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रायपुर, 30 अक्टूबर 2026।* दीपावली से पहले बस्तर संभाग को केंद्र सरकार से बड़ी सौगात मिली है। बस्तर के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की 485 बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने की मंजूरी मिल गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के आग्रह पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सकारात्मक पहल करते हुए बस्तर के लिए सड़क परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया है।
*क्या है योजना में?*
- बस्तर संभाग की कुल 1,168 बसाहटों में सड़क कार्य अलग-अलग चरणों में चल रहे हैं।
- *485 बसाहटों* के लिए सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं।
- *PMGSY-4 के बैच-1 में 234 बसाहटें स्वीकृत* हैं - बस्तर 87, बीजापुर 44, दंतेवाड़ा 12, कांकेर 41, कोण्डागांव 34, सुकमा 16।
- *PMGSY-4 के बैच-2 में 280 बसाहटों* के लिए 263 सड़कों (841 किमी लंबी) के प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिसकी लागत 804.06 करोड़ रुपए है।
- अन्य 474 बसाहटों के लिए डीपीआर बनाया जा रहा है।
इसके अलावा बैच-2 में कुल 754 बसाहटों को जोड़ने का लक्ष्य है, जिसमें बस्तर की 114, बीजापुर 125, दंतेवाड़ा 63, कांकेर 140, कोण्डागांव 31, नारायणपुर 136 और सुकमा 146 बसाहटें शामिल हैं।
*पुलों का भी होगा निर्माण*
PMGSY-4 में 206 पुल और PM-जनमन योजना में 167 पुलों के प्रस्तावों पर बैठक हो चुकी है। बस्तर के लिए 55 बड़े पुल प्रस्तावित हैं। केवल नारायणपुर जिले में ही 22 बड़े पुल 87.45 करोड़ की लागत से बनेंगे, जिससे बरसात में गांवों का संपर्क नहीं टूटेगा।
*छोटे गांवों के लिए विशेष छूट की मांग*
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्र से मांग की थी कि बस्तर में कई गांवों की आबादी 100 से कम है, इसलिए PMGSY के जनसंख्या नियमों में छूट दी जाए। 10 किमी के दायरे में छोटी बसाहटों को एक क्लस्टर मानकर सड़क दी जाए। इस पर केंद्र ने 4 महीने के लिए GSS ऐप से विशेष सर्वे शुरू किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद के कारण भय था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पहुंचेगा। बस्तर को सबसे विकसित जनजातीय संभाग बनाना हमारा संकल्प है।
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