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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर।* केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत के औद्योगिक रूपांतरण को चार स्तंभों पर आगे बढ़ना होगा - गुणवत्ता, बड़े पैमाने पर उत्पादन, वैश्विक बाजारों तक पहुंच और समावेशिता।
औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान (ISID) द्वारा आयोजित चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को 'विश्व के लिए बनाओ' के लक्ष्य पर काम करना होगा।
*व्यापार समझौतों पर बड़ी बातें -*
- गोयल ने कहा कि सरकार के नए व्यापार समझौते सिर्फ टैरिफ घटाने तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक साझेदारी हैं। इनमें संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा, निर्यात अवसरों को बढ़ाना और हाई-टेक उत्पादों तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
- 2014 से पहले के FTA 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित थे, जबकि अब 9 समझौतों से 60 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं में बाजार खुला है।
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उन्होंने कहा कि किसानों और संवेदनशील हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भारत को तुलनात्मक रूप से मजबूत लाभ मिलेगा।
*स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष होंगे ग्रोथ इंजन*
गोयल ने कहा कि स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष क्षेत्र भारत के औद्योगिक रूपांतरण के प्रमुख ड्राइवर होंगे। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अभी 8.4 अरब डॉलर की है, जो 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
*अन्य मुख्य बिंदु -*
- भारत की 60% बिजली क्षमता हरित और नवीकरणीय स्रोतों से है।
- भारतीय प्रतिभा की वैश्विक मांग बढ़ रही है, जर्मनी को हर साल 90 हजार से ज्यादा भारतीय स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत है।
- मेक इन इंडिया और PLI योजनाओं ने फैक्ट्रियों को भारत लाने में मदद की है।
- उन्होंने उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
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