बंगाल में SIR की ‘गड़बड़ी वाली’ लिस्ट जारी, 1.25 करोड़ मतदाता शामिल
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ लिस्ट में शामिल 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम शनिवार को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए। अब यह सूची ग्राम पंचायत भवनों, ब्लॉक कार्यालयों और नगर वार्ड दफ्तरों में भी चस्पा की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR प्रक्रिया फिलहाल 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही है और बाकी राज्यों में भी इसे जल्द लागू किया जाएगा। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने इस प्रक्रिया पर चिंता जताई। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में SIR बहुत जल्दबाजी में हो रहा है, जिससे मतदाताओं को अपने अधिकार साबित करने के लिए दस्तावेज देने का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा। सेन ने चेतावनी दी कि इससे कई योग्य मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक हो सकता है। इधर तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने सूची जारी करने में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और आयोग के पत्र के बावजूद 24 जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों और नगर वार्डों में सूची प्रकाशित नहीं हुई। वहीं सॉफ्टवेयर, जिसने 7 करोड़ से ज्यादा फॉर्म का विश्लेषण कर गड़बड़ियां पकड़ी थीं, अब सूची जारी करने में धीमा पड़ गया है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह जानबूझकर किया जा रहा है।

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