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नई दिल्ली। 8 अक्टूबर 2026 को चेन्नई ट्रेड सेंटर में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी, 'विंडरजी इंडिया' सम्मेलन के 8वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत एक बड़े उद्घाटन समारोह के साथ होगी, जिसमें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक और तमिलनाडु सरकार के ऊर्जा संसाधन तथा कानून मंत्री थिरु सी.टी.आर. निर्मल कुमार सम्मिलित होंगे।यह भारत का प्रमुख पवन ऊर्जा से संबंधित कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, पवन ऊर्जा संघ और उद्योग के दिग्गज भी उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन समारोह में ग्लोबल एमओयू (समझौता ज्ञापन) की घोषणाएं और इस क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख रिपोर्ट जारी की जाएंगी। साथ ही, पवन ऊर्जा क्षेत्र में नेतृत्व दिखाने वाले राज्यों को सम्मानित भी किया जाएगा।इस कार्यक्रम का आयोजन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के सहयोग से 'इंडियन विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन' (आईडब्ल्यूटीएमए) और 'पीडीए वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा किया जा रहा है। इस कार्यक्रम से भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट प्रतिबद्धता प्रदर्शित होगी।
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 6.05 गीगावॉट पवन ऊर्जा का उत्पादन किया है, जिससे अगस्त 2026 तक कुल क्षमता 58.52 गीगावॉट हो गई है। 28 गीगावॉट क्षमता प्राप्त करने की दिशा में काम चल रहा है, जो वर्ष 2030 तक 100 गीगावॉट के लक्ष्य को पूरा करने में सहायता करेगा।
7 से 9 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाले 'विंडरजी इंडिया 2026' में 3 दिन का व्यापार मेला, 2 दिन का सम्मेलन, तकनीकी सत्र, राउंड टेबल चर्चा, सजीव प्रदर्शन, बी2बी और बी2जी बैठकें और शैक्षणिक सत्र शामिल होंगे। यह विशेष आयोजन पवन ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक वैश्विक केंद्र बनेगा, जिसमें 20 से अधिक देशों के लगभग 400 वैश्विक प्रदर्शक और 500 प्रतिनिधि शामिल होंगे; साथ ही डेनमार्क, जर्मनी और स्पेन के विशेष देश मंडप भी इसकी विशेषता बढ़ाएंगे। इस कार्यक्रम में घरेलू स्तर पर मूल्य वर्धन, अगली पीढ़ी के उन्नत टरबाइन मंच, हेवी-ड्यूटी गियरबॉक्स, एआईI-आधारित ओ एंड एम (ऑपरेशन और मेंटेनेंस) और ऑफशोर पवन क्षमताओं पर ज़ोर दिया जाएगा। सम्मेलन में योजना रूपरेखा, विनिर्माण में प्रतिस्पर्धा, मज़बूती प्रदान करने की रणनीतियों और ऑफशोर पवन ऊर्जा के नए आयामों पर उच्च स्तरीय चर्चाएं होंगी।
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