Since: 23-09-2009

  Latest News :
पीएम मोदी ने RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा संस्थान का किया उद्घाटन.   12 ई-कॉमर्स कंपनियों पर 58 लाख का जुर्माना.   25 अक्टूबर को वाराणसी और भुवनेश्वर जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी, परिधान फैक्ट्री, एयर शो और RBI डेटा सेंटर का करेंगे उद्घाटन.   DFPD का विशेष अभियान 6.0 जोरों पर: 82 हजार फाइलों की समीक्षा, 31 हजार वर्ग फीट जगह खाली, 36 लाख का स्क्रैप राजस्व.   C-DOT और IIT-BHU में ऐतिहासिक साझेदारी: वाराणसी में खुलेगा 6G, AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी का छठा उत्कृष्टता केंद्र.   इंजीनियरिंग निर्यात रिकॉर्ड की ओर: इस वित्त वर्ष में 150 अरब डॉलर का लक्ष्य.   सोशल मीडिया से विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएगी भाजपा.   प्रधानमंत्री के मन की बात के संदेश को पार्टी कार्यकर्ता जनभागीदारी के साथ धरातल पर साकार करें.   बालासाहेब थोरात ने कहा ज्ञानेश कर भाजपा के लिए कर रहे कार्य.   भोपाल मास्टर प्लान का नया प्रारूप कानूनी खामियों से भरा है, केवल वाहनों पर केंद्रित .   कटनी में बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटवारी , भ्रष्टाचार व्यवस्था की जड़ों तक पहुंच गया.   रीवा में प्र न्यूक्लियर पावर प्लांट नहीं लगने देंगे, विधानसभा में भी उठाएंगे मुद्दा - सिंघार.   पीएम ने त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने और वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाने का आह्वान किया.   वाहनों चेकिंग से 4.81 लाख का समन शुल्क की ही वसूली.   मुंगेली जिले के अनेक घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे.   कोरबा की प्रमुख सड़कों के डामरीकरण कार्य का शुभारंभ, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया निरीक्षण.   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी देश का सबसे बड़ा कर सुधार - वित्त मंत्री चौधरी.   दवाएं सस्ती हों, ग्रामीणों तक पहुंचे इलाज, नकली दवाओं पर लगे रोक - राज्यपाल डेका.  
दवाएं सस्ती हों, ग्रामीणों तक पहुंचे इलाज, नकली दवाओं पर लगे रोक - राज्यपाल डेका
राज्यपाल


रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया के 28वें राष्ट्रीय अधिवेशन एपिकॉन-2026 को संबोधित करते हुए फार्मा जगत को मानव सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय अधिवेशन का मुख्य विषय फार्मा शिक्षक आत्मनिर्भर भारत के लिए फार्मासिस्ट तैयार करने का संकल्प रखा गया है, जिसमें देशभर से आए शिक्षक, शोधकर्ता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि आत्मनिर्भर भारत में फार्मेसी की भूमिका पर मंथन कर रहे हैं।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है, बड़े अस्पताल, आधुनिक तकनीक और नई दवाएं आई हैं, लेकिन आज भी सबसे बड़ी चुनौती यही है कि सस्ता इलाज और किफायती दवाएं देश के अंतिम व्यक्ति और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा जब डॉक्टर, फार्मासिस्ट, शिक्षक और शोधकर्ता एक टीम के रूप में काम करेंगे और स्वास्थ्य और शिक्षा को केवल कारोबार या डिग्री हासिल करने का माध्यम न मानकर समाज सेवा का संकल्प मानेंगे।
उन्होंने कहा कि आज भी गांवों में एक गरीब मरीज डॉक्टर के पास जाने से इसलिए डरता है कि दवाएं कितनी महंगी लिख दी जाएंगी। ऐसे में डॉक्टरों की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे दवा लिखते समय मरीज की आर्थिक स्थिति को भी समझें और जहां संभव हो, समान रूप से प्रभावी लेकिन कम कीमत वाली जेनेरिक या वैकल्पिक दवाओं को प्राथमिकता दें। इलाज का खर्च कम होगा तभी आम आदमी का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ेगा।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के विशेष संदर्भ में कहा कि यह प्रदेश वन संपदा और जनजातीय ज्ञान का खजाना है। विशेष रूप से बैगा समुदाय के पास पीढ़ियों से औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों और पारंपरिक उपचार पद्धतियों से जुड़ा अमूल्य ज्ञान है, जो आज तक किताबों में दर्ज नहीं हो पाया है। इस पारंपरिक ज्ञान का वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन, परीक्षण और दस्तावेजीकरण किया जाना समय की मांग है। यदि इस ज्ञान को आधुनिक प्रयोगशालाओं में परखा जाए तो कई असाध्य बीमारियों के लिए सस्ती और प्रभावी दवाएं भारत से ही निकल सकती हैं।
उन्होंने नकली और अमानक दवाओं के कारोबार पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि नकली दवाएं केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मरीज की जान के साथ खिलवाड़ है। इससे न केवल मरीज का स्वास्थ्य बिगड़ता है, बल्कि पूरी चिकित्सा व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा उठ जाता है। उन्होंने फार्मेसी के विद्यार्थियों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की नैतिक जिम्मेदारी लें और उद्योग जगत भी केवल लाभ नहीं, बल्कि गुणवत्ता को सर्वोपरि रखे।
राज्यपाल ने युवाओं को नई तकनीक के सकारात्मक उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंटरनेट का उपयोग समय बर्बाद करने के बजाय ज्ञान बढ़ाने, शोध करने और नई दवाओं की खोज में करना चाहिए, लेकिन तकनीक के साथ-साथ मौलिक चिंतन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
इस अवसर पर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. मोंटू एम. पटेल ने जानकारी दी कि बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुसार फार्मेसी पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव किए गए हैं और अब उसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मेडिकल डिवाइस जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि देश में अनावश्यक एंटीबायोटिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए 42 शहरों में विशेष जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ की वनौषधियों पर विशेष शोध कर रहा है और कोशिश है कि वन आधारित संसाधनों से नए उत्पाद विकसित कर फार्मेसी शोध को अन्य विज्ञान विषयों से जोड़ा जाए। एपीटीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मिलिंद जनराव उमेकर ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि भारतीय शिक्षा मंडल के संगठन मंत्री बी.आर. शंकरानंद ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों की सबसे बड़ी भूमिका है। इस अधिवेशन में देशभर से लगभग 700 शिक्षक, 900 विद्यार्थी और फार्मेसी उद्योग से जुड़े 200 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

MadhyaBharat 24 October 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.