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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय में पदस्थ भृत्य शुभम सोनी (मोनी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में शुभम सोनी द्वारा शासकीय सेवा/नौकरी दिलाने के बदले धनराशि लेने के आरोप सामने आए हैं। वीडियो में धनराशि देने वाले व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक रूप से उन पर आक्षेप लगाए जा रहे हैं।
पहले भी जारी हो चुके हैं कारण बताओ नोटिस
आदेश में उल्लेख है कि इसके पूर्व भी कतिपय प्रकरणों में अनुचित कृत्यों के लिए सचिवालय द्वारा सोनी को अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनके आचरण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।सचिवालय ने माना है कि उनका यह कृत्य प्रथम दृष्टया पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, अवांछनीय आचरण तथा *"मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3"* के विपरीत है, जो एक शासकीय सेवक के लिए अत्यंत गरिमाहीन एवं कदाचार की श्रेणी में आता है।इसी आधार पर *मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम 1990 के नियम-7 सहपठित मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9* के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और उनका मुख्यालय विधानसभा सचिवालय, भोपाल रहेगा। उन्हें स्थापना शाखा में नियमित उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
विधानसभा अध्यक्ष के नाम का गलत उपयोग, जांच के आदेश
इस संबंध में विधानसभा के अवर सचिव माधव दफ्तरी द्वारा पुलिस को पत्र भी लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि 15 अक्टूबर की रात्रि से सोशल मीडिया/व्हाट्सएप पर वायरल वीडियो में विधानसभा में कार्यरत भृत्य द्वारा नौकरी के लिए लेन-देन की बात कही जा रही है, और उक्त प्रकरण में अध्यक्ष, मध्यप्रदेश विधानसभा का नाम जोड़ा जा रहा है, जो उचित नहीं है।अतः वीडियो क्लिप (पेन ड्राइव में संधारित) जांच हेतु भेजते हुए संपूर्ण प्रकरण की जांच कर की गई कार्यवाही से सचिवालय को यथाशीघ्र अवगत कराने का अनुरोध किया गया है।
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