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नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी 15 अक्टूबर, 2026 को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हुए। ये जहाज प्रशिक्षण तैनाती के तहत 12 अक्टूबर, 2026 को पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे थे और अपना निर्धारित बंदरगाह प्रवास पूरा करने के बाद वहां से रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान पेशेवर प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण व सेशेल्स के नेतृत्व एवं समुद्री समुदाय के साथ संवाद के माध्यम से भारत तथा सेशेल्स के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को और विस्तार प्रदान किया गया।
बंदरगाह पर ठहराव के दौरान प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी और वहां पहुंचे जहाजों के कमांडिंग अधिकारियों ने सेशेल्स रक्षा बल (एसडीएफ) के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के रक्षा बलों के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी व द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान पेशेवर गतिविधियों और क्रॉस-ट्रेनिंग दौरों का आयोजन किया गया। इसके साथ ही सेशेल्स रक्षा बल के कर्मियों को अग्निशमन और छोटे हथियारों के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन ने सेशेल्स तटरक्षक बल के जहाज एंड्रोमैक के साथ पैसेज एक्सरसाइज (पैसेक्स) में भी हिस्सा लिया। इसमें संयुक्त गश्त, संचार अभ्यास और समन्वित युद्धाभ्यास शामिल थे। सामुदायिक संपर्क गतिविधियों के तहत चिकित्सा शिविर लगाया गया और पॉइंट ला रू स्थित वृद्धाश्रम में आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया। इसके अलावा, स्कूली बच्चों ने नौसैनिक जहाजों का दौरा किया और भारतीय नौसेना के बैंड ने संगीतमय प्रस्तुति दी।
यह तैनाती भारत और सेशेल्स के बीच गहरी मित्रता तथा सशक्त द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है। साथ ही, यह महासागर (क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति) के दृष्टिकोण के अनुरूप, क्षमता निर्माण व क्षेत्रीय साझेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है।
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