। प्रिज्म पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद तरीके से भूमि पुनरुपयोग का रास्ता बताता है। इसमें प्रोजेक्ट कॉन्सेप्ट, केस स्टडी, सैंपल DPR, टेंडर डॉक्यूमेंट और संबंधित एजेंसियों की जानकारी भी मिलती है।   *12 वेबिनार से बढ़ाई समझ -*   CCO ने इसको लेकर 'सुविकल्प संवाद' वेबिनार सीरीज भी शुरू की है। इसमें कोयला कंपनियों, सरकारी अफसरों, तकनीकी एक्सपर्ट्स और शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर लाकर खनन बाद की जमीन के उपयोग पर चर्चा की गई। कुल 12 वेबिनार में रिक्लेम और लाइव्स फ्रेमवर्क, सुविकल्प टूल, PMU की स्थापना, सामुदायिक सहभागिता, पर्यटन विकास, आजीविका, फंडिंग, परित्यक्त खदानों के नवाचार उपयोग और देश-विदेश के अनुभवों पर चर्चा हुई।   इन पहलों से बंद कोयला खदानों को सिर्फ बंद करने तक सीमित न रखकर उन्हें पर्यावरण बहाली, रोजगार सृजन, सामुदायिक विकास और आर्थिक विविधीकरण की उत्पादक संपत्ति में बदलने में मदद मिल रही है, जो कोयला मंत्रालय के सतत क्षेत्रीय विकास के विजन को मजबूती देता है।

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मध्यप्रदेश की खबरें

भोपाल, 22 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई प्रवास के दौरान आदित्य बिरला समूह के प्रमुख कुमार मंगलम बिरला और उनके पुत्र आर्यमन विक्रम बिरला से भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें आगामी वर्ष मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के लिए आमंत्रित किया। उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला ने सिंगरौली स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्री में 22 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को दिया। मुख्यमंत्री ने बिरला समूह को मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की व्यापक संभावनाओं से अवगत कराया और प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश प्रोत्साहन और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कुमार मंगलम बिरला ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।

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मध्यप्रदेश की खबरें

*उज्जैन/देवास।* पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का आज तीसरा दिन है। उज्जैन से अयोध्या तक 930 KM की पदयात्रा कर रहे दिग्विजय सिंह आज देवास जिले के ग्राम सिंदूरिया से तराना तक पैदल चलेंगे। उनके साथ बड़ी संख्या में साधु-संत और समर्थक मौजूद हैं। *आज का रूट मैप -* आयोजकों के मुताबिक आज सुबह 8 बजे सिंदूरिया से यात्रा शुरू होगी। खजूरिया परमार, जवासिया के गोयल पेट्रोल पंप और कबलीखेड़ा जोड़ के हनुमान मंदिर होते हुए पदयात्रा आगे बढ़ेगी। दोपहर 1 बजे भोजन और विश्राम के बाद शाम 3 बजे यूनीवर्सल एकेडमी स्कूल, तराना से यात्रा फिर शुरू होगी। स्वास्तिक मैरिज गार्डन और कलश मैरिज गार्डन होते हुए शाम 6 बजे तराना नगर में आज की यात्रा का विश्राम होगा। रात्रि भोजन और विश्राम की व्यवस्था तराना में ही है। *महाकाल से अयोध्या तक यात्रा - विजयादशमी पर 20 अक्टूबर को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से यह यात्रा शुरू हुई थी। यात्रा उज्जैन से ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह सनातन परंपरा, मंदिरों में पारदर्शिता और लोकतंत्र में वोट के अधिकार की रक्षा का संदेश दे रहे हैं। दूसरे दिन उन्होंने चंदा चोरी और वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि धार्मिक स्थलों में चंदा चोरी करने वालों को जेल भेजा जाए और चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराए जाएं।यात्रा का मुख्य उद्देश्य मंदिरों में श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना और मताधिकार की रक्षा का मुद्दा उठाना है।

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छतीसगढ़ की खबरें

राजनांदगांव, 22 अक्टूबर। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बुधवार को राजनांदगांव में विभाग के निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिले में स्वीकृत, निर्माणाधीन और लंबित सड़कों, पुल-पुलियों और भवन निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पुराने और लंबित निर्माण कार्य आगामी दिसंबर माह तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं। बारिश के कारण रुके हुए कार्यों को तुरंत शुरू कर तेजी लाई जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। गुणवत्ताहीन काम पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट सचिव बंसल ने कहा कि जो ठेकेदार गुणवत्ताहीन काम कर रहे हैं या समय पर काम पूरा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ब्लैकलिस्ट किया जाए। अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में कलेक्टर जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत सीईओ दुर्गा प्रसाद अधिकारी और PWD के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी मौजूद रहे। सड़कों के काम को दें प्राथमिकता सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा करते हुए सचिव ने कहा कि सड़कों के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों को सुगम और सुरक्षित आवागमन मिल सके। निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण कर तकनीकी मापदंडों के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। तकनीकी और प्रशासकीय समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। भवन निर्माण, मरम्मत और संधारण कार्यों की समीक्षा में भी उन्होंने लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने और भौतिक व वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। दीपावली से पहले मजदूरी भुगतान के निर्देश बंसल ने निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को दीपावली त्योहार से पहले मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि मजदूरी समय पर मिलनी चाहिए, इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि PWD के कार्य सीधे नागरिकों की सुविधा और क्षेत्र के विकास से जुड़े हैं, इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से काम करें और गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करें।

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छतीसगढ़ की खबरें

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शहर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, रोजगार और नवाचार के केंद्र हैं। इसलिए शहरों का विकास आज की जरूरतों तक सीमित न रहकर आने वाले 20-30 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर सुनियोजित, टिकाऊ और आर्थिक रूप से सक्षम होना चाहिए। मुख्यमंत्री आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में हुडको और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो पर आयोजित प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे। *प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास को नई दिशा -* मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई सोच और नई गति मिली है। अर्बन चैलेंज फंड जैसे प्रयास शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न और आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा अवसर है। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए और ऐसी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं बनानी चाहिए जो नागरिकों का जीवन बेहतर बनाने के साथ शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करें। *नगरीय विकास को मजबूती देने दो महत्वपूर्ण एमओयू -* कार्यशाला के दौरान नगरीय विकास को नई दिशा देने वाले दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। पहला एमओयू हुडको और नगरीय प्रशासन विभाग के बीच और दूसरा नगरीय प्रशासन विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समझौतों से नगरीय निकायों को परियोजनाओं की योजना बनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और संस्थागत क्षमता विकास में मदद मिलेगी। इससे शहरों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं बनेंगी और उनका प्रभावी क्रियान्वयन होगा। शहरी विकास में विशेषज्ञ संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों और शासन के बीच साझेदारी समय की जरूरत है। *विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में शहरों की बड़ी भूमिका -* मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लिया है और छत्तीसगढ़ ने भी विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर मिशन मोड में काम शुरू किया है। हमें ऐसे शहर बनाने हैं जो निवेश को आकर्षित करें, उद्योग व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बनाएं, रोजगार के अवसर दें और नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं दें। सुनियोजित शहरीकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। *शहरों की समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी -* मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाएं केवल आज की समस्या देखकर नहीं, बल्कि अगले कई दशकों की जरूरत देखकर बननी चाहिए। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पेयजल, जल निकासी, सड़क, बिजली, स्वच्छता, परिवहन की दीर्घकालिक योजना जरूरी है। उन्होंने जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि बरसात में नागरिकों को परेशानी होती है, इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। प्रभावी जल निकासी व्यवस्था बनानी होगी। बिजली के अव्यवस्थित तारों पर उन्होंने कहा कि कई जगहों पर जुलूस या बड़े वाहनों के समय तारों को ऊपर उठाना पड़ता है, यह सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है। जहां संभव हो वहां तारों को भूमिगत करने की योजना बननी चाहिए। शहरों के विकास में पेयजल, सड़क, बिजली, जल निकासी जैसे सभी विभागों में बेहतर समन्वय जरूरी है। *जनप्रतिनिधि अपने शहरों के भविष्य की योजना बनाएं -* मुख्यमंत्री ने महापौरों, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों से कहा कि जनता ने उन्हें शहरों के विकास की बड़ी जिम्मेदारी दी है। अपने शहर की वास्तविक जरूरतों को समझकर स्थायी समाधान निकालना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। अर्बन चैलेंज फंड बड़ा अवसर है, सभी निकाय इसके प्रावधानों का अध्ययन कर विशेषज्ञों से संवाद कर ऐसी परियोजनाएं बनाएं जो तकनीकी रूप से मजबूत, नागरिकों के लिए उपयोगी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य हों। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से मिला मार्गदर्शन प्रदेश के नगरीय विकास को नई दिशा देगा और शासन, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञ संस्थाओं के समन्वय से शहरों को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। *अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ -* मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचा रही है। पीएम जनमन योजना से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों तक सड़क, बिजली, आवास, पेयजल पहुंचाया जा रहा है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति मिली है। रेल अधोसंरचना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के रावघाट तक रेल संपर्क और रायपुर से कुरूद तक रेल सेवा प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संपदा से समृद्ध है और नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलताओं से विकास और निवेश की नई संभावनाएं बनी हैं। *एक लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड बड़ा अवसर - उप मुख्यमंत्री अरुण साव -* उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए बड़ा अवसर है। चुनौती यह है कि निकाय कितनी गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं बनाकर इसका लाभ ले पाते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, नागरिकों की अपेक्षाएं बदल रही हैं, इसलिए नगरीय निकायों को नवाचार और आधुनिक तकनीक अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि जिस शहर ने हमें पहचान दी है, उसी ने हमें नेतृत्व की जिम्मेदारी दी है। यह शहर को कुछ लौटाने का अवसर है। हर जनप्रतिनिधि को ऐसे कार्य करने चाहिए जिनका लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिले। परियोजना की सफलता केवल निर्माण से नहीं, उसकी उपयोगिता, रखरखाव और वित्तीय व्यवहार्यता से तय होती है। *शहरों को मिलेगा विकास का नया आधार - केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू -* केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शहरी विकास को नई दिशा मिली है। पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन और अमृत मिशन से नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। बढ़ते शहरीकरण के कारण आवास, पेयजल, सड़क, परिवहन की मांग बढ़ रही है, इसलिए निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। अर्बन चैलेंज फंड इस दिशा में बड़ा अवसर है। उन्होंने जबलपुर में कचरे से ऊर्जा और हैदराबाद में जल प्रबंधन जैसे नवाचारों का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के निकायों को देश के सफल प्रयोगों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपनाना चाहिए। कार्यशाला में अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो के विभिन्न पहलुओं, वित्तीय संसाधन जुटाने और आधुनिक नियोजन पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर सभी 14 नगर निगमों के महापौर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, हुडको के सीएमडी संजय कुलश्रेष्ठ, तेलंगाना की सचिव टी. के. देवी, सेप्ट विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट बरजोर मेहता, संचालक नीलेश क्षीरसागर, सुडा सीईओ सुमित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

Madhya Bharat Madhya Bharat 21 October 2026

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