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भोपाल, 1 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्लॉट और मकान के साथ उसके पक्के राजस्व दस्तावेज होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही दस्तावेज मालिकाना हक और क्रय-विक्रय का अधिकार दिलाते हैं। सरकार ने ऐसे सभी भू-स्वामियों, जिनके पास पट्टा तो है लेकिन पक्की रजिस्ट्री नहीं है, उन्हें नि:शुल्क पक्की रजिस्ट्री उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है।
मुख्यमंत्री रविवार को समत्व भवन में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही इस योजना के तहत स्टाम्प शुल्क की राशि राज्य सरकार अपने खजाने से भरेगी। प्लॉट भू-स्वामी का होगा, रजिस्ट्री भू-स्वामी के नाम होगी, पैसा सरकार देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पक्की रजिस्ट्री मिलने से भू-स्वामियों की समृद्धि के द्वार खुलेंगे। वे अपनी संपत्ति पर बैंक से ऋण ले सकेंगे और आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। यह अभियान आगे भी लगातार चलेगा और अगले वर्ष इसे युवा वर्ष से भी जोड़ा जाएगा।
*धनतेरस पर गांव जाएंगे मंत्री, सांसद, विधायक*
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि योजना को बड़े अभियान के रूप में चलाकर जल्द से जल्द सभी पात्र लोगों की नि:शुल्क रजिस्ट्री पूरी की जाए। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी मंत्री, सांसद और विधायक 6 नवंबर को धनतेरस के दिन अपने पैतृक गांव या किसी पसंद के गांव में जाकर शत-प्रतिशत रजिस्ट्री अपने सामने पूरी कराएंगे। सभी कलेक्टर प्रभारी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कराएं और गांव में लघु कार्यक्रम आयोजित करें।
प्रमुख सचिव राजस्व ई. रमेश कुमार ने बताया कि 1 नवंबर 2026 तक प्रदेश में 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्री पूरी कर ली गई हैं। 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्री पूरी करने का लक्ष्य है।
बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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