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भोपाल। सीलिंग की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने सीलिंग की कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर व्यक्त की। कोर्ट ने 5 बिंदुओं के निर्देश जारी किए हैं। SC ने कहा जो रहवासी इलाके है वहां किसी भी प्रकार की कमर्शियल गतिविधियों नहीं हो। नगर निगम की सीलिंग या डिमोलिशन की कारवाही जारी रहना चाहिए। रहवासी इलाकों में कारवाही नहीं रुके।
MP सरकार की कमिटी के कारण कंटेंप्ट वाले मामले में कोर्ट के "एमिकस क्युरी" AK Sinha ने जांच की थी। सिन्हा ने SC को बताया कि कमिटी गठित कर सरकार ने *कंटेंप्ट किया है। जिसके बाद MP सरकार के वकील KN Natrajan ने बताया कि सरकार से बात हो गई हैं। सरकार ने आश्वासन दिया कि अब कोई कमिटी नहीं बनेगी, न ही सेलिंग की कारवाही बाधित की जाएगी। SC ने सरकार के आश्वासन को स्वीकार किया है। इसके बाद एमिकस क्युरी AK Sinha ने SC को बताया कि आज सुबह सुनवाई से पहले भोपाल के लगभग 10 रहवासियों की शिकायतें आई है। सुबह सीलिंग की कार्रवाई और शाम को प्रतिष्ठानों के खुलने पर नाराजगी गई। SC ने भोपाल से मिली शिकायतों पर कोर्ट ने नोट किया कि कई जगह (Full compliance) "पूर्णतः पालन" नहीं हो रहा है । विशेष रूप से भोपाल में इसका पालन नहीं हुआ। SC ने कहा सीलिंग की कार्रवाई का सख्ती से पालन करने के निर्देश हैं तो पूर्णतः पालन हो। वकील नटराजन ने कोर्ट को बताया कि भोपाल में 1995 से अभी तक कोई मास्टर प्लान नहीं आया (2005 में एक्सपायर हुआ था) नटराजन ने SC से निवेदन किया कि नया मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सरकार के पास है । अब उसे लागू करना है। सुप्रीम कोर्ट से मास्टर प्लान को लेकर हरी झंडी मिली है।
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