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मुंबई। बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर, मुंबई में आज केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग के सबसे बड़े वैश्विक मंच INDIA CHEM 2026 के 14वें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर आयोजन का विधिवत शुभारंभ किया। इस तीन दिवसीय आयोजन में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हो रहे हैं।
*2014 के बाद दोगुना हुआ बाजार, 1 लाख करोड़ का FDI - CM
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली थी, तब देश का केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल बाजार लगभग 120 अरब डॉलर का था, जो आज दोगुने से अधिक हो चुका है। यह यशस्वी प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है कि इस क्षेत्र को नई गति मिली है, जिसके सकारात्मक परिणाम आज पूरी दुनिया देख रही है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पेट्रोकेमिकल और रसायन क्षेत्र में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आया है।
*MP में उद्योगों के लिए सुनहरा अवसर, बीना बनेगा नया गढ़*
मुख्यमंत्री ने कहा कि केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और विनिर्माण सहित अनेक क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। मध्यप्रदेश अपनी असीम संभावनाओं, निवेश-अनुकूल वातावरण और उद्योग हितैषी नीतियों के साथ इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश की टेक्सटाइल क्षेत्र में विशेष पहचान बनी है, वहीं विजयपुर में गेल का आधुनिक गैस प्रसंस्करण ढांचा और सीहोर में गेल की पेट्रोकेमिकल परियोजना प्रदेश में औद्योगिक विकास की नई संभावनाएं खोल रही है।
सबसे बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का बीना भी पेट्रोकेमिकल का नया गढ़ बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीना में 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से डाउन स्ट्रीम पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया गया था। यहां हर साल 22 हजार से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
*छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा, 12 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर*
CM ने कहा कि सरकार बड़े ही नहीं, छोटे उद्योगों को भी प्रोत्साहन दे रही है। इसी कड़ी में रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़ और ग्वालियर के बिलोवा में 93 एकड़ में अत्याधुनिक प्लास्टिक पार्क तैयार किए गए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद मिले लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेश में उद्योगों के लिए बिजली, पानी, भूमि, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और निवेश-अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं।
*2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य*
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय प्रारंभ हुआ था, जो आज दक्षिण एशिया के प्रमुख औद्योगिक मंचों में स्थापित हो चुका है। विभिन्न देशों और राज्यों की सहभागिता भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि आज भारत के पास प्रतिभा, विशाल घरेलू बाजार, मजबूत विनिर्माण क्षमता है। वैश्विक तेल संकट और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच इस सेक्टर में भारत के पास बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वर्ष 2040 तक देश के केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को एक ट्रिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बनाने के लक्ष्य में मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देगा और प्रदेश को निवेश, उत्पादन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
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