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साल 2025 छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए नक्सल विरोधी अभियान में बेहद अहम और ऐतिहासिक रहा। इस साल अलग-अलग मुठभेड़ों में पुलिस ने 256 नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी के 10 बड़े सदस्य शामिल थे। इसके साथ ही 5 सेंट्रल कमेटी मेंबरों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण किया। नक्सली हिंसा में जवानों की शहादत और आम नागरिकों की मौतों में भी कमी आई है, जो सुरक्षा बलों की रणनीति की बड़ी सफलता मानी जा रही है। बस्तर आईजी के मुताबिक अब संगठन में केवल 150 से 200 हथियारबंद नक्सली ही बचे हैं और पुलिस लगातार उनसे मुख्यधारा में लौटने की अपील कर रही है।
बरामद हथियार, सरेंडर और सुरक्षा कैंपों से मजबूत पकड़
साल 2025 में पुलिस ने मुठभेड़ों के दौरान 664 हथियार बरामद किए, जिनमें 232 ऑटोमेटिक हथियार शामिल हैं। वहीं, ‘पूना मारगेम’ पुनर्वास नीति के तहत 1562 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जो पिछले पांच सालों में सबसे बड़ी संख्या है। इसके अलावा 884 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए इस साल रिकॉर्ड 52 नए पुलिस कैंप खोले गए। नारायणपुर के अबूझमाड़ में 22, बीजापुर में 18 और सुकमा में 12 नए कैंप स्थापित हुए, जिससे इन इलाकों में पहली बार शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं।
आईईडी पर बड़ी कार्रवाई, निर्णायक लड़ाई की तैयारी
नक्सलियों की सबसे खतरनाक रणनीति मानी जाने वाली आईईडी के खिलाफ भी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। साल 2025 में 950 से ज्यादा आईईडी बरामद कर नष्ट की गईं। बस्तर आईजी सुंदरराज पी का कहना है कि नई रणनीति, आधुनिक तकनीक, बढ़ते विकास कार्य और माओवादी संगठन में अंदरूनी फूट के कारण नक्सलियों का जनाधार कमजोर हुआ है। टॉप लीडरों के मारे जाने से संगठन की ताकत टूटी है। पुलिस का दावा है कि आने वाले समय में बस्तर के वे इलाके, जो दशकों से नक्सलियों के गढ़ रहे हैं, पूरी तरह नक्सल मुक्त होंगे और नए साल में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
Patrakar Vandana singh
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