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भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर अमृत योजना को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि घर-घर साफ पानी का दावा, लेकिन पाइपलाइन में ही 12,000 करोड़ का भ्रष्टाचार!अमृत 2.0 के तहत MP में 622 जलप्रदाय प्रोजेक्ट मंजूर हैं। लेकिन SCADA सिस्टम में अप्रूव्ड ब्रांड की जगह सस्ते लोकल सेंसर-उपकरण पर दूसरे ब्रांड के स्टीकर चिपका कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।यानी जनता के लिए पानी भी समझौते वाला और सरकारी खजाने के साथ खेल भी!भाजपा सरकार जवाब दे, आखिर अप्रूव्ड ब्रांड के नाम पर घटिया उपकरण किसके संरक्षण में लगे? कंसल्टेंट और इंजीनियरों ने इन्हें पास कैसे किया? और सरकारी पैसे की इस कथित बंदरबांट की जिम्मेदारी कौन लेगा?मोहन यादव जी, इस पूरे भ्रष्टाचार के मामले की उच्चस्तरीय जाँच करवाइए, क्योंकि पानी जनता का अधिकार है, भ्रष्टाचार का ठेका नहीं!
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