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भोपाल।* मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में वीर भारत फैलोशिप शुरू करने जा रही है। इसके तहत प्रतिवर्ष दो शोधार्थियों को 12-12 लाख रुपये की फैलोशिप एक साल के लिए दी जाएगी। यह फैलोशिप प्राचीन से आधुनिक इतिहास, भारत के राष्ट्र स्वरूप में योगदान देने वाले चिंतकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों और देश-प्रदेश की संस्कृति पर कार्य करने के लिए प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में हुई वीर भारत न्यास की कार्यसमिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी वर्चुअली शामिल हुए।
*बैतूल में बनेगा जनजातीय संग्रहालय, उज्जैन में वीर भारत संग्रहालय*
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैतूल में केंद्र सरकार के सहयोग से आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। इसमें जनजातीय इतिहास गैलरी, जनजातीय स्वाधीनता आंदोलन, जनजातीय शोध केंद्र और डिजिटल रिपॉजिटरी होगी।
वहीं भारतीय इतिहास, संस्कृति और वैभवपूर्ण विरासत को प्रदर्शित करने के लिए उज्जैन के कोठी महल में बन रहे वीर भारत संग्रहालय के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई।
*वीरता का अर्थ केवल युद्ध नहीं - CM*
सीएम यादव ने कहा कि वीर भारत संग्रहालय का उद्देश्य केवल युद्धों और योद्धाओं की कथा बताना नहीं है, बल्कि भारत की आंतरिक शक्ति, उसके सोचने, एकजुट होने, प्रश्न करने, रक्षा-त्याग और सृजन के सामर्थ्य से विश्व को अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि भारत में वीरता का अर्थ कभी केवल युद्ध के साहस तक सीमित नहीं रहा। यह संग्रहालय योद्धा के साथ-साथ ऋषि, शिक्षक, गणितज्ञ, समाज सुधारक, विधि निर्माता और तीर्थ यात्रियों को भी प्रदर्शित करेगा।
बैठक में बताया गया कि वीर भारत न्यास द्वारा वर्ष 2024 से लगातार सांस्कृतिक, सामाजिक, साहित्य, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। भोपाल में सदानीरा समागम, महाभारत समागम तथा उज्जैन में श्री महाकालेश्वर महोत्सव आयोजित किए गए। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, मनीष रस्तोगी, शिवशेखर शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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