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मानसून के आगमन की आहट
guna, Sometimes it rains, sometimes it is hot

गुना । मई के विदा होने के साथ ही जून माह में भी मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आ रहा है। कभी सुबह हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो जाता है तो कभी दोपहर होते-होते तेज धूप और उमस लोगों को बेहाल कर देती है। मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सुबह आसमान में बादल छाए रहे और रिमझिम फुहारों ने मौसम को ठंडा बना दिया, लेकिन जैसे-जैसे दोपहर चढ़ी, तेज धूप के साथ गर्मी और उमस ने फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। शाम होते-होते आसमान में एक बार फिर बादलों ने डेरा जमा लिया। गुना जिले के लिए जून माह का विशेष महत्व है क्योंकि इस दौरान मानसून के आगमन की शुरुआत होती है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सामान्य रूप से 23 जून को गुना में मानसून पहुंचता है। यही कारण है कि जून का पहला पखवाड़ा आमतौर पर तेज गर्मी और उमस से भरा होता है, लेकिन इसके बाद मानसूनी गतिविधियों की वजह से मौसम में ठंडक घुलने लगती है। कई बार पहले या दूसरे सप्ताह के अंत में पडऩे वाली तेज गर्मी, मानसून की दस्तक का संकेत मानी जाती है।

जून में 99.8 मिमी होती है वर्षा
मौसम विभाग के अ्रुसार गुना में मानसून का प्रवेश बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्रों से होता है। ये प्रणाली जब उत्तर-पश्चिम या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ती है, तो दक्षिण भारत में मानसून की शुरुआत होती है और धीरे-धीरे यह मध्य भारत सहित गुना जिले में सक्रिय हो जाता है। इस प्रक्रिया के तहत शुष्क हवाएं धीरे-धीरे आर्द्र हवाओं में बदल जाती हैं और वर्षा की शुरुआत होती है। जून माह में गुना का औसत अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रहता है। आद्रता अधिकतम 59 फीसदी और न्यूनतम 43फीसदी के बीच रहती है। इस माह की औसत वर्षा 99.8 मिमी होती है, और औसतन 5.6 दिन वर्षा के होते हैं। इसके अलावा गर्जन वाले दिनों की औसत संख्या 4.7 होती है जो आमतौर पर अल्पकालीन झंझा से जुड़ी होती है।


2011 में हुई थी सर्वाधिक बरसात
मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 4 व 11 जून एवं 2019 को अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि 17 जून 2017 को न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वर्ष 2011 में जून माह की सर्वाधिक मासिक वर्षा 706.2 मिमी दर्ज हुई थी और 23 जून 2011 को 24 घंटे में 337.2 मिमी बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकार्ड है। फिलहाल जिले में बदलते मौसम और छिटपुट बारिश से यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले कुछ ही दिनों में मानसून की झमाझम बारिश जिले में दस्तक दे सकती है।

 

 

 

MadhyaBharat 3 June 2025

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