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पशुपालन में थम नहीं रहा पदोन्नति का विवाद, सीएम से गुहार
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव


भोपाल।पशुपालन विभाग में पदोन्नति होने के बाद भी मामला थामने के बजाय और उलझता जा रहा।  वेटेरिनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन भोपाल ने पदोन्नति प्राप्त कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई से पहले उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की है। एसोसिएशन ने सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर 'ऑपर्चुनिटी ऑफ हियरिंग' और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन करने का अनुरोध किया है।एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह भंवर ने कहा कि पद की गरिमा और संवैधानिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 21 अगस्त 2026 को भी शासन को पत्र दिया जा चुका है। एसोसिएशन ने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आरक्षण अधिनियम 1994 के तहत अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति को 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। संगठन का दावा है कि विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया में संवर्गवार विचारण सूची नहीं होने पर आरक्षित वर्ग का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। एसोसिएशन के अनुसार 396 अधिकारियों की सूची में 154 सामान्य व पिछड़ा वर्ग के अधिकारियों के मुकाबले अनुसूचित जाति के 5 और अनुसूचित जनजाति के 4 अधिकारी ही शामिल हो सकते हैं। संगठन ने संवर्गवार विचारण सूची का समर्थन करते हुए कहा कि पदोन्नति नियमों के उद्देश्यों पर पहले विचार होना चाहिए। एसोसिएशन ने आगे प्रदेशव्यापी रणनीति बनाने की बात कही है। साथ ही संगठन ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधित्व की स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी उठाई है। मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा है। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत कोई फैसला होने से पहले हर व्यक्ति को सुनना जरूरी है। यह उसका अधिकार भी है। इसलिए पदोन्नत कर्मचारियों के विरुद्ध कोई भी कार्यवाही करने से पहले उन्हें एक बार अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह भंवर ने बताया कि पद की गरिमा एवं संवैधानिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए सुने जाने के सिद्धांत की अपेक्षा में दिनांक 21 अगस्त 2026 को पत्र लिखा गया था। उसमें कई मांगें शामिल की गई थीं।


MadhyaBharat 18 September 2026

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