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उज्जैन में ढोल धमाके और बैंड बाजे के साथ निकली ‍क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा
ujjain, Kshipra pilgrimage , band music
उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की परिकल्पना अनुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गंगा दशहरा पर्व पर उज्जैन में दो दिवसीय शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा निकाली जा रही है। जिले प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने बुधवार को ध्वज फहराकर ‍क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात ‍क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा ढोल-ढमाके और बैंड बाजे के साथ शहर में निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा का विभिन्न स्थानों पर बनाए गए मंचों से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
 
रामघाट पर ‍क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि विगत 18 वर्षों से ‍क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यात्रा के पीछे उद्देश्य ‍क्षिप्रा नदी के जल को प्रदूषण से मुक्त करने, इसका जल सदा प्रवाहमान करने, साथ ही पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने और हमारे जल स्रोतों का संरक्षण करने के लिए जागरुकता संदेश भी देना है।
 
प्रभारी मंत्री टेटवाल ने उज्जैन के निवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर यात्रा को सफल बनाएं। उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय ‍क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न स्थानों पर मंच बनाए गए हैं, जहां पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा। मंत्री श्री टेटवाल ने अपनी ओर से सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।
 
‍क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के कार्यकारि अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास ने कहा कि ‍क्षिप्रा नदी का महत्व गंगा नदी से भी अधिक है। गंगा नदी जब पापियों के पाप धोकर मैली हो गई थीं तथा नीले रंग की हो गई थीं तो वे ‍क्षिप्रा नदी में सम्मिलित हुई थीं और शुद्ध हो पाई थीं। गंगा नदी पापनाशिनी है लेकिन ‍क्षिप्रा नदी मोक्षदायिनी है।
 
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर शोध संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा तथा पर्यावरण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यात्रा प्रारंभ करने के पूर्व रामघाट पर ‍क्षिप्रा नदी का पूजन अर्चन किया गया और मां ‍क्षिप्रा को चुनरी भी अर्पित की गई।
 
इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, संजय अग्रवाल, नारायण यादव, वैभव यादव, ‍‍क्षिप्रा लोक संस्कृति समिति के सचिव नरेश शर्मा, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, जगदीश पांचाल, राजेश कुशवाहा, रवि सोलंकी, राजेंद्र भारती एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
 
शुभारंभ कार्यक्रम के पश्चात ‍क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। यात्रा रामघाट से प्रारंभ होकर नृसिंह घाट, आनंदेश्वर मंदिर, जगदीश मंदिर, गऊघाट, जंतर-मंतर, वरुणेश्वर महादेव, त्रिवेणी शनि मंदिर, गोठडा, सिकंदरी, दाउदखेड़ी, चिंतामण, मंगरोला फंटा, लालपुल, भूखी माता मंदिर और फिर दत्त अखाड़ा तक पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। गुरुवार, 5 जून को यात्रा पुनः प्रारंभ होकर रणजीत हनुमान, कालभैरव, अंगारेश्वर महादेव, कमेड, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा, ऋणमुक्तेश्वर, वाल्मीकि धाम होते हुए वापस रामघाट पर पहुंचेगी।

 

MadhyaBharat 4 June 2025

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