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भोपाल। वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के प्रभारी बालासाहेब थोरात ने भोपाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। कहा कि यह अभियान केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का अभियान है।थोरात ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद देश की राजनीति में बदलाव आया है और सत्ता में बने रहने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने चंडीगढ़ में चुनाव के दौरान हुए घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के चयन की प्रक्रिया और चुनाव आयुक्तों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। थोरात ने बिहार और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर को लेकर उठे सवालों का जिक्र करते हुए मध्यप्रदेश की चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और हर पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के मुद्दे को उठा रहे हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। वोट के अधिकार की रक्षा करना केवल राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से मताधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अभियान से जुड़ने की अपील की।
उन्होंने बताया कि वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाते हुए 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की जाएगी। कांग्रेस इस रैली के माध्यम से मतदाता सूची की शुद्धता, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।
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