Since: 23-09-2009

  Latest News :
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में 1,941 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास .   PMGSY-IV और पीएम-जनमन के प्रभावों के चार साल तक अध्ययन के लिए हुआ एमओयू.   सुप्रीम कोर्ट का UPI पर रोक लगाने से इंकार.   नागालैंड में जहरीली शराब से 19 की मौत, तस्कर गिरफ्तार.   बिना बायोमेट्रिक नहीं मिलेगी गैस की सब्सिडी, बंद हो सकती है सब्सिडी.   विपक्ष का ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का करेगा तीसरा प्रयास.   प्रदेश में पिछले पांच दिनों में 3 करोड़ से अधिक कीमत के अवैध मादक पदार्थ पर कार्रवाई.   गधे के नाम पर भी जारी हुआ सर्टिफिकेट, नर्सिंग रजिस्ट्रेशन पर उठे सवाल.   3 अक्टूबर को ग्रामीण और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में लगेंगे सेवा शिविर.   अवैध नशीली दवाओं की तस्करी का खुलासा, प्रतिबंधित दवाएं जब्त.   1 अक्टूबर को बालाघाट पहुंचेंगे राहुल गांधी, मृत बैग बच्चों के परिवार से करेंगे मुलाकात.   मप्र पंचायतों के उप चुनाव का हुआ मतदान, 3 अक्टूबर को नतीजे.   प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशक्त और विकसित भारत का हो रहा निर्माण : मुख्यमंत्री साय.   पारस पोर्टल से प्रभावी मॉनिटरिंग, अंतर्विभागीय समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी गति.   मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों का जाना हाल.   एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मिलेंगे 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि.   PWD ने सड़क एवं सेतु निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश.   नारायणपुर में माड़ीन नदी के बीच पेड़ पर फंसे ग्रामीण का सफल रेस्क्यू.  
PMGSY-IV और पीएम-जनमन के प्रभावों के चार साल तक अध्ययन के लिए हुआ एमओयू
pmgsy


दिल्ली।भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (एनआरआईडीए) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता (आईआईएम कलकत्ता) ने पीएमजीएसवाई -IV और पीएम--जनमन के तहत बनी सड़कों के चार वर्ष  के व्यापक 'लॉन्गिट्यूडिनल' (लंबे समय तक चलने वाले) प्रभाव आकलन अध्ययन के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस एमओयू पर एनआरआरआईडीए, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से अदिति सिंह (आईएएस) महानिदेशक, एनआरआईडीए और प्रो.आलोक कुमार राय, निदेशक (आईआईएम कलकत्ता) ने रोहित कंसल, सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय  तथा मंत्रालय और आईआईएम कलकत्ता के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। यह ग्रामीण संपर्कता (कनेक्टिविटी) से जुड़े कार्यों के साक्ष्य-आधारित प्रभाव आकलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  मुख्य बातें
ग्रामीण सड़क संपर्कता के दीर्घकालिक परिणामों का आकलन करने के लिए चार वर्ष का लॉन्गिट्यूडिनल प्रभाव आकलन।
10 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, 50 जिलों, 150 ब्लॉकों और 250 सड़कों को शामिल करना. शामिल किए जाने वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश: आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम और उत्तराखंड।
आवागमन, पहुंच और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में बदलाव का आकलन करने के लिए लगभग 5,000 परिवारों का सर्वेक्षण।
इस अध्ययन मेंa समय के साथ होने वाले बदलावों का आकलन करने के लिए एक लॉन्गिट्यूडिनल दृष्टिकोण अपनाया जाएगा जिसमें बेसलाइन सर्वे (निर्माण-पूर्व सर्वे) और एंडलाइन सर्वे (निर्माण-पश्चात सर्वे) के ज़रिए डेटा एकत्रित किया जाएगा।
आवागमन, पहुंच, सामाजिक-आर्थिक स्थितियों और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच पर ग्रामीण सड़कों के प्रभाव का आकलन।
बेसलाइन सर्वेक्षण (निर्माण-पूर्व सर्वेक्षण): 14 माह ।
परिवर्तन अवधि: लगभग 12 माह ।
एंडलाइन सर्वेक्षण (निर्माण-पश्चात सर्वेक्षण): 22 माह ।
अपेक्षित परिणाम
इस लंबे समय तक चलने वाले अध्ययन से पीएमजीएसवाई -IV और पी एम--जनमन  के तहत ग्रामीण सड़क संपर्कता  के सतत  सामाजिक-आर्थिक और विकासात्मक प्रभावों पर ठोस सबूत मिलने की उम्मीद है। यह अध्ययन आकलन करेगा  कि बेहतर संपर्कता का असर लोगों की पहुंच, आवाजाही, आजीविका, रोज़गार, आय के अलग-अलग स्रोतों, खेती, खेती से अलग कार्यकलापों और बाज़ारों तक पहुँच के साथ-साथ परिवारों की भलाई और ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की कमी पर किस प्रकार पड़ता है।यह अध्ययन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और अनिवार्य सार्वजनिक व वित्तीय सेवाओं तक पहुँच पर बेहतर ग्रामीण सड़क संपर्कता के दीर्घकालिक प्रभाव का भी आकलन करेगा। इसमें यात्रा के समय और परिवहन लागत में कमी, बेहतर आवाजाही, रोज़गार और आजीविका के अवसरों तक बेहतर पहुँच और पलायन पर निर्भरता कम होने पर विशेष बल  दिया जाएगा। यह समय के साथ इन परिणामों में आए बदलावों की भी जाँच करेगा और अलग-अलग क्षेत्रों व कमज़ोर वर्गों के बीच अंतर का आकलन करेगा, जिससे ग्रामीण सड़क संपर्कता के दीर्घावधि प्रभाव से मिलने वाले फायदों की पूरी जानकारी मिल सकेगी।कुल मिलाकर, एनआरआईडीए, एमओआरडी तथा आईआईएम कलकत्ता के बीच सहयोग से कार्यक्रम की समीक्षा, परिणामों की निगरानी, ​​सबूतों पर आधारित नीति बनाने और ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की भावी योजना बनाने के लिए बहुमूल्य जानकारी प्राप्‍त होगी।

MadhyaBharat 29 September 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.