Since: 23-09-2009

  Latest News :
विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 ने बनाया नया रिकॉर्ड, 17 दिन में 491 करोड़ से ज्यादा की कमाई.   नेपाल से तस्करी कर लाया गया 591 किलो गांजा जब्त, डीआरआई ने यूपी में ट्रक से पकड़ी खेप.   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व, दुशांबे रवाना.   एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया.   भारत-न्यूजीलैंड एफटीए कल विजयादशमी से लागू, भारतीय निर्यात पर जीरो ड्यूटी, 20 अरब डॉलर निवेश का रास्ता साफ.   घर बैठे मिलेगी खाद-बीज और योजनाओं की जानकारी, किसानों के लिए शुरू हुआ \'एग्री वेलफेयर पोर्टल\'.   विजयादशमी पर बोले शिवराज सिंह चौहान - हर साल रावण जलाते हैं, फिर उसकी बुराइयां क्यों नहीं जलती.   भोपाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर ट्रैफिक डायवर्ट, 21 अक्टूबर को भारी वाहनों की नो एंट्री*.   विजयादशमी पर इंदौर में शस्त्र पूजन, सीएम मोहन यादव बोले- शस्त्र पूजन शौर्य और कर्तव्य का प्रतीक.   930 किमी की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले महाकाल की शरण में दिग्विजय सिंह, चिंतामन गणेश के दर पर टेका मत्था.   एमपी के स्कूलों से 8.66 लाख बच्चे गायब, 6.1 प्रतिशत गिरा नामांकन, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब.   दो गैंग के 16 बदमाश पकड़े, 87 लाख की ज्वेलरी और नकदी बरामद.   छत्तीसगढ़ में पहली बार भारत जिम्बाब्वे महिला टी20 सीरीज, सीएम ने कहा बेटियों को मिलेगी प्रेरणा.   रावणभाठा में विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, 10 लाख सालाना देने की घोषणा.   विजयादशमी पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी बधाई, बोले- यह पर्व सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक.   जशपुर में 5.45 करोड़ से बन रहा महादेवमुड़ा एनीकट, 150 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा से किसानों को राहत.   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महतारी वंदन योजना को बताया नारी सशक्तिकरण की मिसाल.   पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देकर महिला उद्यमिता को नई दिशा देने की पहल.  
माणा हिमस्खलन : तीन शव और मिले मृतकाें की संख्या हुई सात
dehradoon, Mana Avalanche, bodies found
देहरादून । उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के माणा के पास हुए हिमस्खलन के तीसरे दिन रविवार को रेस्क्यू के दौरान तीन और श्रमिकों के शव बरामद हो गए। इस हादसे में मरने वालों की संख्या अब सात हो गई, जबकि अब एक श्रमिक अभी भी लापता है। इसे खोजने के लिए सेना और अन्य बचाव दल जुटे हैं।

पीआरओ रक्षा, लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान बर्फ में दबे तीन और श्रमिकों के शव बरामद किए हैं। इन शवों को माना पोस्ट तक लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब केवल एक और श्रमिक लापता है। सेना की ओर से फंसे एक श्रमिक को खोजबीन के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इसी बीच माणा रेस्क्यू अभियान में गंभीर रूप से घायल पवन पुत्र महेंद्र सिंह (23) इशापुर, सम्भल, उत्तर प्रदेश को हेली एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया है। जबकि एक अन्य व्यक्ति को शनिवार को ही रेफर कर दिया गया था।
 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सभी के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है। लगातार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से नियमित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और सभी विभागों के आपसी समन्वय से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। पोस्टमार्टम और अन्य प्रक्रिया पूरी होने के
बाद श्रमिकों के शवों को उनके घर तक भेजा जाएगा।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी और मार्च में हिमस्खलन की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में आपदा प्रबन्धन विभाग के माध्यम से एडवाइजरी जारी कर दी गई है। जो भी श्रमिक उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण विद्युत व्यवस्था और संचार व्यवस्था बाधित है, उन्हें दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।
 
उल्लेखनीय है कि इस हादसे में प्रभावित होने वाले श्रमिकों की संख्या पहले 55 बताई गई थी। हादसे के बाद प्रभावितों के घरों 
पर संपर्क करने पर पता चला कि एक श्रमिक पहले ही बिना बताए अपने घर चला गया था। इस प्रकार हिमस्खलन हादसे की
जद में आए श्रमिकों की कुल वास्तवित संख्या 54 है।
 
मध्य कमान के जीओसी घटनास्थल पर पहुंचे
अभियान के बीच मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और उत्तर भारत क्षेत्र के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा ने घटनास्थल का दौरा किया। दोनों सैन्य अधिकारियों ने खोज और बचाव कार्यों की निगरानी, ​​समीक्षा और समन्वय के लिए माना में हिमस्खलन स्थल का दौरा किया। यहां जीवित बचे लोगों का पता लगाने के लिए विशेष रेको रडार, यूएवी, क्वाडकॉप्टर, हिमस्खलन बचाव कुत्ते आदि को अभियान में लगाया गया है। आवश्यक उपकरण, संसाधन और घायलों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर भी लगातार काम कर रहे हैं। सेना कमांडर ने आश्वासन दिया कि विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से भारतीय सेना तेजी से बचाव प्रयासों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संसाधनों से पूरी तरह सुसज्जित है।
 
 
 
 
 
MadhyaBharat 2 March 2025

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.