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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस में निष्कासित नेताओं और कार्यकर्ताओं की घर वापसी हुई है। अलग-अलग जिलों के 20 निष्कासित नेताओं और कार्यकर्ताओं का निष्कासन रद हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की 18 सितंबर को हुई बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर पीसीसी ने रविवार को 20 नेताओं के निष्कासन रद्द करने का आदेश जारी किया है। प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अनुशासन समिति के निर्णय के अनुसार संबंधित नेताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है।इन जिलों में हुई घर वापसी
हालांकि, पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह व जोगी परिवार समेत 16 नेताओं की वापसी पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कांग्रेस में विलय का मामला भी फिलहाल अटका हुआ है। इस पर प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व निर्णय लेगा। पहली सूची में रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग कारणों से संगठन से बाहर किए गए नेताओं की वापसी की प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है।
प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन कमेटी ने शुक्रवार को पार्टी से निष्कासित 36 नेताओं की वापसी के आवेदनों पर मंथन किया था। कुछ मामलों में निष्कासन समाप्त कर पार्टी में वापसी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जबकि कुछ प्रकरणों पर संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों से अभिमत मांगा गया था। बैठक में पूर्व विधायक डाॅ. रेणु जोगी, अमित जोगी और बृहस्पति सिंह के आवेदनों पर चर्चा की गई है। हालांकि, प्रकरण लंबित रखे गए थे। रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने भी कांग्रेस में वापसी के लिए आवेदन किया था। उन्होंने पार्टी को माफीनामा भेजकर दोबारा संगठन में शामिल किए जाने की अपील की है।
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