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नदियों के प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, फैक्ट्रियों की जांच अब कोर्ट कमिश्नर करेंगे
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छत्तीसगढ़ की नदियों में बढ़ते प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। राज्य सरकार की ओर से यह दावा किया गया था कि संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच कर ली है और रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई है, लेकिन अदालत ने इन दावों पर भरोसा नहीं जताया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब स्वतंत्र कोर्ट कमिश्नरों के माध्यम से जमीनी स्तर पर जांच कराई जाएगी।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि नदियों में बढ़ता प्रदूषण, जहरीले झाग और पर्यावरणीय मानकों की लगातार अनदेखी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। अदालत ने इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता बताया। कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित जल स्रोत नागरिकों के जीवन के अधिकार से जुड़े हैं, इसलिए इस तरह के मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने संकेत दिया कि पूर्व में प्रस्तुत जांच रिपोर्टों में तथ्यों को छिपाने या लीपापोती की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि कोर्ट कमिश्नरों की टीम सीधे उद्योगों और फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। साथ ही पर्यावरण नियमों और प्रदूषण नियंत्रण मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। अदालत ने साफ कि

Priyanshi Chaturvedi 2 June 2026

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