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सागर के शराब बंडा कांड को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा है। सिंघार ने कहा सागर में ज़हरीली शराब ने 33 परिवारों के चिराग बुझा दिए, 33 घर उजड़ गए। लेकिन मुख्य आरोपी मनीष उर्फ यशवंत लोधी और आशीष शाहू आज भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं!
अब प्रशासन आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोज़र चला रहा है। कार्रवाई के दौरान घरों से मिल रही शराब खुद इस बात का प्रमाण है कि शराब UP से नहीं आई, बल्कि अवैध शराब का कारोबार यहीं मध्यप्रदेश में चल रहा था और वर्षों से प्रशासन एवं आबकारी विभाग की निगरानी में यह अवैध साम्राज्य फल-फूल रहा था।
बुलडोज़र चलाना कार्रवाई हो सकती है, लेकिन न्याय नहीं। 33 मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, 'आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना, सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे और SP अनुराग सुजानिया' पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
आखिर इन अधिकारियों के प्रति ऐसी कौन-सी मजबूरी या मेहरबानी है कि 33 मौतों के बाद भी जवाबदेही तय नहीं हुई? उजड़े परिवारों के आँसू दीवारें गिराने से नहीं सूखेंगे। जब तक दोषियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा है।
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