Since: 23-09-2009

  Latest News :
मुंबई-गोवा हाईवे की देरी पर गडकरी का बड़ा बयान, उद्घाटन में नहीं जाएंगे.   राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने 15 महीनों में उपभोक्ताओं को 105 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड दिलाया.   BRICS समिट के लिए दिल्ली तैयार, 35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक बदलाव.   कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिवों की तलाश, राहुल-प्रियंका ले रहे नेताओं के इंटरव्यू.   राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच .   36 हजार फीट पर इंजन का ऑयल तेजी से घटा, अबूधाबी जा रही फ्लाइट कोच्चि लौटी.   MP के यात्री परिवहन में बड़ा बदलाव, 15 हजार आधुनिक बसें चलाने की तैयारी.   क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्यवाही, 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार.   30 सितंबर तक प्रदेश की सड़कों के सभी गड्ढे भरे जाएंगे.   आरटीओ के पीछे कचरा फेंकने वाले अस्पताल को नहीं तलाश पाया निगम, एनजीटी ने लगाई फटकार.   NGT ने वन विहार के 100 मीटर के अंदर अवैध कंस्ट्रक्शन पर मांगी रिपोर्ट.   भोपाल में 3,400 से ज़्यादा टूटी-फूटी इमारतों की पहचान की गई.   शिवराज सिंह चौहान का छत्तीसगढ़ दौरा ग्रामीण विकास को मिलेगी बड़ी सौगात.   PM मोदी के जन्मदिन पर ‘सेवा संकल्प अभियान’, प्रदेश में जलाए जाएंगे 36 लाख दीप.   छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, रायपुर सबसे ज्यादा प्रभावित.   छत्तीसगढ़ के स्कूलों में मान्यता के लिए एनओसी की जरूरत खत्म.   राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच .   NEET-JEE से UPSC तक फ्री कोचिंग, युवाओं के लिए साय सरकार की पहल.  
पौधारोपण की जमीनी हकीकत पर एनजीटी ने उठाए सवाल
ngt

 

भोपाल । विकास परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने के बाद उनकी भरपाई नाम मात्र की हुई। क्षतिपूर्ति पौधारोपण में पौधों की कम जीवितता दर को गंभीरता से लेते हुए कहा कि केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है। मरे पौधों की जगह दोबारा पौधे लगाए जाएं और 100 प्रतिशत सर्वाइवल सुनिश्चित किया जाए। पौधारोपण की जमीनी हकीकत पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सवाल उठाए।  ट्रिब्यूनल ने एनएचएआइ, वन विभाग और नगर निगम से  रिकार्ड भी मांगा है। नितिन सक्सेना के मामले की सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने फटकार लगाई है।  रिपोर्ट में पौधों की जीवित रहने की दर बेहद कम सामने आई है। 
80 हजार पौधों कहां है,  तस्वीर दें
एनजीटी ने सड़क किनारे और मीडियन में लगाए जाने वाले 10 हजार पौधों तथा हुजूर तहसील में आवंटित जमीन पर लगाए गए 70 हजार पौधों का साइटवार विवरण और तस्वीरें मांगी हैं। पिछले पांच वर्षों में लगाए गए पौधों की औसत ऊंचाई, मोटाई और सर्वाइवल प्रतिशत का रिकार्ड मांगा है।एमपीपीसीबी प्रदेशभर से राशि के उपयोग और पौधों के सर्वाइवल की रिपोर्ट जुटाएगा। 30 दिन में समग्र रिपोर्ट पेश करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई छह अक्टूबर को होगी। डीएफओ पर्यावरण वानिकी मंडल की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पौधारोपण के लिए राशि मिलने के बावजूद 2026 के मानसून में पौधारोपण शुरू नहीं हुआ। एनजीटी ने इस देरी पर भी रिपोर्ट मांगी है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पिछले पांच वर्षों में एनएचएआई और अन्य एजेंसियों से मिली राशि तथा उसके बदले किए गए पौधारोपण का जिला-वार ब्यौरा देना होगा।

MadhyaBharat 9 September 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.