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16 साल बाद बरी हुए राजेंद्र चौधरी, आरोपी से बेगुनाह बनने तक की कहानी
Indore ,Rajendra Chaudhary ,16 years, his story , innocent

इंदौर केRajendra Chaudhary ने 16 साल लंबे कानूनी संघर्ष के बाद खुद को बेगुनाह साबित किया। उन्होंने बताया कि उनका सपना अधिकारी बनने का था और वे पीएससी की तैयारी कर रहे थे, यहां तक कि प्री परीक्षा भी पहले प्रयास में पास कर ली थी। लेकिन 2012 मेंNational Investigation Agency (NIA) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और वे कई आतंकी मामलों में आरोपी बना दिए गए।

राजेंद्र परMalegaon blast 2006, Samjhauta Express blast 2007 औरMecca Masjid blast 2007 जैसे मामलों में शामिल होने के आरोप लगे थे। हालांकि, अलग-अलग अदालतों ने समय-समय पर उन्हें सभी मामलों में बरी कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से न्याय व्यवस्था पर भरोसा था और आखिरकार सच की जीत हुई।

चौधरी और उनके करीबियों ने आरोप लगाया कि कस्टडी के दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं, ताकि वे झूठे आरोप स्वीकार कर लें। लंबे समय तक जेल और फरारी के बीच गुजरे इस दौर ने उनका जीवन पूरी तरह बदल दिया। अब वे कहते हैं कि आगे का फैसला समाज और परिस्थितियों के अनुसार करेंगे, जबकि उनका मामला न्याय व्यवस्था और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।

 

 

Priyanshi Chaturvedi 24 April 2026

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