Since: 23-09-2009
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। भारत की संसद आगामी 26 और 27 अक्टूबर 2026 को संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम की मेजबानी करने जा रही है। सम्मेलन का उद्घाटन 26 अक्टूबर को होगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को संसद भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत के संसदीय राजनय के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा। भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए वैश्विक संसदीय नेता नई दिल्ली में जुटेंगे।
*PM मोदी करेंगे शिष्टमंडलों से भेंट*
ओम बिरला ने बताया कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों और भागीदार देशों के पीठासीन अधिकारी, संसद सदस्य, केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राज्य विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और आगंतुक शिष्टमंडलों के नेताओं से भेंट करेंगे। सम्मेलन से एक दिन पहले 25 अक्टूबर को शिष्टमंडलों के सचिवों की बैठक होगी, जिसमें 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के संयुक्त वक्तव्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। आगंतुक नेताओं और पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संवाद भी होगा।
*मुख्य थीम - जन-केंद्रित विकास हेतु संसदों का सुदृढ़ीकरण*
बिरला ने बताया कि सम्मेलन की मुख्य थीम "जन-केंद्रित विकास हेतु संसदों का सुदृढ़ीकरण" रखी गई है। ब्रिक्स संसदीय मंच की विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस बार चार उच्च-स्तरीय सत्रों में आम सहमति पर आधारित संवाद होगा -
*1. रेजिलिएंस -* बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने हेतु संस्थाओं को सुदृढ़ करने में संसदों की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा।
*2. नवोन्मेष -* संसदों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में मानव-केंद्रित नवाचार और एथिकल AI को बढ़ावा देना।
*3. सहयोग -* संसदीय सहयोग के माध्यम से अधिक प्रतिनिधिक और न्यायसंगत वैश्विक शासन व्यवस्था सुनिश्चित करना।
*4. सस्टेनेबिलिटी -* सतत और समावेशी भविष्य के लिए संसदों की भूमिका।
उन्होंने बताया कि संस्थागत रेजिलिएंस, एथिकल AI और डिजिटल परिवर्तन, वैश्विक शासन सुधार और सतत विकास के संबंध में संसद की कार्यवाही पर गहन विचार-विमर्श होगा।
*अंतरराष्ट्रीय मामलों की समितियों की विशेष बैठक*
सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समितियों के चेयरपर्सन की एक विशेष बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसमें संसदीय राजनय, क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा होगी।
ओम बिरला ने कहा कि इस सम्मेलन में उच्च स्तरीय पूर्ण सत्रों, समानांतर बैठकों और द्विपक्षीय आदान-प्रदान के साथ ही एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। भारत के उपराष्ट्रपति गणमान्य अतिथियों के सम्मान में भोज का आयोजन करेंगे। शिष्टमंडलों के सदस्य भारत की संसद का दौरा करेंगे और दिल्ली में सांस्कृतिक भ्रमण का आनंद भी लेंगे। सम्मेलन का समापन 27 अक्टूबर को होगा।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |