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भोपाल। टेलीकॉम क्षेत्र में केंद्र और राज्य की साझेदारी का नया युग शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सहयोग से केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश शासन ने मिलकर टेलीकॉम सेक्टर में एक नया और ऐतिहासिक मॉडल स्थापित किया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आधुनिक तकनीक और निवेश के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य है। देश के हृदय स्थल में स्थित मध्यप्रदेश को अपने केंद्रीय भौगोलिक स्थान, मजबूत बुनियादी ढांचे और सरप्लस बिजली का अभूतपूर्व लाभ प्राप्त है। राज्य में उद्योग अनुकूल वातावरण का ही परिणाम है कि विगत पौने तीन वर्षों में लगभग सभी सेक्टरों में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश राज्य की धरती पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात बेंगलुरु में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) में निवेश आकर्षित करने के लिए आयोजित राउंड टेबल बैठक में निवेशकों से संवाद के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय को सही अवसर पर पहचान कर निर्णय लेना ही एक सफल उद्यमी की पहचान है। दिल्ली और मुंबई के रोड-शो में निवेशकों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद से स्पष्ट है कि उद्योग जगत का भरोसा मध्यप्रदेश पर निरंतर मजबूत हुआ है। निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश में निवेश करने का यही सही समय है। ग्वालियर में बन रहा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन इसी साझी सोच का प्रतिफल है।उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में भूमि सीमित है, इसलिए ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर आने वाले निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा, जबकि आगामी चरणों में नियम व शर्तें भिन्न होंगी। इस औद्योगिक पार्क में एक ही स्थान पर डिजाइन से लेकर डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन से लेकर एक्सपोर्ट तक की पूरी वैल्यू चेन का निर्माण होगा। यहां सिम से लेकर सैटेलाइट कम्युनिकेशन के उपकरण, 5-जी और 6-जी के उपकरण, ऑप्टिकल फायबर और आईओटी से जुड़े उत्पाद बनाए जाएंगे।
घोषणा के साथ ही बुक हो जाते हैं मध्यप्रदेश के औद्योगिक पार्कमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के औद्योगिक पार्कों की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि धार में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मोत्सव 2025 पर 2,000 एकड़ के ‘पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क’ का भूमिपूजन हुआ था और उसी दौरान पार्क का एक-एक प्लॉट बुक हो गया। इसी प्रकार मोहासा-बाबई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण पार्क पहले, दूसरे और तीसरे चरण पूरी तरह बुक होने के बाद अब चौथे चरण पर कार्य शुरू हो चुका है। पीथमपुर, अवंतिका और विक्रम उद्योगपुरी जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों का भारी विश्वास देखने को मिला है।
मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले 9 महीनों में ही रक्षा से लेकर खाद्य सुरक्षा तक, ट्रांसफॉर्मर से टेलीकॉम तक, हेल्थकेयर से लेकर लाइफकेयर तक, टेक्सटाइल से लेकर टेक्नोलॉजी तक, ऑप्टिकल फायबर केबल्स से लेकर ऑटोमोबाइल पार्ट्स तक, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण से लेकर रेलवे और भारी वाहनों के निर्माण तक मध्यप्रदेश में लगभग 15 विनिर्माण इकाइयां लगी हैं।उन्होंने बेंगलुरु के तकनीकी उद्यमियों और निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार उनके हर निवेश को सुरक्षित, सफल और गतिमान बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके साथ खड़ी है। विगत ढाई वर्षों में 25 से अधिक सेक्टर-विशेष ‘इन्वेस्टमेंट-फ्रेंडली’ नीतियां लागू की गई हैं, जिनसे उद्योगों को लगाने और संचालन में सुविधा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा उद्योग जगत की सहभागिता से तैयार अद्वितीय प्रोत्साहन पैकेज केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति सरकार और निजी क्षेत्र के साझा विचार-विमर्श से तैयार की गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि 12,000 करोड़ रूपये के कैपेक्स पर लगभग 8,000 करोड़ रूपये का वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज दिया जाना विश्व स्तर पर अभूतपूर्व है। यह पैकेज केवल कैपेक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, पंजीकरण शुल्क और कौशल प्रशिक्षण पर सब्सिडी देकर कंपनियों के परिचालन व्यय को भी न्यूनतम करता है। केंद्र और राज्य के 51:49 के संयुक्त एसपीवी के माध्यम से निवेशकों की प्रत्येक समस्या का समाधान 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के रोडशो से अब तक लगभग 24-25 कंपनियों से 5,500 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश और 17,000 से अधिक रोजगार सृजन के प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी भूमि-पूजन के बाद प्रथम चरण बंद हो जाएगा और दूसरे चरण में आने वाले निवेशकों को ये रियायतें इस स्तर पर उपलब्ध नहीं होंगी, इसलिए उद्यमियों को इस चरण में तत्काल जुड़ना चाहिए।दिल्ली का काउंटर मैग्नेट सिटी और कनेक्टिविटी का नया केंद्र ग्वालियर केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने ग्वालियर की रणनीतिक खूबियों को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्वालियर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ‘काउंटर मैग्नेट सिटी’ के रूप में विकसित किया गया है, जो 100 एकड़ काउंटर मैग्नेट क्षेत्र और 70 एकड़ एसटीपीआई क्षेत्र में विस्तृत है। ग्वालियर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से सीधी हवाई सेवा से जुड़ा है। यहां 5,500 करोड़ रूपये की लागत से 6-लेन हाई-स्पीड आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे तैयार किया जा रहा है, जिससे आगरा की दूरी मात्र 40 मिनट में तय होगी। इसके साथ ही 600 करोड़ रूपये का नया एयरपोर्ट, 600 करोड़ रूपये का आधुनिक रेलवे स्टेशन, 40 से 50 इंजीनियरिंग कॉलेजों से प्रतिवर्ष इंजीनियर निकलते हैं।
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