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रायपुर, 26 अक्टूबर 2026।* सरगुजा संभाग में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और नर्सिंग होम को सात दिनों के भीतर जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
अंबिकापुर में कमिश्नर कार्यालय में आयोजित अंतरविभागीय बैठक में संभागायुक्त ने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों को नियमानुसार प्राधिकार प्राप्त करना होगा और अधिकृत कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) से अनिवार्य रूप से जुड़ना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संभागायुक्त ने संभाग के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों में स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों से निकलने वाले जैव अपशिष्ट का सुरक्षित संग्रहण और वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सीएमएचओ को नियमित निरीक्षण करने, कमियां पाए जाने पर तत्काल दूर कराने और लापरवाह संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। साथ ही सात दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट और नियमित समीक्षा के भी निर्देश दिए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अपशिष्ट संग्रहण की व्यवस्था निर्बाध बनी रहे, इसके लिए CBWTF से जुड़े देयकों का भुगतान समय पर किया जाए। भुगतान में देरी से कचरा उठाव प्रभावित नहीं होना चाहिए।
बैठक में कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, सीएमएचओ, आईएमए के प्रतिनिधि, उपायुक्त विकास आर.के. खुटे, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. कपिलदेव पैकरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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