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बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखाई दे रहा है। 23 और 24 सितंबर को बस्तर संभाग के कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। राजधानी रायपुर में भी एक-दो दौर हल्की बारिश हो सकती है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 1038.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम है। इस अवधि तक सामान्य तौर पर 1106.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी।
पिछले 24 घंटे में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। कवर्धा में 4 सेंटीमीटर, राजपुर और कोटा में 3-3 सेंटीमीटर, जबकि चांदो, भैयाथान, मरवाही और दर्री में 2-2 सेंटीमीटर बारिश हुई। जांजगीर, गादीरास, लोरमी, कोरबा और अजगरबहार में भी बारिश दर्ज की गई। फिलहाल सरगुजा, जशपुर, कांकेर, कवर्धा और बेमेतरा ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं बलरामपुर में अब तक करीब 1500 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 56 प्रतिशत अधिक है।
सितंबर मानसून सीजन का आखिरी महीना है और 30 सितंबर को आधिकारिक तौर पर मानसूनी अवधि समाप्त हो जाएगी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि प्रदेश से तुरंत मानसून विदा हो जाएगा। आमतौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह के आसपास होती है। 1 जून से 30 सितंबर तक होने वाली बारिश को मानसूनी बारिश माना जाता है। इस बार प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है, कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कई इलाकों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।
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