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भोपाल। नियमितीकरण और फॉलन प्रक्रिया को बंद करने की मांग को लेकर अतिथि विद्वानों का धरना रविवार को जारी रहा। यह अतिथि विद्वान लगातार पांचवे दिन भी डटे रहे। अतिथि विद्वान इससे पहले उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। जहां मंत्री परमार से बात नहीं बनने के बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया। अब वे भोपाल के नीलम पार्क पर धरने पर बैठे हैं। धरने पर बैठे शिक्षकों ने रविवार को गिटार की धुन पर गीत गाकर अपनी स्थिति और नौकरी की अनिश्चितता बयां की। अतिथि विद्वानों का कहना है कि वर्षों से उच्च शिक्षा संस्थानों में सेवाएं देने के बावजूद उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। प्रतिनिधिमंडल और मंत्री के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद पुलिस ने अतिथि विद्वानों को वहां से हटाकर नीलम पार्क भेज दिया। अब अतिथि विद्वान फालेन आउट प्रक्रिया बंद करने की मांग पर अड़े हैं।रविवार दोपहर में उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा भी धरना स्थल पहुंचे और अतिथि विद्वानों से मुलाकात की। उन्होंने अतिथि विद्वानों को उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान बुधवार को करीब 200 अतिथि विद्वानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोककर 11 सितंबर 2023 की महापंचायत में किए गए आश्वासन की याद दिलाई थी। अतिथि विद्वानों को अपनी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन मिला।उनका कहना है कि जुलाई 2026 में सरकार ने बेहतर नीति बनाने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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