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IPAC ऑफिस पर ईडी की रेड के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की हत्यारी बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर वोटर लिस्ट से 1।5 करोड़ से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं। ममता ने कहा कि अमर्त्य सेन, कवि जॉय गोस्वामी और अभिनेता देव जैसे प्रतिष्ठित लोगों को भी नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट से महिलाओं और युवाओं के नाम बड़ी संख्या में हटाए गए हैं। खासतौर पर हाल ही में शादी करने वाली महिलाओं, जिनके सरनेम या पते बदले हैं, उनके नाम बिना मौका दिए हटा दिए गए। ममता ने कहा कि एक अपराधी को भी अपना बचाव करने का मौका मिलता है, लेकिन असली वोटरों को यह अधिकार नहीं दिया गया।ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वे अपने गृह मंत्री अमित शाह को कंट्रोल करें। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी हमसे राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ सकती, तो बंगाल क्यों आ रही है। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल टीएमसी के कागजात, रणनीति, वोटर और डेटा लूटने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की राजनीति से बीजेपी को बंगाल में शून्य सीटें मिलेंगी। ममता ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर अमित शाह में हिम्मत है तो लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़कर बंगाल जीतें।
ईडी रेड और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि पार्टी के आईटी सेक्टर पर रेड क्यों की गई और सभी जरूरी कागजात क्यों जब्त किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अविश्वसनीय ऐप के जरिए 94 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं और चुनाव आयोग बीजेपी के इशारों पर काम कर रहा है। ममता ने यह भी दावा किया कि SIR प्रक्रिया की वजह से 72 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जिनमें आत्महत्या के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने पूछा कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है।ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि IPAC और पार्टी के आईटी ऑफिस से पूरा डेटा ले जाया गया है, जिसमें SIR डेटा, पार्टी पॉलिसी, उम्मीदवारों की सूची, बूथ अध्यक्षों की सूची और भविष्य की रणनीति शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि IPAC निजी तौर पर नहीं, बल्कि AITC द्वारा अधिकृत होकर काम करता है। ममता ने सवाल किया कि किसी राजनीतिक दल के आईटी सेक्टर से डेटा जब्त करना क्या अपराध नहीं है और क्या यह लोकतंत्र की हत्या नहीं है। उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ता इस मुद्दे पर हर वार्ड और हर ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन करेंगे और जब तक IPAC प्रमुख प्रतीक जैन नहीं आते और स्थिति साफ नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
Patrakar Vandana singh
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