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रायपुर। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार देर शाम राजधानी रायपुर के विभिन्न गरबा और दुर्गा पूजा पंडालों में शामिल हुए। उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की और प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने माना बाजार और सार्वजनिक दुर्गा पूजा समितियों के पंडालों में पूजा अर्चना की। इसके बाद वे लगातार चार बड़े गरबा आयोजनों में पहुंचे। हुकुम ललित महल में सिंधी पंचायत युवा विंग के रास गरबा विथ भजन डांडिया, रामबाग गरबा, पचपेड़ी नाका के राम मंगलम लॉन में दशा सोरठिया वाणिक समाज के सोरठी रंग रंगीलो उत्सव और शंकर नगर बीटीआई मैदान के संकल्प गरबा में उन्होंने शिरकत की।हर जगह पारंपरिक परिधानों में सजे युवाओं ने गरबा और डांडिया की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि सिर्फ पूजा का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और मातृशक्ति के सम्मान का पर्व है। गुजरात से शुरू हुआ गरबा आज पूरे देश की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया है।साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी की पुण्यभूमि है। दंतेवाड़ा से डोंगरगढ़ और रतनपुर से चंद्रपुर तक शक्तिपीठों में नवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। सरकार इन स्थलों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर चल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी सोच पर काम कर रही है।मातृशक्ति पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये मिल रहे हैं। इससे महिलाएं बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतों पर खुद फैसला ले पा रही हैं। प्रदेश में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं जो महिला सशक्तिकरण का प्रमाण है।कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि डबल इंजन सरकार की निर्णायक कार्रवाई से बस्तर में शांति लौटी है। कभी बारूद के धमाकों की आवाज वाले बस्तर में अब मांदर की थाप गूंज रही है। इससे जनजातीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है।
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