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बंगाल में SIR की ‘गड़बड़ी वाली’ लिस्ट जारी, 1.25 करोड़ मतदाता शामिल.   कर्तव्य पथ पर दिखेंगी तेजेंद्र मित्रा की 1923 की ‘वंदे मातरम्’ पेंटिंग्स.   पीएम मोदी ने मतदाता दिवस पर दी शुभकामनाएं, युवा और स्टार्टअप्स के प्रयासों की की सराहना.   गणतंत्र दिवस 2026: दिल्ली में हाईटेक सुरक्षा घेरा, पहली बार AI स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल.   राहुल की बात से नाराज़ हुए शशि थरूर? कांग्रेस की बड़ी बैठक छोड़ी.   26 जनवरी से पहले बड़ी आतंकी साजिश नाकाम .   गणतंत्र दिवस पर बंद रहेंगे शहर के कई रास्ते.   Property, records , sought , Nawab , family , including, Saif Ali Khan..   मध्यप्रदेश - उत्तरप्रदेश के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें.   10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 ‘ईवन नंबर फॉर्मूला’ से होगी आयोजित.   अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ेगा उज्जैन, सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान.   पायलट की चेतावनी के बावजूद दादा गुरु के दर्शन को पहुंचे सीएम मोहन यादव.   छत्तीसगढ़ के 25 पुलिस अधिकारी-कर्मियों को राष्ट्रपति पदक.   जशपुर जिले को मिली 51.73 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात.   भूपेश बघेल सहित सभी आरोपियों के खिलाफ फिर चलेगा ट्रायल.   नक्सल फंडिंग केस: हाईकोर्ट ने मोहन गावड़े को जमानत से किया इनकार.   प्रदेश के 5 नए मेडिकल कॉलेजों में प्रशासनिक नियुक्तियां.   कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में जनजातीय वीरों की गाथा.  

देश की खबरें

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ लिस्ट में शामिल 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम शनिवार को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए। अब यह सूची ग्राम पंचायत भवनों, ब्लॉक कार्यालयों और नगर वार्ड दफ्तरों में भी चस्पा की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR प्रक्रिया फिलहाल 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही है और बाकी राज्यों में भी इसे जल्द लागू किया जाएगा।   नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने इस प्रक्रिया पर चिंता जताई। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में SIR बहुत जल्दबाजी में हो रहा है, जिससे मतदाताओं को अपने अधिकार साबित करने के लिए दस्तावेज देने का पर्याप्त समय नहीं मिल रहा। सेन ने चेतावनी दी कि इससे कई योग्य मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक हो सकता है।   इधर तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने सूची जारी करने में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और आयोग के पत्र के बावजूद 24 जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों और नगर वार्डों में सूची प्रकाशित नहीं हुई। वहीं सॉफ्टवेयर, जिसने 7 करोड़ से ज्यादा फॉर्म का विश्लेषण कर गड़बड़ियां पकड़ी थीं, अब सूची जारी करने में धीमा पड़ गया है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह जानबूझकर किया जा रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

देश की खबरें

गणतंत्र दिवस 2026 के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस साल 30,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों की 70 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं। खास बात यह है कि पहली बार दिल्ली पुलिस एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लैस स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल करेगी, जिनमें फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और थर्मल इमेजिंग तकनीक मौजूद है।   अधिकारियों के अनुसार, ये AI स्मार्ट चश्मे पुलिस के केंद्रीय डेटाबेस से जुड़े होंगे, जिससे रियल टाइम में संदिग्धों, अपराधियों और घोषित अपराधियों की पहचान संभव होगी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने बताया कि ये उपकरण सीधे पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन से कनेक्ट रहेंगे। सिस्टम में साफ संकेत मिलेगा—आपराधिक रिकॉर्ड न होने पर हरा बॉक्स और रिकॉर्ड पाए जाने पर लाल बॉक्स दिखाई देगा।   कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में छह स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। हजारों CCTV कैमरे, FRS से लैस मोबाइल वाहन और करीब 500 हाई-रिज़ॉल्यूशन AI कैमरे तैनात किए जा रहे हैं। नई दिल्ली, उत्तरी और मध्य जिलों में लगभग 4,000 छत सुरक्षा चौकियां बनाई गई हैं, जबकि बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन और बाजारों जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। दिल्ली पुलिस ने मॉक ड्रिल भी शुरू कर दी हैं और सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर लाल परेड मैदान में मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसके चलते सुबह 7:30 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक पुलिस मुख्यालय तिराहे से कंट्रोल रूम तिराहे के बीच सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। रोशनपुरा, भारत टॉकीज, टीटी नगर, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।   अनुमति प्राप्त भारी वाहनों का लाल परेड मैदान की ओर आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। नगर यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि तय डायवर्सन मार्गों का उपयोग कर यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 या 0755-2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।   गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन से लोकभवन तीन दिन तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। नागरिक इस दौरान लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य और विशेष सजावट का आनंद ले सकेंगे। केंद्रीय संचार ब्यूरो और मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा 'राजभवन से लोकभवन' विषय पर आधारित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे लोकभवन का भ्रमण अवश्य करें और लोकतांत्रिक मूल्यों का अनुभव कर संविधान के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को बढ़ाएं।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

मध्यप्रदेश की खबरें

पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 को ‘ईवन नंबर फॉर्मूला’ के तहत आयोजित करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के अनुसार परीक्षा कक्ष में 20, 40 या 60 परीक्षार्थी ही बैठेंगे और विषय संख्या का उपयोग नहीं किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि सभी तैयारियां तय गाइडलाइन और प्लान के अनुसार ही की जाएं।   बोर्ड के अनुसार, प्रश्न-पत्र चार सेट में उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी सेट में प्रश्न समान होंगे, लेकिन उनका क्रम अलग-अलग रहेगा। सिटिंग प्लान के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी परीक्षार्थी के आगे-पीछे या बगल में बैठने वाले छात्र को अलग सेट का प्रश्न-पत्र मिले। प्रश्न-पत्रों के बंडल परीक्षा कक्ष के बाहर न खोलने की व्यवस्था की गई है और एक बंडल में 20 पेपर होंगे।   प्रश्न-पत्र खुलने के बाद उन्हें परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा और इसकी जिम्मेदारी सेंटर इंचार्ज की होगी। बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। गाइडलाइन के उल्लंघन या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। यह कदम पिछले वर्ष सामने आई पेपर लीक की शिकायतों के बाद उठाया गया है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

छतीसगढ़ की खबरें

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के 25 अधिकारी और कर्मियों को उत्कृष्ट, सराहनीय और वीरतापूर्ण सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह घोषणा स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर की गई है। सभी चयनित अधिकारी-कर्मियों को 26 जनवरी 2026 को रायपुर के पुलिस मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राज्यपाल रमेन डेका द्वारा सम्मानित किया जाएगा।   केंद्रीय गृह विभाग के अनुसार, महानिदेशक जेल हिमांशु गुप्ता को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया जाएगा। वहीं सराहनीय सेवाओं के लिए आईजी ध्रुव गुप्ता, एसएसपी सूरजपुर प्रशांत ठाकुर, सेनानी श्वेता राजमणी, एसपी कोरिया रवि कुमार कुर्रे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मी चयनित किए गए हैं। इन अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।   इसके अलावा सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान अदम्य साहस का परिचय देने वाले 14 अधिकारी और कर्मियों को राष्ट्रपति का वीरता पदक दिया जाएगा। इनमें शहीद एएसआई रामूराम नाग, आरक्षक कुंजाम जोगा और वंजाम भीमा सहित अन्य जवान शामिल हैं। इन सम्माननों के जरिए राज्य के पुलिस बल की सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 25 January 2026

छतीसगढ़ की खबरें

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नक्सल गतिविधियों से जुड़े गंभीर फंडिंग मामले में आरोपी मोहन गावड़े को जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। डिवीजन बेंच—मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल—ने कहा कि अपीलकर्ता की भूमिका सह-आरोपियों के समान है और ट्रायल की अंतिम प्रक्रिया चल रही होने के कारण उसे रिहा नहीं किया जा सकता।   अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2024 में मदनवाड़ा थाना क्षेत्र में नक्सल फंड से ट्रैक्टर और ट्रॉली खरीदी गई थी, जिनका उपयोग प्रतिबंधित नक्सली गतिविधियों में किया जा रहा था। मोहन गावड़े पर आरोप है कि उसने इन वाहनों का इस्तेमाल कर नक्सलियों की सहायता की। हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी के पेश न होने पर नाराजगी जताई और डीजीपी को निर्देश दिए कि ट्रायल में सभी जिम्मेदार अधिकारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहें।   अपीलकर्ता की ओर से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जबकि राज्य सरकार ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़े हैं। चूंकि सह-आरोपियों को पहले ही राहत नहीं मिली है और 26 गवाहों की गवाही हो चुकी है, इसलिए मोहन गावड़े को जमानत देना उचित नहीं है। यूएपीए मामलों में केवल प्रथम दृष्ट्या संतोष होने पर ही जमानत दी जा सकती है, जो इस मामले में संभव नहीं है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi Priyanshi Chaturvedi 24 January 2026

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