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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों से आतंकवाद के पूरे तंत्र को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। वे 20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान के दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि आतंकवाद शांति और विकास के सामने सबसे गंभीर खतरा है। इससे निर्दोष लोगों की जान जाती है और व्यापार व निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ता है। आतंकवाद को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। इससे निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए और आतंकवादियों को आर्थिक मदद, समर्थन या सुरक्षित पनाह देने वालों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। रक्षा मंत्री ने अगस्त-सितंबर में बिश्केक में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन का उल्लेख किया जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा, संपर्क और अवसरों पर ठोस कदम की बात कही थी।उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि एससीओ को संप्रभु समानता, आम सहमति और आपसी सम्मान के सिद्धांतों पर दृढ़ रहना चाहिए। नई व्यवस्थाएं स्पष्ट जरूरतों पर केंद्रित हों और सदस्य देशों को व्यावहारिक लाभ दें।कनेक्टिविटी पर उन्होंने कहा कि संपर्क व्यवस्था सभी देशों के साथ परामर्श और उनकी संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर आधारित होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय उत्तर दक्षिण परिवहन गलियारा और चाबहार बंदरगाह जैसी पहल मध्य एशिया को बड़े बाजारों से जोड़ने में मददगार हो सकती हैं। व्यापार लागत कम करने के लिए सीमा शुल्क प्रक्रिया सरल करना, डिजिटल दस्तावेज और लॉजिस्टिक्स में सुधार जरूरी है।उन्होंने मुंबई में मध्य एशिया में अवसंरचना वित्तपोषण पर संगोष्ठी और पहली बार आयोजित एससीओ एशियाई आर्थिक संवाद का भी उल्लेख किया।राजनाथ सिंह ने कहा कि एससीओ की सफलता युवाओं, उद्यमियों, किसानों और छोटे व्यवसायों के लिए अवसर सृजित करने में निहित है। भारत का डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और महिलाओं के नेतृत्व में विकास का अनुभव साझा करने योग्य है। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन जैसी पहल स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु अनुकूल विकास में योगदान दे रही हैं।
बैठक में सदस्य देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रतिनिधिमंडलों ने संयुक्त घोषणा को अपनाया जिसमें 2027 के बजट और 2026-2030 के लिए व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम की कार्ययोजना शामिल है।
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