Since: 23-09-2009
नई दिल्ली। CCPA ने वॉकी-टॉकी की बिक्री में जरूरी विनियामक जानकारी नहीं देने पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की । प्राधिकरण ने अब तक 12 कंपनियों के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किए हैं। वॉकी-टॉकी से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए कुल 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- अमेजन सेलर सर्विसेज, फ्लिपकार्ट इंटरनेट, मीशो, मेटा प्लेटफॉर्म्स और ट्रेडइंडिया इन्फोकॉम नेटवर्क में से प्रत्येक पर 10-10 लाख रुपये जुर्माना
- जियोमार्ट रिलायंस रिटेल, चिमिया, मास्कमैन टॉयज, टॉक प्रो आइकॉनेट सर्विसेज, संचार वायरलेस कम्युनिकेशंस, अंतरिक्ष टेक्नोसिस और होगर टेक्नोलॉजीज में से प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपये जुर्मानाजांच के दौरान विभिन्न प्लेटफॉर्म पर 16,970 से अधिक ऐसी प्रविष्टियां मिलीं जो नियमों का पालन नहीं कर रही थीं।इसके बाद अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो, मेटा फेसबुक मार्केटप्लेस, जियोमार्ट, इंडियामार्ट और ट्रेडइंडिया समेत 13 ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किए गए।
कंपनियों ने कोर्ट में दी चुनौती
कुछ कंपनियों ने CCPA के आदेशों को अदालतों में चुनौती दी है।
- अमेजन और फ्लिपकार्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया है
- मेटा और ट्रेडइंडिया ने 10-10 लाख के जुर्माने के खिलाफ NCDRC में अपील की है, ट्रेडइंडिया मामले में NCDRC ने जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है
- इंडियामार्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यवाही को चुनौती दी है, जबकि मामला अभी प्राधिकरण में विचाराधीन है
CCPA ने पारदर्शिता पर दिया जोर
CCPA ने दोहराया कि वॉकी-टॉकी के विज्ञापनों और प्रोडक्ट लिस्टिंग में ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी, जरूरी लाइसेंस आवश्यकताओं और अन्य महत्वपूर्ण विनियामक जानकारियों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए, ताकि उपभोक्ता सही जानकारी के आधार पर फैसला ले सकें। ऐसे उत्पादों के लिए यह खुलासा विशेष रूप से जरूरी है जिनके कानूनी उपयोग के लिए विशिष्ट शर्तें लागू होती हैं।प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, भ्रामक विज्ञापनों को रोकने और अनुचित व्यापार प्रथाओं से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
[25/10, 9:21 pm] Meta AI: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने वॉकी टॉकी की ऑनलाइन बिक्री में हो रही बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वॉकी टॉकी की बिक्री बिना जरूरी विनियामक जानकारी के की जा रही है, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो रहे हैं और अनजाने में नियमों का उल्लंघन करने वाले उपकरण खरीद रहे हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीसीपीए ने विस्तृत जांच शुरू की और जांच के दौरान चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया। विभिन्न ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर 16 हजार 970 से अधिक ऐसी लिस्टिंग पाई गईं जो निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रही थीं और जिनमें ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी और लाइसेंस से जुड़ी अनिवार्य जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद प्राधिकरण ने अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो, मेटा के फेसबुक मार्केटप्लेस, जियोमार्ट, इंडियामार्ट और ट्रेडइंडिया सहित कुल 13 बड़ी ई कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।
नोटिस के बाद हुई सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के आधार पर प्राधिकरण ने अब तक 12 कंपनियों के खिलाफ अंतिम आदेश जारी कर दिए हैं। वॉकी टॉकी से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं को अपनाने के लिए इन कंपनियों पर कुल 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड, मीशो प्राइवेट लिमिटेड, मेटा प्लेटफॉर्म्स और ट्रेडइंडिया यानी इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों में से प्रत्येक पर 10-10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। वहीं जियोमार्ट यानी रिलायंस रिटेल लिमिटेड, चिमिया, मास्कमैन टॉयज, टॉक प्रो यानी आइकॉनेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, संचार वायरलेस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अंतरिक्ष टेक्नोसिस प्राइवेट लिमिटेड और होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी में से प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि वॉकी टॉकी जैसे उपकरणों के लिए यह बताना अनिवार्य है कि वह किस फ्रीक्वेंसी पर काम करता है, उसके लिए लाइसेंस की जरूरत है या नहीं और उसके उपयोग की कानूनी सीमाएं क्या हैं, ताकि उपभोक्ता पूरी जानकारी के साथ सही निर्णय ले सकें।
इस बीच कुछ कंपनियों ने सीसीपीए के आदेशों को अदालतों में चुनौती भी दी है। अमेजन और फ्लिपकार्ट ने प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है जबकि मेटा प्लेटफॉर्म्स और ट्रेडइंडिया ने 10-10 लाख रुपये के जुर्माने के आदेश के विरुद्ध राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानी एनसीडीआरसी में अपील दायर की है। ट्रेडइंडिया के मामले में एनसीडीआरसी ने कंपनी को जुर्माने की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। इसी तरह इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड ने भी सीसीपीए की कार्यवाही को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है जबकि उसका मामला अभी भी प्राधिकरण के पास विचाराधीन है। सीसीपीए ने एक बार फिर दोहराया है कि वह उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक और अनुचित व्यापार प्रथाओं को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, विशेषकर उन उत्पादों के मामले में जिनके उपयोग के लिए विनियामक अनुपालन और कानूनी शर्तों का पालन करना अनिवार्य है।
MadhyaBharat
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |