Since: 23-09-2009

  Latest News :
इमरान की पार्टी के खिलाफ सेना ने खोला मोर्चा.   बांग्लादेशियों को शरण देने के ममता बनर्जी के बयान पर राज्यपाल ने मांगा जवाब.   केंद्रीय बजट में बिहार के लिए खोला पिटारा आंध्र को 15 हजार करोड़ रुपये का पैकेज.   पंजाब में नया राजनीतिक दल बनाएंगे कट्टरपंथी सांसद सरबजीत सिंह खालसा.   सरकारी कर्मचारी भी संघ के कार्यक्रमों में हो सकेंगे शामिल.   जवाब मिलने तक नीट का मुद्दा उठाते रहेंगे : राहुल गांधी.   कमलनाथ ने केन्द्र सरकार के बजट काे बताया दृष्टिहीन.   इंदौर से रीवा जा रही यात्रियाें से भरी बस पलटी.   बुजुर्ग ने लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारी.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय.   जलती चिता से निकाला विवाहिता का शव.   धार्मिक कार्यक्रम में मंत्री प्रहलाद पटेल की तबीयत बिगड़ी.   विकसित भारत के लिए यह बजट मील का पत्थर साबित होगा-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय.   छग विधानसभा मानसून सत्र : अनुपूरक बजट पर चर्चा.   बजट निराश करने वाला और देश को बर्बाद करने वाला- दीपक बैज.   विधानसभा में भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक का जल जीवन मिशन में भारी गड़बड़ी का आरोप.   छत्तीसगढ़ की बेटियों ने राज्य और देश का मान बढ़ाया- खेल मंत्री वर्मा.   नगर निगम रायपुर के पांच जोन आयुक्तों का तबादला.  
पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्वदेश रवाना हुए प्रधानमंत्री
new delhi, PM leaves ,East Asia Summit

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को अपनी छोटी लेकिन प्रभावी यात्रा के बाद इंडोनेशिया से स्वदेश रवाना हो गए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने डिली, तिमोर-लेस्ते में एक भारतीय दूतावास स्थापित करने के निर्णय की घोषणा की। यह निर्णय आसियान को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व और तिमोर लेस्ते के साथ उसके संबंधों का प्रतिबिंब है। इस निर्णय का तिमोर लेस्ते और आसियान सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। तिमोर लेस्ते इसका पूर्ण सदस्य बनने से पहले 2022 में एक पर्यवेक्षक के रूप में आसियान में शामिल हुआ।

 

 

प्रधानमंत्री ने 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में कहा कि म्यांमार में भारत की नीति आसियान के पक्ष को ध्यान में रखती है। साथ ही एक पड़ोसी देश के तौर पर सीमाओं पर शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना और भारत- आसियान कनेक्टिविटी को बढ़ाना भी हमारा फ़ोकस है।

 

 

उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक में शांति, सुरक्षा और समृद्धि में ही हम सबका हित है। आज जरूरत है कि एक ऐसा इंडो-पैसिफिक रहे, जहां संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानूनों सहित अंतरराष्ट्रीय कानून सभी देशों के लिए समान रूप से लागू हों। जहां आवाजाही और उड़ान की स्वतंत्रता हो और जहां सभी के फ़ायदे के लिए अबाधित वैध वाणिज्य हो। भारत का मानना है कि दक्षिण चीन सागर के लिए आचार संहिता प्रभावकारी हो और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानूनों के अनुरूप हो। इसमें उन देशों के हितों का भी ध्यान रखा जाए, जो चर्चाओं का हिस्सा नहीं हैं।

 

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य कठिन परिस्थितियों और अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है । आतंकवाद, उग्रवाद, और भू-राजनीतिक संघर्ष हम सभी के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। इनका सामना करने के लिए बहुपक्षीय और नियम आधारित विश्व व्यवस्था अहम हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन होना आवश्यक है और सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को सुदृढ़ करने के लिए सबकी प्रतिबद्धता और साझा प्रयास भी आवश्यक हैं। जैसा मैंने पहले भी कहा है – आज का युग युद्ध का नहीं है बल्कि संवाद और कूटनीति ही समाधान का रास्ता है।

MadhyaBharat 7 September 2023

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2024 MadhyaBharat News.